आपका या आपके माता पिता का ऑपरेशन कौन करेगा, यह परिवार के सबसे बड़े फ़ैसलों में से एक है। लेप्रोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) अब पित्त की थैली की पथरी, हर्निया, अपेंडिक्स और कई दूसरी बीमारियों में आम हो गया है। लेकिन नतीजा बहुत हद तक सर्जन और उनकी सर्जिकल टीम पर निर्भर करता है। अच्छा लेप्रोस्कोपिक सर्जन कैसे चुनें, यह 10 ऐसे सवालों से समझा जा सकता है जो आप कहीं भी पूछ सकते हैं, चाहे गोपालगंज हो, पटना हो या कोई और शहर।
अच्छा लेप्रोस्कोपिक सर्जन कैसे चुनें, और यह क्यों ज़रूरी है?
दूरबीन के ऑपरेशन में सर्जन छोटे छेदों से, स्क्रीन पर देखते हुए ऑपरेशन करते हैं। इसके लिए ख़ास ट्रेनिंग, स्थिर हाथ और सही समझ चाहिए। सर्जन को यह भी पता होना चाहिए कि कब दूरबीन से ऑपरेशन सुरक्षित नहीं है और कब चीरे वाला ऑपरेशन करना है। अस्पताल भी मायने रखता है: ऑपरेशन थिएटर, बेहोशी की टीम, आईसीयू और ऑपरेशन के बाद की नर्सिंग, सब आपकी सुरक्षित रिकवरी पर असर डालते हैं।
दूरबीन ऑपरेशन से पहले सर्जन से क्या पूछें: 10 सवाल
1. क्या डॉक्टर के पास सही डिग्री है?
पेट का ऑपरेशन करने वाले सर्जन के पास MBBS के बाद सर्जरी की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए, जैसे MS (जनरल सर्जरी) या इसके बराबर मान्य डिग्री। कई सर्जन लेप्रोस्कोपी की अलग ट्रेनिंग भी लेते हैं। पर्ची या बोर्ड पर लिखी डिग्री देखें, और यह पूछने में न झिझकें कि डिग्री कहां से मिली।
2. क्या डॉक्टर मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड हैं?
भारत में एलोपैथी की प्रैक्टिस करने वाले हर डॉक्टर का किसी स्टेट मेडिकल काउंसिल या नेशनल मेडिकल कमीशन में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। रजिस्ट्रेशन नंबर आम तौर पर पर्ची पर छपा होता है। डॉक्टर की डिग्री और रजिस्ट्रेशन कैसे चेक करें? नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की वेबसाइट पर इंडियन मेडिकल रजिस्टर में डॉक्टर के नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर या स्टेट मेडिकल काउंसिल से खोज सकते हैं। इसमें कुछ ही मिनट लगते हैं।
3. मेरे ऑपरेशन में सर्जन को कितना अनुभव है?
पूछें कि आपको जो ऑपरेशन चाहिए, वह सर्जन कितनी बार करते हैं। जो सर्जन नियमित रूप से पित्त की थैली या हर्निया का दूरबीन से ऑपरेशन करते हैं, वे मुश्किल हालात को बेहतर पहचानते हैं। यह पूछना भी ठीक है कि वे कितने साल से ऑपरेशन कर रहे हैं और ट्रेनिंग कहां हुई।
4. क्या यही सर्जन मेरा ऑपरेशन करेंगे?
पूछें कि ऑपरेशन असल में कौन करेगा और कौन सहायता करेगा। यह जानना आपका हक़ है।
5. अगर दूरबीन से ऑपरेशन पूरा न हो सके तो क्या होगा?
कभी कभी ज़्यादा सूजन, खून बहने या पुराने ऑपरेशन के चिपकाव की वजह से सर्जन को सुरक्षा के लिए चीरे वाला ऑपरेशन करना पड़ता है। इसे कन्वर्ज़न कहते हैं। यह नाकामी नहीं, बल्कि सही समझ का संकेत है। पूछें कि क्या सर्जन चीरे वाले ऑपरेशन में भी प्रशिक्षित हैं। जो सर्जन कहें कि ऐसा कभी होता ही नहीं, वे आपको पूरी बात नहीं बता रहे।
6. क्या आईसीयू और 24 घंटे इमरजेंसी है?
ज़्यादातर मरीज़ बिना दिक्कत ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर अचानक कुछ हो, जैसे खून बहना या सांस की तकलीफ़, तो उसी अस्पताल में किसी भी समय आईसीयू और इमरजेंसी की सुविधा होनी चाहिए।
7. बेहोशी कौन देगा?
ज़्यादातर दूरबीन ऑपरेशन बेहोशी (जनरल एनेस्थीसिया) देकर होते हैं। पूछें कि क्या योग्य बेहोशी के डॉक्टर (एनेस्थेटिस्ट) मौजूद रहेंगे और ऑपरेशन से पहले आपकी जांच होगी या नहीं। दिल की बीमारी, शुगर या सांस की बीमारी वाले मरीज़ों के लिए यह ख़ास तौर पर ज़रूरी है।
8. क्या सर्जन ने सब कुछ साफ़ समझाया?
अच्छे सर्जन आपकी भाषा में समझाते हैं कि ऑपरेशन क्यों ज़रूरी है, दूसरा कोई विकल्प है या नहीं, ऑपरेशन कैसे होगा, क्या ख़तरे हो सकते हैं, रिकवरी में कितना समय लगेगा और लगभग कितना खर्च होगा। आप खुलकर सवाल पूछ सकें और परिवार को भी शामिल किया जाए। सावधान रहें अगर इमरजेंसी न होने पर भी कुछ ही मिनट में फ़ैसला करने का दबाव डाला जाए, या "बिल्कुल दर्द नहीं", "कोई निशान नहीं" या "100% सफलता" का वादा किया जाए। कोई ईमानदार सर्जन ऐसा वादा नहीं कर सकता।
9. ऑपरेशन से पहले कौन सी जांच होगी?
सुरक्षित ऑपरेशन की शुरुआत सही जांच से होती है: खून की जांच, शुगर, ईसीजी, छाती का एक्स-रे और कुछ मरीज़ों में दिल की जांच। जांच उम्र और सेहत के हिसाब से तय होती है। अगर बिना बुनियादी जांच के ऑपरेशन की बात हो, तो वजह ज़रूर पूछें।
10. फॉलो-अप कैसे होगा, और दूसरे मरीज़ क्या कहते हैं?
पूछें कि टांके दिखाने कब आना है, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट (निकाले गए हिस्से की माइक्रोस्कोप जांच) कब आएगी और रात में दिक्कत हो तो किसे फ़ोन करें। फिर असली मरीज़ों की राय पढ़ें। कई सालों में बहुत से अलग अलग लोगों के रिव्यू किसी एक विज्ञापन से ज़्यादा बताते हैं।
इन बातों पर सावधान रहें
- डिग्री या रजिस्ट्रेशन नंबर न लिखा हो, या बताने से मना किया जाए।
- "100% इलाज", "बिल्कुल दर्द नहीं" या "कोई निशान नहीं" जैसे वादे।
- जो बीमारी इमरजेंसी नहीं है, उसमें भी उसी दिन भर्ती का दबाव।
- खर्च के अनुमान में क्या शामिल है, इसका साफ़ जवाब न मिले।
- न आईसीयू, न बेहोशी के डॉक्टर, न इमरजेंसी का कोई इंतज़ाम।
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हम इन सवालों के जवाब कैसे देते हैं
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में दूरबीन और जनरल सर्जरी हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं। उन्होंने MBBS (JLNMC, भागलपुर) और MS जनरल सर्जरी (नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना) की पढ़ाई की है। वे लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली और IGIMS, पटना में सीनियर रेज़िडेंट रहे, और बिहार सरकार में स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफ़िसर (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) के रूप में सेवा दी। उन्हें सर्जरी में 16 साल से ज़्यादा का अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं।
हमारे अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, 24 घंटे इमरजेंसी, पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। बेहोशी हमारे प्रशिक्षित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ देते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर हमारे विज़िटिंग हृदय रोग विशेषज्ञ ऑपरेशन से पहले दिल की फिटनेस जांच करते हैं। दूरबीन के ऑपरेशन से पहले डॉ. ठाकुर हर मरीज़ के परिवार के एक सदस्य को पूरी प्रक्रिया समझाते हैं। हमारे मरीज़ क्या कहते हैं, यह आप हमारे रिव्यू पेज पर पढ़ सकते हैं, और हमारे लेप्रोस्कोपिक सर्जरी विभाग के बारे में भी जान सकते हैं।
डॉ. ठाकुर हर मरीज़ को ये जांच करने की सलाह देते हैं। एक इंटरव्यू (लाइव हिन्दुस्तान ब्रांड पोस्ट, दिसंबर 2025) में उनके शब्द हैं: "मैं सभी मरीजों और उनके परिजन को यही कहना चाहता हूं कि अपने स्वास्थ्य के प्रति शिक्षित व जागरूक बनिए। ... किसी भी डॉक्टर से परामर्श लेने से पूर्व उनकी डिग्री जरूर चेक कीजिये।"
फ़ैसला लेने से पहले
प्लान किए गए ऑपरेशन के लिए दूसरी राय लेना सामान्य और समझदारी की बात है, और हम आपके इस फ़ैसले का हमेशा सम्मान करते हैं। हर बार सभी रिपोर्ट साथ ले जाएं, ताकि जांच दोबारा न करानी पड़े। ख़तरे और खर्च पहले से समझ लेना भी उपयोगी है। कृपया हमारे ये लेख पढ़ें: लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के नुकसान और फायदे और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
- आपको ऑपरेशन की सलाह मिली है और आप साफ़ जानकारी या दूसरी राय चाहते हैं।
- अल्ट्रासाउंड में पित्त की थैली में पथरी, हर्निया, अंडाशय की गांठ (ओवेरियन सिस्ट) या कोई और समस्या आई है।
- बार बार पेट दर्द होता है और वजह साफ़ नहीं है। कभी कभी डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी, यानी दूरबीन से पेट के अंदर की जांच, की सलाह दी जाती है।
- अचानक पेट में तेज़ दर्द, उल्टी या बुखार हो। अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें, सीधे हमारी इमरजेंसी में आएं, जो 24 घंटे खुली रहती है।
डॉ. ठाकुर डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक ओपीडी में मरीज़ देखते हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, चंपारण और उत्तर प्रदेश के पास के ज़िलों से मरीज़ हमारे पास आते हैं। कृपया ओपीडी में दिखाने या रिपोर्ट भेजने के लिए +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। इस सूची का हर सवाल आप हमसे बेझिझक पूछ सकते हैं।





