पथरी का लेज़र ऑपरेशन आमतौर पर बिना किसी चीरे के होता है, और इसके बाद ज़्यादातर लोग जल्दी ठीक होकर कुछ ही दिनों में हल्का काम शुरू कर देते हैं। लेकिन पहले हफ़्ते में पेशाब में जलन, पेशाब का गुलाबी या लाल रंग, और अगर डीजे स्टेंट लगा हो तो एक अलग तरह की तकलीफ़ कई मरीज़ों को चिंता में डाल देती है। क्या सामान्य है और क्या नहीं, यह पहले से पता हो तो रिकवरी बहुत आसान हो जाती है। ऑपरेशन के पहले दिन से लेकर स्टेंट निकलने तक, URSL के बाद की रिकवरी आमतौर पर एक तय क्रम में आगे बढ़ती है।
पथरी का लेज़र ऑपरेशन (URSL) क्या है?
URSL का पूरा नाम यूरेटेरोस्कोपिक लिथोट्रिप्सी है। इसमें एक पतली दूरबीन (यूरेटेरोस्कोप) पेशाब के रास्ते और मूत्राशय से होकर यूरेटर (किडनी से मूत्राशय तक पेशाब ले जाने वाली नली) में, और कुछ मामलों में किडनी तक, पथरी के पास पहुंचाई जाती है। पथरी को लेज़र या किसी दूसरी पथरी तोड़ने वाली मशीन से छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है। टुकड़े छोटी सी टोकरी (बास्केट) से निकाल लिए जाते हैं या पेशाब के साथ निकल जाते हैं। शरीर पर कोई चीरा नहीं लगता।
लोग अक्सर बिना चीरे वाले हर पथरी के ऑपरेशन को लेज़र ऑपरेशन कह देते हैं। पथरी किसी भी मशीन से तोड़ी जाए, रिकवरी लगभग एक जैसी रहती है। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में URSL आमतौर पर स्पाइनल या जनरल एनेस्थीसिया में 30 से 90 मिनट में होता है, और ज़्यादातर मरीज़ लगभग 1 दिन हमारे यहां भर्ती रहते हैं। आपकी पथरी के लिए कौन सा तरीका सही है, यह हमारे सर्जन भर्ती से पहले आपको समझा देते हैं।
पथरी का ऑपरेशन होने के बाद पहले 24 घंटे
- होश आने पर ड्रिप लगी होती है, और कभी-कभी पेशाब की नली (कैथेटर) भी, जो आमतौर पर एक दिन में निकाल दी जाती है।
- ज़्यादातर लोग उसी दिन चलने लगते हैं और पूरी तरह होश आने पर सामान्य खाना शुरू कर देते हैं।
- पेशाब का रास्ता साफ़ रखने के लिए हम आपको थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहने को कहेंगे।
- पेशाब में जलन और गुलाबी रंग आम है।
- कृपया पहले दिन एक परिजन को साथ रखें। बेहोशी की दवा का असर पूरी तरह उतरने और तेज़ दर्द की दवा बंद होने तक गाड़ी या बाइक न चलाएं।
पहले हफ़्ते की आम तकलीफ़ें
पेशाब में खून आना
कुछ दिन तक पेशाब गुलाबी, लाल या चाय जैसे रंग का आना आम है, और पानी व आराम से आमतौर पर ठीक हो जाता है। स्टेंट लगा हो तो ज़्यादा चलने, ऊबड़-खाबड़ सड़क पर सफ़र या वज़न उठाने के बाद यह कुछ समय के लिए फिर दिख सकता है। लेकिन गाढ़े थक्कों के साथ ज़्यादा खून आना, या खून की वजह से पेशाब रुकना सामान्य नहीं है।
जलन और बार-बार पेशाब
पेशाब में जलन और बार-बार जाने की ज़रूरत आमतौर पर कुछ दिन में कम हो जाती है। छुट्टी के समय हम जो दवाएं लिखते हैं, वे इसमें मदद करती हैं। पानी कम पीने से जलन और बढ़ती है, इसलिए बार-बार बाथरूम जाने के डर से पानी न घटाएं।
पथरी के ऑपरेशन के बाद दर्द
कमर या पेट के एक तरफ़ हल्का दर्द आम है, ख़ासकर स्टेंट लगा हो तो पेशाब करते समय। दर्द की दवा लिखे अनुसार लें। अगर दवा से भी तेज़ दर्द कम न हो, तो कृपया जल्द जांच के लिए हमसे संपर्क करें।
डीजे स्टेंट के साथ कैसे रहें?
डीजे स्टेंट (डबल-जे स्टेंट) एक मुलायम, पतली प्लास्टिक की नली है, जो यूरेटर के अंदर रखी जाती है। इसका एक मुड़ा सिरा किडनी में और दूसरा मूत्राशय में रहता है। यह सूजन उतरने तक पेशाब का बहाव बनाए रखता है और छोटे टुकड़ों को निकलने में मदद करता है। यह पूरी तरह शरीर के अंदर होता है, बाहर कुछ नहीं दिखता।
बहुत से लोगों को स्टेंट महसूस होता है। आम शिकायतें ये हैं:
- पेशाब करते समय या उसके ठीक बाद कमर में दर्द
- मूत्राशय भरा न होने पर भी बार-बार या अचानक पेशाब की इच्छा
- पेशाब के रास्ते के सिरे पर या पेट के निचले हिस्से में चुभन
- मेहनत के बाद कभी-कभी पेशाब में खून
ये तकलीफ़ें परेशान करती हैं, पर आमतौर पर खतरनाक नहीं होतीं। पानी, लिखी हुई दवाएं और भारी मेहनत से बचना मदद करता है। तकलीफ़ ज़्यादा हो तो कृपया हमें बताएं, हम आपकी दवा बदल सकते हैं।
डीजे स्टेंट कब निकाला जाता है?
हमारे सर्जन आपको स्टेंट निकालने की तारीख देते हैं, जो आपके केस के हिसाब से आमतौर पर कुछ हफ़्तों के अंदर होती है। स्टेंट सिस्टोस्कोपी नाम की छोटी डे-केयर प्रक्रिया से निकाला जाता है, जिसमें आमतौर पर 10 से 15 मिनट लगते हैं, और ज़्यादातर लोग उसी दिन घर चले जाते हैं।
स्टेंट को कभी न भूलें। बहुत लंबे समय तक अंदर रह जाए तो उस पर पपड़ी जम सकती है, वह बंद हो सकता है या इन्फेक्शन हो सकता है, और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। तारीख को छुट्टी के कागज़ पर लिखें, मोबाइल में सेव करें और घर के किसी सदस्य को बताएं। उस दिन न आ पाएं तो कृपया हमें फ़ोन करके नई तारीख ले लें।
खान-पान और पानी
- दिन भर इतना पानी पिएं कि पेशाब हल्का पीला रहे, अक्सर लगभग ढाई से 3 लीटर, जब तक डॉक्टर ने पानी कम पीने को न कहा हो।
- घर का सामान्य खाना खाएं। दाल, चावल या रोटी छोड़ने की ज़रूरत नहीं।
- नमक कम रखें: अचार, पापड़, नमकीन और पैकेट वाले स्नैक्स कम करें।
- दूध, दही जैसी कैल्शियम वाली चीज़ें खुद से बंद न करें, सामान्य मात्रा आमतौर पर ठीक है।
- बहुत ज़्यादा मांस और मीठे कोल्ड ड्रिंक से बचें।
- कम चीनी और कम नमक वाला नींबू पानी अच्छा विकल्प है।
अगर पथरी की लैब जांच हुई है, तो हमारे डॉक्टर आपकी पथरी के प्रकार के हिसाब से परहेज बता सकते हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए हमारा किडनी की पथरी: खान-पान, आकार और इलाज वाला लेख पढ़ें।
काम, सफ़र और रोज़मर्रा की ज़िंदगी
URSL के बाद ज़्यादातर लोग कुछ दिनों में हल्का काम शुरू कर देते हैं। दर्द काबू में हो तो दफ़्तर या दुकान का काम आमतौर पर ठीक है। खेत का भारी काम, वज़न उठाना और ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर लंबा सफ़र स्टेंट निकलने तक, या हमारे सर्जन की सलाह तक, टालना बेहतर है, क्योंकि इनसे खून और स्टेंट की तकलीफ़ बढ़ सकती है। नहाना आमतौर पर अगले दिन से ठीक है।
URSL और PCNL की रिकवरी में फ़र्क
किडनी के अंदर की बड़ी पथरी के लिए हमारे सर्जन PCNL की सलाह दे सकते हैं, जो कमर पर छोटे छेद से होने वाला दूरबीन का ऑपरेशन है। इसमें रिकवरी थोड़ी लंबी होती है: लगभग 2 से 4 दिन भर्ती, और सामान्य काम पर लौटने में आमतौर पर 1 से 2 हफ़्ते। ज़्यादा जानकारी के लिए हमारे PCNL ऑपरेशन, URSL और डीजे स्टेंट और किडनी की पथरी के सभी इलाज वाले पेज देखें।
क्या पथरी दोबारा बन सकती है?
ऑपरेशन से अभी मौजूद पथरी निकल जाती है, पर शरीर में नई पथरी बनना नहीं रुकता। जिन्हें एक बार पथरी हुई, उनमें से बहुत लोगों को आगे चलकर फिर हो जाती है। रोज़ पर्याप्त पानी, कम नमक और सलाह के अनुसार फॉलो-अप अल्ट्रासाउंड इसका खतरा कम करने के सबसे अच्छे तरीके हैं।
खर्च और आयुष्मान कार्ड
खर्च पथरी के आकार और जगह, ज़रूरी जांचों, स्टेंट लगने और भर्ती के दिनों पर निर्भर करता है, और हम यह सब भर्ती से पहले साफ़ बता देते हैं। मध्य 2025 तक यूरोलॉजी के पैकेज हमारे अस्पताल के आयुष्मान भारत PM-JAY पैनल में शामिल नहीं थे। आयुष्मान कार्ड वाले मरीज़ कृपया भर्ती से पहले मौजूदा स्थिति हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से ज़रूर पूछ लें।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
दिन हो या रात, इन स्थितियों में कृपया तुरंत हमारे अस्पताल आएं:
- कंपकंपी के साथ बुखार हो
- लिखी दवा से भी तेज़ दर्द कम न हो
- थक्कों के साथ ज़्यादा खून आए, या पेशाब न उतरे
- बार-बार उल्टी हो या पानी भी न पी पा रहे हों
स्टेंट निकालने की तारीख पास हो और आपने समय न लिया हो, या एक-दो हफ़्ते बाद भी तकलीफ़ बनी रहे, तब भी कृपया हमें फ़ोन करें।
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में पथरी के ऑपरेशन हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। डॉ. ठाकुर 16 साल से ज़्यादा अनुभव वाले लेप्रोस्कोपिक, लेज़र, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन हैं। अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे और पैथोलॉजी जांच हमारे अस्पताल में ही होती है, और हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली रहती है। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं। कृपया रिपोर्ट भेजने या ओपीडी का समय लेने के लिए +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।






