डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल सवाल-जवाब: मरीज़ों के आम सवाल

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल सवाल-जवाब में हमने उन सवालों के जवाब दिए हैं जो मरीज़ और उनके परिवार हमसे सबसे ज़्यादा पूछते हैं: ओपीडी में कैसे दिखाएं, ऑपरेशन की तैयारी, लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन), आयुष्मान भारत कार्ड, इमरजेंसी और गोपालगंज के बाहर से आने वाले मरीज़ों की जानकारी। ऑपरेशन से जुड़े सवाल हमने विषय के हिसाब से बांटे हैं, ताकि आप सीधे अपने काम की बात तक पहुंच सकें। हर जवाब छोटा है, आसान भाषा में है और बताता है कि आगे क्या करना है।

ये जवाब सामान्य जानकारी हैं। आपका इलाज हमारे डॉक्टर आपकी जांच और रिपोर्ट देखकर ही तय करेंगे। आपका सवाल यहां न हो तो कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें, या हमारी मरीज़ गाइड पढ़ें।

अपॉइंटमेंट और ओपीडी

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की ओपीडी कब होती है?

हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक हमारी ओपीडी में मरीज़ देखते हैं। हमारी दिल की ओपीडी हर गुरुवार और कैंसर सर्जरी की ओपीडी हर महीने के पहले शनिवार को होती है। हमारा हॉस्पिटल और इमरजेंसी 24 घंटे खुले रहते हैं। दूर से आ रहे हों तो कृपया निकलने से पहले फ़ोन करके पक्का कर लें।

अपॉइंटमेंट कैसे लें?

हमारे मुख्य नंबर +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। +91 62079 95610 या +91 88094 04201 पर भी फ़ोन कर सकते हैं। अपना नाम, उम्र, तकलीफ़ और आने का दिन बताएं। ओपीडी के समय सीधे हमारे यहां आकर रिसेप्शन पर रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं।

क्या आने से पहले रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेज सकते हैं?

जी हां। अपनी रिपोर्ट, पर्चे और डिस्चार्ज के कागज़ों की साफ़ फ़ोटो +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें। हमारी टीम बताएगी कि आपको आना चाहिए या नहीं और किस दिन आएं। इससे सफ़र की योजना बनाने में मदद मिलती है, पर यह ओपीडी में हमारे डॉक्टर की जांच की जगह नहीं लेता।

ओपीडी में क्या लेकर आएं?

कृपया पुरानी सारी रिपोर्ट (अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी स्कैन, खून की जांच), पुराने पर्चे, रोज़ की दवाओं की लिस्ट या दवा के पत्ते, आधार कार्ड या कोई फ़ोटो पहचान पत्र, और आयुष्मान भारत कार्ड हो तो वह भी लाएं। सब कुछ एक फ़ाइल में रखें। पुरानी रिपोर्ट से हमारे डॉक्टर जल्दी फ़ैसला कर पाते हैं और जांच दोबारा कराने से बचा जा सकता है।

आपके हॉस्पिटल में कौन-कौन सी जांच होती है?

बहुत सी जांच हमारे हॉस्पिटल के अंदर ही होती है: पैथोलॉजी (खून और पेशाब की जांच), डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, इको, टीएमटी, होल्टर और एंडोस्कोपी। हमारे यहां दवा की दुकान (फ़ार्मेसी) भी है। सुबह जल्दी पहुंचें तो आम तौर पर एक ही बार में ज़रूरी जांच कराकर रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई जा सकती है।

ऑपरेशन और भर्ती

ऑपरेशन से पहले कौन सी जांच होती है?

यह आपकी उम्र, सेहत और ऑपरेशन पर निर्भर करता है। ज़्यादातर मरीज़ों की खून और पेशाब की जांच होती है, और कई मरीज़ों का ईसीजी, छाती का एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड भी होता है। बीपी, शुगर, दिल या सांस की बीमारी हो तो हम फ़िटनेस जांच भी करते हैं। ऑपरेशन से पहले हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हर मरीज़ को देखते हैं। कौन सी जांच चाहिए, यह हमारे डॉक्टर बताएंगे।

ऑपरेशन से पहले कितने घंटे खाली पेट रहना है?

आम तौर पर ऑपरेशन से 6 से 8 घंटे पहले तक कुछ भी खाना-पीना नहीं होता। सही समय इस पर निर्भर करता है कि ऑपरेशन कब होना है, इसलिए हमारी टीम जो बताए वही मानें। खाली पेट रहने से बेहोशी ज़्यादा सुरक्षित रहती है। अपनी रोज़ की दवा अपने मन से बंद न करें, हमारे डॉक्टर से पूछें कि ऑपरेशन की सुबह कौन सी दवा लेनी है।

क्या डॉक्टर परिवार को ऑपरेशन के बारे में समझाएंगे?

जी हां। हमारे डॉक्टर बताते हैं कि ऑपरेशन क्यों ज़रूरी है, कैसे होगा, उसके जोखिम क्या हैं और ठीक होने में कितना समय लगेगा। लेप्रोस्कोपी से पहले डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर हर मरीज़ के परिवार के एक सदस्य को पूरी प्रक्रिया समझाते हैं। सहमति पत्र पर दस्तख़त से पहले कृपया अपने सारे सवाल पूछ लें। खर्च भी हम भर्ती से पहले बता देते हैं।

अस्पताल में कितने दिन रुकना पड़ेगा?

यह ऑपरेशन और आपके ठीक होने पर निर्भर करता है। पित्त की थैली की पथरी जैसे कई लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं। बड़े या इमरजेंसी ऑपरेशन में ज़्यादा दिन लग सकते हैं। छुट्टी का दिन हमारे सर्जन आपकी हालत, दर्द, खाने-पीने और चलने-फिरने को देखकर तय करते हैं।

कौन से कमरे मिलते हैं, और क्या परिवार का सदस्य साथ रुक सकता है?

हमारा 40 बेड का हॉस्पिटल है, जिसमें प्राइवेट कमरे, जनरल वार्ड और गंभीर मरीज़ों की निगरानी के लिए आईसीयू है। परिवार का एक समझदार सदस्य मरीज़ के साथ रहे तो अच्छा है। कृपया मिलने वालों की भीड़ न लगाएं, ताकि मरीज़ आराम कर सके और इन्फ़ेक्शन न फैले। कमरों की जानकारी भर्ती के समय हमारा स्टाफ़ दे देगा।

लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन)

लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) क्या है?

लेप्रोस्कोपी में एक बड़े चीरे की जगह पेट पर कुछ छोटे छेद करके ऑपरेशन किया जाता है। एक पतले कैमरे से पेट के अंदर का हिस्सा स्क्रीन पर दिखता है और हमारे सर्जन बारीक औज़ारों से ऑपरेशन करते हैं। खुले ऑपरेशन की तुलना में ज़्यादातर मरीज़ों को कम दर्द होता है, निशान छोटे रहते हैं और वे जल्दी अपने काम पर लौट पाते हैं।

आपके यहां कौन से ऑपरेशन दूरबीन से होते हैं?

हमारे यहां दूरबीन से होने वाले ऑपरेशन में पित्त की थैली में पथरी होने पर थैली निकालना (लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी), अपेंडिक्स निकालना, पेट के अंदर की बीमारी का पता लगाने के लिए डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी, दूरबीन से बच्चेदानी निकालना (TLH) और महिला नसबंदी शामिल हैं। आपके लिए दूरबीन वाला ऑपरेशन सुरक्षित है या खुला, यह हमारे सर्जन तय करते हैं।

गोपालगंज में सबसे अच्छा लेप्रोस्कोपिक सर्जन कौन है?

गोपालगंज, सीवान, छपरा और कुशीनगर के परिवार हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर पर भरोसा करते हैं, जो गोपालगंज क्षेत्र के सबसे अनुभवी लेप्रोस्कोपिक सर्जनों में से एक हैं। उन्होंने पटना से MS जनरल सर्जरी की है, IGIMS पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम किया है और बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रहे हैं। उन्हें 16 साल से ज़्यादा का अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। गूगल पर 84 रिव्यू के आधार पर हमारी रेटिंग 4.4 है।

दूरबीन से ऑपरेशन के बाद कितने दिन में घर और काम पर लौट सकते हैं?

पित्त की थैली या अपेंडिक्स के दूरबीन वाले ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन या अगले दिन चलने लगते हैं और 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं। हल्का काम आम तौर पर 1 से 2 हफ़्ते में शुरू हो जाता है, और भारी वज़न कुछ हफ़्तों तक नहीं उठाना चाहिए। हर मरीज़ अलग होता है, इसलिए छुट्टी के समय हमारे सर्जन सही सलाह देंगे।

क्या हर मरीज़ का ऑपरेशन दूरबीन से हो सकता है?

हमेशा नहीं। कुछ मरीज़ों के लिए खुला ऑपरेशन बेहतर होता है, जैसे पहले हुए कुछ ऑपरेशन के बाद, बहुत ज़्यादा इन्फ़ेक्शन में, या दिल और फेफड़े की कुछ बीमारियों में। कभी-कभी दूरबीन से शुरू हुआ ऑपरेशन मरीज़ की सुरक्षा के लिए बीच में खुले ऑपरेशन में बदलना पड़ता है। यह सही सर्जिकल फ़ैसला है, नाकामी नहीं। हमारे सर्जन यह बात पहले ही आपसे कर लेते हैं।

आयुष्मान भारत और खर्च

क्या आपके यहां आयुष्मान भारत कार्ड चलता है?

जी हां। हमारा हॉस्पिटल आयुष्मान भारत PM-JAY में सूचीबद्ध है और हमारा अपना आयुष्मान सहायता केंद्र है। हमारे पैकेज में शामिल इलाज के लिए पात्र कार्डधारकों का इलाज कैशलेस होता है। कृपया भर्ती से पहले अपना कार्ड लेकर हमारे सहायता केंद्र पर मिलें, ताकि वे आपकी पात्रता और यह जांच सकें कि आपका ऑपरेशन योजना में शामिल है या नहीं।

आपके यहां आयुष्मान से कौन से इलाज होते हैं?

हमारी सूची में जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज हैं, लगभग 50 प्रक्रियाएं, जैसे पित्त की थैली में पथरी, हर्निया, हाइड्रोसील और अपेंडिक्स का ऑपरेशन। 2025 के मध्य तक महिला रोग (गायनी) और मूत्र रोग (यूरोलॉजी) के पैकेज हमारी सूची में नहीं थे, इसलिए बच्चेदानी, किडनी की पथरी या प्रोस्टेट का ऑपरेशन हमारे यहां आयुष्मान में शायद न हो। कृपया हमारे सहायता केंद्र से ज़रूर पक्का करें।

आयुष्मान से इलाज के लिए कौन से कागज़ चाहिए?

अपना आयुष्मान कार्ड (या कार्ड नंबर), आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल फ़ोन लाएं, क्योंकि पहचान के लिए अक्सर OTP आता है। पुरानी रिपोर्ट और पर्चे भी साथ रखें। परिवार के हर पात्र सदस्य का अपना अलग कार्ड होना चाहिए। आपके पैकेज के लिए कोई और कागज़ चाहिए तो हमारा सहायता केंद्र बता देगा।

आयुष्मान की सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?

पात्रता सरकार तय करती है, हम नहीं। अपना नाम सरकारी पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर या राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14555 पर कॉल करके देख सकते हैं। 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्ग आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। पात्र न हों तब भी हम आपका इलाज सामान्य मरीज़ की तरह करते हैं, और खर्च भर्ती से पहले बता देते हैं।

मेरे ऑपरेशन में कितना खर्च आएगा?

खर्च ऑपरेशन, बेहोशी के तरीके, चुने गए कमरे, ज़रूरी जांच और अस्पताल में रुकने के दिनों पर निर्भर करता है। इसलिए मरीज़ को देखे बिना हम कोई तय रकम नहीं बताते। जांच और रिपोर्ट के बाद हमारी टीम भर्ती से पहले अनुमानित खर्च बता देती है, ताकि परिवार पहले से तैयारी कर सके और बाद में कोई अचानक बोझ न पड़े।

इमरजेंसी और आईसीयू

क्या इमरजेंसी 24 घंटे खुली है?

जी हां। हमारी इमरजेंसी हर दिन 24 घंटे खुली रहती है, रविवार और छुट्टी के दिन भी। अचानक गंभीर तकलीफ़ हो तो सीधे कमला राय कॉलेज रोड, अरार, गोपालगंज में हमारे हॉस्पिटल आएं और रास्ते में +91 72739 94786 पर फ़ोन कर दें, ताकि हमारी टीम तैयार रहे। पुरानी रिपोर्ट और मरीज़ की चल रही दवाएं साथ लाएं।

आपके यहां किन इमरजेंसी का इलाज होता है?

हम सर्जरी से जुड़ी इमरजेंसी का इलाज करते हैं, जैसे पेट में तेज़ दर्द, अपेंडिक्स, आंत फटना, आंत फंसना, चोट और घाव, फोड़ा (मवाद भरी गांठ) और पेशाब रुक जाना। ज़रूरत पड़ने पर हम अपने ऑपरेशन थिएटर में इमरजेंसी ऑपरेशन करते हैं। ड्यूटी पर मौजूद हमारे डॉक्टर पहले मरीज़ को देखते हैं और परिवार को आगे की योजना समझाते हैं।

क्या आपके यहां आईसीयू है?

जी हां, हमारे यहां आईसीयू है। यह उन मरीज़ों के लिए है जिन्हें लगातार निगरानी चाहिए, जैसे बड़े या इमरजेंसी ऑपरेशन के बाद, या जब मरीज़ की हालत गंभीर हो। हमारी टीम सांस, नब्ज़, बीपी और दूसरी ज़रूरी चीज़ों पर लगातार नज़र रखती है। हमारे डॉक्टर परिवार को बताएंगे कि आईसीयू क्यों ज़रूरी है और कितने दिन रहना पड़ सकता है।

सीने में दर्द हो तो क्या करें?

सीने में दर्द हार्ट अटैक हो सकता है, इसलिए देर न करें और तुरंत सबसे नज़दीकी अस्पताल जाएं। हमारे हॉस्पिटल में हमारी टीम ईसीजी और मरीज़ की जांच कर सकती है। हमारे यहां कैथ लैब नहीं है, इसलिए एंजियोग्राफ़ी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर का काम यहां नहीं होता; ज़रूरत पड़ने पर हमारे डॉक्टर बड़े सेंटर जाने की सलाह देंगे। दिल की नियमित जांच के लिए हर गुरुवार हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी होती है।

बच्चे ने सिक्का निगल लिया है, क्या करें?

घबराएं नहीं और बच्चे को हमारे पास लाएं। उल्टी कराने या गले में उंगली डालने की कोशिश न करें। बच्चे का दम घुट रहा हो, सांस न ले पा रहा हो, बहुत लार गिर रही हो या सीने में दर्द हो, तो तुरंत सबसे नज़दीकी अस्पताल जाएं। हमारे यहां एक्स-रे से सिक्के की जगह देखी जाती है, और डॉक्टर ज़रूरी समझें तो हम एंडोस्कोपी से सिक्का निकाल सकते हैं। हम पहले भी बच्चों के पेट से इस तरह सिक्का निकाल चुके हैं।

गोपालगंज के बाहर से आने वाले मरीज़

आपका हॉस्पिटल कहां है और कैसे पहुंचें?

हमारा हॉस्पिटल कमला राय कॉलेज रोड, होटल राल्सन के बगल में, अरार, गोपालगंज, बिहार 841428 में है। गोपालगंज शहर पहुंचकर कमला राय कॉलेज रोड पूछें। रास्ता समझने में दिक्कत हो तो +91 72739 94786 पर फ़ोन करें, हमारा स्टाफ़ आपको रास्ता बताएगा। निकलने से पहले हमारे संपर्क पेज पर नक्शा भी देख सकते हैं।

मैं दूर रहता हूं, क्या आने से पहले सलाह ले सकता हूं?

जी हां। अपनी रिपोर्ट और पर्चों की फ़ोटो +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें। हमारी टीम बताएगी कि आपको आना ज़रूरी है या नहीं, और किस दिन आएं। इलाज का आखिरी फ़ैसला हमारे डॉक्टर आपको खुद देखकर ही करते हैं, पर इस पहली बातचीत से बेकार का चक्कर बच सकता है।

क्या उत्तर प्रदेश और नेपाल से भी मरीज़ आते हैं?

जी हां। गोपालगंज के अलावा सीवान, सारण (छपरा), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), पश्चिमी चंपारण (बेतिया), उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया ज़िलों और नेपाल से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं। कृपया फ़ोटो पहचान पत्र और सारे मेडिकल कागज़ साथ लाएं। दूसरे राज्य का आयुष्मान कार्ड हो तो हमारे सहायता केंद्र पर पूछें कि आपका इलाज यहां योजना में हो सकता है या नहीं।

क्या एक ही चक्कर में जांच और डॉक्टर से मिलना हो सकता है?

अक्सर हां, अगर आप सुबह पहुंच जाएं। खून की जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और इको हमारे हॉस्पिटल के अंदर ही होते हैं, इसलिए आम जांच के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ता। ऑपरेशन की सलाह मिले तो फ़िटनेस जांच में थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है। दिल की फ़िटनेस जांच गुरुवार को आने वाले हमारे हृदय रोग विशेषज्ञ करते हैं, ज़रूरत हो तो कृपया उसी हिसाब से आएं।

अस्पताल में रुकने के लिए परिवार क्या लेकर आए?

मरीज़ की रिपोर्ट, पर्चे और रोज़ की दवाएं, फ़ोटो पहचान पत्र और आयुष्मान कार्ड हो तो वह लाएं। साथ में ढीले आरामदायक कपड़े, तौलिया, चप्पल, पानी की बोतल, फ़ोन चार्जर और छोटे खर्च के लिए कुछ पैसे रखें। परिवार का एक समझदार सदस्य मरीज़ के साथ रुकने के लिए तैयार रहे। कृपया गहने और कीमती सामान घर पर ही छोड़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरा सवाल डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल सवाल-जवाब में नहीं है, तो क्या करूं?

कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें, हमारी टीम आपकी मदद करेगी। अपनी रिपोर्ट की फ़ोटो भी व्हाट्सऐप पर भेज सकते हैं। डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की ओपीडी सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलती है, और अचानक की तकलीफ़ के लिए हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली है।

क्या ऑपरेशन से जुड़े सवाल के ये जवाब डॉक्टर की सलाह की जगह ले सकते हैं?

नहीं। हमारे ये जवाब सामान्य जानकारी हैं, ताकि आप तैयारी कर सकें और डॉक्टर से सही सवाल पूछ सकें। हर मरीज़ अलग होता है, और सही इलाज आपकी जांच, रिपोर्ट और पूरी सेहत पर निर्भर करता है। कोई भी दवा या इलाज शुरू करने, बंद करने या बदलने से पहले कृपया हमारे डॉक्टर से सलाह लें।

गोपालगंज अस्पताल ओपीडी समय: किस डॉक्टर की ओपीडी कब होती है?

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर (सर्जरी) सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक मरीज़ देखते हैं। हमारे हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सी.के. यादव हर गुरुवार और कैंसर सर्जन डॉ. फ़िरोज़ पाशा हर महीने के पहले शनिवार को ओपीडी करते हैं। हमारी इमरजेंसी हर दिन 24 घंटे खुली है। छुट्टी के दिन समय बदल सकता है, इसलिए कृपया निकलने से पहले +91 72739 94786 पर फ़ोन कर लें।

क्या डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल सवाल-जवाब अंग्रेज़ी में भी हैं?

जी हां। सारे जवाब अंग्रेज़ी में भी हैं। स्क्रीन के ऊपर English पर टैप करके अंग्रेज़ी में पढ़ सकते हैं। कोई बात समझ न आए तो +91 72739 94786 पर फ़ोन करें, हमारी टीम आसान हिंदी में समझा देगी।

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

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