ऑपरेशन से पहले क्या तैयारी करें: मरीज़ गाइड

ऑपरेशन से पहले क्या तैयारी करें, यह जान लेने से आपके और आपके परिवार के लिए ऑपरेशन का दिन आसान हो जाता है। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम पहली ओपीडी से लेकर ऑपरेशन के बाद घर पर देखभाल तक हर कदम पर आपके साथ रहते हैं। हम समझते हैं कि ऑपरेशन के लिए अस्पताल आना घबराहट भरा लग सकता है, खासकर जब आप गांव से, आसपास के ज़िले से, उत्तर प्रदेश या नेपाल से आ रहे हों।

कोई बात समझ न आए तो कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। हमारा हॉस्पिटल और इमरजेंसी 24 घंटे खुले रहते हैं।

आने से पहले

लंबा सफ़र करने से पहले कृपया अपनी पुरानी रिपोर्ट और पर्चों की फ़ोटो +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप कर दें। हमारी टीम बता देगी कि आपको आना चाहिए या नहीं, और किस दिन आएं। यह डॉक्टर की जांच की जगह नहीं है, पर इससे सफ़र की सही योजना बन जाती है।

हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की ओपीडी सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलती है। हमारी दिल की ओपीडी हर गुरुवार और कैंसर सर्जरी की ओपीडी हर महीने के पहले शनिवार को होती है।

  • पुरानी सारी रिपोर्ट: अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी स्कैन, खून की जांच और डिस्चार्ज के कागज़
  • पुराने सारे पर्चे, दूसरे डॉक्टरों के भी
  • रोज़ खाई जाने वाली दवाओं की लिस्ट, या दवा के पत्ते
  • आधार कार्ड या कोई दूसरा फ़ोटो पहचान पत्र
  • आयुष्मान भारत कार्ड हो तो वह, और OTP के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल
  • परिवार का एक सदस्य जो आपके साथ रुक सके
कृपया सारे कागज़ एक फ़ाइल में रखें। पुरानी रिपोर्ट हो तो कई बार जांच दोबारा नहीं करानी पड़ती।

ओपीडी वाले दिन

कोशिश करें कि सुबह तक हमारे पास पहुंच जाएं, ताकि ज़रूरी जांच उसी दिन हो सके।

  1. हमारे रिसेप्शन पर नाम, उम्र, पता और मोबाइल नंबर लिखवाकर रजिस्ट्रेशन कराएं।
  2. हमारा स्टाफ़ आपका वज़न, बीपी और नब्ज़ देख सकता है।
  3. डॉक्टर से मिलें, अपनी तकलीफ़ अपने शब्दों में बताएं और सारे कागज़ दिखाएं।
  4. डॉक्टर जांच लिखें तो ज़्यादातर जांच हमारे हॉस्पिटल में ही हो जाती है: खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी और एंडोस्कोपी।
  5. रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाएं, वे बीमारी और इलाज की योजना आपको ठीक से समझाएंगे।
  6. चाहें तो दवा हमारी फ़ार्मेसी से लें, और दोबारा दिखाने की तारीख लिख लें।

अगर ऑपरेशन की सलाह दी जाए

ऑपरेशन की सलाह मिलने पर हमारे सर्जन बताएंगे कि ऑपरेशन क्यों ज़रूरी है, कैसे होगा और बाद में ठीक होने में कितना समय लगेगा। लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) से पहले डॉ. ठाकुर हर मरीज़ के परिवार के एक सदस्य को पूरी प्रक्रिया समझाते हैं। कृपया इसी समय अपने सारे सवाल पूछ लें। हमारी ऑपरेशन की तैयारी की चेकलिस्ट भी काम आएगी।

भर्ती से पहले हम खर्च की पूरी जानकारी देते हैं। आयुष्मान भारत कार्ड है तो हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र पर मिलकर जान लें कि आपका ऑपरेशन योजना में शामिल है या नहीं। ज़्यादा जानकारी हमारे आयुष्मान भारत पेज पर है।

  • जांच: खून और पेशाब की जांच, और उम्र व ऑपरेशन के हिसाब से अक्सर ईसीजी, एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड।
  • फ़िटनेस जांच: बीपी, शुगर, दिल या सांस की बीमारी हो तो हम जांच करते हैं ताकि ऑपरेशन सुरक्षित रहे। गुरुवार को आने वाले हमारे हृदय रोग विशेषज्ञ दिल की फ़िटनेस भी देखते हैं।
  • बेहोशी की जांच: हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ आपको देखकर बताते हैं कि कौन सा एनेस्थीसिया (बेहोश या सुन्न करने की दवा) दिया जाएगा।
  • खाली पेट: आम तौर पर ऑपरेशन से 6 से 8 घंटे पहले तक कुछ भी खाना-पीना नहीं होता। सही समय हमारी टीम बताएगी।
  • रोज़ की दवा: कृपया अपने मन से कोई दवा बंद न करें। खून पतला करने की दवा, शुगर या बीपी की दवा के बारे में डॉक्टर को ज़रूर बताएं।
  • सहमति: ऑपरेशन और उसके जोखिम समझाने के बाद आप या परिवार का सदस्य सहमति पत्र पर दस्तख़त करते हैं।

भर्ती और अस्पताल में रहना

हमारा 40 बेड का हॉस्पिटल है, जिसमें प्राइवेट कमरे, जनरल वार्ड, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू हैं। भर्ती के समय हमारा स्टाफ़ कमरों के बारे में बता देगा।

  • अटेंडेंट: परिवार का एक समझदार सदस्य मरीज़ के साथ रहे तो अच्छा है। कृपया भीड़ न लगाएं, ताकि मरीज़ आराम कर सके और इन्फ़ेक्शन न फैले।
  • खाना: ऑपरेशन के बाद डॉक्टर बताएंगे कि कब पानी और फिर हल्का खाना शुरू करना है। उससे पहले मुंह से कुछ न दें।
  • साफ़-सफ़ाई: मरीज़ या घाव को छूने से पहले हाथ धोएं, कमरा साफ़ रखें और मरीज़ के बिस्तर पर न बैठें।
  • दर्द, बुखार, उल्टी या कोई भी चिंता हो तो ड्यूटी पर मौजूद हमारी नर्स को तुरंत बताएं।

छुट्टी और दोबारा दिखाना

छुट्टी के समय हम आपको डिस्चार्ज समरी देते हैं, जिसमें बीमारी, ऑपरेशन और दवाएं लिखी होती हैं। कृपया इसे संभालकर रखें और हर बार दिखाने आते समय साथ लाएं। ज़्यादा जानकारी के लिए दूरबीन से ऑपरेशन के बाद रिकवरी पढ़ें।

  • दवा: जैसा लिखा है वैसे ही खाएं। एंटीबायोटिक बीच में बंद न करें।
  • ड्रेसिंग: घाव को साफ़ और सूखा रखें, पट्टी बताए अनुसार ही बदलें।
  • टांके: आम तौर पर ऑपरेशन के 7 से 10 दिन बाद टांके काटे या देखे जाते हैं, यह घाव पर निर्भर करता है।
  • चलना-फिरना: बताए अनुसार चलें, डॉक्टर की इजाज़त तक भारी वज़न न उठाएं और बताया गया खाना खाएं।
  • फ़ॉलो-अप: ठीक महसूस हो तब भी बताई गई तारीख पर ज़रूर आएं।
खतरे के संकेत: बुखार, लगातार बढ़ता दर्द, घाव में लाली या मवाद, खून आना, बार-बार उल्टी, पेट फूलना, आंखें पीली होना, पेशाब में दिक्कत या सांस फूलना हो तो तुरंत +91 72739 94786 पर कॉल करें या हमारे पास आएं।

दूर से आ रहे हैं तो

हमारे बहुत से मरीज़ सीवान, सारण (छपरा), पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया, और नेपाल से आते हैं। थोड़ी तैयारी से सफ़र आसान हो जाता है। नक्शा हमारे संपर्क पेज पर है।

  • निकलने से पहले कॉल या व्हाट्सऐप करके पक्का कर लें कि डॉक्टर उपलब्ध हैं।
  • फ़ोन चार्ज रखें, चार्जर साथ रखें और +91 72739 94786 नंबर सेव कर लें।
  • हमारा हॉस्पिटल कमला राय कॉलेज रोड पर, होटल राल्सन के बगल में, अरार, गोपालगंज में है। रास्ता समझने में दिक्कत हो तो कमला राय कॉलेज रोड पूछें या हमें फ़ोन करें।
  • फ़ोटो पहचान पत्र, सारे मेडिकल कागज़ और एक जोड़ी कपड़े साथ रखें, अगर रुकना पड़े।

इमरजेंसी में क्या करें

हमारी इमरजेंसी 24 घंटे, हर दिन खुली है। पेट में तेज़ दर्द, बार-बार उल्टी, चोट, ज़्यादा खून बहना, पेशाब रुक जाना, या बच्चे ने सिक्का निगल लिया हो, तो सीधे हमारे पास आएं और रास्ते में +91 72739 94786 पर फ़ोन कर दें।

  • पेट में तेज़ दर्द हो तो डॉक्टर के देखने से पहले मरीज़ को कुछ भी खिलाएं-पिलाएं नहीं।
  • पुरानी रिपोर्ट और मरीज़ की चल रही दवाएं साथ लाएं।
  • सीने में दर्द, बेहोशी या बहुत ज़्यादा खून बहने पर तुरंत सबसे नज़दीकी अस्पताल जाएं। ऐसे में दूरी से ज़्यादा समय मायने रखता है।
सीने में दर्द होने पर हमारी टीम ईसीजी और मरीज़ की जांच कर सकती है। हमारे यहां कैथ लैब नहीं है, इसलिए एंजियोग्राफ़ी और एंजियोप्लास्टी यहां नहीं होती; ज़रूरत पड़ने पर हमारे डॉक्टर बड़े सेंटर जाने की सलाह देंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ऑपरेशन से पहले क्या तैयारी करें?

कृपया पुरानी सारी रिपोर्ट और दवाओं की लिस्ट साथ लाएं, डॉक्टर की बताई जांच और फ़िटनेस जांच करा लें, और हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ से मिल लें। हमारी टीम जितने घंटे खाली पेट रहने को कहे, आम तौर पर 6 से 8 घंटे, उसका पालन करें। अपने मन से रोज़ की दवा बंद न करें। खर्च या आयुष्मान कवर के बारे में भर्ती से पहले हमसे पूछ लें, और परिवार का एक सदस्य साथ रखें।

क्या ओपीडी में खाली पेट आना है?

आम तौर पर ओपीडी से पहले आप सामान्य खाना खा सकते हैं। लेकिन अगर पेट का अल्ट्रासाउंड होना हो, जैसे पित्त की थैली में पथरी की जांच, तो 6 घंटे या उससे ज़्यादा खाली पेट आना पड़ सकता है। पक्का न हो तो घर से निकलने से पहले कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करके पूछ लें।

क्या पहली ओपीडी वाले दिन ही ऑपरेशन हो सकता है?

यह बीमारी पर निर्भर करता है। अपेंडिक्स फटना या आंत फंसना जैसी इमरजेंसी में हम तुरंत इलाज करते हैं। पहले से तय ऑपरेशन में पहले जांच, फ़िटनेस जांच और बेहोशी की जांच होती है, फिर रिपोर्ट आने पर हमारे सर्जन तारीख देते हैं। आने से पहले पुरानी रिपोर्ट व्हाट्सऐप कर देने से समय बचता है।

ऑपरेशन के बाद टांके कब कटते हैं?

आम तौर पर ऑपरेशन के 7 से 10 दिन बाद टांके काटे या देखे जाते हैं, पर यह ऑपरेशन, टांके के प्रकार और घाव भरने पर निर्भर करता है। कुछ टांके अपने आप घुल जाते हैं। छुट्टी के समय हम आपको तारीख बता देंगे। तब तक कृपया घाव को साफ़ और सूखा रखें।

उत्तर प्रदेश या नेपाल से आ रहे हैं, तो ऑपरेशन से पहले क्या तैयारी करें?

फ़ोटो पहचान पत्र, पुरानी सारी रिपोर्ट, पर्चे और दवाओं की लिस्ट साथ लाएं। आयुष्मान भारत कार्ड हो तो लाएं और हमारे सहायता केंद्र पर पूछें कि आपका इलाज यहां योजना में हो सकता है या नहीं। निकलने से पहले +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करके ओपीडी का दिन पक्का कर लें और सुबह तक हमारे पास पहुंचने की कोशिश करें।

ऑपरेशन के बाद घर पर देखभाल कैसे करें?

दवाएं ठीक वैसे ही लें जैसे लिखी हैं, और एंटीबायोटिक बीच में बंद न करें। घाव को साफ़ और सूखा रखें, पट्टी बताए अनुसार ही बदलें। रोज़ थोड़ा चलें, डॉक्टर की इजाज़त तक भारी वज़न न उठाएं और हमारा बताया खाना ही खाएं। फ़ॉलो-अप की तारीख पर ज़रूर आएं, और बुखार, बढ़ता दर्द, मवाद, खून आना या बार-बार उल्टी हो तो तुरंत +91 72739 94786 पर कॉल करें।

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

पूरी जानकारी

मुफ़्त परामर्श के लिए संपर्क करें

अपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।

कॉल करेंव्हाट्सऐप