
डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम दूरबीन (कैमरे) से पेट के अंदर की जांच करते हैं, ताकि बिना वजह के पेट दर्द का कारण पता चले, बायोप्सी ली जा सके, या पेट की टीबी और बच्चा न होने की वजह देखी जा सके।
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम परिवार पूरा होने पर स्थायी परिवार नियोजन के लिए दूरबीन से दोनों नलियां बंद करने का ऑपरेशन करते हैं, पूरी काउंसलिंग और लिखित सहमति के बाद ही।
जिन महिलाओं और दंपतियों का परिवार पूरा हो चुका है और जो गोपालगंज में महिला नसबंदी का ऑपरेशन करवाना चाहते हैं, उनके लिए हम दूरबीन से यह सुरक्षित और स्थायी परिवार नियोजन ऑपरेशन करते हैं। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में यह ऑपरेशन नाभि के पास छोटे चीरे से, पूरी काउंसलिंग और महिला की अपनी लिखित सहमति के बाद ही किया जाता है। इसे हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जो लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं, जिन्हें 16+ साल का अनुभव है और जो 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। ऑपरेशन से पहले हम आपको साफ-साफ बताते हैं कि दूरबीन से नसबंदी कैसे होती है, नसबंदी के बाद परहेज क्या है और खर्च किन बातों पर निर्भर करता है। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया से भी महिलाएं हमारे यहां आती हैं। दंपति डॉ. ठाकुर पर इसलिए भरोसा करते हैं क्योंकि वे बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रह चुके हैं, ईमानदार इलाज के लिए जाने जाते हैं, और पति-पत्नी दोनों के सवालों का धैर्य से जवाब देते हैं। पति-पत्नी सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक साथ में हमारी ओपीडी में आ सकते हैं। पहले कुछ पूछना हो तो कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।
ट्यूबेक्टोमी, जिसे महिला नसबंदी या स्त्री बंध्याकरण भी कहते हैं, परिवार नियोजन का स्थायी तरीका है। यह उन महिलाओं के लिए है जो पक्का तय कर चुकी हैं कि उन्हें और बच्चे नहीं चाहिए। हर महीने अंडाशय से एक अंडा फैलोपियन ट्यूब (नली) से होकर बच्चेदानी की ओर जाता है। इस ऑपरेशन में हम दोनों नलियां बंद कर देते हैं, ताकि अंडा और शुक्राणु मिल न सकें और गर्भ न ठहरे।
लेप्रोस्कोपिक ट्यूबेक्टोमी में हमारे सर्जन नाभि के पास एक छोटे चीरे से दूरबीन (लेप्रोस्कोप) डालकर नलियां देखते हैं और हर नली को बंद करते हैं, आमतौर पर एक छोटे छल्ले (रिंग) या क्लिप से, या उसे सील करके। कोई बड़ा चीरा नहीं लगता, और ज़्यादातर महिलाएं उसी दिन या अगले दिन घर चली जाती हैं।
हम चाहते हैं कि हर महिला यह भी साफ समझे कि यह ऑपरेशन क्या नहीं है। यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। इसमें बच्चेदानी या अंडाशय नहीं निकाले जाते, इसलिए माहवारी होती रहती है, और इससे कमज़ोरी नहीं आती। यह यौन रोगों से भी बचाव नहीं करता।


नसबंदी मजबूरी नहीं, आपकी अपनी पसंद है। यह उस महिला के लिए सही है जिसका परिवार पूरा हो चुका है और जिसने बिना किसी दबाव के अपनी मर्ज़ी से यह फैसला लिया है। महिला की अपनी लिखित सहमति ज़रूरी है, और ऑपरेशन से पहले हम यह सहमति लेते हैं। हम पति-पत्नी दोनों को साथ आकर काउंसलिंग लेने की सलाह देते हैं, ताकि दोनों समझें कि यह ऑपरेशन स्थायी है। काउंसलिंग में हम कॉपर-टी, गोलियां, इंजेक्शन, या पति की नसबंदी (वेसेक्टोमी) जैसे दूसरे विकल्प भी समझाते हैं।
समय का ध्यान रखना ज़रूरी है। हम ऑपरेशन आमतौर पर माहवारी खत्म होने के कुछ दिन बाद, चक्र के शुरुआती हिस्से में करते हैं, और उससे पहले प्रेगनेंसी टेस्ट करते हैं। डिलीवरी के बाद दूरबीन से नसबंदी आमतौर पर लगभग 6 हफ्ते बाद की जाती है, जब बच्चेदानी अपने सामान्य आकार में लौट आती है। खून की जांच और शारीरिक जांच से हम देखते हैं कि आप ऑपरेशन के लिए फिट हैं।
ज़्यादातर महिलाएं कुछ घंटों में चलने लगती हैं और उसी दिन सामान्य खाना खा सकती हैं। 1 से 2 दिन पेट या कंधे में हल्का दर्द आम है। कृपया छोटे घाव को साफ और सूखा रखें। हल्का काम आमतौर पर 2 से 3 दिन में शुरू हो जाता है, पर लगभग एक हफ्ते तक भारी वज़न न उठाएं। पति के साथ संबंध आमतौर पर लगभग एक हफ्ते बाद, या जब आप सहज महसूस करें, हमारी सलाह के अनुसार शुरू कर सकती हैं। फॉलो-अप के लिए हमारे पास ज़रूर आएं। आगे कभी माहवारी रुके तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि नसबंदी के बाद गर्भ कम ही ठहरता है, पर ठहरे तो नली में (एक्टोपिक) हो सकता है।
खाना और परहेज: आमतौर पर आप उसी दिन घर का सामान्य खाना खा सकती हैं। कब्ज़ से बचने के लिए भरपूर पानी पिएं और दाल, सब्ज़ी और फल खाएं। नसबंदी के बाद परहेज के नाम पर आमतौर पर खाने में कोई खास रोक नहीं होती।
आराम और काम: कुछ घंटों में चलना शुरू कर दें। हल्का काम आमतौर पर 2 से 3 दिन में शुरू हो जाता है। लगभग एक हफ्ते तक भारी वज़न न उठाएं। पति-पत्नी संबंध आमतौर पर लगभग एक हफ्ते बाद, या जब आप सहज महसूस करें, हमारी सलाह के अनुसार शुरू कर सकते हैं।
टांका: छोटे घाव को साफ और सूखा रखें। नहाना कब शुरू करें, यह हमारी टीम आपको बताएगी। 1 से 2 दिन पेट या कंधे में हल्का दर्द आम है।
इन बातों पर तुरंत आएं: बुखार, पेट में बढ़ता दर्द, घाव से खून या मवाद, या चक्कर आकर गिरने पर कृपया तुरंत +91 72739 94786 पर कॉल करें या हमारे हॉस्पिटल आएं। आगे कभी माहवारी छूट जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि नसबंदी के बाद कभी-कभार होने वाला गर्भ नली में (एक्टोपिक) हो सकता है।
नसबंदी आम और आमतौर पर सुरक्षित ऑपरेशन है, फिर भी हर ऑपरेशन की तरह इसके कुछ जोखिम हैं। इनमें खून बहना, चीरे पर इंफेक्शन, बेहोशी की दवा से रिएक्शन, और बहुत कम मामलों में आंत, मूत्राशय या खून की नस में चोट शामिल है, जिसमें बड़ा ऑपरेशन करना पड़ सकता है। बाद में गर्भ ठहरने की छोटी संभावना रहती है। अगर गर्भ ठहरे तो उसके नली में (एक्टोपिक) होने की संभावना ज़्यादा होती है, जो इमरजेंसी है। नलियां दोबारा जोड़ना मुश्किल है, हमेशा संभव नहीं और हमेशा सफल नहीं, इसलिए फैसला पक्का होना चाहिए। सही काउंसलिंग, पूरी जांच और हमारी अनुभवी सर्जिकल टीम के साथ हम इन जोखिमों को कम रखने की पूरी कोशिश करते हैं।
दंपति अक्सर हमसे महिला नसबंदी का खर्च पूछते हैं। हम वेबसाइट पर कोई तय रकम नहीं लिखते, क्योंकि खर्च आपके केस पर निर्भर करता है। यह इन बातों से तय होता है: बेहोशी का तरीका (अक्सर लोकल एनेस्थीसिया के साथ हल्की बेहोशी, या जनरल एनेस्थीसिया), प्रेगनेंसी टेस्ट और खून की जांच जैसी जांचें, उसी दिन छुट्टी होगी या रात रुकना होगा, प्राइवेट रूम या जनरल वार्ड, और दवाइयां। ओपीडी में सलाह के बाद, ऑपरेशन से पहले हम आपको लिखित में साफ अनुमान देते हैं। कोई सवाल हो तो कृपया पहले +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।
आयुष्मान कार्ड: हमारा हॉस्पिटल लगभग जनवरी 2022 से जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए आयुष्मान भारत PM-JAY में सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) है, और जुलाई 2025 में इसका नवीनीकरण हुआ। 2025 के मध्य तक स्त्री रोग (गायनी) के पैकेज, जिनमें नसबंदी भी है, हमारे एम्पैनलमेंट में शामिल नहीं थे, इसलिए हो सकता है कि हमारे यहां यह ऑपरेशन योजना में कवर न हो। यह स्थिति बदल सकती है, इसलिए कृपया हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से मौजूदा स्थिति ज़रूर पूछें।
दूरबीन से महिला नसबंदी उन प्रक्रियाओं में से एक है जो हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में करते हैं। यह ऑपरेशन हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। वे लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं, उन्हें 16+ साल का अनुभव है, वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं और बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रह चुके हैं। वे ईमानदार इलाज और साफ बातचीत के लिए जाने जाते हैं, जो इतने निजी फैसले में बहुत मायने रखता है।
पैथोलॉजी जांच, हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ और प्राइवेट कमरे, सब एक ही जगह उपलब्ध हैं। ऑपरेशन तय होने से पहले पति-पत्नी साथ में हमारी ओपीडी आकर हर सवाल पूछ सकते हैं। कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें या हमारी ओपीडी में आएं। आयुष्मान कार्ड वाले मरीज़ इस प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछ सकते हैं।
काउंसलिंग, लिखित सहमति और प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आने के बाद हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ बेहोशी देते हैं, अक्सर लोकल एनेस्थीसिया के साथ हल्की बेहोशी या जनरल एनेस्थीसिया। फिर हमारे मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर नाभि के पास छोटा चीरा लगाकर पेट में गैस भरते हैं और दूरबीन से दोनों नलियों को आमतौर पर छोटे छल्ले या क्लिप से बंद कर देते हैं। इसमें आमतौर पर 15 से 30 मिनट लगते हैं।
नसबंदी को स्थायी ही मानें। नलियां दोबारा जोड़ने का ऑपरेशन कभी-कभी संभव है, पर यह बड़ा ऑपरेशन है, हर जगह नहीं होता, और उसके बाद गर्भ ठहरना पक्का नहीं होता। इसीलिए हम ऑपरेशन से पहले हर महिला की काउंसलिंग करते हैं। हमारी सलाह है कि यह फैसला तभी लें जब आप पक्का तय कर चुकी हों कि आपको और बच्चे नहीं चाहिए।
नसबंदी में सिर्फ नलियां बंद की जाती हैं। बच्चेदानी और अंडाशय नहीं निकाले जाते, इसलिए हार्मोन बनते रहते हैं और माहवारी होती रहती है। इससे कमज़ोरी नहीं आती और यह सीधे तौर पर मोटापा नहीं बढ़ाती। ज़्यादातर महिलाएं कुछ ही दिनों में सामान्य काम पर लौट आती हैं। ऑपरेशन के बाद कोई असामान्य परेशानी लगे तो कृपया फॉलो-अप पर डॉ. ठाकुर से बात करें।
महिला की अपनी लिखित सहमति ज़रूरी है, और फैसला उसका अपना, बिना किसी दबाव के होना चाहिए। हम पति-पत्नी दोनों को साथ में काउंसलिंग के लिए आने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह पूरे परिवार के लिए स्थायी फैसला है। काउंसलिंग में हम दूसरे विकल्प भी बताते हैं, जैसे कॉपर-टी, गोलियां, इंजेक्शन, या पति की नसबंदी (वेसेक्टोमी), जो पुरुषों का छोटा ऑपरेशन है।
हम यह ऑपरेशन आमतौर पर माहवारी के कुछ दिन बाद, चक्र के शुरुआती हिस्से में, प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आने पर करते हैं। डिलीवरी के बाद दूरबीन से नसबंदी आमतौर पर लगभग 6 हफ्ते बाद की जाती है। अगर आप अभी पूरी तरह पक्का नहीं हैं कि अब कभी बच्चा नहीं चाहिए, तो हमारी सलाह है कि फिलहाल कोई अस्थायी तरीका अपनाएं और बाद में फैसला करें।
ज़्यादातर महिलाएं कुछ घंटों में चलने लगती हैं, उसी दिन सामान्य खाना खाती हैं, और उसी दिन या अगले दिन घर चली जाती हैं। 1 से 2 दिन पेट या कंधे में हल्का दर्द आम है। हल्का काम आमतौर पर 2 से 3 दिन में शुरू हो जाता है, और लगभग एक हफ्ते तक भारी वज़न नहीं उठाना चाहिए। कृपया फॉलो-अप के लिए हमारे पास ज़रूर आएं।
खाने में आमतौर पर कोई खास परहेज नहीं होता, घर का सामान्य खाना और भरपूर पानी लें। छोटे घाव को साफ और सूखा रखें, और नहाने के बारे में हमारी टीम से पूछ लें। लगभग एक हफ्ते भारी वज़न न उठाएं। बुखार, बढ़ता दर्द, या घाव से खून या मवाद आए तो कृपया तुरंत हमारे पास आएं। आगे कभी माहवारी छूटे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
खर्च बेहोशी के तरीके, प्रेगनेंसी टेस्ट और खून की जांच जैसी जांचों, उसी दिन छुट्टी होगी या रात रुकना होगा, आप प्राइवेट रूम लेते हैं या जनरल वार्ड, और दवाइयों पर निर्भर करता है। हम वेबसाइट पर तय रकम नहीं बताते। ओपीडी में सलाह के बाद, ऑपरेशन से पहले हम आपको लिखित अनुमान देते हैं। कोई सवाल हो तो कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।
2025 के मध्य तक डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल के आयुष्मान भारत PM-JAY एम्पैनलमेंट (योजना से जुड़ाव) में स्त्री रोग (गायनी) के पैकेज शामिल नहीं थे, इसलिए हो सकता है कि हमारे यहां नसबंदी योजना में कवर न हो। यह स्थिति बदल सकती है, इसलिए कृपया हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से मौजूदा स्थिति ज़रूर पूछें, और आयुष्मान कार्ड व आधार कार्ड साथ लाएं। कोई भी खर्च हम प्रक्रिया से पहले साफ-साफ समझा देते हैं।
हमारी राय में अच्छा वही हॉस्पिटल है जहां अनुभवी लेप्रोस्कोपिक सर्जन आपको ठीक से समझाएं और सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करें। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में नसबंदी हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। उन्हें 16+ साल का अनुभव है, वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं, बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रह चुके हैं और आईजीआईएमएस पटना में काम कर चुके हैं। वे ईमानदार इलाज और साफ बातचीत के लिए जाने जाते हैं। आप हमारे मरीज़ों के रिव्यू हमारी वेबसाइट और गूगल पर पढ़ सकते हैं।
हां, ज़रूर। सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से महिलाएं दूरबीन से नसबंदी के लिए हमारे पास, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज आती हैं। पति-पत्नी पहले +91 72739 94786 पर कॉल करें, फिर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक काउंसलिंग के लिए साथ में हमारी ओपीडी आएं। कृपया आधार कार्ड और पुरानी रिपोर्ट साथ लाएं। हम ऑपरेशन आमतौर पर माहवारी के कुछ दिन बाद रखते हैं, और सही तारीख चुनने में हमारी टीम आपकी मदद करेगी।
अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।
यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026
मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।
I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands,
Very Well Experienced Doctor
Well Behaved Staffs
Nice Arrangements
& Most Important, Very Easy Procedure.
Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।
My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।
डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा हैअपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।