अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं? रिकवरी, परहेज और सावधानियां

अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं? रिकवरी, परहेज और सावधानियां

अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद दिन-ब-दिन खान-पान, कितने दिन में ठीक होते हैं, दूरबीन और चीरे वाले ऑपरेशन में फ़र्क, स्कूल या काम पर लौटना और खतरे के संकेत, हमारी सर्जिकल टीम की ओर से।

मुख्य बातें

  • बिना जटिलता वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर लोग 1 से 2 दिन में घर जाते हैं और 1 से 2 हफ़्ते में स्कूल या हल्का काम शुरू कर देते हैं।
  • खाना धीरे-धीरे शुरू होता है: पहले तरल, फिर नरम हल्का खाना, और लगभग एक हफ़्ते बाद घर का सामान्य खाना।
  • 1 से 2 हफ़्ते मिर्च-मसाला, तला-भुना, गैस वाले कोल्ड ड्रिंक और शराब से परहेज करें, और लगभग 4 हफ़्ते भारी वज़न न उठाएं।
  • चीरे वाले ऑपरेशन या फटे अपेंडिक्स के बाद रिकवरी धीमी होती है, भर्ती ज़्यादा दिन और एंटीबायोटिक लंबी चलती है।
  • बुखार, बढ़ता पेट दर्द, बार-बार उल्टी या घाव से मवाद हो तो देर न करें, दिन हो या रात, कृपया तुरंत हमसे संपर्क करें।

अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं, कितने दिन आराम करें और कब काम या स्कूल लौटें, ये सवाल हर परिवार के मन में होते हैं, ख़ासकर जब ऑपरेशन अचानक इमरजेंसी में हुआ हो। राहत की बात यह है कि दूरबीन से ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर लोग 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं और 1 से 2 हफ़्ते में सामान्य दिनचर्या शुरू कर देते हैं। अपेंडिक्स फट गया हो तो रिकवरी धीमी होती है। नीचे हमारी सर्जिकल टीम दिन-ब-दिन खान-पान, देखभाल और खतरे के संकेत आसान भाषा में समझा रही है।

अपेंडिक्स क्यों निकाला जाता है?

अपेंडिक्स बड़ी आंत से जुड़ी उंगली जैसी एक छोटी नली है, जो पेट में नीचे दाईं तरफ़ होती है। जब यह बंद होकर इन्फेक्शन से सूज जाती है (अपेंडिसाइटिस), तो फट सकती है और पेट के अंदर इन्फेक्शन फैल सकता है। इसलिए अपेंडिसाइटिस को इमरजेंसी माना जाता है और आमतौर पर अपेंडिक्स निकाल दिया जाता है, जिसे अपेंडेक्टोमी कहते हैं। अपेंडिक्स के बिना जीने से कोई बड़ी जानी-पहचानी दिक्कत नहीं होती, और ज़िंदगी भर किसी ख़ास परहेज की ज़रूरत नहीं होती। शुरुआती लक्षणों के लिए अपेंडिसाइटिस के खतरे के संकेत वाला लेख पढ़ें।

अपेंडिक्स का ऑपरेशन करने के बाद कितने दिन में ठीक होते हैं?

ये बिना जटिलता वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद का आम समय है। हर मरीज़ के लिए हमारे सर्जन इसे उसकी हालत के अनुसार तय करते हैं।

  • चलना-फिरना: उसी दिन या अगली सुबह से
  • अस्पताल में भर्ती: आमतौर पर 1 से 2 दिन; अपेंडिक्स फटा हो तो 3 से 5 दिन या ज़्यादा
  • खाना: पहले पानी के घूंट और तरल, फिर हल्का खाना, आमतौर पर पहले दिन के अंदर
  • स्कूल, दफ़्तर या हल्का काम: आमतौर पर 1 से 2 हफ़्ते में
  • भारी वज़न, खेत का काम, खेल और जिम: आमतौर पर लगभग 4 हफ़्ते बाद
  • गाड़ी या बाइक चलाना: जब आराम से मुड़ सकें और ब्रेक लगा सकें, और तेज़ दर्द की दवा की ज़रूरत न रहे

अपेंडिक्स का ऑपरेशन दूरबीन द्वारा या चीरे से: फ़र्क क्या है?

दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) ऑपरेशन में सर्जन आमतौर पर नाभि के पास और पेट के निचले हिस्से पर 3 छोटे छेद करते हैं और स्क्रीन पर देखते हुए अपेंडिक्स निकालते हैं। छेद छोटे होने से ज़्यादातर मरीज़ों को कम दर्द होता है, वे जल्दी चलने लगते हैं और जल्दी दिनचर्या में लौटते हैं।

चीरे वाले (ओपन) ऑपरेशन में पेट के निचले दाएं हिस्से पर एक बड़े चीरे से अपेंडिक्स निकाला जाता है। अपेंडिक्स फटकर बहुत मवाद बन गया हो, सूजी हुई गांठ बन गई हो, या दूरबीन उस मरीज़ के लिए सुरक्षित न हो, तो यह तरीका चुना जा सकता है, या दूरबीन से शुरू करके चीरे वाले में बदला जा सकता है। इसमें रिकवरी आमतौर पर कुछ दिन ज़्यादा लेती है, और भारी काम अक्सर लगभग 4 से 6 हफ़्ते टाला जाता है।

फटे अपेंडिक्स से इन्फेक्शन पूरे पेट में फैल गया हो तो पेट का बड़ा इमरजेंसी ऑपरेशन भी लग सकता है; देखें पेट का इमरजेंसी ऑपरेशन। आपके लिए कौन सा तरीका सुरक्षित है, यह हमारे सर्जन आपको समझाएंगे। ज़्यादा जानकारी के लिए अपेंडिक्स का दूरबीन से ऑपरेशन पेज देखें।

अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं?

पेट के किसी भी ऑपरेशन के बाद आंतें कुछ समय धीमी हो जाती हैं, इसलिए खाना धीरे-धीरे शुरू किया जाता है। कब शुरू करना है, इसके लिए कृपया हमारी टीम की सलाह मानें।

पहला दिन: तरल

पानी के घूंट से शुरुआत करें। उल्टी न हो तो नारियल पानी, पतला दाल का पानी, साफ़ सूप, ओआरएस या कम चीनी वाली हल्की चाय लें। अपेंडिक्स फटा हो तो खाना और धीरे शुरू किया जा सकता है।

दूसरे से सातवें दिन तक: नरम, हल्का खाना

  • खिचड़ी, दाल-चावल, दही-चावल, दलिया या सूजी का उपमा
  • उबला आलू, इडली, और लौकी या तोरई जैसी हल्की सब्ज़ी के साथ नरम रोटी
  • केला, पपीता और उबला सेब
  • दही या मट्ठा, अगर आपको सूट करे
  • दिन में 2 बार भारी खाने की जगह 5 से 6 बार थोड़ा-थोड़ा

पहले हफ़्ते के बाद: घर का सामान्य खाना

धीरे-धीरे अपने रोज़ के खाने पर लौटें। कब्ज़ से बचने के लिए हरी सब्ज़ियां, फल और चोकर वाला आटा लें, और घाव भरने के लिए दाल, अंडा, पनीर, मछली या चिकन जैसा प्रोटीन खाएं। दिन भर पर्याप्त पानी पिएं।

1 से 2 हफ़्ते किन चीज़ों से परहेज करें

  • ज़्यादा मिर्च-मसाला, तेल और तला-भुना खाना
  • भारी मसालेदार मांस और बाहर का ठेले वाला खाना
  • गैस वाले कोल्ड ड्रिंक, जिनसे पेट फूल सकता है
  • शराब, बीड़ी-सिगरेट और तंबाकू, जो घाव भरने में देर करते हैं

ऑपरेशन के बाद कुछ दिन कब्ज़ या पतले दस्त हो सकते हैं। पानी, रेशेदार खाना और टहलना आमतौर पर मदद करते हैं। कब्ज़ 2 से 3 दिन से ज़्यादा रहे तो ज़ोर लगाने की जगह कृपया हमसे हल्की दवा के बारे में पूछें। शुगर हो तो उसे काबू में रखें, क्योंकि बढ़ी शुगर से घाव देर से भरता है।

घाव की देखभाल और नहाना

  • हमारी टीम जब तक नहाने की इजाज़त न दे, घाव साफ़ और सूखे रखें। नहाने के बाद हल्के से थपथपाकर सुखाएं।
  • घाव पर तेल, पाउडर, हल्दी या कोई घरेलू लेप न लगाएं।
  • दूरबीन ऑपरेशन के बाद एक-दो दिन छेदों के आसपास हल्का दर्द और कंधे में दर्द आम है।
  • टांके की जांच के लिए कृपया हमारी बताई तारीख पर आएं।

स्कूल, काम और रोज़मर्रा की ज़िंदगी

दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर बच्चे 1 से 2 हफ़्ते में स्कूल जाने लगते हैं, और ज़्यादातर बड़े दफ़्तर या दुकान का काम शुरू कर देते हैं। पहले दिन से दिन में कई बार थोड़ा टहलना रिकवरी में मदद करता है। दूरबीन ऑपरेशन के बाद लगभग 4 हफ़्ते, और चीरे वाले ऑपरेशन या फटे अपेंडिक्स के बाद सलाह के अनुसार ज़्यादा समय, भारी वज़न उठाना, खेत का काम, खेल और लंबी साइकिल चलाना टालें। दूरबीन ऑपरेशन के बाद की आम सावधानियों के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद रिकवरी वाला लेख पढ़ें।

हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट

निकाला गया अपेंडिक्स माइक्रोस्कोप से जांच के लिए लैब भेजा जाता है। रिपोर्ट आमतौर पर अपेंडिसाइटिस की पुष्टि करती है। कभी-कभार इसमें कोई दूसरी बीमारी दिखती है जिसकी आगे जांच ज़रूरी हो, इसलिए फॉलो-अप पर हमसे रिपोर्ट ज़रूर ले लें।

खर्च और आयुष्मान कार्ड

खर्च इस पर निर्भर करता है कि ऑपरेशन दूरबीन से हुआ या चीरे से, अपेंडिक्स फटा था या नहीं, कौन सी जांचें हुईं और कितने दिन भर्ती रहे, और हम यह परिवार को साफ़ बताते हैं। हमारा अस्पताल आयुष्मान भारत PM-JAY में जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए सूचीबद्ध है, और अपेंडिक्स का ऑपरेशन इन्हीं में आता है। हर मरीज़ की पात्रता हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र जांचता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं: ऑपरेशन के बाद खतरे के संकेत

दिन हो या रात, कृपया तुरंत हमारे पास आएं अगर:

  • बुखार हो, ख़ासकर कंपकंपी के साथ
  • पेट दर्द कम होने की जगह बढ़ रहा हो, या पेट फूलता जा रहा हो
  • बार-बार उल्टी हो, या पानी भी न रुके
  • घाव में लाली, सूजन, मवाद या बदबू हो
  • 2 से 3 दिन से ज़्यादा शौच या गैस न निकले और पेट फूला हो
  • सांस फूले, सीने में दर्द हो, या पैर में दर्द के साथ सूजन हो

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में अपेंडिक्स का ऑपरेशन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जो हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन हैं और 16 साल से ज़्यादा अनुभव वाले लेप्रोस्कोपिक, लेज़र, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन हैं। एनेस्थीसिया हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ देते हैं। हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली है, और अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी और आईसीयू हमारे अस्पताल में ही हैं। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से भी परिवार हमारे पास आते हैं। सलाह या फॉलो-अप के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं, पहले हफ़्ते में?

हमारी टीम की सलाह पर पानी के घूंट और नारियल पानी, दाल का पानी या पतले सूप जैसे तरल से शुरुआत करें। अगले दिनों में खिचड़ी, दाल-चावल, दही-चावल, दलिया, उबला आलू, केला और पपीता जैसा नरम, हल्का खाना लें। थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं। 1 से 2 हफ़्ते मिर्च-मसाला, तला-भुना, गैस वाले कोल्ड ड्रिंक और शराब से परहेज करें।

अपेंडिक्स का ऑपरेशन करने के बाद कितने दिन अस्पताल में रहना पड़ता है?

बिना जटिलता वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं। अपेंडिक्स फट गया हो तो आमतौर पर 3 से 5 दिन या ज़्यादा रुकना पड़ता है, एंटीबायोटिक लंबी चलती है और कुछ दिन पतली नली (ड्रेन) रखी जा सकती है। छुट्टी का फ़ैसला हमारे सर्जन मरीज़ की हालत देखकर करते हैं।

अपेंडिक्स ऑपरेशन के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए?

दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर लोग 1 से 2 हफ़्ते में स्कूल, दफ़्तर या हल्का काम शुरू कर देते हैं। भारी वज़न, खेत का काम और खेल आमतौर पर लगभग 4 हफ़्ते बाद शुरू करें। चीरे वाले ऑपरेशन या फटे अपेंडिक्स के बाद ज़्यादा समय लगता है। पूरा दिन लेटे रहना ठीक नहीं; पहले दिन से थोड़ा-थोड़ा टहलना ज़रूरी है।

क्या अपेंडिक्स का ऑपरेशन दूरबीन द्वारा करवाना बेहतर है?

दूरबीन से 3 छोटे छेद लगते हैं, इसलिए ज़्यादातर मरीज़ों को कम दर्द होता है और वे जल्दी चलने लगते हैं। चीरे वाले ऑपरेशन में एक बड़ा चीरा लगता है और रिकवरी कुछ दिन ज़्यादा लेती है। फिर भी अपेंडिक्स फटकर बहुत मवाद बना हो या दूरबीन सुरक्षित न हो, तो चीरा ज़्यादा सुरक्षित हो सकता है। हमारे सर्जन आपको इसकी वजह साफ़ समझाएंगे।

बच्चे के अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं और उसे कब स्कूल भेजें?

बच्चे को भी पहले तरल, फिर खिचड़ी, दाल-चावल, दलिया और केला जैसा नरम खाना दें, और लगभग एक हफ़्ते बाद घर का सामान्य खाना शुरू करें। बिना जटिलता वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर बच्चे 1 से 2 हफ़्ते में स्कूल जाने लगते हैं। लगभग 4 हफ़्ते खेल-कूद, उछल-कूद और भारी बस्ता उठाने से बचाएं।

क्या अपेंडिक्स निकलने के बाद ज़िंदगी भर परहेज करना पड़ता है?

नहीं। अपेंडिक्स के बिना जीने से कोई बड़ी जानी-पहचानी दिक्कत नहीं होती, और पाचन सामान्य चलता रहता है। घाव भरने और दिनचर्या लौटने के बाद आप घर का सामान्य खाना खा सकते हैं। रेशेदार खाना, फल, सब्ज़ियां और पर्याप्त पानी पेट को ठीक रखते हैं और लंबे समय की सेहत के लिए अच्छे हैं।

ऑपरेशन के बाद किन लक्षणों में तुरंत अस्पताल आना चाहिए?

कंपकंपी के साथ बुखार, बढ़ता पेट दर्द, फूलता पेट, बार-बार उल्टी, घाव में लाली या मवाद, 2 से 3 दिन से शौच या गैस न निकलना और पेट फूलना, सांस फूलना, या पैर में दर्द के साथ सूजन हो तो कृपया तुरंत हमारे पास आएं। ये इन्फेक्शन, मवाद जमा होने या खून के थक्के के संकेत हो सकते हैं।

क्या गोपालगंज में आयुष्मान कार्ड से अपेंडिक्स का ऑपरेशन हो सकता है?

हमारा डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज आयुष्मान भारत PM-JAY में जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए सूचीबद्ध है, और अपेंडिक्स का ऑपरेशन इन्हीं में आता है। पात्र कार्ड वाले मरीज़ आयुष्मान कार्ड और आधार साथ लाएं। भर्ती के बाद परिवार जल्द से जल्द हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र पर मिले, जहां हमारा स्टाफ़ पात्रता और पैकेज के नियम जांचता है।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज की मेडिकल टीम की ओर से स्वास्थ्य जानकारी। अपनी बीमारी के बारे में सलाह के लिए कृपया हमारे डॉक्टर से मिलें।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

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डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

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