गोपालगंज में एंजियोप्लास्टी की सलाह: स्टेंट से पहले जांच और बाद में देखभाल

एंजियोप्लास्टी और स्टेंट (दिल की बंद नस खोलना)

एंजियोप्लास्टी में दिल की बंद नस को छोटे गुब्बारे से खोला जाता है और आमतौर पर स्टेंट (छल्ला) लगाया जाता है। हमारे डॉक्टर जांच के बाद ज़रूरत पर इसकी सलाह व व्यवस्था करते हैं, और बाद में दवा व परहेज़ समझाते हैं।

गोपालगंज में एंजियोप्लास्टी की सलाह हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में मरीजों और परिवारों को देते हैं, चाहे एंजियोग्राफी में अभी रुकावट मिली हो या पहले लगे स्टेंट का फॉलो-अप करना हो। एंजियोप्लास्टी कैथ लैब में होती है, और हमारे अस्पताल में कैथ लैब नहीं है। हम इसके पहले की सही जांच और बाद की लंबी देखभाल देते हैं। हमारे विज़िटिंग दिल के डॉक्टर डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) हर गुरुवार हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी में आपकी एंजियोग्राफी, ईको और खून की रिपोर्ट देखते हैं, और बताते हैं कि दिल की नस बंद का इलाज स्टेंट से होगा, सिर्फ दवा से, या बाईपास से। ज़रूरत हो तो वे किसी उपयुक्त सेंटर पर एंजियोप्लास्टी की सलाह और व्यवस्था करते हैं। बाद में वे स्टेंट लगने के बाद दवा, शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल की जांच करते हैं, और ईसीजी, ईको, टीएमटी व होल्टर हमारे अस्पताल में ही होते हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से मरीज हमारे पास आते हैं। गुरुवार का समय लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

ऑपरेशन का समयआमतौर पर 30 मिनट से 2 घंटे, यह रुकावटों की संख्या और तरह पर निर्भर करता है।
अस्पताल में रुकनापहले से तय एंजियोप्लास्टी में आमतौर पर 1 से 2 दिन। दिल के दौरे के बाद अक्सर ज़्यादा दिन रुकना पड़ता है, यह इलाज करने वाले डॉक्टर तय करते हैं।

एंजियोप्लास्टी और स्टेंट क्या है?

एंजियोप्लास्टी दिल की बंद या सिकुड़ी नस का इलाज है। इसे पीटीसीए या पीसीआई भी कहते हैं। कलाई या जांघ से एक पतली नली के रास्ते एक छोटा गुब्बारा नस के सिकुड़े हिस्से तक ले जाकर फुलाया जाता है, जिससे नस खुल जाती है। ज़्यादातर मामलों में वहां एक स्टेंट छोड़ दिया जाता है। स्टेंट जाली जैसी एक छोटी नली है, जिसे लोग छल्ला भी कहते हैं, जो नस को खुला रखती है।

एंजियोप्लास्टी कैथ लैब में होती है, आमतौर पर एंजियोग्राफी में रुकावट दिखने के बाद। इसमें सीना नहीं खोला जाता। यह रुकावट तो खोल देती है, पर नसों की बीमारी बनी रहती है, इसलिए स्टेंट के बाद दवा और परहेज़ उतने ही ज़रूरी हैं।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारे दिल के डॉक्टर डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) गुरुवार की कार्डियोलॉजी ओपीडी में आपकी जांच करते हैं, ज़रूरत होने पर एंजियोप्लास्टी की सलाह और व्यवस्था करते हैं, और बाद में आपकी दवा और फॉलो-अप देखते हैं।

एंजियोप्लास्टी और स्टेंट: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
एंजियोप्लास्टी और स्टेंट: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

कब लगता है कि दिल की नस खोलनी पड़ सकती है

  • चलने पर सीने में दर्द या भारीपन, जो दवा से भी ठीक न हो
  • सीने का दर्द नया हो, बार-बार हो, या आराम में भी हो
  • थोड़ी मेहनत में सांस फूलना या थकान
  • एंजियोग्राफी में दिल की नस में बड़ी रुकावट
  • हाल में दिल का दौरा
  • टीएमटी या ईको में दिल को खून कम मिलने के संकेत

दिल की नस बंद का इलाज: स्टेंट कब, और दवा कब काफी?

एंजियोप्लास्टी की सलाह तब दी जा सकती है जब एंजियोग्राफी में ऐसी बड़ी रुकावट दिखे जिससे दवा के बावजूद सीने में दर्द हो रहा हो, या दिल की मांसपेशी के बड़े हिस्से को खतरा हो। दिल के दौरे में बंद नस को जल्दी खोलना, एंजियोप्लास्टी से या खून का थक्का घोलने वाली दवा से, दिल की मांसपेशी बचा सकता है। यह इमरजेंसी इलाज है: कृपया तुरंत मदद बुलाएं और सबसे नज़दीकी इमरजेंसी वाले अस्पताल पहुंचें। ओपीडी के दिन का इंतज़ार कभी न करें।

हर रुकावट में स्टेंट की ज़रूरत नहीं होती। कुछ मरीज सिर्फ दवा से ठीक रहते हैं, और कई या जटिल रुकावटों में बाईपास ऑपरेशन बेहतर होता है। हमारे डॉक्टर आपकी एंजियोग्राफी, लक्षण, ईको, शुगर, किडनी और पूरी सेहत देखकर फैसला करते हैं।

एंजियोप्लास्टी कैसे होती है?

  1. हमारे डॉक्टर एंजियोग्राफी, ईको और खून की रिपोर्ट देखकर बताते हैं कि आपके लिए स्टेंट, सिर्फ दवा या बाईपास में से क्या सही है।
  2. प्रोसीजर से पहले सलाह के अनुसार खून पतला करने की दवा शुरू की जाती है। अपनी सभी दवाओं और किसी भी एलर्जी के बारे में डॉक्टर को बताएं।
  3. जिस सेंटर पर यह होता है, वहां आप होश में रहते हैं। कलाई या जांघ को सुन्न करके एक पतली नली दिल तक पहुंचाई जाती है।
  4. एक बारीक तार रुकावट के पार ले जाया जाता है, छोटा गुब्बारा फुलाकर नस खोली जाती है, और उसे खुला रखने के लिए स्टेंट लगाया जाता है।
  5. एक्स-रे से देखा जाता है कि खून ठीक से बह रहा है। फिर नली निकालकर उस जगह दबाव या पट्टी लगाई जाती है।
  6. एक-दो दिन निगरानी के बाद दवाइयों और फॉलो-अप की योजना के साथ छुट्टी दी जाती है।

एंजियोप्लास्टी के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है

अगले दिन से हल्का टहलना शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं। लगभग एक हफ्ते, या डॉक्टर की सलाह तक, भारी सामान न उठाएं। ज़्यादातर लोग लगभग एक हफ्ते में हल्के काम पर लौट आते हैं। खून पतला करने की दवा रोज़ ठीक वैसे ही लें जैसे लिखी गई है। दांत या किसी और ऑपरेशन के लिए भी इसे खुद से बंद न करें, कृपया पहले दिल के डॉक्टर से पूछें। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी पूरी तरह छोड़ दें। नमक, तेल और मीठा कम करें, शुगर और बीपी काबू में रखें, और हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी में नियमित जांच कराते रहें।

स्टेंट लगने के बाद दवा और स्टेंट के बाद परहेज

स्टेंट लगने के बाद दवा: खून पतला करने की दवा रोज़ ठीक वैसे ही लें जैसे लिखी गई है। दांत या किसी और ऑपरेशन से पहले भी इसे खुद से बंद न करें, कृपया पहले दिल के डॉक्टर से पूछें। दवाओं की लिखी हुई लिस्ट हमेशा साथ रखें। स्टेंट के बाद परहेज: नमक, तेल, घी और मीठा कम करें। दाल, हरी सब्ज़ी, फल और मोटा अनाज खाएं, और तली चीज़ें व बाहर का खाना कम करें। शुगर और बीपी काबू में रखें। तंबाकू: सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी पूरी तरह छोड़ दें। चलना फिरना: अगले दिन से हल्का टहलना शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं, और लगभग एक हफ्ते, या डॉक्टर की सलाह तक, भारी सामान न उठाएं। छेद वाली जगह साफ और सूखी रखें। खतरे के संकेत: कुछ मिनट से ज़्यादा सीने में दर्द, पसीना, सांस फूलना या बेहोशी में तुरंत इमरजेंसी इलाज चाहिए। नियमित फॉलो-अप के लिए कृपया हमारी गुरुवार की कार्डियोलॉजी ओपीडी में आएं।

फायदे

  • सीना खोले बिना बंद नस खुल जाती है
  • सीने का दर्द कम हो सकता है और चलने-फिरने व काम करने की ताकत बढ़ सकती है
  • दिल के दौरे में जल्दी नस खुलने से दिल की मांसपेशी बच सकती है
  • आमतौर पर अस्पताल में कम दिन, और बाईपास से जल्दी रिकवरी
  • नियमित फॉलो-अप, जांच और दवाएं हमारे अस्पताल में, घर के पास
संभावित जोखिम:

एंजियोप्लास्टी एक जाना-माना इलाज है, पर इसमें जोखिम हैं। छेद वाली जगह पर खून निकलना या नीला निशान, डाई से एलर्जी, या किडनी पर असर हो सकता है। कभी-कभी नस दोबारा सिकुड़ सकती है या स्टेंट में थक्का जम सकता है, इसीलिए खून पतला करने की दवा कभी नहीं छोड़नी चाहिए। दिल का दौरा, लकवा, धड़कन की गड़बड़ी या इमरजेंसी ऑपरेशन जैसी गंभीर दिक्कतें बहुत कम होती हैं। सलाह देने से पहले हमारे डॉक्टर आपके केस के जोखिम समझाते हैं।

गोपालगंज में एंजियोप्लास्टी की सलाह: खर्च और आयुष्मान कार्ड

हमारे अस्पताल में एंजियोप्लास्टी से जुड़ा खर्च असल में जांच और फॉलो-अप का खर्च है: कार्डियोलॉजी ओपीडी में परामर्श, और ज़रूरी जांच जैसे ईसीजी, ईको, टीएमटी, होल्टर और खून की जांच, साथ में अगर आप चाहें तो हमारी फार्मेसी से नियमित दवाएं। एंजियोप्लास्टी खुद उस सेंटर पर होती है और वहीं उसका बिल बनता है जहां हमारे डॉक्टर व्यवस्था करते हैं। वहां खर्च उस सेंटर, स्टेंट की संख्या और प्रकार, रुकावटों की संख्या, प्रोसीजर पहले से तय है या दिल के दौरे के बाद इमरजेंसी में, और अस्पताल में रुकने के दिनों पर निर्भर करता है। कृपया प्रोसीजर से पहले उस सेंटर से लिखित अनुमान ज़रूर लें। यहां होने वाली जांच का खर्च हमारा स्टाफ पहले बता देता है, इसके लिए +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। आयुष्मान भारत PM-JAY सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती वाले इलाज के लिए है, और हमारे अस्पताल का पैनल जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए है। इसलिए एंजियोप्लास्टी करने वाले सेंटर से पूछें कि वहां आयुष्मान कार्ड चलता है या नहीं, और हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र आपकी मदद कर सकता है।

स्टेंट के बाद फॉलो-अप के लिए मरीज हमारी गुरुवार की ओपीडी पर क्यों भरोसा करते हैं

स्टेंट के बाद की ज़िंदगी में घर के पास नियमित फॉलो-अप बहुत ज़रूरी है। हमारे अस्पताल में गुरुवार की कार्डियोलॉजी ओपीडी (डॉ. सी.के. यादव), ईसीजी, ईको, टीएमटी और होल्टर जांच, पैथोलॉजी लैब में खून की जांच और हमारी अपनी फार्मेसी, सब एक ही जगह हैं। इससे दिल, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और दवाओं की जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। जब एंजियोप्लास्टी ज़रूरी हो, तो हमारे डॉक्टर उसकी सलाह और व्यवस्था करते हैं। हमारे यहां 24x7 इमरजेंसी और आयुष्मान भारत सहायता केंद्र भी है। अपॉइंटमेंट के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें।

एंजियोप्लास्टी और स्टेंट: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गोपालगंज में एंजियोप्लास्टी की सलाह कहां मिलती है?

गोपालगंज स्थित हमारे अस्पताल में, हर गुरुवार डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) की कार्डियोलॉजी ओपीडी में। वे आपकी एंजियोग्राफी, ईको और खून की रिपोर्ट देखकर बताते हैं कि आपके लिए स्टेंट, सिर्फ दवा या बाईपास में से क्या सही है। एंजियोप्लास्टी ज़रूरी हो तो वे कैथ लैब वाले किसी सेंटर पर उसकी व्यवस्था करते हैं और बाद का फॉलो-अप यहीं देखते हैं। कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

एंजियोप्लास्टी कैसे होती है और कितना समय लगता है?

जगह सुन्न करके कलाई या जांघ के छोटे छेद से एक पतली नली दिल तक ले जाई जाती है। एक बारीक तार रुकावट के पार जाता है, छोटा गुब्बारा नस खोलता है, और उसे खुला रखने के लिए स्टेंट छोड़ दिया जाता है। जिस सेंटर पर यह होता है, वहां आमतौर पर 30 मिनट से 2 घंटे लगते हैं। पहले से तय प्रोसीजर में ज़्यादातर लोग 1 से 2 दिन रुकते हैं और लगभग एक हफ्ते में हल्के काम पर लौट आते हैं।

स्टेंट लगने के बाद दवा कौन सी और कितने समय तक लेनी होती है?

ज़्यादातर मरीज कुछ महीनों तक, अक्सर एक साल तक, खून पतला करने की दो दवाएं (आमतौर पर एस्पिरिन और एक और दवा) लेते हैं, फिर एक दवा जारी रहती है। कोलेस्ट्रॉल, बीपी और शुगर की दवाएं भी आम हैं। कौन सी दवा और कितने समय तक, यह आपके केस पर निर्भर है। खून पतला करने की दवा खुद से कभी बंद न करें, क्योंकि स्टेंट में थक्का जमने से दिल का दौरा पड़ सकता है।

क्या बिना ऑपरेशन के दिल की नस बंद का इलाज हो सकता है?

एंजियोप्लास्टी में सीना नहीं खोला जाता, इसलिए लोग इसे बिना ऑपरेशन का इलाज कहते हैं, पर यह भी कैथ लैब में होने वाला प्रोसीजर है और इसमें कुछ जोखिम हैं। हर रुकावट में स्टेंट की ज़रूरत भी नहीं होती: बहुत से मरीज सिर्फ दवा और रहन-सहन में बदलाव से ठीक रहते हैं, और कई या जटिल रुकावटों में बाईपास बेहतर होता है। हमारे डॉक्टर बताते हैं कि आपके लिए क्या सही है।

क्या स्टेंट लगने से दिल की बीमारी ठीक हो जाती है?

स्टेंट नस के एक सिकुड़े हिस्से को खोलता है, पर जिस बीमारी से रुकावट बनी, वह खत्म नहीं होती। नसों के दूसरे हिस्सों में फिर से कोलेस्ट्रॉल जम सकता है। इसलिए रोज़ दवा, तंबाकू पूरी तरह छोड़ना, शुगर और बीपी काबू में रखना, तेल-नमक कम खाना और रोज़ टहलना ज़रूरी है। इनके साथ बहुत से लोग एंजियोप्लास्टी के बाद सक्रिय, सामान्य ज़िंदगी जीते हैं।

स्टेंट के बाद परहेज क्या है? क्या खाएं और क्या न खाएं?

नमक, तेल, घी और मीठा कम करें। दाल, हरी सब्ज़ी, फल और मोटा अनाज खाएं, तली चीज़ें और बाहर का खाना कम करें। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी पूरी तरह छोड़ दें। शुगर और बीपी काबू में रखें, रोज़ टहलें, और खून पतला करने की दवा कभी खुद से बंद न करें। लगभग एक हफ्ते भारी सामान न उठाएं, और नियमित जांच के लिए हमारी गुरुवार की ओपीडी में आते रहें।

गोपालगंज में एंजियोप्लास्टी की सलाह और जांच का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

हमारे अस्पताल में आप परामर्श और ज़रूरी जांच, जैसे ईसीजी, ईको, टीएमटी या खून की जांच, का खर्च देते हैं, जो हमारा स्टाफ पहले बता देता है। एंजियोप्लास्टी का बिल उस सेंटर पर बनता है जहां यह होती है। वहां खर्च सेंटर, स्टेंट की संख्या और प्रकार, रुकावटों की संख्या, पहले से तय या इमरजेंसी इलाज, और रुकने के दिनों पर निर्भर करता है। कृपया उस सेंटर से लिखित अनुमान ले लें।

स्टेंट के बारे में सलाह के लिए गोपालगंज में सबसे अच्छा दिल का डॉक्टर कौन है?

हमारी सलाह है कि सही डिग्री और ईमानदार सलाह देखें। डॉ. सी.के. यादव के पास डीएम कार्डियोलॉजी की डिग्री है, जो दिल की बीमारियों की सुपर-स्पेशलिटी पढ़ाई है। वे हर गुरुवार हमारे अस्पताल में मरीज देखते हैं, जहां ईसीजी, ईको, टीएमटी और होल्टर यहीं होते हैं। वे समझाते हैं कि कब स्टेंट फायदा करता है, कब दवा काफी है और कब बाईपास बेहतर है, और एंजियोप्लास्टी के बाद फॉलो-अप भी देखते हैं। हमारे मरीज़ों के रिव्यू आप गूगल पर पढ़ सकते हैं।

मैं मोतिहारी या देवरिया से हूं। क्या स्टेंट के बाद का फॉलो-अप गोपालगंज में हो सकता है?

हां। मोतिहारी, सीवान, छपरा, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से बहुत से मरीज स्टेंट के बाद फॉलो-अप के लिए हमारी गुरुवार की कार्डियोलॉजी ओपीडी में आते हैं। कृपया एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की रिपोर्ट, डिस्चार्ज के कागज़ और सभी दवाएं साथ लाएं। ईसीजी, ईको, टीएमटी, होल्टर और खून की जांच हम यहीं करते हैं, और दवाएं हमारी फार्मेसी में मिल जाती हैं। समय लेने के लिए +91 72739 94786 पर कॉल करें।

क्या एंजियोप्लास्टी डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में होती है?

एंजियोप्लास्टी कैथ लैब में होती है, और हमारे यहां कैथ लैब नहीं है। हमारा काम इसके पहले की जांच और बाद की लंबी देखभाल है। डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) हर गुरुवार मरीज देखते हैं, और ईसीजी, ईको, टीएमटी और होल्टर जांच हमारे अस्पताल में होती है। ज़रूरत होने पर हमारे डॉक्टर किसी उपयुक्त सेंटर पर एंजियोप्लास्टी की सलाह और व्यवस्था करते हैं, और फॉलो-अप के लिए आप उन्हीं के पास लौटते हैं।

स्टेंट के बाद फिर से सीने में दर्द हो तो क्या करें?

अगर दर्द तेज़ हो, कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, या पसीना, सांस फूलना या बेहोशी साथ में हो, तो इसे दिल का दौरा मानकर चलें। कृपया तुरंत मदद बुलाएं और सबसे नज़दीकी इमरजेंसी वाले अस्पताल पहुंचें, ओपीडी के दिन का इंतज़ार न करें। अगर हल्का दर्द सिर्फ चलने पर हो और आराम से ठीक हो जाए, तो जल्दी ही हमारे दिल के डॉक्टर को दिखाएं।

क्या एंजियोप्लास्टी के बाद सामान्य ज़िंदगी जी सकते हैं?

ज़्यादातर लोग कुछ हफ्तों में रोज़ के काम, टहलने और परिवार की ज़िंदगी में लौट आते हैं। गाड़ी चलाना, भारी काम और सफर डॉक्टर की सलाह से दोबारा शुरू करें। नियमित टहलना दिल के लिए अच्छा है। सबसे ज़रूरी है रोज़ दवा लेना, तंबाकू पूरी तरह छोड़ना, शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल काबू में रखना, और नियमित जांच कराना।

इससे जुड़े इलाज

एंजियोग्राफी

एंजियोग्राफी एक एक्स-रे जांच है, जिससे दिल की नसों में रुकावट (ब्लॉकेज) का पता चलता है। हमारे दिल के डॉक्टर पहले हमारी ओपीडी में आपकी जांच करते हैं और ज़रूरत होने पर ही इसकी सलाह और व्यवस्था करते हैं।

ईसीजी और ईको

ईसीजी और ईको दिल की आसान जांचें हैं, जो हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में करते हैं। ज़्यादातर लोगों को कोई तैयारी नहीं करनी पड़ती, और रिपोर्ट हमारे दिल के डॉक्टर डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) देखते हैं।

टीएमटी और होल्टर

टीएमटी से पता चलता है कि मेहनत के समय दिल कैसे काम करता है, और होल्टर 24 घंटे हर धड़कन रिकॉर्ड करता है। दोनों जांच हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में करते हैं, और रिपोर्ट हमारे डीएम कार्डियोलॉजिस्ट देखते हैं।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

अपॉइंटमेंट बुक करें

अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

पूरी जानकारी

गूगल पर मरीज़ों की राय

मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।

4.4
कुल 84 गूगल रिव्यू (तारीख 1 Oct 2026)
  • zaheer udddinजून 2024
    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

मुफ़्त परामर्श के लिए संपर्क करें

अपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।

कॉल करेंव्हाट्सऐप