अपेंडिक्स के लक्षण: पेट दर्द के ये संकेत नज़रअंदाज़ न करें

अपेंडिक्स के लक्षण: पेट दर्द के ये संकेत नज़रअंदाज़ न करें

नाभि के पास से शुरू होकर पेट के निचले दाहिने हिस्से में जाने वाला दर्द, बुखार या उल्टी के साथ, अपेंडिक्स हो सकता है। हमारे सर्जन बता रहे हैं ख़तरे के लक्षण, और यह भी कि दर्द की दवा खाकर इंतज़ार क्यों न करें।

मुख्य बातें

  • नाभि के पास से शुरू होकर पेट के निचले दाहिने हिस्से में जाने वाला दर्द, भूख न लगना, उल्टी या बुखार के साथ, अपेंडिक्स हो सकता है।
  • दर्द की दवा खाकर इंतज़ार न करें। इससे दर्द दब जाता है जबकि अंदर अपेंडिक्स बिगड़ता रहता है और फट सकता है।
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों में लक्षण अलग हो सकते हैं, इसलिए उनकी जल्दी जांच कराएं।
  • ज़्यादातर मरीज़ों में दूरबीन से अपेंडिक्स निकाला जाता है और वे 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं।
  • अचानक तेज़ पेट दर्द में डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज की हमारी 24x7 इमरजेंसी हर समय खुली है।

पेट दर्द आम बात है, और ज़्यादातर अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ पेट दर्द अपेंडिक्स की सूजन (अपेंडिसाइटिस) का संकेत होता है, जिसका इलाज दिनों में नहीं, घंटों में ज़रूरी है। इसलिए अपेंडिक्स के लक्षण समय पर पहचानना ज़रूरी है। एक आम ग़लती है घर पर दर्द की दवा खाकर इंतज़ार करना, जिससे बीमारी और गंभीर हो सकती है। नीचे हमारी सर्जिकल टीम अपेंडिक्स के ख़तरे के लक्षण बता रही है, और यह भी कि ऐसे में क्या करें और क्या न करें।

अपेंडिक्स और अपेंडिसाइटिस क्या है?

अपेंडिक्स बड़ी आंत से जुड़ी एक छोटी, उंगली जैसी नली है, जो पेट के निचले दाहिने हिस्से में होती है। जब इसमें सूजन और इन्फेक्शन हो जाता है, तो इसे अपेंडिसाइटिस कहते हैं। अक्सर इसका मुंह बंद होने से ऐसा होता है।

इलाज न हो तो सूजा हुआ अपेंडिक्स फट सकता है। फिर इन्फेक्शन पूरे पेट में फैल जाता है (पेरिटोनाइटिस) या पस जमा हो जाता है। फटा अपेंडिक्स ज़्यादा ख़तरनाक है और इसमें आम तौर पर बड़ा ऑपरेशन और ज़्यादा दिन अस्पताल में रहना पड़ता है।

अपेंडिक्स किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन बच्चों, किशोरों और जवान लोगों में सबसे ज़्यादा होता है।

ख़तरे के आम लक्षण

  • नाभि के आसपास से शुरू होने वाला दर्द, जो कुछ घंटों में पेट के निचले दाहिने हिस्से में आ जाता है।
  • लगातार दर्द, जो चलने, खांसने, छींकने या गाड़ी के झटकों से बढ़ता है।
  • भूख ख़त्म हो जाना। बहुत से मरीज़ों का कुछ भी खाने का मन नहीं करता।
  • जी मिचलाना या उल्टी, आम तौर पर दर्द शुरू होने के बाद।
  • हल्का बुखार, जो अपेंडिक्स फटने पर बढ़ सकता है।
  • कभी कभी कब्ज़, दस्त या बार बार पेशाब जाने की इच्छा।

हर मरीज़ में ये सारे लक्षण नहीं होते। हर व्यक्ति में अपेंडिक्स की जगह थोड़ी अलग होती है, इसलिए दर्द पीठ में, पेट के बहुत नीचे या थोड़ा ऊपर भी हो सकता है।

अपेंडिक्स फटने के संकेत

  • दर्द का पूरे पेट में फैल जाना।
  • पेट का सख़्त और तना हुआ होना, छूने पर तेज़ दर्द।
  • तेज़ बुखार, दिल की तेज़ धड़कन, या बहुत कमज़ोरी और सुस्ती।
  • कभी कभी फटने के बाद थोड़ी देर दर्द कम हो जाता है और फिर बढ़ जाता है। इस थोड़े आराम को ठीक होना न समझें।

दर्द की दवा खाकर इंतज़ार न करें

पेट दर्द शुरू होते ही बहुत से लोग पास की दवा दुकान से दर्द की गोली या सुई लेकर इंतज़ार करते हैं। इससे कुछ देर दर्द दब जाता है, लेकिन अंदर सूजन बढ़ती रहती है। जब तक दर्द लौटता है, तब तक अपेंडिक्स फट चुका हो सकता है।

अगर अपेंडिक्स का शक हो:

  • डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द दबाने के लिए बार बार दर्द की दवा न खाएं।
  • जुलाब या एनिमा न लें।
  • भारी खाना न खाएं। डॉक्टर के देखने तक सिर्फ़ पानी के छोटे घूंट लें, क्योंकि ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है।
  • उसी दिन किसी ऐसे अस्पताल जाएं जहां सर्जन हों, और पुरानी रिपोर्ट साथ ले जाएं।

बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुज़ुर्ग

बच्चे

छोटे बच्चे अक्सर बता नहीं पाते कि दर्द कहां है। ध्यान दें अगर बच्चा खाना न खाए, उल्टी करे, बुखार हो, बिल्कुल हिले डुले नहीं, झुककर चले, या पेट छूने पर या गाड़ी के झटके पर रोए। छोटे बच्चों में अपेंडिक्स पहचानना मुश्किल होता है और अक्सर फटने के बाद पता चलता है, इसलिए इंतज़ार न करें।

गर्भवती महिलाएं

गर्भावस्था में भी अपेंडिक्स हो सकता है। बच्चेदानी बढ़ने से अपेंडिक्स ऊपर की ओर खिसक जाता है, इसलिए दर्द दाहिनी तरफ़ थोड़ा ऊपर महसूस हो सकता है। जी मिचलाने को गर्भ की आम तकलीफ़ समझ लिया जाता है। देर करना मां और बच्चे दोनों के लिए ख़तरनाक है। गर्भवती महिला को पेट के दाहिनी तरफ़ नया और लगातार दर्द हो, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएं।

बुज़ुर्ग

बुज़ुर्गों में गंभीर बीमारी होने पर भी दर्द हल्का और बुखार कम हो सकता है। बुज़ुर्ग के असामान्य या लगातार पेट दर्द की जांच ज़रूर कराएं।

महिलाओं में अंडाशय की गांठ (ओवेरियन सिस्ट) या बच्चेदानी के बाहर गर्भ (एक्टोपिक प्रेग्नेंसी) से भी ऐसा ही दर्द हो सकता है। यह भी एक वजह है कि अंदाज़ा लगाने की जगह जल्दी जांच कराएं।

अपेंडिक्स की जांच कैसे होती है?

  • सर्जन द्वारा पेट की जांच।
  • इन्फेक्शन के संकेत देखने के लिए खून की जांच।
  • पेशाब के इन्फेक्शन या किडनी की पथरी की संभावना देखने के लिए पेशाब की जांच।
  • पेट का अल्ट्रासाउंड। कुछ मामलों में CT स्कैन की सलाह भी दी जा सकती है।
  • ज़रूरत हो तो महिलाओं में प्रेग्नेंसी टेस्ट।

इलाज

आम इलाज अपेंडिक्स निकालने का ऑपरेशन है, जिसे अपेंडेक्टॉमी कहते हैं। ज़्यादातर मरीज़ों में यह दूरबीन से अपेंडिक्स का ऑपरेशन होता है, जो छोटे छेदों से किया जाता है। अगर अपेंडिक्स फट गया हो या बहुत पस जमा हो, तो चीरे वाला ऑपरेशन या बड़ा पेट का ऑपरेशन करना पड़ सकता है। कुछ चुने हुए मामलों में डॉक्टर पहले एंटीबायोटिक से इलाज आज़मा सकते हैं, लेकिन बीमारी लौट सकती है, और आपके लिए क्या सुरक्षित है, यह हमारे सर्जन जांच के बाद तय करेंगे।

बिना जटिलता वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ हालत के हिसाब से 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं। घर पर क्या ध्यान रखें, यह जानने के लिए पढ़ें: दूरबीन ऑपरेशन के बाद रिकवरी।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

इनमें से कुछ भी हो तो तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं:

  • पेट दर्द कुछ घंटों से ज़्यादा है और निचले दाहिने हिस्से की ओर जा रहा है या वहीं टिका है।
  • दर्द के साथ बुखार, उल्टी या भूख न लगना।
  • चलने, खांसने या गाड़ी में बैठने पर दर्द बढ़ना।
  • पेट सख़्त, फूला हुआ या छूने पर बहुत दर्द वाला हो।
  • बच्चे, गर्भवती महिला या बुज़ुर्ग को बिना वजह लगातार पेट दर्द हो।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम गोपालगंज, सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों, और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों से आने वाले ऐसे मरीज़ों की जांच करते हैं, जिनका पेट दर्द अपेंडिक्स का हो सकता है। जांच में अपेंडिक्स की सूजन पक्की हो जाए, तो हमारे सर्जन आम तौर पर दूरबीन से ऑपरेशन करके अपेंडिक्स निकालते हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें: दूरबीन से अपेंडिक्स का ऑपरेशन।

गोपालगंज में हमारी 24x7 इमरजेंसी के साथ अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की सुविधा है। हमारी सर्जिकल टीम का नेतृत्व हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जिन्हें लेप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जरी में 16 साल से ज़्यादा का अनुभव है। कृपया रास्ते से ही +91 72739 94786 पर कॉल करें, ताकि आपके पहुंचने तक हमारी टीम तैयार रहे। ओपीडी में पहले से समय लेने के लिए कृपया हमारा संपर्क पेज देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अपेंडिक्स का दर्द कहां होता है?

अपेंडिक्स का दर्द आम तौर पर नाभि के आसपास हल्के दर्द से शुरू होता है और कुछ घंटों में पेट के निचले दाहिने हिस्से में आकर तेज़ और लगातार हो जाता है। चलने, खांसने या गाड़ी के झटकों से यह अक्सर बढ़ता है। हर व्यक्ति में अपेंडिक्स की जगह थोड़ी अलग होती है, इसलिए दर्द पीठ में, पेट के बहुत नीचे या थोड़ा ऊपर भी हो सकता है, ख़ासकर गर्भावस्था में।

क्या अपेंडिक्स सिर्फ़ दवा से ठीक हो सकता है?

शुरुआती और बिना जटिलता वाले कुछ चुने हुए मरीज़ों में डॉक्टर पहले एंटीबायोटिक से इलाज आज़मा सकते हैं। लेकिन अपेंडिक्स में बाद में फिर सूजन आ सकती है, और अपेंडिक्स फट गया हो या पस जमा हो तो सिर्फ़ दवा काफ़ी नहीं है। ज़्यादातर मरीज़ों के लिए अपेंडिक्स निकालना, आम तौर पर दूरबीन से, ही मान्य इलाज है। फ़ैसला सर्जन जांच और रिपोर्ट देखकर करेंगे।

क्या पेट दर्द में घर पर दर्द की दवा लेना ठीक है?

हल्का दर्द जो जल्दी ठीक हो जाए, उसमें लोग अक्सर साधारण दवा ले लेते हैं। लेकिन अगर दर्द तेज़ है, बढ़ता जा रहा है, निचले दाहिने हिस्से में जा रहा है, या बुखार और उल्टी के साथ है, तो दर्द की दवा खाकर इंतज़ार न करें। इससे दर्द दब जाता है जबकि अंदर अपेंडिक्स बिगड़ता रहता है। जुलाब और एनिमा भी न लें। उसी दिन डॉक्टर को दिखाएं।

क्या गर्भावस्था में अपेंडिक्स हो सकता है?

हां। गर्भावस्था में भी अपेंडिक्स हो सकता है, और बढ़ती बच्चेदानी अपेंडिक्स को ऊपर धकेल देती है, इसलिए दर्द दाहिनी तरफ़ थोड़ा ऊपर हो सकता है। इसकी जल्दी जांच ज़रूरी है, क्योंकि फटा अपेंडिक्स मां और बच्चे दोनों के लिए ख़तरनाक है। ज़रूरत हो तो गर्भावस्था में भी ख़ास सावधानी के साथ ऑपरेशन किया जा सकता है। दाहिनी तरफ़ नया, लगातार दर्द हो तो उसी दिन दिखाएं।

अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

बिना जटिलता वाले दूरबीन ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ 1 से 2 दिन में घर चले जाते हैं और लगभग 1 से 2 हफ़्ते में हल्के काम पर लौट आते हैं। भारी वज़न उठाने और मेहनत वाले काम के लिए आम तौर पर कुछ हफ़्ते और लगते हैं। अगर अपेंडिक्स फट गया था, तो अस्पताल में ज़्यादा दिन रुकना पड़ता है और कुछ दिन एंटीबायोटिक चल सकती है। सर्जन आपको सही सलाह देंगे।

अपेंडिक्स के लक्षण सबसे पहले क्या होते हैं?

शुरुआत में आम तौर पर नाभि के आसपास हल्का दर्द, भूख न लगना और जी मिचलाना होता है। कुछ घंटों में दर्द पेट के निचले दाहिने हिस्से में आकर तेज़ और लगातार हो जाता है। इसके बाद हल्का बुखार और उल्टी हो सकती है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों में सारे लक्षण साफ़ नहीं दिखते, इसलिए लगातार पेट दर्द हो तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएं।

बच्चों में अपेंडिक्स के लक्षण क्या होते हैं?

बच्चे अक्सर दर्द ठीक से बता नहीं पाते। ऐसा पेट दर्द जो कम न हो, खाना न खाना, उल्टी, बुखार, और बच्चे का चुपचाप लेटे रहना, झुककर चलना या पेट छूने पर या गाड़ी के झटकों पर रोना, इन पर ध्यान दें। छोटे बच्चों में अपेंडिक्स जल्दी फट सकता है, इसलिए लगातार पेट दर्द हो तो बच्चे को उसी दिन डॉक्टर को दिखाएं।

गोपालगंज में अपेंडिक्स का इलाज कहां होता है?

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हमारी 24x7 इमरजेंसी के साथ अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की सुविधा है। अपेंडिक्स के शक वाले मरीज़ों की जांच हमारी सर्जिकल टीम करती है, जिसका नेतृत्व हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। डॉ. ठाकुर को 16 साल से ज़्यादा का अनुभव है। सीवान, छपरा और आसपास के ज़िलों से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं। कृपया रास्ते से ही +91 72739 94786 पर कॉल करें।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल मेडिकल टीम
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डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज की मेडिकल टीम की ओर से स्वास्थ्य जानकारी। अपनी बीमारी के बारे में सलाह के लिए कृपया हमारे डॉक्टर से मिलें।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

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