
डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर
संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन
एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)
डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन हैं। वे डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन), लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जरी करते हैं। गोपालगंज के बेटे डॉ. ठाकुर ने पटना और नई दिल्ली में प्रशिक्षण लिया है, उन्हें 16+ साल का अनुभव है और वे 10,000+ ऑपरेशन कर चुके हैं।
ओपीडी का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक (इमरजेंसी 24 घंटे)
डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर (एमबीबीएस, एमएस जनरल सर्जरी) हमारे अस्पताल, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज के संस्थापक और मुख्य सर्जन हैं। गोपालगंज के बेस्ट लेप्रोस्कोपिक सर्जन की तलाश में हमारे पास आने वाले मरीज़ों का इलाज ऐसे सर्जन करते हैं, जिन्हें 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है और जो 10,000+ ऑपरेशन कर चुके हैं। वे IGIMS पटना, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली और बिहार सरकार की स्वास्थ्य सेवा में काम कर चुके हैं। वे पित्त की थैली की पथरी, हर्निया, अपेंडिक्स, बवासीर, भगंदर और किडनी की पथरी का इलाज अक्सर दूरबीन या लेजर से करते हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया के परिवार उन पर भरोसा करते हैं, और सीवान के पास लेप्रोस्कोपिक सर्जन चाहने वाले कई परिवार थोड़ी दूरी तय करके हमारे पास आते हैं। गूगल पर 84 रिव्यू में हमारे अस्पताल की रेटिंग 5 में से 4.4 है, और हमारे मरीज़ अपने रिव्यू में उन्हें "Best laparoscopic surgeon in north bihar" बताते हैं। कृपया सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक ओपीडी में आएं, या अपनी रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें।
डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, जिन्हें ज़्यादातर मरीज़ डॉ. आर. के. ठाकुर के नाम से जानते हैं, गोपालगंज (बिहार) में हमारे अस्पताल, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल के संस्थापक और मुख्य सर्जन हैं। वे लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन से ऑपरेशन), लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन हैं और उन्हें 16 साल से ज़्यादा का सर्जिकल अनुभव है। वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं और 2 लाख से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज कर चुके हैं।
गोपालगंज का बेटा, जो सेवा के लिए घर लौटा
डॉ. ठाकुर गोपालगंज ज़िले के सिधवलिया प्रखंड के रहने वाले हैं। उनके पिता, स्वर्गीय डॉ. बबन बिहारी प्रसाद, होम्योपैथिक डॉक्टर थे, और डॉक्टर बनने की प्रेरणा डॉ. ठाकुर को अपने पिता से ही मिली। पटना और नई दिल्ली में पढ़ाई और काम करने के बाद उन्होंने अपने गृह ज़िले के लोगों की सेवा के लिए गोपालगंज लौटने का फ़ैसला किया। 2019 में उन्होंने हमारे अस्पताल की नींव रखी, जो आज कमला राय कॉलेज रोड, अरार, गोपालगंज में 40 बेड का मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल है।
पढ़ाई और अनुभव
उन्होंने 2006 में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JLNMC), भागलपुर से एमबीबीएस और 2011 में नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH), पटना से जनरल सर्जरी में एमएस किया। उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) से डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया (डीए) भी किया है। बेहोशी (एनेस्थीसिया) की इस ट्रेनिंग से हर ऑपरेशन से पहले, ऑपरेशन के दौरान और बाद में मरीज़ की सुरक्षा पर उनका ध्यान और मज़बूत होता है।
एमएस के बाद उन्होंने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS), पटना में सीनियर रेज़िडेंट के रूप में काम किया। वे बिहार सरकार की स्वास्थ्य सेवा में विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रहे हैं, और RIMS, रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में जनरल सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में भी काम कर चुके हैं।
वे किन बीमारियों का इलाज करते हैं
- लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन): पित्त की थैली में पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया, ओवरी की गांठ (सिस्ट), बच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन, महिला नसबंदी (ट्यूबेक्टॉमी) और डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी, यानी पेट के अंदर कैमरे से देखकर बीमारी का कारण पता करना।
- लेजर से ऑपरेशन: बवासीर, फिशर, भगंदर (फिस्टुला) और पाइलोनिडल साइनस का डायोड लेजर से इलाज, बवासीर के लिए MIPH स्टेपलर ऑपरेशन, और वैरिकोज़ वेन्स (पैरों की नसों का फूलना) का लेजर इलाज।
- मूत्र रोग (यूरोलॉजी): किडनी और मूत्रनली की पथरी (PCNL, URS और DJ स्टेंट), प्रोस्टेट बढ़ना (TURP), हाइड्रोसील, मूत्राशय की समस्याएं और खतना।
- जनरल और इमरजेंसी सर्जरी: गांठ, स्तन की गांठ (फाइब्रोएडेनोमा), फोड़ा, थायरॉइड की सूजन की जांच, चोट, और आंत फटना / आंत फंसना जैसी इमरजेंसी में ऑपरेशन। हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली रहती है।
- बच्चों की सर्जरी और एंडोस्कोपी: हाइपोस्पेडियास और ऑर्किडोपेक्सी (अंडकोष का नीचे न उतरना) जैसे ऑपरेशन, और ऊपरी पेट की एंडोस्कोपी, जिसमें बच्चों के निगले हुए सिक्के निकालना भी शामिल है।
मरीज़ों के साथ उनका तरीका
हमारे मरीज़ डॉ. ठाकुर को उनके शांत स्वभाव और साफ़ बातचीत के लिए जानते हैं। ऑपरेशन से पहले वे आसान भाषा में बीमारी, इलाज के विकल्प और ठीक होने में लगने वाला समय समझाते हैं, और अगर ऑपरेशन की ज़रूरत नहीं है तो यह भी साफ़ बताते हैं। हर लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन से पहले वे मरीज़ के परिवार के एक सदस्य को पूरी प्रक्रिया समझाते हैं। यह आदत उन्होंने गोपालगंज में दूरबीन वाले ऑपरेशन पर लोगों का भरोसा बनाने के लिए शुरू की थी, और आज भी यह हमारे इलाज का हिस्सा है।
उनका मानना है कि इलाज ईमानदार हो और खर्च आम परिवार की पहुंच में रहे। भर्ती से पहले हम अनुमानित खर्च साफ़ बता देते हैं, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। आयुष्मान भारत PM-JAY कार्ड वाले मरीज़ हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछ सकते हैं कि उनका ऑपरेशन योजना में कवर होता है या नहीं।
दूर-दूर से आते हैं मरीज़
गोपालगंज के अलावा सीवान, सारण (छपरा), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), पश्चिमी चंपारण (बेतिया), उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया, और नेपाल से भी मरीज़ उनके पास इलाज के लिए आते हैं। स्थानीय न्यूज़ चैनलों ने हमारे अस्पताल में हुए कुछ मामलों की ख़बर भी दिखाई है, जैसे कई अस्पतालों के चक्कर लगा चुकी एक युवती के पेट से लगभग 10 किलो का ट्यूमर निकालना (नवंबर 2022), और एक बच्चे के पेट से एंडोस्कोपी द्वारा निगला हुआ सिक्का निकालना (नवंबर 2023)।
उनकी ओपीडी सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलती है, और हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली रहती है। अपॉइंटमेंट के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें, या अपनी पुरानी रिपोर्ट लेकर ओपीडी में आएं।
- एमएस (जनरल सर्जरी), NMCH पटना (2011); एमबीबीएस, JLNMC भागलपुर (2006); डीए, PMCH पटना
- 16+ साल का सर्जिकल अनुभव और 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन
- लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली और IGIMS पटना में सीनियर रेज़िडेंट रहे
- बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रहे
- RIMS रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में जनरल सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर
- हर लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन से पहले मरीज़ के परिवार के एक सदस्य को खुद पूरी प्रक्रिया समझाते हैं
- 2019 में अपने गृह ज़िले गोपालगंज में हमारे 40 बेड के अस्पताल की स्थापना की
विशेषज्ञता
करियर और प्रशिक्षण
- एमबीबीएस
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JLNMC), भागलपुर
2006 - डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया (डीए)
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH), पटना - एमएस (जनरल सर्जरी)
नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH), पटना
2011 - सीनियर रेज़िडेंट
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS), पटना
एमएस के बाद - विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी)
बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवा - एसोसिएट प्रोफेसर, जनरल सर्जरी
RIMS, रानीगंज, पश्चिम बंगाल - संस्थापक एवं मुख्य सर्जन
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज
2019 से अब तक
सम्मान और पुरस्कार
- जागरण जीनियस अवार्ड (2022): डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के नेतृत्व में हमारे अस्पताल को यह सम्मान मिला
- हिन्दुस्तान प्राइड ऑफ बिहार अवार्ड (2023): डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के नेतृत्व में हमारे अस्पताल को यह सम्मान मिला
उनके अपने शब्दों में
दिसंबर 2025 के एक इंटरव्यू में डॉ. ठाकुर ने दो बातें कहीं, जो उनके काम और हमारे अस्पताल की सोच को दिखाती हैं।
"मैं सभी मरीजों और उनके परिजन को यही कहना चाहता हूं कि अपने स्वास्थ्य के प्रति शिक्षित व जागरूक बनिए। ... किसी भी डॉक्टर से परामर्श लेने से पूर्व उनकी डिग्री जरूर चेक कीजिये।"
"मुझे लेप्रोस्कोपी सर्जरी में बहुत संतुष्टि का अनुभव होता है।"
डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर (साक्षात्कार, लाइव हिन्दुस्तान ब्रांड पोस्ट, दिसंबर 2025)
यही सोच हर मरीज़ की देखभाल में हमारा मार्गदर्शन करती है। डॉ. ठाकुर हर ऑपरेशन के बारे में मरीज़ और परिवार के एक सदस्य को समझाने में समय देते हैं, और हम हर मरीज़ से कहते हैं कि सवाल पूछें, अपनी रिपोर्ट समझें और इलाज से पहले डॉक्टर की योग्यता ज़रूर जांचें।
वीडियो और इंटरव्यू
हमारे हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन फिर शुरू: डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर से बातचीत
हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर बताते हैं कि जुलाई 2025 में हमारे हॉस्पिटल की आयुष्मान भारत योजना की मान्यता फिर से शुरू हुई है और योग्य कार्डधारकों के लिए हमारे यहां कौन से जनरल और दूरबीन वाले ऑपरेशन इसमें आते हैं।
Bhojpuriya Jhakora · 2025-07-31गोपालगंज में दिल का इलाज: डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर और हमारे हृदय रोग विशेषज्ञ से बातचीत
इस इंटरव्यू में बताया गया है कि हमने हर हफ्ते दिल की ओपीडी क्यों शुरू की, ऑपरेशन से पहले दिल की जांच हमारे यहां ही होने से मरीज़ों को गोरखपुर या पटना क्यों नहीं जाना पड़ता, और हार्ट अटैक के लक्षणों में क्या करें।
JanVani Media · 2024-06-15डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बवासीर, भगंदर, फिशर और फूली नसों का लेज़र से इलाज
स्थानीय न्यूज़ रिपोर्ट, जिसमें हमारी लेज़र मशीन दिखाई गई है और बताया गया है कि बवासीर, भगंदर, फिशर, पाइलोनिडल साइनस और पैरों की फूली नसों में हम इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं।
Bhojpuriya Jhakora · 2023-09-03डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में पेट से लगभग 10 किलो की गांठ निकाली गई (स्थानीय न्यूज़ रिपोर्ट)
स्थानीय न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट, जिसमें बताया गया है कि हमारी सर्जिकल टीम ने एक युवा महिला के पेट से लगभग 10 किलो की बहुत बड़ी गांठ कैसे निकाली। गोपालगंज में हमारे पास आने से पहले वह कई अस्पतालों में दिखा चुकी थीं।
Bhojpuriya Jhakora · 2022-11-04
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गोपालगंज के बेस्ट लेप्रोस्कोपिक सर्जन कौन हैं?
हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), पर गोपालगंज और आसपास के कई परिवार दूरबीन से ऑपरेशन के लिए भरोसा करते हैं। उन्हें 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है और वे 10,000+ ऑपरेशन कर चुके हैं। वे IGIMS पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम कर चुके हैं और बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रहे हैं। गूगल पर 84 रिव्यू में हमारे अस्पताल की रेटिंग 5 में से 4.4 है। ओपीडी में आप उनसे मिलकर अपने सभी सवाल पूछ सकते हैं।
गोपालगंज के लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की क्या योग्यता है?
डॉ. ठाकुर ने 2006 में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर से एमबीबीएस, पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया (डीए), और 2011 में नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पटना से जनरल सर्जरी में एमएस किया है। वे लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली और IGIMS पटना में सीनियर रेज़िडेंट, बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी, और RIMS रानीगंज में जनरल सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर रह चुके हैं।
मरीज़ उनके बारे में क्या कहते हैं? क्या वे उत्तर बिहार के बेस्ट लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं?
डॉ. आर. के. ठाकुर की ओपीडी का समय क्या है और अपॉइंटमेंट कैसे लें?
डॉ. ठाकुर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, कमला राय कॉलेज रोड, अरार, गोपालगंज में ओपीडी में मरीज़ देखते हैं। अपॉइंटमेंट के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें, या ओपीडी के समय आएं। दूसरे ज़िले से आ रहे हों तो कृपया पहले कॉल करके डॉक्टर की उपलब्धता पक्की कर लें। पुरानी रिपोर्ट, पर्चे, पहचान पत्र और हो सके तो परिवार के एक सदस्य को साथ लाएं।
उनके मरीज़ किन इलाकों से आते हैं? मुझे सीवान के पास लेप्रोस्कोपिक सर्जन चाहिए।
गोपालगंज के अलावा सीवान, सारण (छपरा), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), पश्चिमी चंपारण (बेतिया), उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया, और कभी-कभी नेपाल से भी मरीज़ डॉ. ठाकुर के पास आते हैं। गोपालगंज, सीवान ज़िले से सटा हुआ है, इसलिए सीवान के कई परिवार सड़क के रास्ते हमारे पास पहुंचते हैं। निकलने से पहले कृपया अपनी रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें और फ़ोन करके ओपीडी का दिन पक्का कर लें।
क्या इमरजेंसी में डॉ. ठाकुर से ऑपरेशन हो सकता है?
हमारी इमरजेंसी हर दिन 24 घंटे खुली रहती है। अपेंडिक्स फटना, आंत फटना या आंत फंसना जैसी हालत में हम इमरजेंसी ऑपरेशन करते हैं, और लगातार निगरानी के लिए हमारे पास आईसीयू है। गंभीर मरीज़ को ला रहे हों तो कृपया रास्ते से ही +91 72739 94786 पर फ़ोन कर दें, ताकि हमारी टीम तैयार रहे। पहले से तय ऑपरेशन के लिए कृपया पहले ओपीडी में डॉ. ठाकुर को दिखाएं।
डॉ. आर. के. ठाकुर कौन-कौन से ऑपरेशन करते हैं?
डॉ. ठाकुर पित्त की थैली की पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया, ओवरी सिस्ट और बच्चेदानी के लिए लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) ऑपरेशन करते हैं। बवासीर, फिशर, भगंदर और पाइलोनिडल साइनस का लेजर और स्टेपलर ऑपरेशन, वैरिकोज़ वेन्स का लेजर इलाज, और PCNL, URS, DJ स्टेंट, TURP और हाइड्रोसील जैसे यूरोलॉजी ऑपरेशन भी वे करते हैं। इसके अलावा हमारे अस्पताल में वे जनरल सर्जरी, बच्चों की सर्जरी, आंत फटने या फंसने जैसी इमरजेंसी सर्जरी और ऊपरी पेट की एंडोस्कोपी भी करते हैं।
क्या वे बवासीर का लेजर ऑपरेशन करते हैं?
क्या डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन करते हैं?
लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) क्या होता है?
लेप्रोस्कोपी में पेट पर कुछ छोटे छेद करके पतले कैमरे और बारीक औज़ारों से ऑपरेशन किया जाता है। खुले ऑपरेशन की तुलना में ज़्यादातर मरीज़ों को कम दर्द होता है, निशान छोटे रहते हैं और अस्पताल में कम दिन रुकना पड़ता है। हमारे अस्पताल में डॉ. ठाकुर इसका इस्तेमाल पित्त की थैली की पथरी, अपेंडिक्स, कई तरह के हर्निया, ओवरी की गांठ और बच्चेदानी के ऑपरेशन में करते हैं। यह तरीका आपके लिए सही है या नहीं, यह वे जांच और रिपोर्ट देखकर तय करते हैं।
इलाज से पहले डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन कैसे जांचें?
डॉ. ठाकुर कौन-कौन सी भाषा बोलते हैं?
डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर हिंदी और अंग्रेज़ी बोलते हैं। आप अपनी तकलीफ़ हिंदी में, अपने शब्दों में बता सकते हैं, और वे बीमारी, ऑपरेशन और ठीक होने की बात आसान भाषा में समझाते हैं। अगर बुज़ुर्ग मरीज़ को बताने में दिक्कत हो, तो कृपया परिवार के ऐसे सदस्य को साथ लाएं जो मरीज़ की बीमारी और दवाइयों के बारे में जानता हो।
स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
- Indian Medical Register search, National Medical Commission (NMC)