हर्निया के ऑपरेशन के बाद परहेज और रिकवरी: पूरी जानकारी

हर्निया के ऑपरेशन के बाद परहेज और रिकवरी: पूरी जानकारी

हर्निया के ऑपरेशन के बाद कितना आराम करें, वज़न कब उठाएं, काम और खेती का काम कब शुरू करें, खांसी और कब्ज़ में क्या करें और किन लक्षणों पर तुरंत दिखाएं।

मुख्य बातें

  • जांघ के जोड़ या नाभि के हर्निया के ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन चलने लगते हैं, 1 से 2 दिन में घर जाते हैं और 1 से 2 हफ़्ते में हल्का काम शुरू करते हैं।
  • लगभग 4 से 6 हफ़्ते, और इंसिज़नल हर्निया में 6 से 8 हफ़्ते, भारी वज़न, मेहनत का काम और खेती का भारी काम न करें।
  • खांसी और कब्ज़ का इलाज कराएं, खांसते समय घाव को सहारा दें और पाखाने में ज़ोर न लगाएं।
  • रोज़ टहलना, रेशे वाला खाना, भरपूर पानी और ठीक वज़न घाव भरने में मदद करते हैं और दोबारा हर्निया की संभावना घटाते हैं।
  • ऑपरेशन के बाद बुखार, मवाद, बढ़ता दर्द या सूजन, पेशाब में दिक्कत या उल्टी हो तो कृपया तुरंत हमसे संपर्क करें।

हर्निया का ऑपरेशन उन ऑपरेशनों में से है जो डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम सबसे ज़्यादा करते हैं। अच्छे ऑपरेशन के बाद अगले कुछ हफ़्तों में आप क्या करते हैं, यह घाव भरने और हर्निया को दोबारा न होने देने, दोनों के लिए बहुत ज़रूरी है। हर्निया के ऑपरेशन के बाद परहेज क्या है, रिकवरी में कितना समय लगता है और किन लक्षणों पर तुरंत दिखाना चाहिए, यह जानना आपको सुरक्षित तरीके से ठीक होने और काम पर लौटने में मदद करता है। आपके केस में हमारे सर्जन की सलाह हमेशा सबसे पहले है।

हर्निया के ऑपरेशन के बाद कितना आराम करना चाहिए?

रिकवरी हर्निया के प्रकार और आकार, ऑपरेशन के तरीके और आपकी सेहत पर निर्भर करती है। आम तौर पर:

  • जांघ के जोड़ का हर्निया (इंगुइनल), दूरबीन से ऑपरेशन: ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन चलने और खाने लगते हैं और 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं। हल्का काम आम तौर पर 1 से 2 हफ़्ते में शुरू होता है। लगभग 4 से 6 हफ़्ते भारी वज़न नहीं उठाना होता।
  • जांघ के जोड़ का हर्निया, चीरे वाला ऑपरेशन: रिकवरी लगभग इतनी ही या थोड़ी धीमी होती है।
  • नाभि का हर्निया: आम तौर पर 1 से 2 दिन भर्ती, 1 से 2 हफ़्ते में हल्का काम, और लगभग 4 से 6 हफ़्ते भारी वज़न नहीं।
  • पुराने ऑपरेशन के टांकों पर हर्निया (इंसिज़नल हर्निया): आम तौर पर 2 से 4 दिन भर्ती, बहुत बड़े हर्निया में ज़्यादा। हल्का काम 2 से 3 हफ़्ते में, और लगभग 6 से 8 हफ़्ते भारी वज़न नहीं।

ज़्यादातर लोग 2 से 4 हफ़्ते में लगभग सामान्य महसूस करने लगते हैं, लेकिन ऑपरेशन वाली जगह कुछ महीनों तक मज़बूत होती रहती है। इसीलिए वज़न न उठाने का नियम दर्द से ज़्यादा लंबा चलता है।

घर पर पहला हफ़्ता

  • पहले दिन से चलें। दिन में कई बार थोड़ा थोड़ा चलने से खून का बहाव ठीक रहता है, पैरों में थक्का बनने का ख़तरा घटता है और पेट साफ़ होने में मदद मिलती है।
  • आराम करें, लेकिन दिन भर बिस्तर पर न पड़े रहें।
  • दवाएं समय पर लें, दर्द की दवा भी, जैसा लिखा गया है।
  • घाव की देखभाल: पट्टी साफ़ और सूखी रखें, और हमारी टीम की अनुमति के बाद ही नहाएं, आम तौर पर 2 से 3 दिन बाद। न घुलने वाले टांके आम तौर पर 7 से 10 दिन में खोले जाते हैं।
  • सूजन और नीलापन: जांघ के जोड़ के ऑपरेशन के बाद वहां, और पुरुषों में कभी कभी अंडकोष में, सूजन और नीलापन आम है, जो 1 से 2 हफ़्ते में ठीक हो जाता है। ऑपरेशन की जगह पर पानी भरने से छोटी नरम सूजन (सेरोमा) भी हो सकती है, जो अक्सर अपने आप ठीक हो जाती है। कृपया फॉलो-अप पर इसे हमें दिखाएं।

हर्निया के ऑपरेशन के बाद परहेज: सबसे ज़रूरी बातें

परहेज का मुख्य मकसद है कि घाव भरने तक ऑपरेशन वाली जगह पर अचानक ज़ोर न पड़े।

1. हर्निया ऑपरेशन के बाद वज़न कब उठाएं?

लगभग 4 से 6 हफ़्ते, और इंसिज़नल हर्निया के ऑपरेशन के बाद 6 से 8 हफ़्ते, कोई भारी चीज़ न उठाएं। रोज़ की ज़िंदगी में इसका मतलब है: पानी की बाल्टी, गैस सिलेंडर, अनाज का बोरा, सीमेंट की बोरी या भारी बच्चे को न उठाएं। घर के किसी सदस्य से मदद लें। इसके बाद हल्के वज़न से शुरू करें और धीरे धीरे बढ़ाएं। घुटने मोड़कर, वज़न शरीर के पास रखकर उठाएं और उठाते समय कमर न मोड़ें।

2. खांसी पर काबू

तेज़ खांसी पेट की दीवार पर बाहर की ओर ज़ोर डालती है। खांसी, ज़ुकाम या दमा हो तो कृपया उसका इलाज कराएं। खांसते या छींकते समय घाव पर एक छोटा तकिया या मोड़ा हुआ कपड़ा कसकर दबाएं। बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू छोड़ें, जिनसे पुरानी खांसी होती है और घाव देर से भरता है।

3. कब्ज़ और ज़ोर लगाने से बचें

पाखाने में ज़ोर लगाना ऑपरेशन वाली जगह पर दबाव की सबसे आम वजहों में से है, और दर्द की दवा व कम चलने से कब्ज़ बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए:

  • दिन भर भरपूर पानी पिएं।
  • रेशे वाला खाना खाएं: दाल, हरी सब्ज़ी, सलाद, पपीता और अमरूद जैसे फल, और आटे की रोटी या दलिया।
  • रोज़ टहलें।
  • फिर भी पाखाना सख़्त हो तो हमारे डॉक्टर से हल्की दवा या ईसबगोल के बारे में पूछें। ज़ोर न लगाएं।

जिन बुज़ुर्ग पुरुषों को प्रोस्टेट की वजह से पेशाब में ज़ोर लगाना पड़ता है, वे हमारे सर्जन को ज़रूर बताएं। इससे भी ऑपरेशन वाली जगह पर दबाव पड़ता है, और इसका इलाज हो सकता है।

4. खानपान

हर्निया के ऑपरेशन के बाद कोई ख़ास डाइट नहीं होती। पहले कुछ दिन हल्का घर का खाना, फिर सामान्य खाना खाएं, जिसमें पाखाना नरम रखने के लिए रेशा और पानी भरपूर हो। गैस और कब्ज़ करने वाला भारी, तला खाना कम करें और लंबे समय तक वज़न काबू में रखें।

5. गाड़ी और मोटरसाइकिल चलाना

तेज़ दर्द की दवा चल रही हो या ब्रेक लगाने में दर्द हो, तो गाड़ी या मोटरसाइकिल न चलाएं। दूरबीन के ऑपरेशन के बाद बहुत से लोग 1 से 2 हफ़्ते में फिर चलाने लगते हैं, लेकिन पहले हमारे सर्जन से पूछ लें। शुरू के दिनों में ऊबड़ खाबड़ सड़क पर पीछे बैठना भी तकलीफ़ दे सकता है।

काम पर लौटना और हर्निया ऑपरेशन के बाद खेती का काम

  • दफ़्तर, दुकान या बैठकर होने वाला काम: आम तौर पर 1 से 2 हफ़्ते बाद।
  • घर का हल्का काम: खाना बनाना और हल्की सफ़ाई लगभग 1 से 2 हफ़्ते बाद, भारी बर्तन या बाल्टी उठाए बिना।
  • मेहनत का काम: मज़दूरी, लोडिंग, निर्माण का काम और जिम आम तौर पर 4 से 6 हफ़्ते बाद, इंसिज़नल हर्निया में 6 से 8 हफ़्ते बाद, और हमारे सर्जन की अनुमति से ही।
  • खेती का काम: खेत में घूमना और देखरेख जल्दी शुरू हो सकती है। हल चलाना, कुदाल चलाना, बोरा उठाना, फसल या चारे का बोझ ढोना और हैंडपंप चलाना लगभग 4 से 6 हफ़्ते बाद करें। धीरे धीरे शुरू करें और घाव में दर्द या खिंचाव लगे तो रुक जाएं।

दूरबीन और चीरे वाले हर्निया ऑपरेशन की रिकवरी में फ़र्क़

हर्निया के दूरबीन से ऑपरेशन के बाद बहुत से मरीज़ों को कम दर्द होता है और वे थोड़ा जल्दी हल्का काम शुरू करते हैं। दोनों तरीकों में वज़न न उठाने का परहेज लगभग एक जैसा है। आपके लिए कौन सा तरीका ठीक है, यह हर्निया के प्रकार, आकार, एक या दोनों तरफ़ होने और आपकी सेहत पर निर्भर करता है, और फ़ैसले से पहले हम आपको हर विकल्प समझाते हैं। नाभि के हर्निया का इलाज नाभि के हर्निया के ऑपरेशन से होता है, और पुराने टांकों के हर्निया का इंसिज़नल हर्निया के ऑपरेशन से, जिसके बाद कुछ हफ़्ते पेट पर बेल्ट पहनने की सलाह दी जा सकती है।

हर्निया को दोबारा होने से कैसे रोकें

अच्छे से किया गया ऑपरेशन, जिसमें आम तौर पर जाली (मेश) लगती है, ज़्यादातर मरीज़ों में टिका रहता है। वज़न ठीक रखकर, पुरानी खांसी और कब्ज़ का इलाज करके, धूम्रपान छोड़कर, शुगर काबू में रखकर और हमेशा सही तरीके से वज़न उठाकर आप दोबारा हर्निया की संभावना कम कर सकते हैं। बेल्ट या कसरत से हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता; ज़्यादा जानने के लिए पढ़ें हर्निया से जुड़े भ्रम और सच।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

इनमें से कुछ भी हो तो कृपया तुरंत हमसे संपर्क करें:

  • बुखार, या घाव पर लाली, गर्माहट या मवाद।
  • दर्द जो कम होने की जगह बढ़ता जाए।
  • सूजन जो बड़ी, सख़्त या बहुत दर्द वाली हो जाए।
  • पेशाब करने में दिक्कत, या कई घंटों तक पेशाब न आना।
  • उल्टी, पेट फूलना, या गैस और पाखाना न निकलना।
  • एक पैर में दर्द और सूजन, सांस फूलना या सीने में दर्द।
  • ऑपरेशन की जगह पर फिर से उभार आना।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर हर्निया के ऑपरेशन करते हैं और सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक हमारी ओपीडी में हर मरीज़ का फॉलो-अप करते हैं। फॉलो-अप के लिए या रिकवरी से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हर्निया के ऑपरेशन के बाद परहेज क्या क्या है?

मुख्य परहेज हैं: लगभग 4 से 6 हफ़्ते भारी वज़न न उठाना, कब्ज़ और पाखाने में ज़ोर लगाने से बचना, खांसी का इलाज कराना और खांसते समय घाव पर तकिया दबाना। रोज़ टहलें, घाव साफ़ और सूखा रखें, दवा समय पर लें और फॉलो-अप के लिए हमारे पास ज़रूर आएं। कोई ख़ास खाना बंद करने की ज़रूरत नहीं है; हल्का, रेशे वाला खाना और भरपूर पानी लें।

हर्निया के ऑपरेशन के बाद कितना आराम करना चाहिए?

दूरबीन से जांघ के जोड़ या नाभि के हर्निया के ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन चलने लगते हैं और 1 से 2 दिन में घर जाते हैं। हल्का काम आम तौर पर 1 से 2 हफ़्ते में शुरू होता है और भारी वज़न लगभग 4 से 6 हफ़्ते नहीं उठाना होता। पुराने टांकों के हर्निया में ज़्यादा दिन भर्ती और 6 से 8 हफ़्ते का परहेज लगता है। दिन भर बिस्तर पर आराम ज़रूरी नहीं है; रोज़ चलना फायदेमंद है। आपके केस के अनुसार हमारे सर्जन सही समय बताते हैं।

हर्निया ऑपरेशन के बाद वज़न कब उठाएं?

ज़्यादातर मरीज़ों को जांघ के जोड़ या नाभि के हर्निया के ऑपरेशन के बाद लगभग 4 से 6 हफ़्ते, और इंसिज़नल हर्निया के बाद लगभग 6 से 8 हफ़्ते पानी की बाल्टी, बोरा या गैस सिलेंडर जैसी भारी चीज़ न उठाने की सलाह दी जाती है। इसके बाद हल्के वज़न से शुरू करके धीरे धीरे बढ़ाएं, घुटने मोड़कर और वज़न शरीर के पास रखकर। भारी काम शुरू करने से पहले कृपया हमारे सर्जन से पूछ लें।

हर्निया ऑपरेशन के बाद खेती का काम कब शुरू करें?

खेत में घूमना और देखरेख पहले दो हफ़्तों में शुरू हो सकती है। हल चलाना, कुदाल चलाना, बोरा उठाना, फसल या चारे का बोझ ढोना और हैंडपंप चलाना आम तौर पर लगभग 4 से 6 हफ़्ते बाद करें, और बड़े या इंसिज़नल हर्निया के बाद इससे भी ज़्यादा समय लें। धीरे धीरे शुरू करें और घाव में दर्द या खिंचाव लगे तो रुक जाएं। खेती का भारी काम शुरू करने से पहले कृपया हमारे सर्जन से सलाह लें।

हर्निया के ऑपरेशन के बाद परहेज में क्या खाना चाहिए?

कोई ख़ास डाइट नहीं है। पहले कुछ दिन हल्का घर का खाना, फिर सामान्य खाना लें। दाल, हरी सब्ज़ी, सलाद, पपीता और अमरूद जैसे फल, आटे की रोटी या दलिया और भरपूर पानी से पाखाना नरम रहता है, जिससे ज़ोर नहीं लगाना पड़ता। तला, भारी और गैस करने वाला खाना कम रखें, और लंबे समय तक वज़न काबू में रखें।

क्या हर्निया के ऑपरेशन के बाद सूजन होना सामान्य है?

घाव के आसपास, और जांघ के जोड़ के ऑपरेशन के बाद पुरुषों में कभी कभी अंडकोष में, थोड़ी सूजन और नीलापन आम है, जो आम तौर पर 1 से 2 हफ़्ते में ठीक हो जाता है। पानी भरने से नरम सूजन (सेरोमा) भी हो सकती है, जो अक्सर अपने आप ठीक होती है। अगर सूजन बड़ी, सख़्त, लाल या बहुत दर्द वाली हो, या बुखार हो, तो कृपया जल्दी हमें दिखाएं।

क्या ऑपरेशन के बाद हर्निया दोबारा हो सकता है?

हो सकता है, लेकिन अच्छे ऑपरेशन के बाद ऐसा कम होता है। जल्दी भारी वज़न उठाने, पुरानी खांसी, कब्ज़, मोटापे, धूम्रपान, शुगर और घाव के इन्फेक्शन से ख़तरा बढ़ता है। परहेज मानने, वज़न ठीक रखने और खांसी व कब्ज़ का इलाज कराने से यह ख़तरा घटता है। ऑपरेशन की जगह पर फिर से उभार दिखे तो कृपया हमारे सर्जन को दिखाएं।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज की मेडिकल टीम की ओर से स्वास्थ्य जानकारी। अपनी बीमारी के बारे में सलाह के लिए कृपया हमारे डॉक्टर से मिलें।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

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