मरीज़ के रूप में आपके अधिकार और ज़िम्मेदारियां

हर मरीज़ सम्मान, साफ़ जानकारी और सुरक्षित इलाज का हकदार है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मरीज़ों के अधिकारों का चार्टर अपनाया, और 2019 में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा। स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए इसे लागू करने का तरीका हर राज्य तय करता है। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम चाहते हैं कि हर मरीज़ और परिवार इन अधिकारों को जाने। नीचे आसान भाषा में इसका सार है, और यह भी कि आप हमारे सामने अपनी बात कैसे रख सकते हैं।

मरीज़ के रूप में आपके अधिकार

चार्टर में 17 अधिकार हैं। आसान शब्दों में, आपको हक है:

  • जानकारी: अपनी बीमारी, उसका कारण, जांच, इलाज और संभावित परेशानियां अपनी समझ की भाषा में जानने का
  • रिकॉर्ड: केस पेपर, रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी की कॉपी पाने का, फ़ोटोकॉपी का शुल्क लग सकता है
  • इमरजेंसी इलाज: पहले पैसे मांगे बिना बुनियादी इमरजेंसी इलाज पाने का
  • सूचित सहमति: ऑपरेशन या जोखिम वाली जांच से पहले मुख्य जोखिम समझने और लिखित सहमति देने का
  • गोपनीयता, सम्मान और निजता का, जिसमें पुरुष डॉक्टर की जांच के समय महिला मरीज़ के साथ महिला कर्मचारी का होना शामिल है
  • अपनी पसंद के डॉक्टर से दूसरी राय लेने का, बिना इलाज पर असर पड़े
  • रेट की साफ़ जानकारी और मदवार बिल पाने का
  • बीमारी (एचआईवी समेत), धर्म, जाति, लिंग, उम्र, यौन रुझान, भाषा या इलाके के आधार पर भेदभाव के बिना इलाज का
  • मानकों के अनुसार सुरक्षित, साफ़ और अच्छे इलाज का
  • उपलब्ध इलाज में से चुनने का, नतीजे समझकर इलाज से मना करने समेत
  • किसी भी पंजीकृत दवा दुकान से दवा और मान्यता प्राप्त लैब से जांच कराने का
  • सही रेफ़रल या ट्रांसफ़र का, जो आपको समझाया जाए और आपके हित में हो, कमीशन के लिए नहीं
  • क्लिनिकल ट्रायल में शामिल होने को कहा जाए तो सुरक्षा और सूचित सहमति का
  • स्वास्थ्य रिसर्च में भाग लेने पर सुरक्षा और सूचित सहमति का
  • बिल के विवाद पर रोके बिना छुट्टी पाने का, और परिवार को मृत मरीज़ का शव पाने का
  • अपनी बीमारी, सेहतमंद जीवन, अपने अधिकारों और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में जानने का
  • अपनी बात रखने का: सुझाव या शिकायत देने और उसका निष्पक्ष, जल्दी जवाब पाने का

आपकी ज़िम्मेदारियां

चार्टर मरीज़ों और परिवारों से यह भी कहता है कि वे:

  • डॉक्टर को अपनी सेहत और दवाओं की पूरी और सही जानकारी दें
  • जांच और इलाज में सहयोग करें और जिस सलाह पर सहमति दी है, उसका पालन करें
  • समय पर आएं, स्टाफ़ का सहयोग करें, दूसरे मरीज़ों को परेशान न करें और अस्पताल साफ़ रखें
  • डॉक्टरों और स्टाफ़ का सम्मान करें, शिकायत कुछ भी हो, हिंसा या तोड़फोड़ कभी न करें
  • इलाज के बारे में अपने फ़ैसलों की ज़िम्मेदारी लें

हमारे अस्पताल में शिकायत कैसे करें

इलाज, बिल, रिकॉर्ड या स्टाफ़ के व्यवहार से जुड़ी कोई भी परेशानी हो, तो कृपया हमें जल्दी बताएं ताकि हम उसे ठीक कर सकें।

  • अस्पताल में हों तो कृपया पहले ड्यूटी पर मौजूद हमारे स्टाफ़ से बात करें
  • +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें और हमारे हॉस्पिटल मैनेजर से बात करें
  • या drrkthakurhealthcare@gmail.com पर मरीज़ का नाम, आने की तारीख और अपनी शिकायत लिखकर भेजें
  • तारीख और जिससे बात हुई उसका नाम लिख लें

अगर शिकायत का हल न हो

चार्टर के अनुसार हर शिकायत दर्ज होनी चाहिए और उसका निष्पक्ष जवाब लिखित में मिलना चाहिए, और इसके लिए 15 दिन का समय सुझाया गया है। अगर हमारे अस्पताल के स्तर पर हल न निकले, तो चार्टर राज्य में क्लिनिकल संस्थानों को पंजीकृत करने वाले प्राधिकरण के ज़रिए आगे के कदम बताता है। मरीज़ राज्य मेडिकल काउंसिल, उपभोक्ता आयोग या अदालत भी जा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत के अस्पतालों में मरीज़ों के क्या अधिकार हैं?

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अपनाए और 2019 में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राज्यों को भेजे गए मरीज़ों के अधिकारों के चार्टर में 17 अधिकार हैं। इनमें जानकारी, अपने रिकॉर्ड, इमरजेंसी इलाज, सूचित सहमति, निजता और सम्मान, दूसरी राय, रेट की साफ़ जानकारी, भेदभाव के बिना इलाज और शिकायत सुने जाने का अधिकार शामिल है।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में शिकायत कैसे करें?

कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करके हमारे हॉस्पिटल मैनेजर से बात करें, या drrkthakurhealthcare@gmail.com पर ईमेल करें। मरीज़ का नाम, आने की तारीख और क्या गलत हुआ, यह बताएं। अस्पताल में हों तो ड्यूटी पर मौजूद हमारे स्टाफ़ से भी कह सकते हैं, वे मैनेजर तक बात पहुंचाएंगे। कृपया शिकायत जल्दी बताएं, ताकि बातें ताज़ा रहते हम उसकी जांच कर सकें।

क्या मुझे अपनी रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी की कॉपी मिल सकती है?

हां। चार्टर के अनुसार मरीज़ और उनके परिजन केस पेपर, जांच रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी की कॉपी ले सकते हैं। इसमें सुझाया गया है कि भर्ती के दौरान 24 घंटे में और छुट्टी के बाद 72 घंटे में कॉपी मिले, और फ़ोटोकॉपी का शुल्क लग सकता है। कृपया हमारे रिसेप्शन पर पूछें या +91 72739 94786 पर हमारे हॉस्पिटल मैनेजर से संपर्क करें।

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

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