गोपालगंज में पेशाब की थैली की गांठ का ऑपरेशन (TURBT)

पेशाब की थैली की गांठ का ऑपरेशन (TURBT) और मूत्र रोग कैंसर देखभाल

हम पेशाब में खून की जांच करते हैं, और पेशाब के रास्ते से TURBT द्वारा पेशाब की थैली की गांठ निकालते हैं, साथ में बायोप्सी, नियमित फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी और ज़रूरत पर कैंसर विशेषज्ञ से तालमेल।

अगर आपके पेशाब में खून आया है, या स्कैन में पेशाब की थैली में गांठ दिखी है, तो हम गोपालगंज में पेशाब की थैली की गांठ का ऑपरेशन और उससे पहले की पूरी जांच करते हैं। पेशाब में खून आने का कारण पथरी, इन्फेक्शन या बढ़ा प्रोस्टेट हो सकता है, पर यह थैली की गांठ का पहला संकेत भी हो सकता है, इसलिए इसकी जांच हमेशा ज़रूरी है। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में सिस्टोस्कोपी और TURBT (पेशाब के रास्ते से, शरीर पर बिना चीरे गांठ निकालना) हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर (MBBS, MS जनरल सर्जरी), सीनियर कंसल्टेंट लेप्रोस्कोपिक, लेज़र, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन करते हैं। हमारे विज़िटिंग सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. (पूर्व कैप्टन) फिरोज़ पाशा हर महीने के पहले शनिवार को कैंसर ओपीडी करते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर कीमोथेरेपी या रेडिएशन का तालमेल हम बड़े केंद्रों से करते हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से मरीज़ हमारे पास आते हैं। ये परिवार डॉ. ठाकुर के 16 साल से ज़्यादा के सर्जिकल अनुभव पर भरोसा करते हैं। कृपया सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे ओपीडी में आएं या रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें।

ऑपरेशन का समयआम तौर पर 30 से 90 मिनट, गांठ के आकार और संख्या पर निर्भर
अस्पताल में रुकनाआम तौर पर 1 से 3 दिन

TURBT क्या है: पेशाब की थैली की गांठ का बिना चीरे ऑपरेशन

पेशाब में खून, चाहे एक ही बार आए और दर्द भी न हो, कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इसकी एक वजह पेशाब की थैली (ब्लैडर) की गांठ हो सकती है, यानी थैली की अंदरूनी परत पर उगी हुई गांठ। बहुत सी गांठें तब पकड़ में आ जाती हैं जब वे सिर्फ अंदरूनी परत तक सीमित होती हैं, और उसी समय इलाज सबसे अच्छा काम करता है।

TURBT (ट्रांसयूरेथ्रल रिसेक्शन ऑफ ब्लैडर ट्यूमर) में पतली दूरबीन और बिजली वाले लूप से, पेशाब के रास्ते से गांठ निकाली जाती है। शरीर पर कोई चीरा नहीं लगता। निकाला गया हिस्सा बायोप्सी के लिए भेजा जाता है, जिससे पता चलता है कि गांठ किस तरह की है और कितनी गहराई तक गई है। यही रिपोर्ट आगे के पूरे इलाज की दिशा तय करती है।

हम गुर्दे और प्रोस्टेट जैसे दूसरे मूत्र अंगों के कैंसर के शक में भी जांच करते हैं और मरीज़ को सही इलाज तक पहुंचने में मार्गदर्शन देते हैं।

TURBT और मूत्र रोग कैंसर देखभाल: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
TURBT और मूत्र रोग कैंसर देखभाल: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

ब्लैडर कैंसर के लक्षण: पेशाब में खून और दूसरे संकेत

  • पेशाब में खून, अक्सर बिना दर्द के, जो आता-जाता रहे
  • पेशाब में खून के थक्के
  • बिना साफ इन्फेक्शन के बार-बार या तुरंत पेशाब की हाजत, या जलन
  • अल्ट्रासाउंड में पेशाब की थैली में गांठ दिखना
  • बढ़ी हुई बीमारी में नीचे पेट या कमर में दर्द
  • बढ़ी हुई बीमारी में वज़न घटना और थकान

गोपालगंज में पेशाब की थैली की गांठ का ऑपरेशन कब ज़रूरी है?

पेशाब में खून आने पर हम पेशाब की जांच, अल्ट्रासाउंड और अक्सर सीटी स्कैन की सलाह देते हैं। सिस्टोस्कोपी, यानी पतली दूरबीन से पेशाब की थैली के अंदर देखना, से पक्का होता है कि गांठ है या नहीं। गांठ दिखे तो उसे निकालने और बायोप्सी के लिए हम TURBT की योजना बनाते हैं।

TURBT के बाद गांठ दोबारा हो सकती है, इसलिए नियमित समय पर फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी बहुत ज़रूरी है, शुरू में आम तौर पर हर कुछ महीनों में। बायोप्सी रिपोर्ट के अनुसार हम थैली के अंदर डाली जाने वाली दवा, बड़ा ऑपरेशन, कीमोथेरेपी या रेडिएशन की सलाह भी दे सकते हैं।

हमारे विज़िटिंग सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर सर्जन) डॉ. (पूर्व कैप्टन) फिरोज़ पाशा हर महीने के पहले शनिवार को कैंसर ओपीडी करते हैं। हमारे अस्पताल में रेडियोथेरेपी उपलब्ध नहीं है। कीमोथेरेपी या रेडिएशन की ज़रूरत हो तो हम बड़े केंद्र पर रेफरल का तालमेल करते हैं।

पेशाब के रास्ते से TURBT कैसे होता है?

  1. पेशाब में खून की जांच: पेशाब की जांच, अल्ट्रासाउंड और अक्सर सीटी स्कैन।
  2. पेशाब की थैली के अंदर देखने के लिए सिस्टोस्कोपी।
  3. स्पाइनल या पूरी बेहोशी में TURBT: पेशाब के रास्ते से बिजली वाले लूप से गांठ निकाली जाती है, शरीर पर कोई चीरा नहीं।
  4. निकाला गया हिस्सा बायोप्सी के लिए भेजा जाता है, और कुछ दिन के लिए पेशाब की नली (कैथेटर) लगाई जाती है।
  5. हम बायोप्सी रिपोर्ट समझाते हैं और ज़रूरत हो तो हमारे विज़िटिंग कैंसर सर्जन के साथ आगे के इलाज की योजना बनाते हैं।
  6. नियमित फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी से देखा जाता है कि गांठ दोबारा तो नहीं बनी।

TURBT के बाद रिकवरी और फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी

ज़्यादातर लोग अगले दिन चलने लगते हैं। पेशाब की नली आम तौर पर 1 से 3 दिन लगी रहती है। कुछ हफ्तों तक पेशाब में थोड़ा खून और जलन आम है। खूब पानी पिएं, और 2 से 3 हफ्ते ज़ोर लगाने और भारी सामान उठाने से बचें। सबसे ज़रूरी है बायोप्सी रिपोर्ट लेना और हर फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी पर समय से आना। अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो उसे छोड़ना अपनी पेशाब की थैली के लिए सबसे अच्छे कामों में से एक है।

TURBT के बाद खान-पान और सावधानियां

  • पानी: पेशाब में खून साफ होता रहे, इसके लिए खूब पानी पिएं, आम तौर पर 2 से 3 लीटर रोज़, जब तक डॉक्टर ने मना न किया हो।
  • खाना: फल, सब्ज़ी और रेशे वाला सामान्य घर का खाना लें, ताकि कब्ज़ और ज़ोर लगाने से बचें।
  • काम-काज: रोज़ टहलें। लगभग 2 से 3 हफ्ते भारी वज़न, ज़ोर लगाने और साइकिल से बचें।
  • धूम्रपान: बीड़ी-सिगरेट छोड़ दें। धूम्रपान पेशाब की थैली की गांठ का सबसे बड़ा जाना-पहचाना कारण है।
  • रिपोर्ट और फॉलो-अप: बायोप्सी रिपोर्ट लेकर हमें दिखाएं। पेशाब साफ दिखे तब भी फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी न छोड़ें।
  • खतरे के संकेत: थक्के आएं, पेशाब न उतरे या तेज़ बुखार हो तो कृपया तुरंत हमारे पास आएं।

फायदे

  • एक ही प्रक्रिया में गांठ निकलती है और बायोप्सी भी मिलती है
  • शरीर पर कोई चीरा नहीं, पेशाब के रास्ते से
  • कम दिन भर्ती और जल्दी रिकवरी
  • शुरुआती गांठ अक्सर TURBT और नियमित फॉलो-अप से काबू में रहती है
  • आगे के इलाज की ज़रूरत हो तो हमारे विज़िटिंग कैंसर सर्जन और बड़े केंद्रों से तालमेल
संभावित जोखिम:

संभावित जोखिम हैं: थक्कों के साथ खून आना, पेशाब का इन्फेक्शन, कुछ हफ्तों तक जलन, और बहुत कम मामलों में पेशाब की थैली की दीवार में छोटा छेद, जो आम तौर पर नली ज़्यादा दिन रखने से भर जाता है। गांठ दोबारा हो सकती है, और कुछ मरीज़ों को दूसरी बार TURBT करानी पड़ती है। हम सावधानी से ऑपरेशन, नली की अच्छी देखभाल और साफ फॉलो-अप योजना से जोखिम कम रखते हैं।

TURBT का खर्च और आयुष्मान कार्ड

TURBT का खर्च गांठ के आकार और संख्या, ऑपरेशन से पहले की जांच (पेशाब की जांच, अल्ट्रासाउंड, गुर्दे की जांच, सलाह हो तो CT स्कैन, और बुज़ुर्गों में दिल की जांच), एनेस्थीसिया, भर्ती के दिन (आम तौर पर 1 से 3), कमरे के प्रकार, कैथेटर, दवाओं और बायोप्सी रिपोर्ट पर निर्भर करता है। आगे का खर्च बायोप्सी पर निर्भर है: कुछ मरीज़ों को थैली के अंदर दवा डालने, दोबारा TURBT, नियमित फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी या बड़े केंद्र पर इलाज की ज़रूरत होती है। हम तय रेट नहीं छापते। ओपीडी और रिपोर्ट के बाद, भर्ती से पहले हम आपको साफ लिखित अनुमान देते हैं, और आप रिपोर्ट पहले व्हाट्सऐप पर भी भेज सकते हैं। आयुष्मान भारत PM-JAY: 2025 के मध्य तक हमारा पैनल जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए था, और TURBT जैसे यूरोलॉजी पैकेज इसमें शामिल नहीं थे। भर्ती से पहले हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से ज़रूर पूछें।

पेशाब की थैली की गांठ के इलाज के लिए मरीज़ हमें क्यों चुनते हैं

हमारे मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, जिन्हें 16 साल से ज़्यादा का सर्जिकल अनुभव है और जो 10,000 से ज़्यादा सर्जरी कर चुके हैं, हमारे अस्पताल में सिस्टोस्कोपी और TURBT करते हैं। उन्होंने IGIMS पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम किया है। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. (पूर्व कैप्टन) फिरोज़ पाशा, जिन्हें 16 साल से ज़्यादा का अनुभव है, हमारी हर महीने की कैंसर ओपीडी में अपनी विशेषज्ञता देते हैं। हमारे यहां अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू उपलब्ध हैं। कृपया कॉल करें: +91 72739 94786।

पेशाब की थैली की गांठ और TURBT से जुड़े आम सवाल

पेशाब में खून आने का कारण क्या है, क्या यह हमेशा कैंसर होता है?

नहीं। पेशाब में खून ज़्यादातर पथरी, इन्फेक्शन या प्रोस्टेट बढ़ने से आता है। पर यह पेशाब की थैली या गुर्दे की गांठ का पहला संकेत भी हो सकता है, खासकर धूम्रपान करने वालों और 40 साल से ऊपर के लोगों में। इसलिए पेशाब में एक बार भी खून आए, दर्द के साथ या बिना दर्द, तो पेशाब की जांच, अल्ट्रासाउंड और सलाह हो तो सिस्टोस्कोपी से जांच ज़रूर कराएं।

TURBT के बाद बार-बार सिस्टोस्कोपी क्यों करानी पड़ती है?

पेशाब की थैली की गांठ दोबारा होने की प्रवृत्ति रखती है, कभी-कभी थैली के किसी दूसरे हिस्से में। फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी, शुरू में आम तौर पर हर कुछ महीनों में, नई गांठ को छोटे रूप में ही पकड़ लेती है, जब उसका इलाज आसान होता है। कब-कब जांच होगी, यह आपकी बायोप्सी रिपोर्ट पर निर्भर है। पेशाब साफ दिखे और आप ठीक महसूस करें, तब भी कृपया ये जांच न छोड़ें।

क्या अस्पताल में कीमोथेरेपी या रेडिएशन होता है?

हमारे अस्पताल में रेडियोथेरेपी उपलब्ध नहीं है। हमारे विज़िटिंग सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. (पूर्व कैप्टन) फिरोज़ पाशा हर महीने के पहले शनिवार को कैंसर ओपीडी करते हैं और कैंसर के इलाज पर सलाह देते हैं। कीमोथेरेपी या रेडिएशन की ज़रूरत हो तो हम बड़े केंद्र पर रेफरल का तालमेल करते हैं। TURBT जैसी सर्जरी और फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी डॉक्टरों की सलाह के अनुसार हमारे यहां हो सकती है।

पेशाब की थैली की गांठ का खतरा किसे ज़्यादा है?

धूम्रपान सबसे बड़ा जाना-पहचाना कारण है। दूसरे कारणों में बढ़ती उम्र, पुरुष होना, कुछ औद्योगिक रसायनों और रंगों के साथ लंबे समय तक काम करना, और पेशाब की थैली में लंबे समय तक जलन, जैसे बार-बार इन्फेक्शन या लंबे समय तक लगी नली, शामिल हैं। पेशाब में खून आए, खासकर धूम्रपान करने वालों में, तो इंतज़ार न करें, जल्दी जांच कराएं।

क्या आयुष्मान कार्ड से TURBT हो सकता है?

आयुष्मान भारत PM-JAY में किसी अस्पताल में कवरेज इस बात पर निर्भर करता है कि अस्पताल किन स्पेशलिटी के लिए पैनल में शामिल है। 2025 के मध्य तक हमारा पैनल जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए था, और TURBT जैसे यूरोलॉजी पैकेज इसमें शामिल नहीं थे। यह बदल सकता है, इसलिए भर्ती से पहले हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से ताज़ा जानकारी ज़रूर लें। जिन मरीज़ों का कवरेज नहीं है, उन्हें हम भर्ती से पहले खर्च की पूरी जानकारी देते हैं।

पेशाब की थैली की गांठ का ऑपरेशन कैसे होता है और कितना समय लगता है?

हम TURBT स्पाइनल या पूरी बेहोशी में करते हैं। रिसेक्टोस्कोप नाम की पतली दूरबीन पेशाब के रास्ते से थैली में ले जाई जाती है, और हमारे सर्जन अंदर से गांठ निकालते हैं, साथ में गहरी परत का नमूना भी लेते हैं, और खून बहने वाली जगहें बंद करते हैं। शरीर पर कोई चीरा नहीं लगता। इसमें आम तौर पर 30 से 90 मिनट लगते हैं। सारा ऊतक बायोप्सी के लिए जाता है, और 1 से 3 दिन कैथेटर रहता है।

TURBT के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है और क्या सावधानियां रखें?

ज़्यादातर लोग अगले दिन चलने लगते हैं और 1 से 3 दिन में घर चले जाते हैं। कुछ हफ्ते पेशाब में थोड़ा खून और जलन आम है। हल्का काम आम तौर पर 1 से 2 हफ्ते में शुरू हो जाता है। खूब पानी पिएं, कब्ज़ से बचने के लिए रेशे वाला खाना लें, और 2 से 3 हफ्ते भारी वज़न और ज़ोर लगाने से बचें। धूम्रपान छोड़ें। कृपया बायोप्सी रिपोर्ट लें और हर फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी समय पर कराएं।

ब्लैडर कैंसर के लक्षण क्या हैं?

सबसे आम संकेत पेशाब में खून है, जो अक्सर बिना दर्द के होता है और आता-जाता रह सकता है। कुछ लोगों को जलन, बार-बार पेशाब, पेशाब की जल्दी या पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है। ये लक्षण ज़्यादातर इन्फेक्शन या पथरी से होते हैं, पर पेशाब में खून आए, खासकर धूम्रपान करने वालों और 40 साल से ऊपर के लोगों में, तो बिना देर किए पेशाब की जांच, अल्ट्रासाउंड और सलाह हो तो सिस्टोस्कोपी कराएं।

पेशाब की थैली की गांठ के ऑपरेशन का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

खर्च गांठ के आकार और संख्या, अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन और दिल की जांच, एनेस्थीसिया, भर्ती के दिन, कमरे के प्रकार, दवाओं और बायोप्सी पर निर्भर करता है। आगे का खर्च बायोप्सी के नतीजे पर निर्भर है, जैसे फॉलो-अप सिस्टोस्कोपी या बड़े केंद्र पर इलाज। रिपोर्ट देखे बिना हम रकम नहीं बताते। भर्ती से पहले हम आपको साफ लिखित अनुमान देते हैं।

क्या पेशाब की थैली की गांठ का इलाज बिना ऑपरेशन के हो सकता है?

ज़्यादातर मामलों में नहीं। TURBT पहला कदम है, क्योंकि इससे गांठ निकलती है और बायोप्सी के लिए ऊतक मिलता है, जिससे पता चलता है कि गांठ क्या है और कितनी गहरी है। दवा से थैली की गांठ नहीं निकलती। बायोप्सी के अनुसार अगला कदम थैली के अंदर दवा डालना, दोबारा TURBT, नियमित सिस्टोस्कोपी, या बड़े ऑपरेशन, कीमोथेरेपी या रेडिएशन के लिए रेफरल हो सकता है।

मैं छपरा के पास रहता हूं। क्या गोपालगंज में पेशाब की थैली की गांठ का ऑपरेशन करा सकता हूं?

हां। छपरा, सीवान, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से मरीज़ सिस्टोस्कोपी और TURBT के लिए हमारे पास आते हैं। कृपया पहले अपनी अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन और पेशाब की रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें। अगर कैंसर निकले, तो आप हमारी हर महीने की कैंसर ओपीडी में हमारे विज़िटिंग सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट से भी मिल सकते हैं। थक्के आ रहे हों या पेशाब न उतरे, तो कृपया हमारी 24 घंटे की इमरजेंसी में आएं।

गोपालगंज में पेशाब की थैली की गांठ का ऑपरेशन करने वाले सबसे अच्छे डॉक्टर कौन हैं?

परिवार अक्सर हमसे यह पूछते हैं। हमारे यहां सिस्टोस्कोपी और TURBT हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जो जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जन (MS जनरल सर्जरी) हैं और यूरोलॉजी के ऑपरेशन भी करते हैं। उन्हें 16 साल से ज़्यादा का सर्जिकल अनुभव है, वे 10,000 से ज़्यादा सर्जरी कर चुके हैं, और IGIMS पटना व लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में काम कर चुके हैं। कैंसर के इलाज की योजना के लिए हमारे विज़िटिंग सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. (पूर्व कैप्टन) फिरोज़ पाशा हर महीने आते हैं। हमारे मरीज़ों की राय आप हमारे रिव्यू पेज पर पढ़ सकते हैं।

इससे जुड़े इलाज

सिस्टोस्कोपी, VIU और BNI

हम पेशाब की नली के सिकुड़ने (यूरेथ्रल स्ट्रिक्चर) और पेशाब की थैली के मुंह (ब्लैडर नेक) की रुकावट की जांच और इलाज करते हैं, सिस्टोस्कोपी, VIU और BNI से, पेशाब के रास्ते से, शरीर पर बिना चीरे।

प्रोस्टेट ऑपरेशन (TURP)

बुज़ुर्ग पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने से होने वाली पेशाब की तकलीफ में TURP से राहत मिलती है। हमारे सर्जन पेशाब के रास्ते से अंदर जाकर रुकावट वाला प्रोस्टेट का हिस्सा हटाते हैं, शरीर पर कोई चीरा नहीं लगता।

पेशाब के इन्फेक्शन का इलाज

हम पेशाब के इन्फेक्शन की सही जांच और इलाज करते हैं: यूरिन कल्चर, सही एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स, और बार-बार इन्फेक्शन होने पर उसकी छिपी वजह की खोज।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

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गूगल पर मरीज़ों की राय

मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।

4.4
कुल 84 गूगल रिव्यू (तारीख 1 Oct 2026)
  • zaheer udddinजून 2024
    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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