डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारे बहुत से मरीज़ गोपालगंज ज़िले के गांवों से, सीवान, छपरा, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण से, और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया से आते हैं। दूर से आने पर एक रिपोर्ट भूल जाना या ऑपरेशन की सुबह गलती से खाना खा लेना, एक दिन और रुकने, दोबारा आने या ऑपरेशन टलने की वजह बन सकता है। ऑपरेशन से पहले की तैयारी की यह चेकलिस्ट हमारी टीम ने इसीलिए बनाई है, ताकि आप ऐसी परेशानियों से बच सकें।
हमारे सर्जन आपके हिसाब से जो निर्देश दें, वही सबसे पहले मानें।
1. निकलने से पहले: रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजें
- अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी स्कैन, खून की रिपोर्ट और पुरानी पर्ची की साफ़ फ़ोटो खींचें।
- कृपया इन्हें +91 72739 94786 पर हमें व्हाट्सऐप करें और ओपीडी का समय पूछें।
- पूछ लें कि कौन-सी जांच पहले करा लें और कौन-सी अस्पताल में होगी। इससे एक दिन बच सकता है।
- यह भी पूछें कि ओपीडी वाले दिन खाली पेट आना है या नहीं, ताकि ज़रूरत हो तो ऑपरेशन जल्दी हो सके।
2. कौन-से कागज़ और रिपोर्ट साथ लाएं
- सारी असली रिपोर्ट, स्कैन की फ़िल्म और सीडी, पुरानी भी
- पहले हुए किसी ऑपरेशन की पर्ची और डिस्चार्ज समरी
- दिल, शुगर, थायरॉइड या किडनी की बीमारी हो तो उसके इलाज की रिपोर्ट
- मरीज़ का आधार कार्ड, और आयुष्मान कार्ड हो तो वह भी
- मरीज़ के आधार से जुड़ा मोबाइल फ़ोन, OTP के लिए
सब कुछ एक प्लास्टिक फ़ोल्डर में रखें, ताकि रास्ते में भीगे या खोए नहीं।
3. सारी दवाओं की लिस्ट बनाएं
हर दवा का नाम, ताकत और खाने का समय लिख लें, या दवा के पत्ते और शीशी साथ ले आएं। इन दवाओं के बारे में हमारे डॉक्टर को ज़रूर बताएं:
- खून पतला करने की दवा: जैसे एस्पिरिन, क्लोपिडोग्रेल, वारफ़रिन, या हार्ट अटैक, लकवा या स्टेंट के बाद दी गई दवाएं। ऑपरेशन से पहले इनमें से कुछ रोकनी या बदलनी पड़ सकती हैं, पर सिर्फ़ आपके सर्जन और दवा लिखने वाले डॉक्टर की सलाह से। अपने मन से कभी बंद न करें।
- शुगर की गोली और इंसुलिन: खाली पेट वाले दिन अक्सर इसकी मात्रा बदलनी पड़ती है, ताकि शुगर कम न हो जाए।
- बीपी की दवा: बहुत सी दवाएं ऑपरेशन की सुबह पानी के एक घूंट से ली जाती हैं, पर पहले पूछ लें।
- थायरॉइड, दमा और मिर्गी की दवा, और कोई भी जड़ी-बूटी या आयुर्वेदिक दवा
4. ऑपरेशन से पहले खाली पेट
बेहोशी या सुन्न करने वाले ज़्यादातर ऑपरेशन में पेट खाली होना ज़रूरी है, ताकि खाना उलटकर फेफड़ों में न जाए। हमारी टीम आपको सही समय बताएगी। आमतौर पर:
- ऑपरेशन से लगभग 6 से 8 घंटे पहले से, या डॉक्टर के बताए समय से, कुछ न खाएं।
- सादा पानी थोड़ा देर तक मिल सकता है, पर सिर्फ़ तब जब हमारी टीम कहे।
- ऑपरेशन वाले दिन गुटखा, खैनी या पान न खाएं।
- शुगर के मरीज़ पूछ लें कि खाली पेट में पसीना, कंपकंपी या घबराहट जैसी शुगर कम होने की निशानी हो तो क्या करें।
5. एक या दो अटेंडेंट काफ़ी हैं
एक या दो समझदार बड़े लोग साथ लाएं, जो पूरे समय अस्पताल में रह सकें। वार्ड में ज़्यादा भीड़ से हमारी नर्सों को काम में दिक्कत होती है, इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है और मरीज़ थक जाता है। अटेंडेंट को:
- मरीज़ की बीमारियां और दवाएं पता होनी चाहिए
- ज़रूरत पड़ने पर मरीज़ के साथ सहमति (कंसेंट) के कागज़ पर दस्तख़त करने लायक होना चाहिए
- आने-जाने, खाने और दूसरी ज़रूरतों के लिए कुछ पैसे साथ रखने चाहिए
महिला मरीज़ के साथ एक महिला अटेंडेंट हो तो अच्छा रहता है।
6. बैग में क्या रखें
- ढीले, साफ़, आगे से खुलने वाले सूती कपड़े, और तौलिया या गमछा
- फिसलने से बचाने वाली चप्पल
- ब्रश, साबुन, कंघी, स्टील का गिलास और टिफ़िन या थाली
- पानी की बोतल, और चार्ज किया हुआ फ़ोन व चार्जर
- महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड
- मरीज़ का चश्मा, छड़ी या सुनने की मशीन, अगर इस्तेमाल करते हों
7. क्या न लाएं
- सोने के गहने, ज़्यादा नकद पैसा या कीमती सामान
- ऑपरेशन के बाद मरीज़ के लिए बाहर का खाना, जब तक हमारी टीम न कहे
- जहां तक हो सके, छोटे बच्चों को मिलने के लिए न लाएं
- तंबाकू, गुटखा या शराब
ऑपरेशन के दिन हो सके तो नहा लें, और सारे गहने, नेल पॉलिश और मेकअप हटा दें।
8. रहने का इंतज़ाम पहले से करें
दूर रहते हैं तो पहले से सोच लें कि अटेंडेंट कहां रुकेगा और कहां खाएगा। कुछ ऑपरेशन के लिए मरीज़ को एक दिन पहले बुलाया जा सकता है, ताकि जांच और बेहोशी के डॉक्टर की जांच हो सके। कृपया हमारी टीम से पहले ही पूछ लें कि कितने दिन की तैयारी करें। पित्त की थैली या हर्निया जैसे कई तय लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन में आमतौर पर 1 से 2 दिन रुकना होता है, पर यह ऑपरेशन और आपकी हालत पर निर्भर है।
9. घर जाने से पहले फॉलो-अप तय करें
- छुट्टी से पहले दवा, पट्टी, खान-पान और नहाने के बारे में अच्छे से समझ लें।
- टांके कटने या फॉलो-अप की तारीख लिख लें। DJ स्टेंट या पेशाब की नली लगी हो तो उसे निकालने की तारीख भी लिखें।
- पूछ लें कि पट्टी घर के पास किसी डॉक्टर से करा सकते हैं या नहीं, ताकि छोटी बात के लिए सफ़र न करना पड़े।
- हमारे अस्पताल का नंबर सेव कर लें, और पूछ लें कि फ़ोटो या रिपोर्ट हमें व्हाट्सऐप पर कब भेज सकते हैं।
- डिस्चार्ज समरी संभालकर रखें, आगे किसी भी इलाज में इसकी ज़रूरत पड़ती है।
आयुष्मान कार्ड है तो
कार्ड और मरीज़ का आधार साथ लाएं, और ओपीडी के बाद हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से मिलें। हमारा सहायता केंद्र देखता है कि आपका इलाज योजना के पैकेज नियम, हमारी सूची और आपकी पात्रता के हिसाब से शामिल है या नहीं। 2025 के मध्य तक की जानकारी के अनुसार हम जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए सूचीबद्ध हैं। कृपया हमारी आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन की आसान गाइड पढ़ें।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
ऑपरेशन से पहले मरीज़ को इनमें से कुछ भी हो तो तय तारीख का इंतज़ार न करें:
- पेट में तेज़ दर्द, बार-बार उल्टी, या सूजन का सख्त और दर्द वाला हो जाना
- तेज़ बुखार, या पीलिया (आंखें पीली)
- सीने में दर्द या सांस फूलना
- खून बहना जो रुके नहीं
सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों से गोपालगंज में ऑपरेशन की तैयारी कर रहे मरीज़ डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर से परामर्श ले सकते हैं, और बहुत से मरीज़ आने से पहले अपनी रिपोर्ट हमें व्हाट्सऐप पर भेज देते हैं। अगर आप सबसे आम तय ऑपरेशनों में से किसी के लिए आ रहे हैं, तो पढ़ें: दूरबीन से पित्त की थैली की पथरी का ऑपरेशन।
ऊपर बताए लक्षण हों तो नज़दीकी इमरजेंसी में जाएं, या हमसे संपर्क करें, हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली है। आने की योजना बनाने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। ज़्यादा जानकारी: पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन, दूरबीन से हर्निया का ऑपरेशन और हमारी मरीज़ गाइड।





