
पित्त की थैली का ऑपरेशन
पित्त की थैली में पथरी होने पर लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) द्वारा छोटे चीरों से पूरी थैली निकालना। गोपालगंज के हमारे हॉस्पिटल में यह ऑपरेशन हमारे मुख्य सर्जन डॉ. आर. के. ठाकुर करते हैं।
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम पित्त की मुख्य नली (CBD) से पथरी निकालने का ऑपरेशन करते हैं, आमतौर पर पित्त की थैली निकालने के साथ। आपके केस के हिसाब से यह खुला या दूरबीन से होता है।
अगर पथरी पित्त की नली में फंस गई है और आपकी आंखें पीली हो गई हैं, खुजली है या दर्द है, तो डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम इसका इलाज करते हैं। गोपालगंज में पित्त की नली की पथरी का ऑपरेशन, यानी CBD एक्सप्लोरेशन, हम आमतौर पर पित्त की थैली निकालने के साथ करते हैं। जब ERCP संभव न हो या उससे नली साफ न हुई हो, तब यह पथरी से पीलिया का इलाज करने का अहम तरीका है। यह ऑपरेशन हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर केस के हिसाब से खुले या दूरबीन के तरीके से करते हैं। वे एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, उन्हें 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से भी परिवार हमारे पास आते हैं। ये परिवार डॉ. ठाकुर पर इसलिए भरोसा करते हैं, क्योंकि वे खुला और दूरबीन, दोनों तरह का ऑपरेशन करते हैं और आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम कर चुके हैं। कृपया अपनी एलएफटी, अल्ट्रासाउंड और MRCP रिपोर्ट लेकर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक हमारी ओपीडी में आएं, या पहले +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें।
कॉमन बाइल डक्ट (CBD) पित्त की मुख्य नली है, जो लीवर और पित्त की थैली से पित्त को आंत तक ले जाती है। पित्त की थैली से पथरी खिसककर इस नली में आ सकती है, या कभी-कभी नली में ही बन जाती है। नली में फंसी पथरी पित्त का बहाव रोक सकती है। इससे पीलिया (आंखें और त्वचा पीली होना), दर्द, और कभी-कभी पित्त की नली में गंभीर इंफेक्शन हो सकता है, जिसे कोलेंजाइटिस कहते हैं।
CBD एक्सप्लोरेशन में हमारे सर्जन पित्त की नली खोलकर पथरी निकालते हैं, नली को धोकर साफ करते हैं और जांचते हैं कि नली पूरी तरह खुली है। हम यह आमतौर पर पित्त की थैली निकालने (कोलेसिस्टेक्टोमी) के साथ उसी ऑपरेशन में करते हैं, क्योंकि पथरी की जड़ अक्सर थैली ही होती है। आपके केस के हिसाब से डॉ. ठाकुर यह ऑपरेशन खुले तरीके से या दूरबीन से करते हैं।
आखिर में नली को टी-ट्यूब (T आकार की मुलायम नली, जो कुछ हफ्ते पित्त को शरीर से बाहर निकालती है) या स्टेंट (नली के अंदर छोड़ी गई पतली नली, जिसे बाद में एंडोस्कोपी से निकाला जाता है) के ऊपर बंद किया जा सकता है।


इलाज से पहले हम आमतौर पर लीवर फंक्शन टेस्ट (LFT), खून की जांच, खून जमने की जांच और अल्ट्रासाउंड करवाते हैं। अल्ट्रासाउंड में नली चौड़ी या पथरी दिख सकती है। पथरी पक्की करने और इलाज की योजना बनाने के लिए हम अक्सर MRCP की सलाह देते हैं। यह पित्त की नलियों का खास MRI स्कैन है, जो किसी इमेजिंग सेंटर पर होता है।
नली की पथरी का इलाज ज़रूरी है, क्योंकि इससे बार-बार पीलिया, कोलेंजाइटिस या पैंक्रियाटाइटिस (पैंक्रियास की सूजन) हो सकता है। कोलेंजाइटिस में बुखार, कंपकंपी, पीलिया और दर्द होता है। यह इमरजेंसी है, जिसमें पहले एंटीबायोटिक, पानी चढ़ाना और पित्त निकालना ज़रूरी होता है। कुछ मरीज़ों में ERCP (एंडोस्कोपी से नली की पथरी निकालने की प्रक्रिया, जो इसकी सुविधा वाले सेंटर पर होती है) के बाद पित्त की थैली निकाली जाती है। दूसरे मरीज़ों के लिए एक ही ऑपरेशन में CBD एक्सप्लोरेशन और थैली निकालना बेहतर रहता है। डॉ. ठाकुर आपको बताते हैं कि आपके केस में कौन सा तरीका सही है, और आखिरी फैसला आपकी जांच और रिपोर्ट देखने के बाद ही होता है।
अगले दिन से हमारी टीम आपको चलने में मदद करती है, और आंतें ठीक होने के साथ हम खाना धीरे-धीरे शुरू करते हैं। पित्त का बहाव ठीक होने पर पीलिया और खुजली आमतौर पर कुछ दिनों से कुछ हफ्तों में कम हो जाती है। अगर टी-ट्यूब लगी है, तो हम आपको और आपके परिवार को उसकी और उसकी थैली की देखभाल सिखाते हैं। यह आमतौर पर कुछ हफ्ते रहती है, और जांच के एक्स-रे के बाद हम इसे ओपीडी में निकालते हैं। अगर स्टेंट लगा है, तो उसे आमतौर पर कुछ हफ्ते बाद एंडोस्कोपी से निकाला जाता है। खुले ऑपरेशन के बाद लगभग 6 हफ्ते भारी वज़न न उठाएं। कृपया फॉलो-अप के लिए समय पर ज़रूर आएं।
खाना और परहेज: आंतें ठीक होने के साथ हम खाना धीरे-धीरे शुरू करते हैं, पहले पतली चीज़ें, फिर दाल, चावल, खिचड़ी और दही जैसा हल्का खाना। कुछ हफ्ते तेल वाला, तला-भुना और ज़्यादा मसालेदार खाना न खाएं, थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं और पानी भरपूर पिएं।
चलना-फिरना: ऑपरेशन के अगले दिन से चलें। खुले ऑपरेशन के बाद लगभग 6 हफ्ते, या जब तक डॉ. ठाकुर सलाह दें, भारी वज़न न उठाएं।
टी-ट्यूब और टांके: टी-ट्यूब लगी हो तो थैली को घाव से नीचे रखें, नली को न खींचें, और जैसा हमने सिखाया है, पित्त का रंग और मात्रा देखते रहें। घाव को साफ और सूखा रखें। पीलिया और खुजली आमतौर पर कुछ दिनों से कुछ हफ्तों में कम हो जाती है।
इन बातों पर तुरंत आएं: ठंड लगकर बुखार, पीलापन बढ़ना, तेज़ दर्द, उल्टी, या टी-ट्यूब खिसकने या रिसने पर कृपया +91 72739 94786 पर हमें कॉल करें या तुरंत हमारे हॉस्पिटल आएं। टी-ट्यूब या स्टेंट निकलवाने के लिए फॉलो-अप कभी न छोड़ें।
यह सिर्फ पित्त की थैली निकालने के ऑपरेशन से बड़ा ऑपरेशन है, और ऑपरेशन से पहले हम आपको और आपके परिवार को इसके जोखिम समझाते हैं। संभावित जोखिमों में खून बहना, घाव में इंफेक्शन, पित्त का रिसाव, नली में कोई पथरी रह जाना (जिसके लिए बाद में ERCP या दूसरी प्रक्रिया लग सकती है), पैंक्रियाटाइटिस, बाद में नली का सिकुड़ना, और टी-ट्यूब से रिसाव या उसका खिसक जाना शामिल हैं। पीलिया वाले मरीज़ों में खून बहने और इंफेक्शन का खतरा ज़्यादा होता है, इसलिए ऑपरेशन से पहले हम खून जमने की समस्या और इंफेक्शन का इलाज करते हैं। हमारा आईसीयू, करीबी निगरानी और हमारी अनुभवी टीम इन जोखिमों को संभालने में मदद करते हैं।
परिवार अक्सर हमसे पित्त की नली की पथरी के ऑपरेशन का खर्च पूछते हैं। हम कोई तय रकम नहीं बताते, क्योंकि यह बड़ा ऑपरेशन है और खर्च आपके केस पर निर्भर करता है। खर्च इन बातों से तय होता है: खुला या दूरबीन से ऑपरेशन, पथरी की संख्या और आकार, टी-ट्यूब या स्टेंट लगेगा या नहीं, एलएफटी, खून जमने की जांच, अल्ट्रासाउंड और MRCP (जो इमेजिंग सेंटर पर होता है) जैसी जांचें, ऑपरेशन से पहले पीलिया या इंफेक्शन का इलाज, कितने दिन भर्ती रहना होगा, प्राइवेट रूम या जनरल वार्ड, आईसीयू की ज़रूरत, और दवाइयां। ओपीडी में जांच और रिपोर्ट देखने के बाद, भर्ती से पहले हम आपको लिखित में साफ अनुमान देते हैं। आप पहले अपनी रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप कर सकते हैं।
हमारा हॉस्पिटल लगभग जनवरी 2022 से जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए आयुष्मान भारत PM-JAY में सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) है, और जुलाई 2025 में इसका नवीनीकरण हुआ। सूचीबद्धता बदल सकती है, इसलिए भर्ती से पहले कृपया हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछ लें कि आपके केस में यह इलाज कवर होता है या नहीं।
CBD एक्सप्लोरेशन उन ऑपरेशनों में से एक है, जो हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में करते हैं। इसे हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। वे एमएस (जनरल सर्जरी), लेप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जन हैं। उन्हें 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है, वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं, और उन्हें आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम का अनुभव है। वे खुला और दूरबीन, दोनों तरह का ऑपरेशन करते हैं, इसलिए तरीका आपकी सुरक्षा को देखकर चुना जाता है।
हमारे हॉस्पिटल में पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड, एंडोस्कोपी, आईसीयू और बेहोशी के विशेषज्ञ हैं। कृपया अपनी सारी LFT, अल्ट्रासाउंड और MRCP रिपोर्ट साथ लाएं। +91 72739 94786 पर कॉल करें या हमारी ओपीडी में आएं। आयुष्मान कार्ड वाले मरीज़ हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछ सकते हैं। आप हमारे मरीज़ों के रिव्यू हमारी वेबसाइट और गूगल पर पढ़ सकते हैं।
पहले हम एलएफटी, खून जमने की जांच, अल्ट्रासाउंड और MRCP जैसी जांचें करवाते हैं, और अगर इंफेक्शन है तो उसका इलाज करते हैं। फिर हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ जनरल एनेस्थीसिया देते हैं। खुले या दूरबीन के तरीके से डॉ. ठाकुर पित्त की नली खोलकर पथरी निकालते हैं, और नली को धोकर जांचते हैं कि वह साफ है। फिर वे नली को अक्सर टी-ट्यूब या स्टेंट के ऊपर बंद करके पित्त की थैली निकाल देते हैं। ऑपरेशन में आमतौर पर 2 से 3 घंटे लगते हैं।
ज़्यादातर मरीज़ ऑपरेशन के तरीके और ठीक होने की रफ्तार के हिसाब से लगभग 4 से 7 दिन हमारे यहां भर्ती रहते हैं। अगले दिन से हमारी टीम चलने में मदद करती है, और खाना धीरे-धीरे शुरू होता है। टी-ट्यूब आमतौर पर कुछ हफ्ते रहती है, और जांच के एक्स-रे के बाद हम इसे ओपीडी में निकालते हैं। स्टेंट कुछ हफ्ते बाद एंडोस्कोपी से निकाला जाता है। खुले ऑपरेशन के बाद लगभग 6 हफ्ते भारी वज़न न उठाएं।
पहले हम एलएफटी, अल्ट्रासाउंड और अक्सर MRCP से वजह पक्की करते हैं। पीलिया के साथ ठंड लगकर बुखार हो, तो यह कोलेंजाइटिस हो सकता है। यह इमरजेंसी है, जिसमें पहले एंटीबायोटिक, ड्रिप और पित्त निकालने का इलाज चाहिए। फिर पथरी दो में से एक तरीके से निकाली जाती है: ERCP से (जहां यह सुविधा हो) और उसके बाद पित्त की थैली का ऑपरेशन, या एक ही ऑपरेशन में CBD एक्सप्लोरेशन के साथ थैली निकालना। घरेलू नुस्खों से नली की पथरी नहीं निकलती। जांच के बाद डॉ. ठाकुर आपके लिए सही तरीका बताते हैं।
थैली की पथरी पित्त की थैली के अंदर रहती है और अक्सर खाने के बाद दर्द देती है। नली (CBD) की पथरी पित्त की मुख्य नली में होती है और पित्त का बहाव रोक सकती है। इससे पीलिया, बुखार और कभी-कभी पैंक्रियाटाइटिस हो सकता है, इसलिए यह ज़्यादा गंभीर है। सिर्फ थैली निकालने से नली में पहले से मौजूद पथरी नहीं निकलती। इसके लिए ERCP या CBD एक्सप्लोरेशन भी चाहिए, और आपकी रिपोर्ट देखकर हम बताते हैं कि आपके लिए कौन सा तरीका सही है।
टी-ट्यूब अंग्रेज़ी के T अक्षर जैसी एक मुलायम रबर की नली है। इसका छोटा हिस्सा पित्त की नली के अंदर रहता है और लंबा हिस्सा त्वचा से बाहर एक थैली में जाता है। नली भरने तक इससे पित्त बाहर निकलता रहता है। यह आमतौर पर कुछ हफ्ते रहती है। निकालने से पहले हम दवा (डाई) डालकर एक्स-रे कर सकते हैं, ताकि पता चले कि नली साफ है। घर पर इसकी देखभाल हमारी टीम आपको और आपके परिवार को सिखाती है।
ERCP एंडोस्कोपी की एक प्रक्रिया है। इसमें एक खास कैमरा मुंह के रास्ते आंत तक डालकर बिना चीरे के नली की पथरी निकाली जाती है। यह इसकी सुविधा वाले सेंटर पर होती है। कई मरीज़ों में ERCP के बाद पित्त की थैली निकाली जाती है। दूसरे मरीज़ों के लिए, जैसे जब ERCP संभव न हो या उससे पथरी साफ न हो, हम CBD एक्सप्लोरेशन के साथ थैली निकालने की सलाह देते हैं। डॉ. ठाकुर आपको समझाएंगे कि आपके लिए सुरक्षित विकल्प कौन सा है।
हम खाना धीरे-धीरे शुरू करते हैं, पहले पतली चीज़ें, फिर दाल, चावल, खिचड़ी और दही जैसा घर का हल्का खाना। कुछ हफ्ते तेल वाला, तला-भुना और ज़्यादा मसालेदार खाना न खाएं, और थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं। टी-ट्यूब लगी हो तो थैली घाव से नीचे रखें और नली न खींचें। ठंड लगकर बुखार, पीलापन बढ़ने, तेज़ दर्द या नली खिसकने पर कृपया तुरंत हमारे पास आएं।
खर्च इस पर निर्भर करता है कि ऑपरेशन खुला होगा या दूरबीन से, पथरी की संख्या और आकार क्या है, टी-ट्यूब या स्टेंट लगेगा या नहीं, एलएफटी और MRCP जैसी कौन सी जांचें होंगी, ऑपरेशन से पहले पीलिया या इंफेक्शन का इलाज, कितने दिन भर्ती रहना होगा, आप प्राइवेट रूम लेते हैं या जनरल वार्ड, आईसीयू की ज़रूरत, और दवाइयां। भर्ती से पहले हम आपको लिखित अनुमान देते हैं।
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारा आयुष्मान भारत PM-JAY सहायता केंद्र है। अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है, तो कृपया उसे आधार कार्ड और सारी LFT, अल्ट्रासाउंड और MRCP रिपोर्ट के साथ लेकर आएं। हमारा सहायता केंद्र देखेगा कि आपके केस में इलाज कवर होता है या नहीं। कवरेज योजना के नियमों और आपकी पात्रता पर निर्भर करता है, इसलिए भर्ती से पहले ज़रूर पक्का कर लें। कोई भी खर्च हम भर्ती से पहले आपको समझा देते हैं।
पित्त की नली की पथरी के ऑपरेशन के लिए ऐसे अनुभवी सर्जन चाहिए, जो खुला और दूरबीन, दोनों तरह का ऑपरेशन कर सकें। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में CBD एक्सप्लोरेशन हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। वे एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, उन्हें 16+ साल का अनुभव है, वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं, और आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में काम कर चुके हैं। हमारे यहां आईसीयू, पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड और एंडोस्कोपी है। आप हमारे मरीज़ों के रिव्यू हमारी वेबसाइट और गूगल पर पढ़ सकते हैं।
हां। छपरा, सीवान, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से मरीज़ इस ऑपरेशन के लिए हमारे पास डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज आते हैं। कृपया पहले अपनी एलएफटी, अल्ट्रासाउंड और MRCP रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें। फिर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक सारी रिपोर्ट, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड (अगर है) और परिवार के एक सदस्य के साथ हमारी ओपीडी में आएं। पीलिया के साथ ठंड लगकर बुखार हो, तो सीधे हमारी 24 घंटे इमरजेंसी में आएं।
अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।
यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026
मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।
I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands,
Very Well Experienced Doctor
Well Behaved Staffs
Nice Arrangements
& Most Important, Very Easy Procedure.
Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।
My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।
डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा हैअपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।