प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण: बुज़ुर्ग पुरुषों में जांच, दवा और TURP ऑपरेशन

प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण: बुज़ुर्ग पुरुषों में जांच, दवा और TURP ऑपरेशन

50 के बाद रात में बार-बार पेशाब या कमज़ोर धार? हमारे सर्जन बता रहे हैं प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण, कौन-सी जांच होती है, दवा से कब आराम मिलता है और TURP ऑपरेशन कब ज़रूरी है।

मुख्य बातें

  • 50 के बाद प्रोस्टेट बढ़ना (BPH) आम है और यह कैंसर नहीं है, पर इसकी सही जांच ज़रूरी है।
  • रात में बार-बार पेशाब, कमज़ोर धार और ज़ोर लगाना इसके आम लक्षण हैं।
  • बहुत से पुरुष आदतों में बदलाव और नियमित दवा से ठीक रहते हैं।
  • TURP पेशाब के रास्ते से होता है, पेट पर चीरा नहीं लगता, और यह तब किया जाता है जब दवा से काम न चले या दिक्कतें बढ़ें।
  • पेशाब बिल्कुल बंद हो जाना इमरजेंसी है।

50 साल की उम्र के बाद बहुत से पुरुषों को रात में दो-तीन बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है। धार पतली हो जाती है, पेशाब शुरू होने में समय लगता है, और लगता है कि थैली पूरी खाली नहीं हुई। लोग इसे "बुढ़ापे की बात" मानकर सालों तक टालते रहते हैं। ज़्यादातर मामलों में ये प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण होते हैं, और इसका इलाज हो सकता है।

प्रोस्टेट क्या है?

प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि है जो सिर्फ़ पुरुषों में होती है। यह पेशाब की थैली के ठीक नीचे, पेशाब की नली को चारों तरफ़ से घेरे रहती है। उम्र के साथ ज़्यादातर पुरुषों में यह धीरे-धीरे बढ़ती है। इस बढ़त को, जो कैंसर नहीं है, डॉक्टर BPH (बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेसिया) कहते हैं।

बढ़ा हुआ प्रोस्टेट पेशाब की नली को दबाने लगता है। थैली को ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ता है, और समय के साथ थैली और किडनी पर भी असर पड़ सकता है।

आम लक्षण

  • रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना
  • पेशाब की धार कमज़ोर या पतली होना, या रुक-रुक कर आना
  • पेशाब शुरू करने के लिए इंतज़ार करना या ज़ोर लगाना
  • पेशाब के बाद भी लगना कि थैली खाली नहीं हुई
  • अचानक तेज़ पेशाब लगना और रोकना मुश्किल होना
  • पेशाब के बाद बूंद-बूंद टपकना

ऐसे लक्षण शुगर, पेशाब के इन्फेक्शन, पेशाब की नली सिकुड़ने (स्ट्रिक्चर), पथरी या कभी-कभी प्रोस्टेट कैंसर से भी हो सकते हैं। इसलिए अंदाज़ा लगाने के बजाय सही जांच ज़रूरी है।

क्या प्रोस्टेट बढ़ना कैंसर है?

नहीं। BPH कैंसर नहीं है और यह कैंसर में नहीं बदलता। लेकिन बड़ी उम्र में प्रोस्टेट कैंसर भी हो सकता है, कभी-कभी BPH के साथ, और शुरुआती लक्षण मिलते-जुलते होते हैं। इसलिए डॉक्टर जांच के साथ PSA नाम की खून जांच की सलाह दे सकते हैं। PSA इन्फेक्शन या बड़े प्रोस्टेट से भी बढ़ सकता है, इसलिए रिपोर्ट का मतलब हमारे डॉक्टर आपको समझाएंगे।

कौन-सी जांच होती है?

  • पेशाब की जांच: इन्फेक्शन, खून या शुगर देखने के लिए।
  • अल्ट्रासाउंड: प्रोस्टेट का साइज़, किडनी और थैली की हालत, और पेशाब के बाद थैली में कितना पेशाब बचता है, यह देखने के लिए।
  • खून की जांच: किडनी की जांच (क्रिएटिनिन), शुगर और ज़रूरत हो तो PSA।
  • डॉक्टर की जांच: जिसमें पीछे के रास्ते से उंगली से प्रोस्टेट की हल्की जांच भी होती है, जिसमें एक मिनट से कम लगता है।

अपनी पुरानी रिपोर्ट और चल रही दवाओं की लिस्ट साथ लाएं।

बिना ऑपरेशन इलाज

हल्के से मध्यम लक्षण वाले बहुत से पुरुष बिना ऑपरेशन के ठीक रहते हैं।

रोज़ की आदतों में बदलाव

  • सोने से दो घंटे पहले पानी और चाय कम पिएं, पर दिन में पूरा पानी पिएं।
  • चाय और कॉफ़ी कम करें, खासकर शाम को।
  • सफ़र में भी पेशाब देर तक न रोकें।
  • कब्ज़ न होने दें, क्योंकि ज़ोर लगाने से थैली पर दबाव पड़ता है।
  • सर्दी-ज़ुकाम की दवा लेने से पहले डॉक्टर से पूछें, क्योंकि कुछ दवाओं से पेशाब रुक सकता है।

दवाएं

कुछ दवाएं प्रोस्टेट की मांसपेशी को ढीला करती हैं ताकि पेशाब आसानी से निकले। कुछ दवाएं कई महीनों में प्रोस्टेट को धीरे-धीरे छोटा करती हैं। ये रोज़ नियम से लेने पर ही असर करती हैं। कुछ लोगों को अचानक खड़े होने पर चक्कर आ सकता है या वीर्य निकलने में बदलाव लग सकता है। ऐसा हो तो डॉक्टर को बताएं, पर अपने मन से दवा बंद न करें।

TURP ऑपरेशन कब ज़रूरी होता है?

आमतौर पर ऑपरेशन की सलाह तब दी जाती है जब:

  • दवा से पूरा आराम न मिले या दवा से परेशानी हो
  • पेशाब पूरी तरह रुक जाए और नली (कैथेटर) लगानी पड़ी हो
  • पेशाब का इन्फेक्शन बार-बार हो
  • पेशाब की थैली में पथरी बन जाए
  • प्रोस्टेट की वजह से पेशाब में बार-बार खून आए
  • पेशाब पीछे रुकने से किडनी पर असर पड़ने लगे

TURP में क्या होता है?

TURP में पेशाब के प्राकृतिक रास्ते से पतली दूरबीन डालकर प्रोस्टेट का वह हिस्सा छोटे-छोटे टुकड़ों में निकाला जाता है जो नली को दबा रहा है। पेट पर कोई चीरा नहीं लगता। निकाला गया हिस्सा आमतौर पर लैब में जांच के लिए भेजा जाता है।

ऑपरेशन आमतौर पर स्पाइनल एनेस्थीसिया (कमर में सुई से नीचे का हिस्सा सुन्न करके) में होता है। उसके बाद कुछ दिन पेशाब की नली (कैथेटर) लगी रहती है। ज़्यादातर मरीज़ 2 से 4 दिन अस्पताल में रहते हैं, पर यह सर्जन आपकी हालत देखकर तय करते हैं।

ऑपरेशन के बाद

  • कुछ दिन, कभी-कभी कुछ हफ़्ते, पेशाब में थोड़ा खून आना आम है। खूब पानी पिएं।
  • लगभग 4 से 6 हफ़्ते भारी वज़न उठाने, ज़ोर लगाने और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर साइकिल चलाने से बचें।
  • कब्ज़ से बचने के लिए रेशे वाला खाना खाएं।
  • कुछ हफ़्ते हल्की जलन और बार-बार पेशाब लग सकता है।
  • बहुत से पुरुषों में वीर्य बाहर आने के बजाय पीछे थैली में चला जाता है। TURP के बाद यह आम है और नुकसानदेह नहीं है, पर इससे बच्चा पैदा करने पर असर पड़ सकता है।

ठीक होने के बाद ज़्यादातर पुरुषों की धार काफ़ी अच्छी हो जाती है और रात में कम उठना पड़ता है। ज़्यादातर पुरुषों में मर्दाना ताकत (इरेक्शन) पर असर नहीं पड़ता, फिर भी कोई चिंता हो तो सर्जन से खुलकर पूछें। हर ऑपरेशन की तरह TURP में भी खून बहना, इन्फेक्शन या कुछ लोगों में बाद में दोबारा प्रक्रिया की ज़रूरत जैसे खतरे हो सकते हैं, जो हमारे सर्जन ऑपरेशन से पहले आपको और आपके परिवार को समझाते हैं।

इसे टालें क्यों नहीं?

गांव-देहात में बहुत से पुरुष शर्म या ऑपरेशन के डर से सालों तक यह तकलीफ़ सहते रहते हैं। इलाज न हो तो अचानक पेशाब बंद होना, इन्फेक्शन, थैली में पथरी और किडनी खराब होने तक की नौबत आ सकती है। जल्दी दिखाने से अक्सर इलाज आसान रहता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • पेशाब बिल्कुल न उतरे, या थैली भरी और दर्द के साथ सिर्फ़ बूंदें आएं। यह इमरजेंसी है, तुरंत नज़दीकी इमरजेंसी में जाएं।
  • बुखार, जलन या पेशाब में खून
  • ज़्यादातर रातों में दो बार से ज़्यादा पेशाब के लिए उठना
  • धार कमज़ोर होना या ज़ोर लगाना बढ़ता जाना
  • पेशाब की दिक्कत के साथ पैरों में सूजन, भूख कम लगना या थकान

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम गोपालगंज, सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों, और यूपी के कुशीनगर और देवरिया से आने वाले पुरुषों की पेशाब और प्रोस्टेट की तकलीफ़ की जांच और इलाज करते हैं। कृपया अपनी पुरानी रिपोर्ट और चल रही दवाओं की लिस्ट साथ लाएं। ऑपरेशन की सलाह मिले तो पढ़ें: बढ़े हुए प्रोस्टेट का TURP ऑपरेशन।

हमारे यहां प्रोस्टेट की जांच और इलाज हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जो 16 साल से ज़्यादा अनुभव वाले लेप्रोस्कोपिक, लेज़र, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन हैं। अल्ट्रासाउंड और लैब जांच हमारे अस्पताल में ही होती है, और हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली है। ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें: प्रोस्टेट का ऑपरेशन (TURP) और पेशाब के इन्फेक्शन का इलाज। ओपीडी के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या प्रोस्टेट बढ़ने का मतलब कैंसर है?

नहीं। BPH प्रोस्टेट की ऐसी बढ़त है जो कैंसर नहीं है। यह उम्र के साथ ज़्यादातर पुरुषों में होती है और कैंसर में नहीं बदलती। लेकिन बड़ी उम्र में प्रोस्टेट कैंसर भी हो सकता है और शुरुआती लक्षण मिलते-जुलते होते हैं। इसलिए डॉक्टर प्रोस्टेट की जांच करते हैं और PSA खून जांच की सलाह दे सकते हैं, फिर रिपोर्ट का मतलब आपको समझाते हैं।

क्या TURP ऑपरेशन बिना चीरे के होता है?

हां। TURP पेशाब के प्राकृतिक रास्ते से पतली दूरबीन डालकर किया जाता है, इसलिए पेट पर कोई चीरा नहीं लगता। प्रोस्टेट का रुकावट वाला हिस्सा अंदर से ही छोटे टुकड़ों में निकाला जाता है। यह आमतौर पर स्पाइनल एनेस्थीसिया में होता है, और ज़्यादातर मरीज़ 2 से 4 दिन अस्पताल में रहते हैं। कितने दिन रुकना है, यह सर्जन आपकी हालत देखकर तय करते हैं।

TURP के बाद पेशाब की नली (कैथेटर) कितने दिन रहती है?

TURP के बाद आमतौर पर कुछ दिन कैथेटर लगा रहता है, जब तक अंदर का घाव भरने लगे और पेशाब साफ़ होने लगे। कब निकालना है, यह सर्जन पेशाब का रंग और आपकी हालत देखकर तय करते हैं। निकालने के बाद कुछ हफ़्ते हल्की जलन, बार-बार पेशाब और थोड़ा खून आ सकता है। इस दौरान खूब पानी पिएं और ज़ोर न लगाएं।

आराम मिलने पर क्या प्रोस्टेट की दवा बंद कर सकते हैं?

प्रोस्टेट की दवा लक्षणों को काबू में रखती है, पर बढ़े हुए हिस्से को निकालती नहीं, इसलिए दवा बंद करने पर अक्सर तकलीफ़ लौट आती है। कुछ दवाओं का पूरा असर कई महीनों में दिखता है। अपने मन से दवा बंद न करें। चक्कर जैसी परेशानी हो या दवा से फ़ायदा कम लगे, तो डॉक्टर से मिलें, वे दवा बदल सकते हैं या ऑपरेशन की सलाह दे सकते हैं।

गोपालगंज में प्रोस्टेट का इलाज कहां कराएं?

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में प्रोस्टेट की जांच और इलाज हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जो 16 साल से ज़्यादा अनुभव वाले लेप्रोस्कोपिक, लेज़र, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन हैं। अल्ट्रासाउंड और लैब जांच हमारे अस्पताल में ही होती है, और TURP हमारे यहां होने वाले ऑपरेशनों में शामिल है। ओपीडी के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें और पुरानी रिपोर्ट व दवाएं साथ लाएं।

प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण शुरुआत में कैसे होते हैं?

शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और धीरे धीरे बढ़ते हैं। रात में पेशाब के लिए उठना, दिन में बार-बार पेशाब जाना, पेशाब शुरू होने में देर, धार पतली होना, आख़िर में बूंद-बूंद टपकना, या लगना कि थैली पूरी खाली नहीं हुई, ये आम हैं। बहुत लोग इसे उम्र की बात मान लेते हैं। जांच से इन्फेक्शन, पथरी या दूसरी वजह का भी पता चलता है।

50 के बाद रात में बार-बार पेशाब आना किस वजह से होता है?

50 के बाद पुरुषों में इसकी आम वजह प्रोस्टेट बढ़ना है, पर यही अकेली वजह नहीं है। शुगर बढ़ना, पेशाब का इन्फेक्शन, दिल या किडनी की बीमारी, कुछ दवाएं और शाम को बहुत ज़्यादा पानी या चाय पीना भी इसकी वजह हो सकते हैं। जांच, पेशाब और खून की रिपोर्ट और अल्ट्रासाउंड से डॉक्टर असली वजह पता करके सही इलाज बताते हैं।

प्रोस्टेट का ऑपरेशन कब करना चाहिए?

आम तौर पर तब, जब दवा से पूरा आराम न मिले, या बढ़ा हुआ प्रोस्टेट दिक्कतें पैदा करे, जैसे पेशाब पूरी तरह रुक जाना, बार-बार पेशाब का इन्फेक्शन, थैली में पथरी, प्रोस्टेट से बार-बार पेशाब में खून, या किडनी पर असर। फ़ैसला सर्जन आपकी जांच, अल्ट्रासाउंड और खून व पेशाब की रिपोर्ट देखकर करते हैं।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज की मेडिकल टीम की ओर से स्वास्थ्य जानकारी। अपनी बीमारी के बारे में सलाह के लिए कृपया हमारे डॉक्टर से मिलें।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

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