बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद सावधानियां सही तरह से रखी जाएं तो रिकवरी आसान और सुरक्षित रहती है। दूरबीन से बच्चेदानी निकालने के बाद ज़्यादातर महिलाएं 2 से 3 दिन में घर चली जाती हैं और लगभग 2 हफ़्ते में घर का हल्का काम करने लगती हैं। लेकिन अंदर के टांके मज़बूत होने में कई हफ़्ते लगते हैं, इसलिए जल्दबाज़ी ठीक नहीं। नीचे हमारी सर्जिकल टीम बता रही है कि क्या सामान्य है, घर पर क्या सावधानी रखें, संबंध कब बना सकते हैं, खून आने के कौन से संकेत खतरे वाले हैं, और मन की सेहत का ध्यान कैसे रखें।
बच्चेदानी का ऑपरेशन दूरबीन द्वारा कैसे होता है?
दूरबीन से बच्चेदानी निकालने के ऑपरेशन (टोटल लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी, TLH) में सर्जन पेट पर 3 से 4 छोटे छेद करके स्क्रीन पर देखते हुए ऑपरेशन करते हैं। बच्चेदानी की खून की नसें बंद की जाती हैं, बच्चेदानी को अलग करके योनि के रास्ते बाहर निकाला जाता है, और योनि के ऊपरी सिरे को टांकों से बंद किया जाता है। ऑपरेशन के बाद माहवारी बंद हो जाती है और गर्भ ठहरना संभव नहीं रहता। निकाली गई बच्चेदानी माइक्रोस्कोप से जांच (हिस्टोपैथोलॉजी) के लिए भेजी जाती है। अगर आप अभी तय कर रही हैं कि ऑपरेशन ज़रूरी है या नहीं, तो बच्चेदानी का ऑपरेशन कब ज़रूरी है वाला लेख पढ़ें।
बच्चेदानी का ऑपरेशन होने के बाद हफ़्ते-दर-हफ़्ते रिकवरी
अस्पताल में (आमतौर पर 2 से 3 दिन)
पेशाब की नली (कैथेटर) आमतौर पर थोड़े समय के लिए रखी जाती है। एक दिन के अंदर आपको सहारा देकर चलाया जाता है, जिससे खून के थक्के और छाती के इन्फेक्शन का खतरा कम होता है। हमारी टीम की सलाह के अनुसार पहले तरल और फिर हल्का खाना शुरू होता है। एक-दो दिन छोटे छेदों के आसपास दर्द, और दूरबीन में इस्तेमाल होने वाली गैस की वजह से कंधे में दर्द आम है।
पहला और दूसरा हफ़्ता
थकान सामान्य है। दिन में कई बार घर के अंदर और थोड़ा बाहर टहलें, और बीच-बीच में आराम करें। योनि से हल्के धब्बे या भूरा सा स्राव आम है। दूसरे हफ़्ते के आख़िर तक ज़्यादातर महिलाएं चाय बनाना या कपड़े तह करना जैसे हल्के काम कर लेती हैं।
तीसरे से छठे हफ़्ते तक
ताकत धीरे-धीरे लौटती है। रोज़ थोड़ा ज़्यादा टहलें, और भारी काम व वज़न उठाने से बचती रहें। बहुत सी महिलाएं 4 से 6 हफ़्ते में काफ़ी बेहतर महसूस करती हैं, हालांकि पूरी ताकत लौटने में 6 से 8 हफ़्ते लग सकते हैं।
लगभग 6 हफ़्ते के बाद
फॉलो-अप जांच के बाद, हमारे सर्जन की सलाह के अनुसार, ज़्यादातर महिलाएं धीरे-धीरे भारी काम और खेत का काम भी शुरू कर देती हैं।
बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद सावधानियां
- लगभग 6 हफ़्ते भारी वज़न न उठाएं: पानी की बाल्टी, गैस सिलेंडर, अनाज की बोरी और छोटे बच्चों को उठाने से बचें।
- ज़ोर न लगाएं: रेशेदार खाना खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, और कब्ज़ हो तो हमसे मल नरम करने की दवा के बारे में पूछें। पुरानी खांसी हो तो उसका इलाज करवाएं।
- टहलती रहें: दिन भर बिस्तर पर लेटे रहने से छोटी-छोटी सैर बेहतर है।
- घाव की देखभाल: छोटे छेद साफ़ और सूखे रखें। सलाह के अनुसार एक-दो दिन बाद नहा सकती हैं; घाव भरने तक तालाब या टब में न नहाएं।
- योनि में कुछ न डालें: हमारे सर्जन के कहने तक योनि के अंदर धुलाई, कपड़ा या कोई घरेलू नुस्खा न करें।
- खान-पान: दाल, अंडा, दूध, पनीर, मछली जैसा प्रोटीन, और हरी पत्तेदार सब्ज़ियां व चना जैसी आयरन वाली चीज़ें खाएं, ख़ासकर अगर ज़्यादा खून जाने से खून की कमी थी। आयरन की गोली लिखी हो तो ज़रूर लें।
- सफ़र: छोटे सफ़र ठीक हैं, पर पहले 1 से 2 हफ़्ते हो सके तो लंबे, ऊबड़-खाबड़ सफ़र से बचें।
संबंध कब बना सकते हैं?
योनि के ऊपरी सिरे के टांकों को भरने में समय लगता है। ज़्यादातर सर्जन कम से कम 6 हफ़्ते रुकने की सलाह देते हैं, और कुछ इससे ज़्यादा, लगभग 12 हफ़्ते तक। जब तक हमारे सर्जन जांच करके सुरक्षित न बताएं, कृपया इंतज़ार करें। पूरी तरह ठीक होने के बाद, जिन महिलाओं का वैवाहिक जीवन ऑपरेशन से पहले सामान्य था, उनका आमतौर पर बाद में भी सामान्य रहता है, और जिन्हें ज़्यादा खून आने या दर्द की वजह से परेशानी थी, उनमें से कुछ को सुधार भी महसूस होता है। दर्द या सूखापन हो तो कृपया हमें बताएं, इसमें अक्सर मदद हो सकती है।
बच्चेदानी निकालने के बाद खून आना: क्या सामान्य है, क्या नहीं
आमतौर पर सामान्य: हल्के धब्बे, या गुलाबी, भूरा या पीला सा स्राव जो पहले कुछ हफ़्तों में धीरे-धीरे कम होता जाए। यह लगभग 6 हफ़्ते तक रह सकता है, और सामान्य माहवारी से हल्का होना चाहिए।
सामान्य नहीं, डॉक्टर को दिखाएं:
- माहवारी जितना या उससे ज़्यादा खून, या थक्के आना
- बदबूदार स्राव, या स्राव के साथ बुखार
- योनि से अचानक ज़्यादा पानी जैसा स्राव, या पेशाब का रिसना
- रुकने के बाद फिर से चटक लाल खून आना
हार्मोन और अंडाशय
अगर अंडाशय (ओवरी) नहीं निकाले गए, तो माहवारी बंद होने के बावजूद हार्मोन आमतौर पर पहले की तरह बनते रहते हैं। अगर माहवारी बंद होने की उम्र से पहले दोनों अंडाशय निकाले गए, तो ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही अचानक गर्मी लगना, पसीना, नींद ठीक न आना, मूड बदलना या योनि में सूखापन जैसे लक्षण शुरू हो सकते हैं। ऐसे लक्षण कृपया हमें बताएं, इनमें मदद के तरीके हैं।
मन की सेहत का भी ध्यान रखें
पहले कुछ हफ़्तों में उदासी, रोना आना या चिड़चिड़ापन आम है। कुछ महिलाओं को कुछ खो देने जैसा लगता है, ख़ासकर अगर और बच्चे की इच्छा थी, और कुछ को डर होता है कि वे कमज़ोर हो जाएंगी। बच्चेदानी निकालने से महिला कमज़ोर नहीं होती; ठीक होने के बाद ज़्यादातर महिलाएं घर, खेत और बाहर का अपना सामान्य काम करती हैं। परिवार का साथ बहुत मायने रखता है: कुछ हफ़्ते घर के भारी काम बांट लेने से जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। अगर उदासी 2 हफ़्ते से ज़्यादा रहे, या नींद, भूख और रोज़ के कामकाज पर असर डाले, तो कृपया हमें ज़रूर बताएं। यह भी दूसरी बीमारियों की तरह एक स्वास्थ्य समस्या है, और इसका इलाज होता है।
खर्च और आयुष्मान कार्ड
खर्च ऑपरेशन के प्रकार, जांचों, भर्ती के दिनों और कमरे पर निर्भर करता है, और भर्ती से पहले हम यह साफ़ बता देते हैं। मध्य 2025 तक स्त्री रोग (गायनी) के पैकेज हमारे अस्पताल के आयुष्मान भारत PM-JAY पैनल में शामिल नहीं थे। कार्ड वाली मरीज़ मौजूदा स्थिति कृपया हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से ज़रूर पूछ लें।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
दिन हो या रात, कृपया तुरंत हमारे पास आएं अगर:
- योनि से ज़्यादा खून आए या थक्के आएं
- बुखार हो, या बदबूदार स्राव हो
- पेट में तेज़ या बढ़ता दर्द, पेट फूलना, या बार-बार उल्टी हो
- पेशाब में जलन, पेशाब करने में दिक्कत, या पेशाब रिसना
- किसी छेद पर लाली, सूजन या मवाद
- पैर में दर्द के साथ सूजन, सांस फूलना या सीने में दर्द
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में दूरबीन से और पेट खोलकर बच्चेदानी का ऑपरेशन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जो हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन हैं और 16 साल से ज़्यादा अनुभव वाले लेप्रोस्कोपिक, लेज़र, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए बच्चेदानी का दूरबीन से ऑपरेशन और, बच्चेदानी खिसकने की स्थिति में, योनि मार्ग से बच्चेदानी का ऑपरेशन वाले पेज देखें। दूरबीन ऑपरेशन के बाद की आम सलाह के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद रिकवरी वाला लेख पढ़ें। फॉलो-अप सलाह या ओपीडी के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।



