गोपालगंज में एंजियोग्राफी की सलाह: दिल के डॉक्टर से पहले पूरी जांच

कोरोनरी एंजियोग्राफी (दिल की नसों की जांच)

एंजियोग्राफी एक एक्स-रे जांच है, जिससे दिल की नसों में रुकावट (ब्लॉकेज) का पता चलता है। हमारे दिल के डॉक्टर पहले हमारी ओपीडी में आपकी जांच करते हैं और ज़रूरत होने पर ही इसकी सलाह और व्यवस्था करते हैं।

गोपालगंज में एंजियोग्राफी की सलाह हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में देते हैं, अगर डॉक्टर ने आपसे एंजियोग्राफी की बात कही है, या चलने पर सीने में दर्द होता है। हमारे विज़िटिंग दिल के डॉक्टर (कार्डियोलॉजिस्ट) डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) हर गुरुवार हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी में मरीज देखते हैं, और पहले यहीं दिल की नस में ब्लॉकेज की जांच करवाते हैं: ईसीजी, ईको, टीएमटी या होल्टर, और हमारी पैथोलॉजी लैब में खून की जांच। एंजियोग्राफी कैथ लैब में होती है, और हमारे अस्पताल में कैथ लैब नहीं है। जब सच में एंजियोग्राफी ज़रूरी हो, तो हमारे डॉक्टर उसकी सलाह देते हैं, किसी उपयुक्त सेंटर पर व्यवस्था करते हैं, और बाद का इलाज यहीं जारी रखते हैं। हल्की और स्थिर तकलीफ वाले बहुत से मरीजों को पहले दवा और रहन-सहन में बदलाव की ज़रूरत होती है, सीधे एंजियोग्राफी की नहीं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से मरीज हमारी गुरुवार की ओपीडी में आते हैं। नाम लिखवाने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें, और पुरानी सभी ईसीजी और रिपोर्ट साथ लाएं। तेज़ सीने के दर्द में गुरुवार का इंतज़ार न करें, तुरंत सबसे नज़दीकी इमरजेंसी वाले अस्पताल पहुंचें।

ऑपरेशन का समयजांच में आमतौर पर लगभग 20 से 45 मिनट लगते हैं (जिस सेंटर पर जांच होती है)।
अस्पताल में रुकनाबहुत से मरीज उसी दिन या अगले दिन घर चले जाते हैं, यह इलाज करने वाले डॉक्टर तय करते हैं।

कोरोनरी एंजियोग्राफी क्या है?

दिल की मांसपेशी को खून छोटी-छोटी नसों (कोरोनरी आर्टरी) से मिलता है। जब इन नसों के अंदर चर्बी और कोलेस्ट्रॉल जमने लगता है, तो नस पतली हो जाती है या बंद हो जाती है। इससे चलने पर सीने में दर्द (एंजाइना) या दिल का दौरा (हार्ट अटैक) हो सकता है।

कोरोनरी एंजियोग्राफी इन नसों की एक खास एक्स-रे जांच है। कलाई या जांघ की नस से एक पतली, मुलायम नली (कैथेटर) दिल तक ले जाई जाती है, उसमें दवा (डाई) डाली जाती है, और एक्स-रे की तस्वीरों से दिखता है कि नस कहां और कितनी सिकुड़ी है। यह इलाज नहीं, जांच है, लेकिन इससे तय होता है कि आपको सिर्फ दवा चाहिए, एंजियोप्लास्टी (स्टेंट) या बाईपास ऑपरेशन।

हमारे अस्पताल में एंजियोग्राफी पहला कदम नहीं है। हमारे दिल के डॉक्टर (कार्डियोलॉजिस्ट) डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) हर गुरुवार हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी में आपको देखते हैं, और ज़रूरत होने पर ही एंजियोग्राफी की सलाह देते हैं और उसकी व्यवस्था करते हैं।

एंजियोग्राफी: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
एंजियोग्राफी: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

दिल की नस में ब्लॉकेज के लक्षण

  • चलने या सीढ़ी चढ़ने पर सीने में दर्द, दबाव या भारीपन, जो आराम करने पर ठीक हो जाए
  • दर्द का बाएं हाथ, जबड़े, गर्दन या पीठ तक जाना
  • थोड़ा काम करने पर ही सांस फूलना या बहुत थकान
  • मेहनत करने पर पसीना, घबराहट या सीने में जलन जैसा लगना
  • टीएमटी, ईको या ईसीजी रिपोर्ट में गड़बड़ी
  • हाल में दिल का दौरा पड़ना, या सीने का दर्द बढ़ते जाना

एंजियोग्राफी की ज़रूरत कब पड़ती है?

एंजियोग्राफी आमतौर पर तब करवाई जाती है जब नस में बड़ी रुकावट का शक हो: जैसे चलने पर होने वाला सीने का दर्द, टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) में दिल को खून कम मिलने के संकेत, ईसीजी या ईको में बदलाव, नया या बढ़ता हुआ सीने का दर्द, या दिल के दौरे के बाद। दिल के कुछ वाल्व के ऑपरेशन से पहले भी इसकी ज़रूरत पड़ सकती है।

हल्की और स्थिर तकलीफ वाले बहुत से मरीजों को पहले दवा और रहन-सहन में बदलाव की ज़रूरत होती है, सीधे एंजियोग्राफी की नहीं। इसलिए हमारे डॉक्टर पहले आपकी पूरी जांच करते हैं: हमारे अस्पताल में ईसीजी, ईको, टीएमटी या होल्टर, और शुगर, कोलेस्ट्रॉल व किडनी की खून जांच (डाई से पहले किडनी की जांच ज़रूरी है)।

ध्यान दें: पसीने, सांस फूलने या बेहोशी के साथ तेज़ सीने का दर्द दिल का दौरा हो सकता है। कृपया तुरंत मदद बुलाएं और सबसे नज़दीकी इमरजेंसी वाले अस्पताल पहुंचें। ओपीडी के दिन का इंतज़ार बिल्कुल न करें।

एंजियोग्राफी कैसे होती है?

  1. जांच से पहले हमारे डॉक्टर आपकी रिपोर्ट, किडनी की जांच और दवाइयां देखते हैं। कुछ घंटे खाली पेट आने और शुगर की कुछ दवाएं बदलने को कहा जा सकता है।
  2. जिस सेंटर पर जांच होती है, वहां आप एक्स-रे टेबल पर लेटते हैं और होश में रहते हैं। कलाई या जांघ की जगह को इंजेक्शन से सुन्न किया जाता है।
  3. एक पतली, मुलायम नली नस के रास्ते दिल तक पहुंचाई जाती है। ज़्यादातर लोगों को तेज़ दर्द नहीं, सिर्फ हल्का दबाव महसूस होता है।
  4. दिल की नसों में डाई डालकर एक्स-रे तस्वीरें ली जाती हैं। थोड़ी देर के लिए शरीर में गर्मी जैसी लग सकती है।
  5. नली निकालकर उस जगह पर दबाव या कसी पट्टी लगाई जाती है, ताकि खून न निकले।
  6. कुछ घंटे आराम के बाद डॉक्टर नतीजा और अगला कदम समझाते हैं: दवा, एंजियोप्लास्टी या बाईपास ऑपरेशन।

एंजियोग्राफी के बाद रिकवरी

उस दिन आराम करें और पानी खूब पिएं, अगर डॉक्टर ने पानी कम पीने को न कहा हो। कलाई से जांच हुई हो तो कुछ दिन उस हाथ से भारी सामान न उठाएं। जांघ से हुई हो तो कुछ दिन भारी वज़न उठाने और ज़्यादा सीढ़ियां चढ़ने से बचें। उस जगह को साफ और सूखा रखें। ज़्यादातर लोग कुछ दिनों में अपने सामान्य काम पर लौट आते हैं। बताई गई दवाएं जारी रखें, और कृपया एंजियोग्राफी की सीडी व रिपोर्ट लेकर हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी में दोबारा आएं, ताकि हमारे डॉक्टर आगे का इलाज तय कर सकें।

एंजियोग्राफी से पहले की तैयारी और एंजियोग्राफी के बाद सावधानियां

एंजियोग्राफी से पहले: सभी रिपोर्ट, दवाओं की लिस्ट और किडनी की जांच साथ रखें। अगर डाई या आयोडीन से एलर्जी है, किडनी की बीमारी है, खून पतला करने की दवा लेते हैं, या मेटफॉर्मिन जैसी शुगर की दवा लेते हैं, तो कृपया हमारे डॉक्टर को ज़रूर बताएं, क्योंकि कुछ दवाएं बदलनी पड़ सकती हैं। आमतौर पर कुछ घंटे खाली पेट आने को कहा जाता है। परिवार के किसी सदस्य के साथ आएं। एंजियोग्राफी के बाद: उस दिन आराम करें और पानी खूब पिएं, अगर डॉक्टर ने पानी कम पीने को न कहा हो। कलाई या जांघ की जगह साफ और सूखी रखें। कुछ दिन उस हाथ से भारी सामान न उठाएं, और जांघ से जांच हुई हो तो ज़्यादा सीढ़ियां न चढ़ें। उस दिन खुद गाड़ी न चलाएं। तुरंत मदद लें अगर उस जगह से खून निकले या सूजन बढ़े, हाथ या पैर ठंडा या सुन्न लगे, या सीने में दर्द हो। कृपया एंजियोग्राफी की सीडी और रिपोर्ट लेकर हमारी गुरुवार की ओपीडी में आएं।

फायदे

  • साफ पता चलता है कि दिल की नस कहां और कितनी बंद है
  • सही इलाज चुनने में मदद: दवा, एंजियोप्लास्टी या बाईपास
  • कलाई या जांघ में छोटे छेद से होती है, सीना नहीं खोला जाता
  • आमतौर पर जगह सुन्न करके होती है, आप होश में रहते हैं
  • पहले हमारे डॉक्टर जांच करते हैं, ताकि ज़रूरत होने पर ही यह जांच हो
संभावित जोखिम:

एंजियोग्राफी आम और आमतौर पर सुरक्षित जांच है, पर इसमें कुछ जोखिम हैं। छेद वाली जगह पर नीला निशान या खून निकलना, डाई से एलर्जी, या डाई से किडनी पर असर हो सकता है, खासकर किडनी की बीमारी या शुगर वाले मरीजों में। नस को नुकसान, धड़कन की गड़बड़ी, लकवा या दिल का दौरा जैसी गंभीर दिक्कतें बहुत कम होती हैं। पहले से किडनी, एलर्जी और दवाओं की जांच करने से जोखिम घटता है। आपके केस के जोखिम डॉक्टर आपको समझाएंगे।

गोपालगंज में एंजियोग्राफी की सलाह: खर्च और आयुष्मान कार्ड

हमारे अस्पताल में एंजियोग्राफी की सलाह का खर्च असल में जांच का खर्च है: कार्डियोलॉजी ओपीडी में परामर्श, और हमारे डॉक्टर जो जांच लिखें, जैसे ईसीजी, ईको, टीएमटी, होल्टर, और शुगर, कोलेस्ट्रॉल व किडनी की खून की जांच। हर मरीज को हर जांच की ज़रूरत नहीं होती। एंजियोग्राफी खुद उस सेंटर पर होती है जहां हमारे डॉक्टर व्यवस्था करते हैं, और उसका खर्च उस सेंटर, कलाई या जांघ से जांच, रात भर रुकने, और उसी समय एंजियोप्लास्टी होने या न होने पर निर्भर करता है। कृपया प्रोसीजर से पहले उस सेंटर से लिखित अनुमान ज़रूर लें। यहां होने वाली जांच का खर्च हमारा स्टाफ जांच से पहले बता देता है, इसके लिए +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। आयुष्मान भारत PM-JAY मुख्य रूप से भर्ती वाले इलाज के लिए है, और हमारे अस्पताल का पैनल जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए है। इसलिए एंजियोग्राफी करने वाले सेंटर से पूछें कि वहां आयुष्मान कार्ड चलता है या नहीं, और ज़रूरत हो तो हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से मदद लें।

एंजियोग्राफी से पहले मरीज हमारी गुरुवार की ओपीडी में क्यों आते हैं

हमारे यहां दिल का इलाज जल्दबाज़ी में किसी प्रोसीजर से नहीं, बल्कि सही जांच से शुरू होता है। डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) की हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी हर गुरुवार लगती है। ईसीजी, ईको, टीएमटी और होल्टर जांच हम अपने अस्पताल में ही करते हैं, और खून की जांच हमारी अपनी पैथोलॉजी लैब में होती है। जब एंजियोग्राफी ज़रूरी हो, तो हमारे डॉक्टर उसकी व्यवस्था करते हैं और फॉलो-अप भी देखते हैं। हमारे यहां 24x7 इमरजेंसी, फार्मेसी और आयुष्मान भारत सहायता केंद्र भी है। गुरुवार का अपॉइंटमेंट लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें या संपर्क करें।

एंजियोग्राफी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गोपालगंज में एंजियोग्राफी की सलाह कहां मिलती है?

गोपालगंज स्थित हमारे अस्पताल में, हर गुरुवार डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) की कार्डियोलॉजी ओपीडी में। हमारे डॉक्टर आपके लक्षण और रिपोर्ट देखते हैं, ज़रूरत हो तो हमारे अस्पताल में ही ईसीजी, ईको, टीएमटी या होल्टर करवाते हैं, और ज़रूरत होने पर ही एंजियोग्राफी की सलाह देते हैं। हमारे यहां कैथ लैब नहीं है, इसलिए फिर कैथ लैब वाले किसी सेंटर पर इसकी व्यवस्था की जाती है। गुरुवार का समय लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

क्या सीने में दर्द वाले हर मरीज को एंजियोग्राफी करानी पड़ती है?

नहीं। सीने के दर्द वाले ज़्यादातर मरीजों की पहले ईसीजी, ईको, टीएमटी और खून की जांच होती है। कई बार दर्द की वजह दिल नहीं, बल्कि गैस-एसिडिटी या मांसपेशी का दर्द होती है। एंजियोग्राफी तब कराई जाती है जब लक्षण या जांच में बड़ी रुकावट का शक हो, या दिल के दौरे के बाद। यह फैसला हमारे डॉक्टर गुरुवार की ओपीडी में आपको देखकर करते हैं।

एंजियोग्राफी कैसे होती है और कितना समय लगता है?

जगह सुन्न करके कलाई या जांघ की नस से एक पतली नली दिल तक ले जाई जाती है। उसमें डाई डालकर एक्स-रे तस्वीरों से देखा जाता है कि नस कहां सिकुड़ी है। जिस सेंटर पर जांच होती है, वहां जांच में आमतौर पर लगभग 20 से 45 मिनट लगते हैं, और बाद में कुछ घंटे आराम करना होता है। बहुत से मरीज उसी दिन या अगले दिन घर चले जाते हैं, यह इलाज करने वाले डॉक्टर तय करते हैं।

क्या एंजियोग्राफी में दर्द होता है? क्या बेहोश किया जाता है?

आमतौर पर बेहोश नहीं किया जाता, आप जागते रहते हैं। कलाई या जांघ की जगह को इंजेक्शन से सुन्न किया जाता है, इसलिए ज़्यादातर लोगों को सिर्फ दबाव, और डाई डालते समय थोड़ी गर्मी महसूस होती है। जांच के दौरान आप डॉक्टर से बात कर सकते हैं। बाद में कुछ दिन उस जगह हल्का दर्द या नीला निशान रहना आम बात है, जो अपने आप ठीक हो जाता है।

क्या एंजियोग्राफी के बिना दिल की नस में ब्लॉकेज की जांच हो सकती है?

हां, पहले आसान जांचें होती हैं। ईसीजी, ईको और टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) हम अपने अस्पताल में करते हैं, और खून की जांच से शुगर, कोलेस्ट्रॉल और किडनी देखी जाती है। टीएमटी से पता चल सकता है कि मेहनत के समय दिल को खून कम तो नहीं मिल रहा, जो ब्लॉकेज का संकेत है। ये जांचें नसों को सीधे नहीं दिखातीं, इसलिए अगर इनमें बड़ी रुकावट का शक हो, तब हमारे डॉक्टर एंजियोग्राफी की सलाह दे सकते हैं।

क्या एंजियोग्राफी डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में होती है?

एंजियोग्राफी कैथ लैब में होती है, जो दिल की जांच और इलाज के लिए एक खास एक्स-रे कमरा होता है, और हमारे यहां कैथ लैब नहीं है। हमारे यहां उससे पहले की पूरी जांच होती है: हर गुरुवार डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) की ओपीडी, और हमारे अस्पताल में ईसीजी, ईको, टीएमटी और होल्टर। ज़रूरत होने पर हमारे डॉक्टर किसी उपयुक्त सेंटर पर एंजियोग्राफी की सलाह और व्यवस्था करते हैं, और फॉलो-अप के लिए आप उन्हीं के पास आ सकते हैं।

एंजियोग्राफी के बाद सावधानियां क्या हैं?

उस दिन आराम करें और डाई निकलने में मदद के लिए पानी खूब पिएं, अगर डॉक्टर ने पानी कम पीने को न कहा हो। छेद वाली जगह साफ और सूखी रखें। कुछ दिन उस हाथ से भारी सामान न उठाएं, और जांघ से जांच हुई हो तो ज़्यादा सीढ़ियां न चढ़ें। कम तेल और नमक वाला हल्का घर का खाना खाएं। खून निकलने, सूजन बढ़ने, हाथ या पैर ठंडा या सुन्न लगने, या सीने में दर्द होने पर तुरंत मदद लें।

गोपालगंज में एंजियोग्राफी की सलाह और जांच का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

हमारे यहां आप सिर्फ परामर्श और उन जांचों का खर्च देते हैं जो हमारे डॉक्टर लिखें, जैसे ईसीजी, ईको, टीएमटी या खून की जांच, और यह खर्च हमारा स्टाफ पहले ही बता देता है। एंजियोग्राफी का खर्च उस सेंटर पर लगता है जहां यह होती है, और यह सेंटर, तरीके, रुकने के दिन और साथ में एंजियोप्लास्टी होने पर निर्भर करता है। कृपया प्रोसीजर से पहले उस सेंटर से लिखित अनुमान ले लें।

एंजियोग्राफी की ज़रूरत है या नहीं, यह तय करने के लिए गोपालगंज में सबसे अच्छा दिल का डॉक्टर कौन है?

हमारी सलाह है कि सही डिग्री और सावधान तरीका देखें। डॉ. सी.के. यादव के पास डीएम कार्डियोलॉजी की डिग्री है, जो दिल की बीमारियों की सुपर-स्पेशलिटी पढ़ाई है। वे हर गुरुवार हमारे अस्पताल में मरीज देखते हैं, जहां ईसीजी, ईको, टीएमटी और होल्टर यहीं होते हैं, इसलिए फैसला सही जांच के आधार पर होता है। वे एंजियोग्राफी की सलाह तभी देते हैं जब लक्षण और रिपोर्ट इसकी ओर इशारा करें, और बाद का फॉलो-अप भी यहीं देखते हैं। हमारे मरीज़ों के रिव्यू आप गूगल पर पढ़ सकते हैं।

मैं सीवान, छपरा या कुशीनगर से हूं। क्या दिल की जांच के लिए गोपालगंज आ सकता हूं?

हां। सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से बहुत से मरीज हमारी गुरुवार की कार्डियोलॉजी ओपीडी में आते हैं। समय लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें, और चाहें तो पहले पुरानी रिपोर्ट व्हाट्सऐप कर दें। ईसीजी, ईको, टीएमटी और होल्टर हमारे अस्पताल में ही होते हैं, इसलिए ज़्यादातर जांच एक ही जगह हो जाती है। एंजियोग्राफी ज़रूरी हो तो हमारे डॉक्टर किसी उपयुक्त सेंटर पर उसकी व्यवस्था करते हैं।

अगर लगे कि दिल का दौरा पड़ रहा है तो क्या करें?

ओपीडी के दिन का इंतज़ार न करें, और यह भी न सोचें कि दर्द अपने आप ठीक हो जाएगा। तेज़ सीने का दर्द या दबाव, हाथ या जबड़े तक जाता दर्द, पसीना, सांस फूलना या बेहोशी, इन सब में तुरंत इमरजेंसी इलाज चाहिए। फौरन मदद बुलाएं और सबसे नज़दीकी इमरजेंसी वाले अस्पताल पहुंचें। जल्दी इलाज से दिल की मांसपेशी और जान बचती है। खुद गाड़ी चलाकर न जाएं।

कार्डियोलॉजी ओपीडी में क्या-क्या लेकर आएं?

कृपया पुरानी सभी रिपोर्ट, ईसीजी, ईको रिपोर्ट, डिस्चार्ज के कागज़ और जो भी दवा खाते हैं उनकी पर्ची या पत्ते साथ लाएं। शुगर या बीपी है तो हाल की रीडिंग भी लाएं। आयुष्मान कार्ड हो तो वह भी लाएं, और हो सके तो परिवार के किसी सदस्य के साथ आएं। हमारी गुरुवार की ओपीडी का समय पक्का करने के लिए +91 72739 94786 पर कॉल करें।

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एंजियोप्लास्टी और स्टेंट

एंजियोप्लास्टी में दिल की बंद नस को छोटे गुब्बारे से खोला जाता है और आमतौर पर स्टेंट (छल्ला) लगाया जाता है। हमारे डॉक्टर जांच के बाद ज़रूरत पर इसकी सलाह व व्यवस्था करते हैं, और बाद में दवा व परहेज़ समझाते हैं।

टीएमटी और होल्टर

टीएमटी से पता चलता है कि मेहनत के समय दिल कैसे काम करता है, और होल्टर 24 घंटे हर धड़कन रिकॉर्ड करता है। दोनों जांच हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में करते हैं, और रिपोर्ट हमारे डीएम कार्डियोलॉजिस्ट देखते हैं।

ईसीजी और ईको

ईसीजी और ईको दिल की आसान जांचें हैं, जो हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में करते हैं। ज़्यादातर लोगों को कोई तैयारी नहीं करनी पड़ती, और रिपोर्ट हमारे दिल के डॉक्टर डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) देखते हैं।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

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    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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