पेट दर्द आम बात है, और ज़्यादातर अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ पेट दर्द अपेंडिक्स की सूजन (अपेंडिसाइटिस) का संकेत होता है, जिसका इलाज दिनों में नहीं, घंटों में ज़रूरी है। इसलिए अपेंडिक्स के लक्षण समय पर पहचानना ज़रूरी है। एक आम ग़लती है घर पर दर्द की दवा खाकर इंतज़ार करना, जिससे बीमारी और गंभीर हो सकती है। नीचे हमारी सर्जिकल टीम अपेंडिक्स के ख़तरे के लक्षण बता रही है, और यह भी कि ऐसे में क्या करें और क्या न करें।
अपेंडिक्स और अपेंडिसाइटिस क्या है?
अपेंडिक्स बड़ी आंत से जुड़ी एक छोटी, उंगली जैसी नली है, जो पेट के निचले दाहिने हिस्से में होती है। जब इसमें सूजन और इन्फेक्शन हो जाता है, तो इसे अपेंडिसाइटिस कहते हैं। अक्सर इसका मुंह बंद होने से ऐसा होता है।
इलाज न हो तो सूजा हुआ अपेंडिक्स फट सकता है। फिर इन्फेक्शन पूरे पेट में फैल जाता है (पेरिटोनाइटिस) या पस जमा हो जाता है। फटा अपेंडिक्स ज़्यादा ख़तरनाक है और इसमें आम तौर पर बड़ा ऑपरेशन और ज़्यादा दिन अस्पताल में रहना पड़ता है।
अपेंडिक्स किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन बच्चों, किशोरों और जवान लोगों में सबसे ज़्यादा होता है।
ख़तरे के आम लक्षण
- नाभि के आसपास से शुरू होने वाला दर्द, जो कुछ घंटों में पेट के निचले दाहिने हिस्से में आ जाता है।
- लगातार दर्द, जो चलने, खांसने, छींकने या गाड़ी के झटकों से बढ़ता है।
- भूख ख़त्म हो जाना। बहुत से मरीज़ों का कुछ भी खाने का मन नहीं करता।
- जी मिचलाना या उल्टी, आम तौर पर दर्द शुरू होने के बाद।
- हल्का बुखार, जो अपेंडिक्स फटने पर बढ़ सकता है।
- कभी कभी कब्ज़, दस्त या बार बार पेशाब जाने की इच्छा।
हर मरीज़ में ये सारे लक्षण नहीं होते। हर व्यक्ति में अपेंडिक्स की जगह थोड़ी अलग होती है, इसलिए दर्द पीठ में, पेट के बहुत नीचे या थोड़ा ऊपर भी हो सकता है।
अपेंडिक्स फटने के संकेत
- दर्द का पूरे पेट में फैल जाना।
- पेट का सख़्त और तना हुआ होना, छूने पर तेज़ दर्द।
- तेज़ बुखार, दिल की तेज़ धड़कन, या बहुत कमज़ोरी और सुस्ती।
- कभी कभी फटने के बाद थोड़ी देर दर्द कम हो जाता है और फिर बढ़ जाता है। इस थोड़े आराम को ठीक होना न समझें।
दर्द की दवा खाकर इंतज़ार न करें
पेट दर्द शुरू होते ही बहुत से लोग पास की दवा दुकान से दर्द की गोली या सुई लेकर इंतज़ार करते हैं। इससे कुछ देर दर्द दब जाता है, लेकिन अंदर सूजन बढ़ती रहती है। जब तक दर्द लौटता है, तब तक अपेंडिक्स फट चुका हो सकता है।
अगर अपेंडिक्स का शक हो:
- डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द दबाने के लिए बार बार दर्द की दवा न खाएं।
- जुलाब या एनिमा न लें।
- भारी खाना न खाएं। डॉक्टर के देखने तक सिर्फ़ पानी के छोटे घूंट लें, क्योंकि ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है।
- उसी दिन किसी ऐसे अस्पताल जाएं जहां सर्जन हों, और पुरानी रिपोर्ट साथ ले जाएं।
बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुज़ुर्ग
बच्चे
छोटे बच्चे अक्सर बता नहीं पाते कि दर्द कहां है। ध्यान दें अगर बच्चा खाना न खाए, उल्टी करे, बुखार हो, बिल्कुल हिले डुले नहीं, झुककर चले, या पेट छूने पर या गाड़ी के झटके पर रोए। छोटे बच्चों में अपेंडिक्स पहचानना मुश्किल होता है और अक्सर फटने के बाद पता चलता है, इसलिए इंतज़ार न करें।
गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था में भी अपेंडिक्स हो सकता है। बच्चेदानी बढ़ने से अपेंडिक्स ऊपर की ओर खिसक जाता है, इसलिए दर्द दाहिनी तरफ़ थोड़ा ऊपर महसूस हो सकता है। जी मिचलाने को गर्भ की आम तकलीफ़ समझ लिया जाता है। देर करना मां और बच्चे दोनों के लिए ख़तरनाक है। गर्भवती महिला को पेट के दाहिनी तरफ़ नया और लगातार दर्द हो, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएं।
बुज़ुर्ग
बुज़ुर्गों में गंभीर बीमारी होने पर भी दर्द हल्का और बुखार कम हो सकता है। बुज़ुर्ग के असामान्य या लगातार पेट दर्द की जांच ज़रूर कराएं।
महिलाओं में अंडाशय की गांठ (ओवेरियन सिस्ट) या बच्चेदानी के बाहर गर्भ (एक्टोपिक प्रेग्नेंसी) से भी ऐसा ही दर्द हो सकता है। यह भी एक वजह है कि अंदाज़ा लगाने की जगह जल्दी जांच कराएं।
अपेंडिक्स की जांच कैसे होती है?
- सर्जन द्वारा पेट की जांच।
- इन्फेक्शन के संकेत देखने के लिए खून की जांच।
- पेशाब के इन्फेक्शन या किडनी की पथरी की संभावना देखने के लिए पेशाब की जांच।
- पेट का अल्ट्रासाउंड। कुछ मामलों में CT स्कैन की सलाह भी दी जा सकती है।
- ज़रूरत हो तो महिलाओं में प्रेग्नेंसी टेस्ट।
इलाज
आम इलाज अपेंडिक्स निकालने का ऑपरेशन है, जिसे अपेंडेक्टॉमी कहते हैं। ज़्यादातर मरीज़ों में यह दूरबीन से अपेंडिक्स का ऑपरेशन होता है, जो छोटे छेदों से किया जाता है। अगर अपेंडिक्स फट गया हो या बहुत पस जमा हो, तो चीरे वाला ऑपरेशन या बड़ा पेट का ऑपरेशन करना पड़ सकता है। कुछ चुने हुए मामलों में डॉक्टर पहले एंटीबायोटिक से इलाज आज़मा सकते हैं, लेकिन बीमारी लौट सकती है, और आपके लिए क्या सुरक्षित है, यह हमारे सर्जन जांच के बाद तय करेंगे।
बिना जटिलता वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ हालत के हिसाब से 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं। घर पर क्या ध्यान रखें, यह जानने के लिए पढ़ें: दूरबीन ऑपरेशन के बाद रिकवरी।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
इनमें से कुछ भी हो तो तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं:
- पेट दर्द कुछ घंटों से ज़्यादा है और निचले दाहिने हिस्से की ओर जा रहा है या वहीं टिका है।
- दर्द के साथ बुखार, उल्टी या भूख न लगना।
- चलने, खांसने या गाड़ी में बैठने पर दर्द बढ़ना।
- पेट सख़्त, फूला हुआ या छूने पर बहुत दर्द वाला हो।
- बच्चे, गर्भवती महिला या बुज़ुर्ग को बिना वजह लगातार पेट दर्द हो।
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम गोपालगंज, सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों, और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों से आने वाले ऐसे मरीज़ों की जांच करते हैं, जिनका पेट दर्द अपेंडिक्स का हो सकता है। जांच में अपेंडिक्स की सूजन पक्की हो जाए, तो हमारे सर्जन आम तौर पर दूरबीन से ऑपरेशन करके अपेंडिक्स निकालते हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें: दूरबीन से अपेंडिक्स का ऑपरेशन।
गोपालगंज में हमारी 24x7 इमरजेंसी के साथ अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की सुविधा है। हमारी सर्जिकल टीम का नेतृत्व हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जिन्हें लेप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जरी में 16 साल से ज़्यादा का अनुभव है। कृपया रास्ते से ही +91 72739 94786 पर कॉल करें, ताकि आपके पहुंचने तक हमारी टीम तैयार रहे। ओपीडी में पहले से समय लेने के लिए कृपया हमारा संपर्क पेज देखें।





