गोपालगंज में पित्त की थैली का ऑपरेशन: दूरबीन से पथरी का इलाज

पित्त की थैली की पथरी का दूरबीन से ऑपरेशन (लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी)

पित्त की थैली में पथरी होने पर लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) द्वारा छोटे चीरों से पूरी थैली निकालना। गोपालगंज के हमारे हॉस्पिटल में यह ऑपरेशन हमारे मुख्य सर्जन डॉ. आर. के. ठाकुर करते हैं।

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को गोपालगंज में पित्त की थैली का ऑपरेशन करवाना है, तो डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारी सर्जिकल टीम आपकी पूरी मदद के लिए तैयार है। हम यह ऑपरेशन आमतौर पर दूरबीन से (लेप्रोस्कोपी से) करते हैं, और इसे हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। वे एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, उन्हें 16+ साल का अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। ओपीडी में हम आपको आसान शब्दों में समझाते हैं कि पित्त की थैली का ऑपरेशन कैसे होता है, कितने दिन भर्ती रहना पड़ता है और खर्च किन बातों पर निर्भर करता है। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं। परिवार डॉ. ठाकुर पर इसलिए भरोसा करते हैं क्योंकि उन्होंने आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम किया है, और वे हर दूरबीन ऑपरेशन से पहले परिवार के एक सदस्य को पूरा ऑपरेशन समझाते हैं। कृपया सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक ओपीडी में आएं, या पहले अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट +91 72739 94786 पर हमें व्हाट्सऐप करें।

ऑपरेशन का समयआमतौर पर 45 से 90 मिनट
अस्पताल में रुकनाआमतौर पर 1 से 2 दिन

पित्त की थैली का ऑपरेशन दूरबीन द्वारा: यह क्या है?

पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) पेट में दाहिनी ओर, लीवर के नीचे एक छोटी थैली होती है। इसमें पित्त जमा रहता है, जो खाना पचाने में मदद करता है। कई लोगों की इस थैली में पथरी बन जाती है। बिहार और उत्तर प्रदेश में यह आम समस्या है, और हमारे बहुत से मरीज़ों को इसका पता किसी और वजह से कराए गए अल्ट्रासाउंड में चलता है।

लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी का मतलब है पथरी समेत पूरी पित्त की थैली को दूरबीन से ऑपरेशन करके निकालना। डॉ. ठाकुर पेट पर 3 से 4 छोटे चीरे लगाते हैं, एक पतला कैमरा (लेप्रोस्कोप) डालते हैं और स्क्रीन पर देखकर ऑपरेशन करते हैं। पित्त की थैली की पथरी का यही मानक इलाज है।

हम सिर्फ पथरी नहीं, पूरी थैली क्यों निकालते हैं? जिस थैली में एक बार पथरी बनती है, उसमें अक्सर दोबारा पथरी बन जाती है। थैली के बिना भी आप सामान्य जीवन जी सकते हैं: लीवर पित्त बनाता रहता है और वह सीधे आंत में पहुंचता है। ठीक होने के बाद ज़्यादातर लोग सामान्य खाना खाते हैं।

पित्त की थैली का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
पित्त की थैली का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

पित्त की थैली में पथरी के लक्षण

  • पेट में ऊपर दाहिनी ओर या बीच में दर्द, खासकर तला-भुना या भारी खाना खाने के बाद
  • दर्द का दाहिने कंधे या पीठ की ओर जाना
  • जी मिचलाना, उल्टी, गैस, पेट फूलना या बदहजमी
  • पेट दर्द के साथ बुखार, जो थैली में इंफेक्शन का संकेत हो सकता है
  • आंखें पीली होना या पेशाब गहरा पीला होना (पीलिया), जिसका मतलब हो सकता है कि पथरी पित्त की नली में खिसक गई है
  • किसी और बीमारी के लिए कराए गए अल्ट्रासाउंड में पथरी दिखना

पित्त की थैली निकालने की ज़रूरत कब पड़ती है?

जब पथरी की वजह से बार-बार दर्द होता है, या थैली में इंफेक्शन (कोलेसिस्टाइटिस), पित्त की नली में पथरी से पीलिया, या पैंक्रियाटाइटिस (अग्न्याशय में सूजन) जैसी परेशानी होती है, तब हम आमतौर पर ऑपरेशन की सलाह देते हैं। ऑपरेशन से पहले हम आमतौर पर पेट का अल्ट्रासाउंड, खून की जांच, लीवर फंक्शन टेस्ट (LFT), और बेहोशी के लिए फिटनेस जांच जैसे ईसीजी और छाती का एक्स-रे करवाते हैं। ये जांचें हमारे हॉस्पिटल में ही हो जाती हैं।

जो पथरी संयोग से पकड़ में आई हो और कोई तकलीफ न दे रही हो (साइलेंट पथरी), उसमें हमेशा ऑपरेशन ज़रूरी नहीं होता। डॉ. ठाकुर निगरानी की सलाह दे सकते हैं, या कुछ हालात में ऑपरेशन बता सकते हैं, जैसे बहुत बड़ी पथरी, थैली में पॉलिप या थैली की दीवार मोटी होना। आखिरी फैसला हम आपकी जांच करके और आपकी रिपोर्ट देखकर ही लेते हैं।

पित्त की थैली का ऑपरेशन कैसे होता है?

  1. ओपीडी में हम आपकी जांच करते हैं और ज़रूरी टेस्ट करवाते हैं: अल्ट्रासाउंड, खून की जांच, LFT, ईसीजी और एक्स-रे।
  2. ऑपरेशन से पहले हमारी टीम जितने समय के लिए कहे, उतनी देर आपको खाली पेट रहना होता है।
  3. हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ जनरल एनेस्थीसिया देते हैं, जिससे ऑपरेशन के दौरान आप सोए रहते हैं।
  4. डॉ. ठाकुर 3 से 4 छोटे चीरे लगाते हैं और काम करने की जगह बनाने के लिए पेट में कार्बन डाइऑक्साइड गैस भरते हैं।
  5. कैमरे की स्क्रीन पर देखते हुए वे थैली की नली और नस को क्लिप से बंद करते हैं और थैली को लीवर से अलग करते हैं।
  6. वे पथरी समेत थैली को एक छोटे चीरे से बाहर निकालते हैं और टांके लगाते हैं। निकाली गई थैली को हम आमतौर पर हिस्टोपैथोलॉजी (माइक्रोस्कोप से जांच) के लिए भेजते हैं।

पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

हमारे ज़्यादातर मरीज़ कुछ घंटों में चलने लगते हैं और हमारी टीम की सलाह पर पहले पानी के घूंट, फिर हल्का खाना शुरू करते हैं। कृपया पट्टी को सूखा रखें; नहाने की अनुमति हम बताएंगे, आमतौर पर 2 से 3 दिन बाद। हल्का काम आमतौर पर 1 से 2 हफ्ते में शुरू हो जाता है। लगभग 4 से 6 हफ्ते तक भारी वज़न न उठाएं। शुरू के कुछ हफ्ते घर का सादा खाना खाएं और तला-भुना कम रखें। टांकों की जांच और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के लिए कृपया फॉलो-अप पर ज़रूर आएं।

पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद खाना और परहेज

खाना: पहले पानी के घूंट, फिर घर का हल्का खाना जैसे दाल, चावल, खिचड़ी, दही, रोटी और उबली सब्ज़ी लें। शुरू के कुछ हफ्ते तेल वाला, तला-भुना और बहुत मसालेदार खाना न खाएं, और एक बार में ज़्यादा खाने की जगह थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं। धीरे-धीरे ज़्यादातर लोग अपना सामान्य खाना खाने लगते हैं।

चलना-फिरना और काम: पहले दिन से चलना शुरू करें। हल्का काम आमतौर पर 1 से 2 हफ्ते में शुरू हो जाता है। लगभग 4 से 6 हफ्ते तक भारी वज़न न उठाएं।

टांके और नहाना: पट्टी को साफ और सूखा रखें। नहाने की अनुमति हमारी टीम बताएगी, आमतौर पर 2 से 3 दिन बाद।

इन बातों पर तुरंत आएं: बुखार, पेट में बढ़ता दर्द, बार-बार उल्टी, आंखें पीली होना, या टांकों से लाली या मवाद आने पर कृपया तुरंत +91 72739 94786 पर हमें कॉल करें या हॉस्पिटल आएं। हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली रहती है। टांकों की जांच और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के लिए फॉलो-अप पर ज़रूर आएं। ज़्यादा जानकारी के लिए हमारा दूरबीन ऑपरेशन के बाद रिकवरी वाला लेख पढ़ें।

फायदे

  • एक लंबे चीरे की जगह छोटे चीरे और छोटे निशान
  • खुले ऑपरेशन की तुलना में आमतौर पर कम दर्द
  • हमारे ज़्यादातर मरीज़ 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं
  • जल्दी चलना-फिरना, सामान्य खाना और रोज़ का काम
  • खुले ऑपरेशन की तुलना में घाव में इंफेक्शन की संभावना कम
  • पूरी थैली निकल जाती है, इसलिए उसमें दोबारा पथरी नहीं बन सकती
संभावित जोखिम:

हर ऑपरेशन की तरह इसमें भी कुछ जोखिम होते हैं, जैसे खून बहना, घाव में इंफेक्शन, पित्त का रिसाव, गैस की वजह से एक-दो दिन कंधे या पेट में बेचैनी, और बहुत कम मामलों में पित्त की नली या आंत में चोट। कुछ मरीज़ों में, जैसे बहुत ज़्यादा सूजन या चिपकाव होने पर, सुरक्षा के लिए डॉ. ठाकुर को खुला ऑपरेशन करना पड़ सकता है। इन जोखिमों को कम रखने के लिए हम ऑपरेशन से पहले पूरी जांच करते हैं, हमारी अनुभवी सर्जरी और बेहोशी की टीम साथ मिलकर काम करती है, और ऑपरेशन के बाद हम आपकी करीबी निगरानी करते हैं।

पित्त की थैली के ऑपरेशन का खर्च और आयुष्मान कार्ड

बहुत से परिवार ऑपरेशन की योजना बनाने से पहले हमसे पित्त की थैली के ऑपरेशन का खर्च पूछते हैं। हम वेबसाइट पर कोई तय रकम नहीं लिखते, क्योंकि खर्च हर मरीज़ के केस पर निर्भर करता है। यह इन बातों पर निर्भर करता है: ऑपरेशन दूरबीन से होगा या खुला, कौन सी जांचें लगेंगी (अल्ट्रासाउंड, खून की जांच, एलएफटी, ईसीजी, एक्स-रे), कितने दिन भर्ती रहना होगा, आप प्राइवेट रूम लेते हैं या जनरल वार्ड, आईसीयू की ज़रूरत पड़ती है या नहीं, दवाइयां, और थैली की हालत कितनी जटिल है, जैसे बहुत ज़्यादा संक्रमण। ओपीडी में जांच और रिपोर्ट देखने के बाद, भर्ती से पहले हम आपको लिखित में साफ अनुमान देते हैं। आप पहले अपनी रिपोर्ट +91 72739 94786 पर हमें व्हाट्सऐप भी कर सकते हैं।

हमारा हॉस्पिटल लगभग जनवरी 2022 से आयुष्मान भारत PM-JAY में सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) है, और जुलाई 2025 में इसका नवीनीकरण हुआ। हमारे एम्पैनलमेंट में जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज शामिल हैं, जिनमें पित्त की थैली की पथरी का ऑपरेशन भी है। एम्पैनलमेंट बदल सकता है, इसलिए कृपया भर्ती से पहले हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से मौजूदा स्थिति और अपनी पात्रता ज़रूर पक्की कर लें।

पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए मरीज़ डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर को क्यों चुनते हैं

पित्त की थैली का ऑपरेशन हमारे हॉस्पिटल में सबसे ज़्यादा किए जाने वाले ऑपरेशनों में से एक है। यह ऑपरेशन हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। वे एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, उन्हें 16+ साल का अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। वे आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम कर चुके हैं और बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रह चुके हैं।

अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी और एंडोस्कोपी की सुविधा हमारे हॉस्पिटल में ही है, साथ में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और बेहोशी के विशेषज्ञ भी। गोपालगंज, सीवान, छपरा, चंपारण और उत्तर प्रदेश से मरीज़ हमारे पास आते हैं। आयुष्मान कार्ड वाले मरीज़ हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र पर आ सकते हैं। कृपया अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के साथ ओपीडी में आएं, या +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। आप हमारे मरीज़ों के रिव्यू हमारी वेबसाइट और गूगल पर पढ़ सकते हैं।

वीडियो और इंटरव्यू

  • दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन (छोटा वीडियो)

    हमारे अपने चैनल का छोटा वीडियो, पित्त की थैली की पथरी में दूरबीन से पित्त की थैली निकालने के ऑपरेशन के बारे में।

    Dr. R.K. Thakur Hospital · 2024-11-02
  • पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद देखभाल (छोटा वीडियो)

    पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद खान-पान, चलने-फिरने और टांकों की देखभाल पर हमारी आसान सलाह।

    Dr. R.K. Thakur Hospital · 2024-11-02

गोपालगंज में पित्त की थैली का ऑपरेशन: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गोपालगंज में पित्त की थैली का ऑपरेशन कैसे होता है?

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम यह ऑपरेशन आमतौर पर दूरबीन से करते हैं। हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ जनरल एनेस्थीसिया देते हैं, जिससे आप ऑपरेशन के दौरान सोए रहते हैं। हमारे मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर पेट पर 3 से 4 छोटे चीरे लगाते हैं, पतला कैमरा डालते हैं, थैली की नली और खून की नस को क्लिप से बंद करते हैं और पथरी समेत पूरी थैली एक छोटे चीरे से बाहर निकाल देते हैं। निकाली गई थैली को हम आमतौर पर हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए भेजते हैं।

पित्त की थैली का ऑपरेशन दूरबीन द्वारा करने में कितना समय लगता है और कितने दिन भर्ती रहना पड़ता है?

ऑपरेशन में आमतौर पर 45 से 90 मिनट लगते हैं, साथ में बेहोशी देने और होश आने का कुछ समय अलग से। हमारे ज़्यादातर मरीज़ 1 से 2 दिन भर्ती रहते हैं। अगर थैली में ज़्यादा संक्रमण हो, पीलिया हो, या सुरक्षा के लिए खुला ऑपरेशन करना पड़े, तो भर्ती के दिन बढ़ सकते हैं। आपकी रिपोर्ट देखकर हम आपको भर्ती के दिनों का अंदाज़ा बता देंगे।

क्या पित्त की थैली निकलने के बाद सामान्य जीवन जी सकते हैं?

हां। पित्त की थैली सिर्फ पित्त जमा करती है। ऑपरेशन के बाद भी लीवर पित्त बनाता रहता है और वह सीधे आंत में जाता है। हमारे ज़्यादातर मरीज़ कुछ हफ्तों में अपना सामान्य खाना खाने लगते हैं। कुछ लोगों को कुछ समय तक पतले दस्त या गैस हो सकती है, जो आमतौर पर समय के साथ और खाने में थोड़े बदलाव से ठीक हो जाती है। ठीक होने के दौरान खाने के बारे में हम आपको पूरी जानकारी देंगे।

अल्ट्रासाउंड में पथरी है पर दर्द नहीं है, क्या ऑपरेशन ज़रूरी है?

हमेशा नहीं। साइलेंट पथरी में अक्सर सिर्फ निगरानी की जाती है। बहुत बड़ी पथरी, पॉलिप, थैली की मोटी दीवार या कुछ और जोखिम होने पर हमारे सर्जन ऑपरेशन की सलाह दे सकते हैं। हम यह भी ध्यान रखते हैं कि बिहार और उत्तर प्रदेश के गंगा के मैदानी इलाकों में पित्त की थैली का कैंसर दूसरी जगहों से ज़्यादा देखा जाता है। कृपया अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेकर ओपीडी में आएं, डॉ. ठाकुर आपके केस के हिसाब से सलाह देंगे।

क्या दवा या घरेलू नुस्खे से पथरी निकल सकती है?

आमतौर पर नहीं। कुछ गोलियां कुछ चुने हुए मरीज़ों में छोटी कोलेस्ट्रॉल वाली पथरी को धीरे-धीरे गला सकती हैं, पर इसमें कई महीने लगते हैं, अक्सर फायदा नहीं होता, और गोली बंद करने पर पथरी फिर बन जाती है। घरेलू नुस्खों से पित्त की थैली की पथरी नहीं निकलती। दर्द या परेशानी देने वाली पथरी का मानक इलाज थैली निकालना ही है। ओपीडी में हमारे सर्जन आपके लिए सही विकल्प समझाएंगे।

पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

हमारे ज़्यादातर मरीज़ कुछ घंटों में चलने लगते हैं और हमारी सलाह के अनुसार उसी दिन या अगले दिन हल्का खाना शुरू करते हैं। ज़्यादातर लोग 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं। हल्का काम आमतौर पर 1 से 2 हफ्ते में शुरू हो जाता है और लगभग 4 से 6 हफ्ते तक भारी वज़न नहीं उठाना चाहिए। खुले ऑपरेशन के बाद ठीक होने में ज़्यादा समय लगता है। डॉ. ठाकुर आपके ऑपरेशन और सेहत के हिसाब से आपको सलाह देंगे।

पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं और क्या परहेज करें?

पहले पानी, फिर घर का हल्का खाना जैसे दाल, चावल, खिचड़ी, दही और उबली सब्ज़ी लें। शुरू के कुछ हफ्ते तेल वाला, तला-भुना और ज़्यादा मसालेदार खाना न खाएं, और थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं। धीरे-धीरे ज़्यादातर लोग सामान्य खाना खाने लगते हैं। अगर कुछ समय पतले दस्त या गैस हो, तो कृपया चिकनाई कम करें और फॉलो-अप पर हमें बताएं।

पित्त की थैली के ऑपरेशन का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

खर्च इस पर निर्भर करता है कि ऑपरेशन दूरबीन से होगा या खुला, कौन सी जांचें लगेंगी, कितने दिन भर्ती रहना होगा, आप प्राइवेट रूम लेते हैं या जनरल वार्ड, आईसीयू की ज़रूरत है या नहीं, दवाइयां, और थैली की हालत कितनी जटिल है। रिपोर्ट देखे बिना हम तय रकम नहीं बताते। ओपीडी में जांच के बाद, भर्ती से पहले हम आपको लिखित अनुमान देते हैं। आप पहले अपनी रिपोर्ट +91 72739 94786 पर हमें व्हाट्सऐप कर सकते हैं।

क्या आयुष्मान भारत (PM-JAY) कार्ड से पित्त की थैली का ऑपरेशन हो सकता है?

हमारा हॉस्पिटल लगभग जनवरी 2022 से आयुष्मान भारत PM-JAY में सूचीबद्ध है (जुलाई 2025 में नवीनीकरण), और इसमें जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज शामिल हैं, जिनमें पित्त की थैली की पथरी का ऑपरेशन भी है। अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है, तो कृपया उसे आधार कार्ड और पुरानी रिपोर्ट के साथ हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) पर लाएं। कवरेज योजना के नियमों और आपकी पात्रता पर निर्भर करता है, और एम्पैनलमेंट बदल सकता है, इसलिए भर्ती से पहले ज़रूर पक्का कर लें। कोई भी खर्च हम भर्ती से पहले आपको समझा देते हैं।

गोपालगंज में पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए सबसे अच्छा लेप्रोस्कोपिक सर्जन कौन है?

गोपालगंज, सीवान, छपरा और आसपास के उत्तर प्रदेश से बहुत से परिवार हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर पर भरोसा करते हैं। वे एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, उन्हें 16+ साल का अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। उन्होंने आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम किया है। वे बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) भी रह चुके हैं। आप हमारे मरीज़ों के रिव्यू हमारी वेबसाइट और गूगल पर पढ़ सकते हैं।

हम सीवान, छपरा या मोतिहारी में रहते हैं। क्या गोपालगंज में पित्त की थैली का ऑपरेशन करवा सकते हैं?

हां। सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया से हमारे बहुत से मरीज़ पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए गोपालगंज आते हैं। चक्कर बचाने के लिए कृपया पहले अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें। फिर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक पुरानी रिपोर्ट, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड (अगर है) और परिवार के एक सदस्य के साथ ओपीडी में आएं। तेज़ दर्द या पीलिया होने पर कृपया सीधे हमारी 24 घंटे चलने वाली इमरजेंसी में आएं।

इससे जुड़े इलाज

पित्त की नली की पथरी का ऑपरेशन

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम पित्त की मुख्य नली (CBD) से पथरी निकालने का ऑपरेशन करते हैं, आमतौर पर पित्त की थैली निकालने के साथ। आपके केस के हिसाब से यह खुला या दूरबीन से होता है।

पेट की दूरबीन जांच (एंडोस्कोपी)

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम एंडोस्कोपी करते हैं, जिसमें पतली कैमरे वाली नली से खाने की नली, पेट और छोटी आंत का शुरुआती हिस्सा देखा जाता है। यह आमतौर पर गले में स्प्रे से होती है, और ज़्यादातर लोग उसी दिन घर जाते हैं।

अपेंडिक्स का ऑपरेशन

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम सूजे और संक्रमित अपेंडिक्स को लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) द्वारा निकालते हैं, और हमारे यहां 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा है।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

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    Marvellous hospital of Gopalganj for Laparoscopic sugery and urology Dr Rajnish Thakur great surgeon
    अनुवाद देखें

    लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और यूरोलॉजी के लिए गोपालगंज का शानदार अस्पताल। डॉ. रजनीश ठाकुर बेहतरीन सर्जन हैं।

  • amitesh agrawalमार्च 2026
    Best laparoscopic surgeon in north bihar
    अनुवाद देखें

    उत्तर बिहार के सबसे अच्छे लेप्रोस्कोपिक सर्जन।

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