
टीएमटी और होल्टर
टीएमटी से पता चलता है कि मेहनत के समय दिल कैसे काम करता है, और होल्टर 24 घंटे हर धड़कन रिकॉर्ड करता है। दोनों जांच हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में करते हैं, और रिपोर्ट हमारे डीएम कार्डियोलॉजिस्ट देखते हैं।
पेसमेकर एक छोटा उपकरण है जो दिल को बहुत धीरे धड़कने से रोकता है। हमारे डॉक्टर हमारे अस्पताल में ईसीजी और होल्टर से वजह पता करते हैं, और ज़रूरत होने पर पेसमेकर की सलाह और व्यवस्था करते हैं।
गोपालगंज में पेसमेकर की सलाह हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में देते हैं, अगर आपको या घर के किसी बुज़ुर्ग को बेहोशी, चक्कर या बहुत धीमी नब्ज़ की शिकायत है। हमारे विज़िटिंग दिल के डॉक्टर डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) हर गुरुवार हमारी कार्डियोलॉजी ओपीडी में मरीज देखते हैं, और पहले हमारे अस्पताल में ही ईसीजी, ईको, 24 घंटे की होल्टर जांच और खून की जांच से वजह पता करते हैं। कुछ मरीजों में धड़कन दवाओं, थायराइड की कमी या खून के नमक की गड़बड़ी से धीमी होती है, और इन्हें ठीक करना ही धीमी धड़कन का इलाज हो सकता है। जब सच में पेसमेकर ज़रूरी हो, तो हमारे डॉक्टर उसकी सलाह देते हैं और कैथ लैब वाले किसी सेंटर पर व्यवस्था करते हैं, क्योंकि हमारे अस्पताल में कैथ लैब नहीं है। बाद का फॉलो-अप वे यहीं देखते हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से मरीज हमारे पास आते हैं। समय लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। बहुत धीमी नब्ज़ के साथ बेहोशी हो तो तुरंत इमरजेंसी इलाज कराएं।
दिल की धड़कन एक प्राकृतिक बिजली जैसी व्यवस्था से चलती है। उम्र बढ़ने, दिल की कुछ बीमारियों या कुछ दवाओं से यह व्यवस्था धीमी हो सकती है, या दिल के अंदर सिग्नल रुक सकता है। इसे ब्रैडीकार्डिया (धीमी धड़कन) या हार्ट ब्लॉक कहते हैं। तब दिमाग और शरीर को पूरा खून नहीं मिलता, जिससे चक्कर, कमज़ोरी या बेहोशी होती है।
पेसमेकर माचिस की डिब्बी जितना छोटा, बैटरी से चलने वाला उपकरण है, जिसे कॉलर की हड्डी के नीचे चमड़ी के अंदर लगाया जाता है। एक या दो पतले तार नस के रास्ते दिल तक जाते हैं। पेसमेकर हर धड़कन पर नज़र रखता है और सिर्फ तब हल्का सिग्नल देता है जब दिल बहुत धीमा हो।
हमारे अस्पताल में हमारे दिल के डॉक्टर डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) ईसीजी और होल्टर जांच से वजह पता करते हैं, और ज़रूरत होने पर पेसमेकर की सलाह और व्यवस्था करते हैं।


पेसमेकर आमतौर पर तब लगाया जाता है जब धीमी धड़कन या हार्ट ब्लॉक पक्का हो और उससे तकलीफ हो रही हो, या कुछ खास तरह के हार्ट ब्लॉक में बिना लक्षण के भी, क्योंकि वे खतरनाक हो सकते हैं। बीमारी का पता ईसीजी से, 24 घंटे के होल्टर से, जो रोज़ के काम के दौरान हर धड़कन रिकॉर्ड करता है, और ईको से चलता है।
हर धीमी नब्ज़ में पेसमेकर नहीं चाहिए। कुछ स्वस्थ लोगों और खिलाड़ियों की नब्ज़ स्वाभाविक रूप से धीमी होती है। कुछ दवाएं, थायराइड की कमी, या खून में पोटैशियम जैसे नमक की गड़बड़ी से भी धड़कन धीमी हो सकती है, और इन्हें ठीक करना ही काफी हो सकता है। हमारे डॉक्टर पहले इन कारणों की जांच करते हैं।
ध्यान दें: बेहोशी, या चक्कर, उलझन या सांस फूलने के साथ बहुत धीमी नब्ज़ हो, तो कृपया तुरंत सबसे नज़दीकी इमरजेंसी वाले अस्पताल जाएं।
घाव भरने तक उसे साफ और सूखा रखें और खुजलाएं नहीं। लगभग 4 से 6 हफ्ते तक पेसमेकर वाली तरफ का हाथ कंधे से ऊपर न उठाएं और भारी सामान न उठाएं, ताकि तार अपनी जगह पर जम जाएं। टहलना और रोज़ के काम जल्दी शुरू किए जा सकते हैं। पेसमेकर कार्ड हमेशा साथ रखें। मोबाइल फोन पेसमेकर से दूर रखें: दूसरी तरफ के कान पर बात करें और शर्ट की ऊपरी जेब में न रखें। हर डॉक्टर, दांत के डॉक्टर और एयरपोर्ट स्टाफ को बताएं कि पेसमेकर लगा है, और कृपया नियमित पेसमेकर जांच कराते रहें।
प्रोसीजर से पहले: ईसीजी, होल्टर और ईको की रिपोर्ट और सभी दवाएं साथ लाएं। खून पतला करने की दवा और शुगर की दवा के बारे में कृपया हमारे डॉक्टर को ज़रूर बताएं, क्योंकि कुछ दवाएं बदलनी पड़ सकती हैं। पेसमेकर लगने के बाद: घाव भरने तक उसे साफ और सूखा रखें और खुजलाएं नहीं। लगभग 4 से 6 हफ्ते पेसमेकर वाली तरफ का हाथ कंधे से ऊपर न उठाएं और भारी सामान न उठाएं, ताकि तार अपनी जगह जम जाएं। टहलना और हल्के काम जल्दी शुरू कर सकते हैं। मोबाइल फोन उपकरण से कम से कम लगभग 15 सेंटीमीटर दूर रखें, दूसरी तरफ के कान पर बात करें, और सीने वाली जेब में न रखें। पेसमेकर कार्ड हमेशा साथ रखें, और हर डॉक्टर, दांत के डॉक्टर और एयरपोर्ट स्टाफ को बताएं। जल्दी मदद लें अगर बुखार हो, घाव पर लाली, सूजन या पानी आए, या चक्कर, बेहोशी या सांस फूलना हो। कृपया नियमित पेसमेकर जांच कराते रहें।
पेसमेकर लगाना आम और जाना-माना प्रोसीजर है, पर इसमें कुछ जोखिम हैं। लगाने की जगह पर नीला निशान या खून जमा होना, घाव या उपकरण में इन्फेक्शन, और तार का अपनी जगह से खिसकना, जिसके लिए दोबारा छोटा प्रोसीजर करना पड़ सकता है। बहुत कम मामलों में फेफड़े के पास हवा भर सकती है (न्यूमोथोरैक्स) या दिल को चोट लग सकती है। साफ-सफाई, घाव की सही देखभाल और नियमित जांच से ये जोखिम घटते हैं। आपके केस के जोखिम हमारे डॉक्टर समझाएंगे।
हमारे अस्पताल में पेसमेकर से जुड़ा खर्च असल में वजह पता करने और फॉलो-अप का खर्च है: कार्डियोलॉजी ओपीडी में परामर्श, ईसीजी, ईको, 24 घंटे का होल्टर, और थायराइड व खून के नमक जैसी खून की जांच। पेसमेकर खुद उस सेंटर पर लगता है और वहीं उसका बिल बनता है जहां हमारे डॉक्टर व्यवस्था करते हैं। वहां खर्च मुख्य रूप से उपकरण के प्रकार (सिंगल या डुअल चैंबर, या खास उपकरण), सेंटर, अस्पताल में रुकने के दिनों, और प्रोसीजर पहले से तय है या जल्दी में, इस पर निर्भर करता है। कृपया पहले उस सेंटर से लिखित अनुमान ज़रूर लें। यहां होने वाली जांच का खर्च हमारा स्टाफ जांच से पहले बता देता है, इसके लिए +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। आयुष्मान भारत PM-JAY सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती वाले इलाज के लिए है, और हमारे अस्पताल का पैनल जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए है। इसलिए पेसमेकर लगाने वाले सेंटर से पूछें कि वहां आयुष्मान कार्ड चलता है या नहीं, और हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र आपकी मदद कर सकता है।
बेहोशी या चक्कर की वजह जानने के लिए अक्सर एक से ज़्यादा जांच चाहिए। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में ईसीजी, ईको और 24 घंटे की होल्टर जांच हम अपने यहां ही करते हैं, और खून की जांच हमारी पैथोलॉजी लैब में होती है। डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) हमारी गुरुवार की कार्डियोलॉजी ओपीडी में सभी रिपोर्ट देखते हैं। पेसमेकर ज़रूरी हो, तो वे उसकी सलाह और व्यवस्था करते हैं और आगे फॉलो-अप भी देखते हैं। हमारे यहां 24x7 इमरजेंसी और आयुष्मान भारत सहायता केंद्र भी है। अपॉइंटमेंट के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें।
गोपालगंज स्थित हमारे अस्पताल में, हर गुरुवार डॉ. सी.के. यादव (डीएम कार्डियोलॉजी) की कार्डियोलॉजी ओपीडी में। धीमी धड़कन की वजह जानने के लिए ईसीजी, ईको और 24 घंटे की होल्टर जांच हमारे अस्पताल में ही होती है। पेसमेकर ज़रूरी हो तो हमारे डॉक्टर उसकी सलाह देते हैं, कैथ लैब वाले किसी सेंटर पर व्यवस्था करते हैं, और बाद का फॉलो-अप यहीं देखते हैं। समय लेने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।
यह वजह, आपके लक्षण और ईसीजी के पैटर्न पर निर्भर करता है। जिस धीमी नब्ज़ से बेहोशी, चक्कर या थकान हो, और कुछ खास तरह के हार्ट ब्लॉक में, आमतौर पर पेसमेकर चाहिए। बिना लक्षण वाले फिट इंसान की धीमी नब्ज़ में अक्सर नहीं चाहिए। हमारे डॉक्टर हमारे अस्पताल में ईसीजी, होल्टर और ईको करवाकर, और आपकी दवाएं व खून की जांच देखकर सलाह देते हैं।
कॉलर की हड्डी के नीचे की जगह सुन्न की जाती है, और आमतौर पर आप होश में रहते हैं। एक छोटे चीरे से, एक्स-रे की मदद से, एक या दो पतले तार नस के रास्ते दिल तक पहुंचाए जाते हैं और पेसमेकर से जोड़े जाते हैं, जिसे चमड़ी के नीचे एक छोटी जगह में रखा जाता है। जिस सेंटर पर यह होता है, वहां आमतौर पर लगभग 1 से 2 घंटे लगते हैं, और ज़्यादातर लोग 1 से 2 दिन रुकते हैं।
होल्टर एक छोटी मशीन है जो स्टिकर से सीने पर लगाई जाती है। यह 24 घंटे तक, आपके रोज़ के काम और नींद के दौरान, हर धड़कन रिकॉर्ड करती है। जो धीमी धड़कन या रुकावट कभी-कभी आती है, वह कुछ मिनट की ईसीजी में छूट सकती है, पर होल्टर में पकड़ में आ सकती है। यह जांच हम अपने अस्पताल में करते हैं और रिपोर्ट हमारे दिल के डॉक्टर देखते हैं।
कभी कभी हां। अगर धीमी नब्ज़ किसी दवा, थायराइड की कमी या पोटैशियम जैसे खून के नमक की गड़बड़ी से है, तो उसे ठीक करना काफी हो सकता है, और ये जांच हम यहीं कर देते हैं। बिना लक्षण वाले फिट इंसान की धीमी नब्ज़ में अक्सर सिर्फ नज़र रखनी होती है। लेकिन हार्ट ब्लॉक से बेहोशी हो तो आमतौर पर पेसमेकर चाहिए, इसकी जगह कोई गोली नहीं ले सकती। हमारे डॉक्टर ईसीजी, होल्टर और खून की जांच के बाद फैसला करते हैं।
लगभग 4 से 6 हफ्ते पेसमेकर वाली तरफ का हाथ कंधे से ऊपर न उठाएं और भारी सामान न उठाएं, ताकि तार जम जाएं। घाव साफ और सूखा रखें। मोबाइल फोन उपकरण से लगभग 15 सेंटीमीटर दूर रखें और दूसरी तरफ के कान पर बात करें। पेसमेकर कार्ड हमेशा साथ रखें। ज़्यादातर लोग कुछ दिनों में हल्के रोज़ के काम पर लौट आते हैं, और कृपया नियमित पेसमेकर जांच के लिए हमारे पास आते रहें।
हां। टीवी, फ्रिज, मिक्सी और माइक्रोवेव जैसे घर के सामान आमतौर पर सुरक्षित हैं। मोबाइल फोन पेसमेकर से कम से कम लगभग 15 सेंटीमीटर दूर रखें: दूसरी तरफ के कान पर बात करें और उपकरण के ऊपर वाली जेब में न रखें। बड़े चुंबक या तेज़ बिजली वाले उपकरणों से सटकर न रहें, और किसी भी स्कैन से पहले डॉक्टर को बताएं कि पेसमेकर लगा है।
पेसमेकर की बैटरी आमतौर पर कई साल चलती है। कितने साल, यह उपकरण पर और इस पर निर्भर है कि उसे कितना काम करना पड़ता है। नियमित जांच में बैटरी देखी जाती है, इसलिए उसे बदलने की योजना पहले से बन जाती है। बैटरी बदलना आमतौर पर पहली बार से छोटा प्रोसीजर होता है, क्योंकि अक्सर तार वहीं रहने दिए जाते हैं।
हमारे अस्पताल में आप परामर्श और ज़रूरी जांच, जैसे ईसीजी, ईको, होल्टर और खून की जांच, का खर्च देते हैं, जो हमारा स्टाफ पहले बता देता है। पेसमेकर का बिल उस सेंटर पर बनता है जहां यह लगता है। वहां खर्च उपकरण के प्रकार, सेंटर, रुकने के दिनों और प्रोसीजर पहले से तय है या जल्दी में, इस पर निर्भर करता है। कृपया प्रोसीजर से पहले उस सेंटर से लिखित अनुमान ले लें।
हमारी सलाह है कि सही डिग्री और वजह की ध्यान से खोज देखें। डॉ. सी.के. यादव के पास डीएम कार्डियोलॉजी की डिग्री है, जो दिल की बीमारियों की सुपर-स्पेशलिटी पढ़ाई है। वे हर गुरुवार हमारे अस्पताल में मरीज देखते हैं, जहां ईसीजी, ईको और 24 घंटे का होल्टर यहीं होता है। पेसमेकर की सलाह देने से पहले वे दवाएं, थायराइड और खून के नमक की जांच करते हैं, और बाद का फॉलो-अप भी देखते हैं। हमारे मरीज़ों के रिव्यू आप गूगल पर पढ़ सकते हैं।
हां। बेतिया, कुशीनगर, सीवान, छपरा, मोतिहारी और देवरिया से बहुत से मरीज हमारी गुरुवार की कार्डियोलॉजी ओपीडी में आते हैं। 24 घंटे की होल्टर जांच हम अपने अस्पताल में करते हैं: एक दिन लगती है और अगले दिन उतरती है, इसलिए कृपया पास में रुकने या अगले दिन लौटने की योजना बनाएं। समय पक्का करने के लिए +91 72739 94786 पर कॉल करें। पेसमेकर ज़रूरी हो तो हमारे डॉक्टर किसी उपयुक्त सेंटर पर व्यवस्था करते हैं।
उन्हें सीधा लिटाएं, देखें कि सांस चल रही है, और मदद बुलाएं। धीमी नब्ज़ के साथ बेहोशी, सीने में दर्द, सांस फूलना या उलझन में तुरंत इमरजेंसी इलाज चाहिए, इसलिए कृपया उन्हें तुरंत सबसे नज़दीकी इमरजेंसी वाले अस्पताल ले जाएं। ओपीडी के दिन का इंतज़ार न करें। इमरजेंसी संभलने के बाद हमारे डॉक्टर ईसीजी और होल्टर जैसी जांच से वजह पता कर सकते हैं।
अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।
यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026
मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।
I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands,
Very Well Experienced Doctor
Well Behaved Staffs
Nice Arrangements
& Most Important, Very Easy Procedure.
Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।
My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।
डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा हैअपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।