क्या हर्निया बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है? भ्रम और सच

क्या हर्निया बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है? भ्रम और सच

बहुत से लोग सोचते हैं कि बेल्ट, मालिश या दवा से हर्निया ठीक हो जाएगा। हमारे सर्जन बता रहे हैं हर्निया बेल्ट का सच, फंसे हर्निया के ख़तरे के संकेत और देर करने का नुकसान।

मुख्य बातें

  • बड़ों में हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता। दवा, कसरत या तेल मालिश से मांसपेशी का छेद बंद नहीं होता।
  • हर्निया बेल्ट से कुछ समय आराम मिल सकता है, लेकिन इलाज नहीं होता, और जो हर्निया अंदर न जाए उस पर बेल्ट कभी न लगाएं।
  • दर्द वाला, सख़्त हर्निया जो अंदर न जाए, ख़ासकर उल्टी या पेट फूलने के साथ, इमरजेंसी है।
  • ऑपरेशन टालने से हर्निया बढ़ता है और इमरजेंसी ऑपरेशन की नौबत आ सकती है, जिसमें ख़तरा ज़्यादा होता है।

हर्निया पुरुषों, महिलाओं और बच्चों, सबमें होने वाली आम समस्या है। गोपालगंज और आसपास के गांवों में बहुत से लोग सालों तक जांघ के जोड़ (ग्रोइन) या नाभि के पास सूजन लेकर जीते रहते हैं, इस उम्मीद में कि बेल्ट, मालिश या दवा से हर्निया बिना ऑपरेशन ठीक हो जाएगा। यहां हमारी सर्जिकल टीम सच्चाई से बता रही है कि हर्निया में क्या मदद करता है और क्या नहीं, कौन से ख़तरे के संकेत इमरजेंसी हैं, और देर करने से ऑपरेशन क्यों मुश्किल हो जाता है।

हर्निया क्या है?

पेट की दीवार की मांसपेशियां आंतों और चर्बी को अंदर संभाल कर रखती हैं। जब इन मांसपेशियों में कोई कमज़ोर जगह या छेद बन जाता है, तो अंदर का हिस्सा उससे बाहर की ओर निकलकर त्वचा के नीचे मुलायम उभार बना देता है। यही उभार हर्निया है।

हर्निया के आम प्रकार:

  • इंग्वाइनल हर्निया: जांघ के जोड़ में, जो पुरुषों में कभी कभी अंडकोष की थैली तक चला जाता है। यह सबसे आम है।
  • अम्बिलिकल हर्निया: नाभि पर या उसके पास।
  • इंसिज़नल हर्निया: पुराने ऑपरेशन के टांके की जगह, जैसे सिज़ेरियन या पेट के किसी और ऑपरेशन के बाद।
  • एपिगैस्ट्रिक हर्निया: नाभि और छाती के बीच, पेट के बीचों बीच।

हर्निया अक्सर खड़े होने, खांसने या वज़न उठाने पर बड़ा दिखता है और लेटने पर छोटा या गायब हो जाता है।

क्या हर्निया बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है?

बड़ों में सच्चा जवाब है: नहीं। हर्निया मांसपेशी की दीवार में एक छेद है। कोई दवा, कसरत, तेल मालिश, योग या जड़ी बूटी उस छेद को बंद नहीं कर सकती। समय के साथ हर्निया आम तौर पर बढ़ता है, घटता नहीं।

एक आम अपवाद है। छोटे बच्चों में नाभि का छोटा हर्निया अक्सर पहले कुछ सालों में अपने आप बंद हो जाता है। डॉक्टर बच्चे की जांच करके बताएंगे कि ऑपरेशन की ज़रूरत है या नहीं, और कब।

इसका मतलब यह भी नहीं कि बड़ों में हर हर्निया का ऑपरेशन अगले ही दिन ज़रूरी है। छोटा हर्निया जिसमें दर्द न हो, ख़ासकर दूसरी बीमारियों वाले बुज़ुर्ग में, सर्जन कभी कभी नियमित जांच के साथ इंतज़ार की सलाह दे सकते हैं। ऐसे बहुत से मरीज़ों को बाद में फिर भी ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ती है, इसलिए यह फ़ैसला सर्जन को ही करने दें।

क्या हर्निया बेल्ट से फ़ायदा होता है?

हर्निया बेल्ट हर्निया पर दबाव डालकर उसे अंदर रखती है। कुछ लोगों को इससे आराम मिल सकता है, जैसे ऑपरेशन के इंतज़ार में या जब मरीज़ ऑपरेशन के लिए फिट न हो। लेकिन इसकी सीमाएं साफ़ हैं:

  • बेल्ट छेद को बंद नहीं करती। बेल्ट हटाते ही हर्निया फिर निकल आता है।
  • ठीक से फिट न हो तो बेल्ट त्वचा को रगड़कर दर्द या घाव कर सकती है।
  • जो हर्निया अंदर न जाता हो, उस पर बेल्ट कभी न लगाएं।
  • बेल्ट की वजह से लोग धीरे धीरे बिगड़ते हर्निया को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

बेल्ट सिर्फ़ सर्जन की सलाह पर लगाएं और समय पर दिखाते रहें।

ख़तरे के संकेत: जब हर्निया इमरजेंसी बन जाए

कभी कभी आंत या चर्बी हर्निया में फंस जाती है और वापस अंदर नहीं जाती। इसे फंसा हुआ (ऑब्स्ट्रक्टेड) हर्निया कहते हैं। अगर फंसी हुई आंत में खून पहुंचना बंद हो जाए, तो इसे स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया कहते हैं। यह इमरजेंसी है, क्योंकि कुछ ही घंटों में फंसी आंत को गंभीर नुकसान हो सकता है।

इनमें से कुछ भी हो तो तुरंत इमरजेंसी में आएं:

  • हर्निया में अचानक तेज़ दर्द हो, वह सख़्त हो जाए या छूने पर दर्द करे।
  • पहले अंदर चला जाता था, अब अंदर न जाए।
  • उसके ऊपर की त्वचा लाल, बैंगनी या काली पड़ने लगे।
  • उल्टी हो, पेट फूल जाए, या पाखाना और हवा निकलना बंद हो जाए।
  • हर्निया के दर्द के साथ बुखार हो या बहुत कमज़ोरी लगे।

दर्द वाले, सख़्त हर्निया को ज़ोर लगाकर अंदर करने की कोशिश न करें, और दर्द की दवा खाकर इंतज़ार न करें। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारी 24x7 इमरजेंसी के साथ ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की सुविधा है।

देर करने से ऑपरेशन मुश्किल क्यों होता है?

  • हर्निया बढ़ता जाता है। बड़े हर्निया में बड़ा ऑपरेशन और लंबी रिकवरी लगती है।
  • इमरजेंसी ऑपरेशन में ख़तरा ज़्यादा है। पहले से तय ऑपरेशन जांच और तैयारी के बाद होता है। फंसे हर्निया के इमरजेंसी ऑपरेशन में ख़राब हुई आंत काटनी पड़ सकती है और ज़्यादा दिन अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
  • दूरबीन का विकल्प कम हो सकता है। बहुत बड़े या पुराने हर्निया में कभी कभी चीरे वाला ऑपरेशन ही करना पड़ता है।
  • रोज़ का काम मुश्किल होता है। बढ़ता हर्निया खेती, बोझ उठाने और चलने तक में तकलीफ़ देता है।

हर्निया से जुड़े कुछ और भ्रम

भ्रम: हर्निया सिर्फ़ भारी वज़न उठाने से होता है

वज़न उठाने से हर्निया निकल सकता है या बढ़ सकता है, लेकिन कमज़ोर जगह अक्सर पहले से होती है। पुरानी खांसी, कब्ज़, पेशाब में ज़ोर लगाना (जैसे प्रोस्टेट बढ़ने पर), मोटापा, गर्भावस्था और पुराने ऑपरेशन के निशान भी पेट पर दबाव बढ़ाते हैं।

भ्रम: हर्निया के ऑपरेशन के बाद भारी काम कभी नहीं कर पाएंगे

ज़्यादातर लोग घाव भरने के बाद खेती और मज़दूरी समेत अपने सामान्य काम पर लौट आते हैं। भारी वज़न कब से उठा सकते हैं, यह सर्जन बताएंगे।

भ्रम: ऑपरेशन के बाद हर्निया ज़रूर लौटता है

ऑपरेशन के बाद हर्निया दोबारा हो सकता है, लेकिन अच्छे ऑपरेशन के बाद ऐसा आम नहीं है। सर्जन अक्सर कमज़ोर जगह को मज़बूत करने के लिए मेश (एक मुलायम, कीटाणुरहित जाली) लगाते हैं। खांसी और कब्ज़ का इलाज और वज़न उठाने की सलाह मानना भी मदद करता है।

इलाज के विकल्प

हर्निया का प्रकार और आकार, आपकी सेहत और पुराने ऑपरेशन देखकर हमारे सर्जन दूरबीन से हर्निया का ऑपरेशन या चीरे वाला ऑपरेशन चुनते हैं। नाभि के हर्निया और पुराने ऑपरेशन की जगह के हर्निया के लिए अलग ऑपरेशन होते हैं। दोनों तरीकों का फ़र्क समझने के लिए पढ़ें: दूरबीन और चीरे वाले ऑपरेशन में अंतर।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • जांघ के जोड़, नाभि या पुराने ऑपरेशन के निशान पर कोई नई सूजन दिखे।
  • हर्निया बढ़ रहा हो या दर्द और भारीपन दे रहा हो।
  • आप बेल्ट लगा रहे हैं और पक्का नहीं कि यह सुरक्षित है।
  • बच्चे के जांघ के जोड़ में सूजन हो। बच्चों में यहां का हर्निया अपने आप बंद नहीं होता, इसलिए सर्जन को दिखाएं।
  • ऊपर बताया कोई भी ख़तरे का संकेत हो। तुरंत इमरजेंसी में आएं।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम गोपालगंज, सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों के मरीज़ों की जांच करके साफ़ बताते हैं कि उनके हर्निया का ऑपरेशन अभी ज़रूरी है या कुछ समय नज़र रखी जा सकती है। ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें: दूरबीन से हर्निया का ऑपरेशन।

हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, जो 16 साल से ज़्यादा अनुभव वाले जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं, गोपालगंज में हमारी ओपीडी में हर्निया के मरीज़ों को देखते हैं। दिखाने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें और पुराने ऑपरेशन के कागज़ साथ लाएं। आयुष्मान कार्ड वाले मरीज़ हमारे सहायता केंद्र से कवरेज के बारे में पूछ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कसरत या दवा से हर्निया ठीक हो सकता है?

नहीं। बड़ों में हर्निया पेट की मांसपेशी में एक छेद है, और कोई कसरत, दवा, तेल मालिश या जड़ी बूटी उसे बंद नहीं कर सकती। चलते फिरते रहना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन ज़्यादा ज़ोर लगाने से हर्निया बढ़ सकता है। इस छेद को ठीक करने का तरीका सिर्फ़ ऑपरेशन है। ऑपरेशन कब हो, यह सर्जन हर्निया के आकार और तकलीफ़ देखकर बताएंगे।

क्या ऑपरेशन की जगह हर्निया बेल्ट लगाना सुरक्षित है?

बेल्ट से कुछ लोगों को थोड़े समय के लिए आराम मिल सकता है, जैसे ऑपरेशन के इंतज़ार में या जब मरीज़ ऑपरेशन के लिए फिट न हो। लेकिन बेल्ट से हर्निया ठीक नहीं होता। जो हर्निया अंदर न जाता हो, उस पर बेल्ट कभी न लगाएं, और ठीक से फिट न होने वाली बेल्ट त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। बेल्ट सिर्फ़ सर्जन की सलाह पर लगाएं।

कैसे पता चले कि हर्निया फंस गया है?

हर्निया में अचानक तेज़ दर्द, हर्निया का सख़्त हो जाना और अंदर न जाना, उसके ऊपर त्वचा का लाल या काला पड़ना, उल्टी, पेट फूलना और पाखाना या हवा न निकलना ख़तरे के संकेत हैं। ऐसे में कुछ ही घंटों में इलाज ज़रूरी है। हर्निया को ज़बरदस्ती अंदर न करें और दर्द की दवा खाकर इंतज़ार न करें। गोपालगंज में हमारी इमरजेंसी 24x7 खुली है।

हर्निया के ऑपरेशन के बाद खेती या भारी काम कब से कर सकते हैं?

दूरबीन से हर्निया के ऑपरेशन के बाद बहुत से लोग 1 से 2 हफ़्ते में हल्के काम पर लौट आते हैं। भारी वज़न उठाने, खेती और मज़दूरी के लिए सर्जन आम तौर पर ज़्यादा इंतज़ार की सलाह देते हैं, अक्सर लगभग 4 से 6 हफ़्ते, ताकि मरम्मत ठीक से भर जाए। सही समय ऑपरेशन के प्रकार और आपकी रिकवरी पर निर्भर है, इसलिए सर्जन की सलाह मानें।

क्या ऑपरेशन के बाद हर्निया फिर से हो सकता है?

ऑपरेशन के बाद हर्निया दोबारा हो सकता है, लेकिन अच्छे ऑपरेशन के बाद ऐसा आम नहीं है। सर्जन अक्सर कमज़ोर जगह को मज़बूत करने के लिए मेश (मुलायम, कीटाणुरहित जाली) लगाते हैं। घाव भरने तक भारी वज़न न उठाएं, पुरानी खांसी या कब्ज़ का इलाज कराएं, वज़न काबू में रखें और धूम्रपान न करें। दोबारा सूजन दिखे तो सर्जन को दिखाएं।

हर्निया बिना ऑपरेशन ठीक करने का कोई तरीका है?

बड़ों में कोई दवा, कसरत या बेल्ट हर्निया का छेद बंद नहीं कर सकती। छोटा और बिना दर्द वाला हर्निया हो, ख़ासकर दूसरी बीमारियों वाले बुज़ुर्ग में, तो सर्जन कभी कभी नियमित जांच के साथ इंतज़ार की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में बेल्ट से थोड़े समय आराम मिल सकता है। लेकिन मांसपेशी का छेद ठीक करने का तरीका सिर्फ़ ऑपरेशन है, जो अक्सर दूरबीन से होता है।

हर्निया का ऑपरेशन कब करना चाहिए?

हर्निया बढ़ रहा हो, दर्द या भारीपन दे, काम में दिक्कत हो, या पहले कभी फंस चुका हो, तो आम तौर पर योजना बनाकर ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। छोटा, बिना दर्द वाला हर्निया हो तो सर्जन कुछ मरीज़ों में नियमित जांच के साथ इंतज़ार की सलाह दे सकते हैं। हर्निया सख़्त हो जाए, अंदर न जाए या उल्टी हो, तो तुरंत इमरजेंसी में आएं।

गोपालगंज में हर्निया का इलाज कहां कराएं?

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हर्निया के मरीज़ों को हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर देखते हैं, जो 16 साल से ज़्यादा अनुभव वाले जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं। हम जांघ के जोड़, नाभि और पुराने ऑपरेशन के निशान वाले हर्निया का इलाज करते हैं, अक्सर दूरबीन से। सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं। आयुष्मान कार्ड वाले मरीज़ हमारे सहायता केंद्र से कवरेज पूछ सकते हैं। कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज की मेडिकल टीम की ओर से स्वास्थ्य जानकारी। अपनी बीमारी के बारे में सलाह के लिए कृपया हमारे डॉक्टर से मिलें।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

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