गोपालगंज में डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड

डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड

पथरी, चोट, पेट दर्द, गांठ और दूसरी समस्याओं की पहचान के लिए हमारे अस्पताल में ही डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड होता है, और जांच से पहले हम तैयारी की आसान जानकारी देते हैं।

गोपालगंज में डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा हमारे डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में उसी इमारत में है जहां हमारी ओपीडी, 24 घंटे इमरजेंसी और ऑपरेशन थिएटर हैं। अगर आपको एक्स-रे या गोपालगंज में अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह मिली है, जैसे पेट दर्द में पूरे पेट का अल्ट्रासाउंड, पित्त की थैली या किडनी की पथरी की जांच, पथरी के लिए केयूबी एक्स-रे, छाती का एक्स-रे, या चोट के बाद एक्स-रे, तो यह जांच हम यहीं करते हैं। रिपोर्ट सीधे आपके इलाज करने वाले डॉक्टर तक जाती है, इसलिए फैसले जल्दी होते हैं और कम चक्कर लगते हैं। गोपालगंज ज़िले के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं। कृपया नीचे दी गई तैयारी का पालन करें, जैसे पेट के ऊपरी हिस्से के अल्ट्रासाउंड से पहले खाली पेट रहना या पेडू की जांच के लिए भरा मूत्राशय, और डॉक्टर की पर्ची और पुरानी फिल्में साथ लाएं। सवाल हो तो कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। गर्भ में बच्चे का लिंग जांचना गैरकानूनी है और हमारे अस्पताल में यह कभी नहीं होता।

इमेजिंग जांच से डॉक्टर बिना ऑपरेशन शरीर के अंदर देख पाते हैं। हमारे डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड उसी जगह पर है जहां हमारी ओपीडी, इमरजेंसी और ऑपरेशन थिएटर हैं, इसलिए ज़्यादातर मरीज़ों को इन जांचों के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ता।

डिजिटल एक्स-रे में रेडिएशन की बहुत कम, नियंत्रित मात्रा से हड्डियों, छाती और पेट की तस्वीर ली जाती है। इसका इस्तेमाल हम हड्डी टूटने और चोट, छाती के संक्रमण और खांसी, कुछ तरह की किडनी की पथरी, बच्चों की निगली हुई चीज़ों और ऑपरेशन से पहले की जांच में करते हैं।

अल्ट्रासाउंड में ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल होता है, रेडिएशन का नहीं। इससे हम आम तौर पर पित्त की थैली (पथरी के लिए), लिवर, किडनी, मूत्राशय, प्रोस्टेट, बच्चेदानी और अंडाशय देखते हैं, और गांठ, हर्निया और हाइड्रोसील जैसी सूजन की जांच करते हैं। पेट दर्द में अक्सर यही पहली जांच होती है।

जांच से पहले:

  • पेट के ऊपरी हिस्से (पित्त की थैली, लिवर) के अल्ट्रासाउंड से पहले, मना न किया जाए तो लगभग 6 घंटे कुछ न खाएं।
  • किडनी, मूत्राशय, प्रोस्टेट या बच्चेदानी के अल्ट्रासाउंड से लगभग एक घंटा पहले पानी पिएं और पेशाब न करें, ताकि मूत्राशय भरा रहे।
  • एक्स-रे के समय जांच वाली जगह से चेन, बेल्ट जैसी धातु की चीज़ें हटा दें।
  • अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं, तो एक्स-रे से पहले हमारे स्टाफ को ज़रूर बताएं।

रिपोर्ट उस डॉक्टर के पास जाती है जिन्होंने जांच लिखी है, और वे समझाते हैं कि इसका आपके लिए क्या मतलब है। कृपया पुरानी एक्स-रे फिल्में और रिपोर्ट साथ लाएं, ताकि हम बदलाव की तुलना कर सकें। सीटी स्कैन या एमआरआई की ज़रूरत हो तो आपके डॉक्टर बताएंगे कि कहां करवाना है।

डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड 1
डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड 2

हमारे अस्पताल में होने वाली जांच

  • छाती का एक्स-रे
  • हड्डी टूटने और चोट में हड्डियों और जोड़ों का एक्स-रे
  • पथरी के लिए पेट का एक्स-रे और KUB (किडनी, यूरेटर, मूत्राशय)
  • पूरे पेट का अल्ट्रासाउंड
  • पित्त की थैली की पथरी, लिवर और किडनी का अल्ट्रासाउंड
  • प्रोस्टेट और मूत्राशय का अल्ट्रासाउंड, पेशाब के बाद बचे पेशाब की जांच भी
  • बच्चेदानी और अंडाशय का अल्ट्रासाउंड
  • गांठ, हर्निया और हाइड्रोसील जैसी अंडकोष की सूजन का अल्ट्रासाउंड
  • ऑपरेशन से पहले एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच

सुविधाएं और हमारा तरीका

  • हमारे अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे
  • हमारे अस्पताल में अल्ट्रासाउंड
  • हर जांच से पहले तैयारी की साफ़ जानकारी
  • रिपोर्ट आपके इलाज करने वाले डॉक्टर समझाते हैं
  • हमारी ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड के पास, जांच के लिए कहीं जाना नहीं पड़ता
  • फॉलो-अप में हम पुरानी फिल्मों और रिपोर्ट से तुलना करते हैं

मरीज़ हम पर भरोसा क्यों करते हैं

जिस अस्पताल में आप डॉक्टर को दिखाते हैं, उसी में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड होने से कम चक्कर लगते हैं, कम इंतज़ार होता है और फैसले जल्दी होते हैं। पेट दर्द, पथरी के शक या चोट वाले मरीज़ की रिपोर्ट सीधे इलाज करने वाले सर्जन तक पहुंचती है, जो फिर दवा, प्रक्रिया या ऑपरेशन की योजना बनाते हैं। हमारी पैथोलॉजी लैब, ईसीजी, एंडोस्कोपी और दवा दुकान भी इसी अस्पताल में हैं। हमारा अस्पताल कमला राय कॉलेज रोड, होटल राल्सन के बगल में, अरार, गोपालगंज में है, और सीवान, सारण, चंपारण और पास के उत्तर प्रदेश से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अल्ट्रासाउंड से पहले खाली पेट रहना ज़रूरी है?

यह इस पर निर्भर करता है कि किस हिस्से की जांच है। पेट के ऊपरी हिस्से, खास कर पित्त की थैली और लिवर की जांच से पहले कृपया लगभग 6 घंटे कुछ न खाएं, क्योंकि खाने से पित्त की थैली सिकुड़ जाती है और ठीक से नहीं दिखती। किडनी, मूत्राशय, प्रोस्टेट या बच्चेदानी की जांच में भरा मूत्राशय चाहिए, इसलिए लगभग एक घंटा पहले पानी पिएं और पेशाब न करें। डॉक्टर मना न करें तो रोज़ की दवा थोड़े पानी से ले लें।

क्या एक्स-रे का रेडिएशन नुकसान करता है?

एक बार के एक्स-रे में रेडिएशन की बहुत कम मात्रा होती है, और सही पहचान का फायदा आम तौर पर इसके जोखिम से कहीं ज़्यादा होता है। हमारे डॉक्टर एक्स-रे तभी लिखते हैं जब ज़रूरत हो। गर्भवती महिलाओं में खास सावधानी चाहिए, इसलिए गर्भ हो या होने की संभावना हो तो हमारे स्टाफ को ज़रूर बताएं। अल्ट्रासाउंड में रेडिएशन नहीं होता, इसलिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए अक्सर इसे पसंद किया जाता है।

क्या अल्ट्रासाउंड में बच्चे का लिंग बताया जाता है?

नहीं। पीसीपीएनडीटी कानून के तहत भारत में गर्भ में बच्चे का लिंग पता करना या बताना गैरकानूनी है, और हमारे अस्पताल में यह कभी नहीं किया जाता। हम अल्ट्रासाउंड केवल इलाज के लिए करते हैं, जैसे पथरी, गांठ, या पेट और पेड़ू के अंगों की समस्या देखने के लिए। परिवारों से हमारा अनुरोध है कि हमारे स्टाफ से यह जानकारी न मांगें। बेटी भी बेटे जितनी ही प्यारी है।

एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड के लिए क्या साथ लाएं?

कृपया जांच की डॉक्टर की पर्ची, पुरानी एक्स-रे फिल्में, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और डिस्चार्ज पेपर साथ लाएं, ताकि हम बदलाव की तुलना कर सकें। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें, हो सके तो बिना धातु के बटन या ज़िप वाले। खाली पेट या भरे मूत्राशय के जो निर्देश हमने दिए हैं, उन्हें मानें। बुज़ुर्ग, बच्चे और दर्द वाले मरीज़ के साथ एक साथी हो तो अच्छा है। तैयारी से जुड़े सवाल हों तो कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें।

गोपालगंज में डिजिटल एक्स-रे और पुराने फिल्म वाले एक्स-रे में क्या फर्क है?

डिजिटल एक्स-रे में तस्वीर केमिकल वाली फिल्म की जगह इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बनती है। तस्वीर जल्दी तैयार होती है, स्क्रीन पर बड़ी करके देखी जा सकती है, और फिल्म धुलने का इंतज़ार किए बिना डॉक्टर तक पहुंच जाती है। इसमें भी रेडिएशन की छोटी, नियंत्रित मात्रा लगती है, इसलिए हम एक्स-रे ज़रूरत होने पर ही करते हैं। अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं, तो जांच से पहले हमारे स्टाफ को ज़रूर बताएं।

पेट दर्द में गोपालगंज में अल्ट्रासाउंड अक्सर पहली जांच क्यों होती है?

अल्ट्रासाउंड जल्दी होता है, इसमें रेडिएशन नहीं होता और यह पेट दर्द के कई आम कारण दिखा देता है, जैसे पित्त की थैली की पथरी, किडनी की पथरी, कुछ मरीज़ों में सूजा हुआ अपेंडिक्स, लिवर की तकलीफ, पेट में पानी और पेडू की सूजन। यह बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है। साफ़ जवाब न मिले तो आपके डॉक्टर एक्स-रे, खून की जांच, एंडोस्कोपी या दूसरे सेंटर पर सीटी स्कैन की सलाह दे सकते हैं।

पूरे पेट का अल्ट्रासाउंड क्या है और इसकी तैयारी कैसे करें?

पूरे पेट के अल्ट्रासाउंड में एक ही बार में लिवर, पित्त की थैली, पैंक्रियास, तिल्ली, किडनी और मूत्राशय, और पुरुषों में प्रोस्टेट या महिलाओं में बच्चेदानी और अंडाशय देखे जाते हैं। आम तौर पर लगभग 6 घंटे कुछ न खाएं, ताकि पित्त की थैली साफ दिखे, और जांच से लगभग एक घंटा पहले पानी पीकर पेशाब रोक कर रखें, ताकि मूत्राशय भरा रहे। कृपया नंबर लगाते समय हमारे दिए गए निर्देश ठीक से मानें।

पथरी के लिए केयूबी एक्स-रे काफी है या अल्ट्रासाउंड भी चाहिए?

केयूबी एक्स-रे (किडनी, यूरेटर और मूत्राशय) में बहुत सी पथरी दिख जाती है और समय के साथ उस पर नज़र रखने में मदद मिलती है, लेकिन कुछ पथरी एक्स-रे में साफ नहीं दिखती। अल्ट्रासाउंड से रुकावट के कारण किडनी की सूजन दिखती है और वह पथरी भी मिल सकती है जो एक्स-रे में छूट जाए, इसलिए हमारे डॉक्टर अक्सर दोनों करवाते हैं। ऑपरेशन से पहले कुछ मरीज़ों को हम दूसरे सेंटर पर सीटी स्कैन की सलाह देते हैं।

गोपालगंज में डिजिटल एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

खर्च जांच और शरीर के हिस्से पर निर्भर करता है, जैसे छाती का एक एक्स-रे, कई तरफ से एक्स-रे, केयूबी एक्स-रे, या एक अंग का अल्ट्रासाउंड या पूरे पेट का अल्ट्रासाउंड। एक से ज़्यादा जांच की सलाह हो तो जांच से पहले हमारा स्टाफ खर्च बता देता है। कृपया पुरानी रिपोर्ट साथ लाएं, हाल की रिपोर्ट से कभी कभी दोबारा जांच की ज़रूरत नहीं पड़ती।

क्या आयुष्मान कार्ड से एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड होता है?

हमारी आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) सूची में जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज शामिल हैं। योजना मुख्य रूप से भर्ती का खर्च देती है, इसलिए ओपीडी में होने वाले एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड आम तौर पर अलग से कवर नहीं होते। किसी कवर वाले ऑपरेशन के लिए भर्ती होने पर उससे जुड़ी जांचें आम तौर पर पैकेज में शामिल होती हैं। कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर हमारे सहायता केंद्र से पुष्टि करें।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

  • X-Rays, MedlinePlus (US National Library of Medicine)
  • Ultrasound, MedlinePlus (US National Library of Medicine)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

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