हार्ट अटैक के लक्षण और पहले एक घंटे में क्या करें

हार्ट अटैक के लक्षण और पहले एक घंटे में क्या करें

सीने में दर्द, पसीना, सांस फूलना या बांह और जबड़े में दर्द हार्ट अटैक हो सकता है। हमारे डॉक्टर बता रहे हैं खतरे के लक्षण, छिपे लक्षण, और यह कि तुरंत क्या करना चाहिए।

मुख्य बातें

  • पसीने, सांस फूलने, या बांह और जबड़े के दर्द के साथ सीने में दबाव या दर्द हार्ट अटैक हो सकता है।
  • शुगर के मरीज़, महिलाएं और बुज़ुर्गों में लक्षण छिपे या अलग तरह के हो सकते हैं।
  • पहले घंटे में: काम रोकें, मदद बुलाएं और ECG वाली नज़दीकी इमरजेंसी में पहुंचें; खुद गाड़ी न चलाएं।
  • एस्पिरिन तभी लें जब डॉक्टर या इमरजेंसी सेवा कहे।
  • तय जांच के लिए हमारे यहां ECG, ECHO, TMT और होल्टर की सुविधा है, और हर गुरुवार दिल की ओपीडी होती है।

दिल का दौरा (हार्ट अटैक) एक इमरजेंसी है। यह तब होता है जब दिल की मांसपेशी को खून पहुंचाने वाली नस बंद हो जाती है, आमतौर पर नस में जमी चर्बी पर खून का थक्का बनने से। दिल के जिस हिस्से को खून नहीं मिलता, वह खराब होने लगता है, और हर मिनट के साथ नुकसान बढ़ता जाता है। हार्ट अटैक के लक्षण पहचानकर पहले एक घंटे में सही कदम उठाने से जान बच सकती है।

इसीलिए पहला एक घंटा बहुत कीमती है। लक्षण जल्दी पहचानकर समय पर अस्पताल पहुंचने से दिल की मांसपेशी और जान दोनों बच सकती हैं। नीचे हमारी मेडिकल टीम बता रही है कि हार्ट अटैक के लक्षण क्या हैं, कौन-से लक्षण आसानी से छूट जाते हैं, और आपको और आपके परिवार को क्या करना चाहिए।

हार्ट अटैक के आम लक्षण

  • सीने में दर्द या बेचैनी: सीने के बीच में दबाव, भारीपन, जकड़न या जलन, जो कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, या जाकर फिर लौट आए।
  • दर्द का फैलना: एक या दोनों बांहों, कंधों, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से तक।
  • पसीना: बिना मेहनत के ठंडा और तेज़ पसीना।
  • सांस फूलना: सीने में दर्द के साथ या उसके बिना भी।
  • जी मिचलाना या उल्टी, चक्कर या बेहोशी।
  • अचानक बहुत कमज़ोरी, या ऐसा लगना कि कुछ बहुत गड़बड़ है।

बहुत लोग दिल के दर्द को गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं। अगर सीने की तकलीफ़ नई है, तेज़ है, या पसीने या सांस फूलने के साथ है, तो जब तक डॉक्टर मना न करें, इसे हार्ट अटैक ही मानें।

छिपे हुए या अलग तरह के लक्षण

शुगर (डायबिटीज़) के मरीज़

शुगर से नसों पर असर पड़ता है, इसलिए कुछ शुगर के मरीज़ों को हार्ट अटैक में सीने में दर्द बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता। उन्हें सिर्फ़ सांस फूलना, अचानक कमज़ोरी, पसीना, उल्टी या घबराहट हो सकती है। ऐसे मरीज़ों के घरवाले इन लक्षणों को हल्के में न लें।

महिलाएं

महिलाओं को सीने में आम दर्द हो सकता है, पर उनमें सांस फूलना, पीठ, जबड़े या पेट के ऊपर दर्द, जी मिचलाना और बहुत ज़्यादा थकान ज़्यादा देखी जाती है। घर-परिवार संभालते हुए महिलाएं अक्सर अपनी तकलीफ़ अनदेखी कर देती हैं। ऐसा न करें।

बुज़ुर्ग

बुज़ुर्गों में कभी-कभी सिर्फ़ उलझन, कमज़ोरी, सांस फूलना या बेहोशी ही दिखती है।

पहले एक घंटे में क्या करें?

  1. सारा काम तुरंत रोकें। मरीज़ को आराम से बैठाएं या लिटाएं और कसे कपड़े ढीले कर दें।
  2. तुरंत मदद बुलाएं। घरवालों और पड़ोसियों को बताएं, राष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर 112 या अपनी नज़दीकी एम्बुलेंस सेवा को कॉल करें, और गाड़ी का इंतज़ाम करें।
  3. बिना देर किए नज़दीकी अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं जहां ECG हो सके। दर्द अपने आप जाने का इंतज़ार न करें, और सुबह या ओपीडी के दिन का इंतज़ार तो बिल्कुल न करें।
  4. खुद गाड़ी या बाइक चलाकर न जाएं। सीने में दर्द हो तो किसी और को चलाने दें, या एम्बुलेंस लें।
  5. एस्पिरिन सिर्फ़ सलाह मिलने पर। कुछ मरीज़ों को हार्ट अटैक के शक में एस्पिरिन की गोली चबाने की सलाह दी जाती है, पर यह सबके लिए सुरक्षित नहीं, जैसे जिन्हें एस्पिरिन से एलर्जी हो या खून बहने की बीमारी हो। डॉक्टर या इमरजेंसी सेवा कहे, तभी लें।
  6. किसी और की दिल की दवा न खाएं, और घरेलू नुस्खे, मालिश या गैस की दवा में समय बर्बाद न करें।
  7. पुरानी रिपोर्ट और दवा की लिस्ट हाथ में हो तो ले लें, पर इन्हें ढूंढने में देर न करें।

अगर मरीज़ गिर जाए

अगर मरीज़ जवाब न दे और ठीक से सांस न ले रहा हो, तो ज़ोर से मदद के लिए आवाज़ लगाएं और एम्बुलेंस बुलाएं। अगर किसी को CPR आता हो, तो वह सीने के बीच में तेज़ और ज़ोर से दबाना शुरू करे और डॉक्टरी मदद मिलने तक जारी रखे।

अस्पताल में क्या होता है?

इमरजेंसी टीम जल्द से जल्द ECG करती है, बीपी और ऑक्सीजन देखती है और इलाज शुरू करती है। खून की जांच भी हो सकती है। बंद नस खोलने का इलाज, चाहे थक्का घोलने की दवा से हो या एंजियोप्लास्टी से, जितनी जल्दी शुरू हो उतना अच्छा काम करता है। एंजियोप्लास्टी के लिए कैथ लैब चाहिए, इसलिए डॉक्टर मरीज़ को बड़े सेंटर भेज सकते हैं। हमारे अस्पताल में कैथ लैब नहीं है। एंजियोग्राफ़ी या एंजियोप्लास्टी की ज़रूरत हो, तो हमारे कार्डियोलॉजिस्ट सलाह देकर किसी उपयुक्त सेंटर में उसका इंतज़ाम कराते हैं। कृपया डॉक्टरों की सलाह तुरंत मानें, क्योंकि हर मिनट कीमती है।

किन्हें ज़्यादा खतरा है?

  • शुगर (डायबिटीज़) और हाई बीपी
  • सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और हर तरह का तंबाकू
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ा होना
  • मोटापा, खासकर पेट बढ़ा होना, और शारीरिक मेहनत की कमी
  • माता-पिता या भाई-बहन को कम उम्र में हार्ट अटैक
  • बढ़ती उम्र, हालांकि अब कम उम्र में भी हार्ट अटैक देखे जाते हैं
  • लंबे समय का तनाव और नींद की कमी

बचाव और नियमित जांच

  • तंबाकू हर रूप में छोड़ें।
  • शुगर और बीपी काबू में रखें और दवा नियम से लें।
  • डॉक्टर इजाज़त दें तो ज़्यादातर दिन लगभग 30 मिनट तेज़ चलें।
  • तला-भुना, नमक और मीठा कम करें; सब्ज़ी, फल और मोटा अनाज ज़्यादा खाएं।
  • खतरे वाली कोई बात हो तो नियमित जांच कराएं।

तय जांच के लिए, इमरजेंसी के लिए नहीं, हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में ECG और ECHO (दिल का अल्ट्रासाउंड), और TMT और होल्टर मॉनिटरिंग की सुविधा देते हैं। TMT में ट्रेडमिल पर चलाकर दिल की जांच होती है, और होल्टर 24 घंटे या उससे ज़्यादा समय तक लगातार ECG रिकॉर्ड करता है। हमारे विज़िटिंग कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सी.के. यादव (DM कार्डियोलॉजी) हर गुरुवार हमारे अस्पताल में दिल की ओपीडी देखते हैं। अगर एंजियोग्राफ़ी की ज़रूरत हो, तो वे मरीज़ को देखकर सलाह देते हैं और किसी उपयुक्त सेंटर में उसका इंतज़ाम कराते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • तुरंत इमरजेंसी जाएं अगर सीने में दर्द कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, दर्द के साथ पसीना या सांस फूले, बेहोशी हो, या अचानक बहुत सांस फूले। ओपीडी के दिन का इंतज़ार कभी न करें।
  • जल्दी डॉक्टर को दिखाएं अगर चलने या सीढ़ी चढ़ने पर सीने में तकलीफ़ या सांस फूले जो आराम से ठीक हो जाए, दिल तेज़ या बेतरतीब धड़के, या पैरों में सूजन हो।
  • जांच की योजना बनाएं अगर आपको शुगर, हाई बीपी, तंबाकू की आदत या परिवार में दिल की बीमारी है और आपने कभी दिल की जांच नहीं कराई।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल का नेतृत्व हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों के मरीज़ हमारे यहां दिल की तय जांच करा सकते हैं और गुरुवार की दिल की ओपीडी में डॉ. सी.के. यादव से परामर्श ले सकते हैं। डॉ. यादव ऑपरेशन से पहले दिल की फिटनेस जांच भी करते हैं, इसलिए हमारे कई सर्जरी के मरीज़ों को इसके लिए पटना या गोरखपुर नहीं जाना पड़ता। ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें: ECG और ECHO से दिल की जांच।

हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली है। गुरुवार की दिल की ओपीडी और जांच का समय लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कैसे पता करें कि सीने का दर्द गैस है या हार्ट अटैक?

घर पर यह तय करना सुरक्षित नहीं है। दिल का दर्द अक्सर सीने के बीच में दबाव, भारीपन या जलन जैसा लगता है, और बांह, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है, साथ में पसीना या सांस फूल सकती है। गैस का दर्द भी ऐसा ही लग सकता है। दर्द नया हो, तेज़ हो या कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, तो गैस की दवा के बजाय नज़दीकी इमरजेंसी में जाकर ECG कराएं।

क्या हार्ट अटैक में एस्पिरिन लेनी चाहिए?

सिर्फ़ तब जब डॉक्टर या इमरजेंसी सेवा कहे। हार्ट अटैक में एस्पिरिन कुछ मरीज़ों की मदद कर सकती है, पर यह सबके लिए सुरक्षित नहीं है, जैसे जिन्हें एस्पिरिन से एलर्जी, खून बहने की बीमारी या पेट का अल्सर हो। दवा ढूंढने में समय न गंवाएं। मदद बुलाएं और नज़दीकी इमरजेंसी में पहुंचें, वहां डॉक्टर सही इलाज तय करेंगे।

क्या बिना सीने में दर्द के भी हार्ट अटैक हो सकता है?

हां। कुछ लोगों में, खासकर शुगर के मरीज़, महिलाएं और बुज़ुर्ग, सीने में दर्द बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता। उन्हें सिर्फ़ सांस फूलना, अचानक कमज़ोरी, पसीना, उल्टी, घबराहट या बेहोशी हो सकती है। इन्हें छिपे या अलग तरह के लक्षण कहते हैं। ऐसे लक्षण अचानक हों, खासकर खतरे वाले व्यक्ति में, तो बिना देर किए इमरजेंसी में ECG कराएं।

गोपालगंज में दिल की जांच कहां कराएं?

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम तय जांच के लिए ECG, ECHO, TMT और होल्टर मॉनिटरिंग की सुविधा देते हैं। हमारे विज़िटिंग कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सी.के. यादव (DM कार्डियोलॉजी) हर गुरुवार दिल की ओपीडी देखते हैं और ज़रूरत हो तो एंजियोग्राफ़ी जैसी आगे की जांच की सलाह देते हैं। समय लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। सीने में दर्द हो तो तुरंत इमरजेंसी जाएं।

हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

आम लक्षण हैं: सीने के बीच में दबाव, भारीपन, जकड़न या जलन जो कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, दर्द का बांह, जबड़े, गर्दन या पीठ तक जाना, पसीना, सांस फूलना, जी मिचलाना और अचानक कमज़ोरी। कुछ लोगों को हार्ट अटैक से कुछ दिन पहले चलने पर सीने में तकलीफ़ होती है जो आराम से ठीक हो जाती है। ऐसे किसी भी लक्षण में नज़दीकी इमरजेंसी में ECG कराएं।

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण कैसे होते हैं?

महिलाओं में भी सीने में दर्द हो सकता है, लेकिन उनमें अलग तरह के लक्षण ज़्यादा देखे जाते हैं, जैसे सांस फूलना, बहुत थकान, जी मिचलाना या उल्टी, पीठ, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, चक्कर या घबराहट। इन्हें अक्सर गैस या कमज़ोरी समझ लिया जाता है, इसलिए शुगर, हाई बीपी या दूसरे खतरे वाली महिलाएं इन्हें कभी नज़रअंदाज़ न करें।

सीने में दर्द हो तो क्या करें?

सारा काम रोककर मरीज़ को आराम से बैठाएं या लिटाएं। तुरंत 112 या नज़दीकी एम्बुलेंस को कॉल करें और बिना देर किए ऐसे अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं जहां ECG हो सके। खुद गाड़ी चलाकर न जाएं। एस्पिरिन सिर्फ़ डॉक्टर या इमरजेंसी सेवा की सलाह पर लें। गैस की दवा या घरेलू नुस्खों में समय न गंवाएं। मरीज़ गिर जाए और ठीक से सांस न ले, तो CPR आता हो तो शुरू करें।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज की मेडिकल टीम की ओर से स्वास्थ्य जानकारी। अपनी बीमारी के बारे में सलाह के लिए कृपया हमारे डॉक्टर से मिलें।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

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