
ट्रॉमा सर्जरी
हम सड़क दुर्घटना की चोट, गहरे कटने, और पेट व मांस की चोट का 24x7 इलाज करते हैं: पहले हालत स्थिर करना, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ज़रूरत पर ऑपरेशन, आईसीयू, और सिर या हड्डी की गंभीर चोट में रेफ़र।
आंत फटना, आंत फंसना, टाइफाइड या अल्सर से आंत में छेद और पेट की चोट में हम पेट का तुरंत ऑपरेशन करते हैं, 24x7 इमरजेंसी और आईसीयू की सुविधा के साथ।
जब अचानक पेट में तेज़ दर्द उठे, तो हम गोपालगंज में पेट का इमरजेंसी ऑपरेशन दिन हो या रात, किसी भी समय करते हैं। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल की हमारी 24x7 इमरजेंसी टीम आंत फटना (पेट या आंत में छेद), आंत फंसना (आंत में रुकावट) या पेट में चोट वाले मरीज़ों का इलाज करती है और परिवार को हर कदम पर साफ़ जानकारी देती है। इमरजेंसी में मरीज़ की जांच करके हम पहले हालत संभालते हैं, और जब ऑपरेशन (लैपरोटॉमी) ज़रूरी हो, तो उसे हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ और आईसीयू की मदद से करते हैं। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से भी मरीज़ हमारे पास लाए जाते हैं। इमरजेंसी में परिवार डॉ. ठाकुर पर उनके 16 साल से ज़्यादा के अनुभव, 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन और बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में सेवा की वजह से भरोसा करते हैं। हमारे सर्जन हर परिवार को समझाते हैं कि आंत फटने का ऑपरेशन कैसे होता है और पेट के ऑपरेशन के बाद क्या खाना चाहिए। इमरजेंसी में कृपया सीधे कमला राय कॉलेज रोड, गोपालगंज आएं और रास्ते में +91 72739 94786 पर कॉल करें।
लैपरोटॉमी वह ऑपरेशन है जिसमें सर्जन पेट खोलकर अंदर की गंभीर बीमारी का पता लगाते हैं और उसका इलाज करते हैं। इमरजेंसी में अक्सर यही ऑपरेशन जान बचाता है। आम कारण हैं:
ऑपरेशन में हमारे सर्जन छेद बंद करते हैं, रुकावट हटाते हैं या खराब हिस्सा निकालते हैं, पेट धोते हैं और नली (ड्रेन) लगाते हैं। कभी-कभी सुरक्षा के लिए आंत का मुंह कुछ समय के लिए पेट पर बाहर निकाला जाता है (स्टोमा), जिसे आमतौर पर बाद में बंद कर दिया जाता है।


इन बीमारियों में हर घंटा कीमती है। जितनी देर होती है, संक्रमण उतना फैलता है और जान का खतरा उतना बढ़ता है। कृपया तुरंत हमारी इमरजेंसी में आएं अगर पेट में अचानक तेज़ दर्द हो, पेट पत्थर की तरह सख्त हो जाए, बार-बार (खासकर हरी) उल्टी हो, पेट फूल जाए, पखाना और गैस बंद हो जाए, या बुखार के साथ पेट दर्द हो।
इमरजेंसी में हमारी टीम ड्रिप, दर्द की दवा और एंटीबायोटिक शुरू करती है, और खून की जांच, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड से कारण पता करती है। आंशिक रुकावट के कुछ मामलों में पहले बिना ऑपरेशन के कड़ी निगरानी में इलाज हो सकता है। अगर आंत में छेद, फंसी हुई आंत का खून बंद होना या अंदर खून बहना पाया जाए, तो हम बिना देर किए ऑपरेशन की सलाह देते हैं। ऑपरेशन से पहले हमारे सर्जन परिवार को जांच का नतीजा, योजना और खतरे साफ़-साफ़ बताते हैं।
कृपया डॉक्टर के देखने से पहले मरीज़ को खाना, पानी, घरेलू नुस्खे या बार-बार दर्द की गोली न दें।
तय किए गए ऑपरेशन के मुकाबले इसमें ठीक होने में ज़्यादा समय लगता है। आंत के काम शुरू करने पर खाना धीरे-धीरे शुरू होता है, पहले पानी के घूंट, फिर तरल चीज़ें। जल्दी उठकर बैठना, चलना और गहरी सांस की कसरत छाती के संक्रमण और खून के थक्के से बचाती है। घाव भरने के हिसाब से नली और टांके निकाले जाते हैं। ज़्यादातर मरीज़ 4 से 6 हफ्ते में हल्का काम और करीब 3 महीने में भारी काम शुरू कर पाते हैं। अगर स्टोमा बना है, तो हमारी टीम परिवार को उसकी देखभाल सिखाती है और बाद में उसे बंद करने की योजना बनाती है। कृपया हर फॉलो-अप में ज़रूर आएं।
इमरजेंसी ऑपरेशन के बाद मरीज़ धीरे-धीरे ठीक होता है और इसमें परिवार की बड़ी भूमिका है:
पेट का इमरजेंसी ऑपरेशन बड़ा ऑपरेशन है और अक्सर ऐसे मरीज़ में होता है जो पहले से बहुत बीमार है, इसलिए इसमें खतरे तय ऑपरेशन से ज़्यादा होते हैं। इनमें घाव में संक्रमण, घाव खुल जाना, जोड़ी गई आंत से रिसाव, छाती में संक्रमण, खून के थक्के, किडनी पर असर, दोबारा ऑपरेशन की ज़रूरत, बाद में टांकों की जगह हर्निया, और गंभीर मामलों में जान का खतरा शामिल है। जल्दी अस्पताल पहुंचना खतरा कम करने का सबसे बड़ा तरीका है। हम तुरंत हालत स्थिर करके, एंटीबायोटिक, सावधानी से ऑपरेशन और आईसीयू निगरानी से खतरे कम करते हैं और हर कदम पर परिवार को जानकारी देते हैं।
इमरजेंसी में हम इलाज पहले शुरू करते हैं। दर्द की दवा, ड्रिप, एंटीबायोटिक, जांचें और ज़रूरत हो तो ऑपरेशन, कागज़ी काम या पैसों की बात के लिए नहीं रोका जाता। मरीज़ की हालत संभलते ही हमारे डॉक्टर परिवार को बीमारी और संभावित खर्च के बारे में समझाते हैं।
खर्च इस पर निर्भर करता है कि वजह क्या है (आंत फटना, आंत फंसना या चोट), ऑपरेशन में अंदर क्या मिला, आंत का कोई हिस्सा निकालना पड़ा या स्टोमा बनाना पड़ा, आईसीयू और वार्ड में कितने दिन रहना पड़ा, कौन सा कमरा लिया और कितनी दवाइयां लगीं। पेट के अंदर की हालत देखकर ही पता चलता है कि कितना काम करना होगा, इसलिए पहले से कोई तय कीमत नहीं बताई जा सकती, लेकिन इलाज के दौरान हम परिवार को लगातार जानकारी देते रहते हैं। हमारा हॉस्पिटल आयुष्मान भारत पीएम-जय में जनरल सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है। सही पैकेज बीमारी पर निर्भर करता है और हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र उसे पक्का करता है, इसलिए कृपया परिवार का एक सदस्य जितनी जल्दी हो सके आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर सहायता केंद्र पर मिले।
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारी 24x7 इमरजेंसी, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू है, इसलिए आंत फटने या आंत फंसने वाले मरीज़ की जांच, हालत स्थिर करना और ऑपरेशन, सब हम एक ही जगह कर पाते हैं। ये ऑपरेशन हमारे नियमित कामों में शामिल हैं।
ऑपरेशन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर करते हैं, जो एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, 16 साल से ज़्यादा का अनुभव रखते हैं, 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं और बिहार सरकार में स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रह चुके हैं। हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ, लैब, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और दवा की दुकान किसी भी समय जल्दी फैसला लेने में मदद करते हैं। कृपया रास्ते में ही +91 72739 94786 पर कॉल करें।
अगर दर्द अचानक और तेज़ हो, बढ़ता जाए, या उसके साथ पेट सख्त हो, बार-बार उल्टी हो, पेट फूले, पखाना या गैस न निकले, बुखार हो, चक्कर या बेहोशी हो, या चोट के बाद दर्द हो, तो इसे इमरजेंसी समझें। रात भर इंतज़ार न करें और बार-बार दर्द की गोली न खाएं। कृपया सीधे हमारी इमरजेंसी में आएं या रास्ते में +91 72739 94786 पर कॉल करें।
टाइफाइड बुखार के कुछ मरीज़ों में, आमतौर पर बीमारी के दूसरे या तीसरे हफ्ते में, छोटी आंत का एक हिस्सा कमज़ोर होकर फट जाता है। आंत का गंदा पानी पेट में फैलकर गंभीर संक्रमण करता है। इसमें छेद बंद करने या खराब हिस्सा निकालने के लिए तुरंत ऑपरेशन चाहिए। टाइफाइड का पूरा इलाज डॉक्टर की सलाह से करना और नया पेट दर्द शुरू होते ही अस्पताल आना इस खतरे को कम करता है।
ड्रिप, एंटीबायोटिक और जांच के बाद मरीज़ को पूरी बेहोशी दी जाती है। हमारे सर्जन पेट खोलकर छेद ढूंढते हैं और उसे टांकों से बंद करते हैं, या आंत का खराब हिस्सा निकाल देते हैं। पेट को अच्छी तरह धोकर नलियां (ड्रेन) लगाई जाती हैं। कभी-कभी सुरक्षा के लिए कुछ समय का स्टोमा बनाया जाता है। ऑपरेशन में आमतौर पर 1 से 3 घंटे लगते हैं, जो वजह और इन्फेक्शन पर निर्भर करता है।
कभी-कभी हां। आंशिक रुकावट, जैसे पुराने ऑपरेशन के बाद बनी पट्टियों (एडहीज़न) से, का इलाज अक्सर पहले बिना ऑपरेशन किया जाता है: मुंह से कुछ नहीं, ड्रिप, नाक से पेट खाली करने की नली और एक्स-रे से लगातार निगरानी। अगर रुकावट न खुले या आंत में खून का बहाव रुकने के संकेत दिखें, तो हम बिना देर किए ऑपरेशन की सलाह देते हैं। आंत फटने में लगभग हमेशा ऑपरेशन ज़रूरी होता है।
इमरजेंसी में जहां स्टोमा बनाया जाता है, वहां ज़्यादातर यह कुछ समय के लिए ही होता है। ज़्यादा संक्रमण होने पर यह आंत को सुरक्षित तरीके से ठीक होने का मौका देता है। मरीज़ के ठीक होने के बाद, आमतौर पर कुछ हफ्तों से कुछ महीनों में, एक छोटे ऑपरेशन से इसे बंद कर दिया जाता है। हमारे सर्जन परिवार को कारण और योजना बताते हैं, और छुट्टी से पहले हमारी टीम स्टोमा की देखभाल सिखाती है।
पहले से तय ऑपरेशन की तुलना में इसमें ठीक होने में ज़्यादा समय लगता है। ज़्यादातर मरीज़ 5 से 10 दिन अस्पताल में रहते हैं, और गंभीर इन्फेक्शन या आईसीयू की ज़रूरत हो तो ज़्यादा। आंत चलने पर खाना धीरे-धीरे शुरू होता है। ज़्यादातर लोग 4 से 6 हफ्ते में हल्का काम और करीब 3 महीने बाद भारी काम शुरू करते हैं। सही समय बीमारी, उम्र और सेहत पर निर्भर करता है, इसलिए कृपया हर फॉलो-अप में ज़रूर आएं।
शुरू में मुंह से कुछ नहीं दिया जाता, जब तक हमारे सर्जन न बताएं कि आंत काम करने लगी है। फिर घूंट-घूंट पानी, दाल का पानी और पतला सूप, फिर खिचड़ी, दलिया, दही और मसली हुई सब्ज़ी जैसा नरम खाना, उसके बाद सामान्य खाना। थोड़ा-थोड़ा करके कई बार और प्रोटीन वाला खाना घाव भरने में मदद करता है। घाव भरने तक मसालेदार, तला-भुना और बाहर का खाना, शराब और बीड़ी-सिगरेट बंद रखें।
इमरजेंसी में हम इलाज पहले शुरू करते हैं। जांच, ड्रिप, एंटीबायोटिक और ज़रूरत हो तो ऑपरेशन, कागज़ी काम के लिए नहीं रोका जाता। मरीज़ की हालत संभलते ही हमारी टीम परिवार को संभावित खर्च समझाती है, जो बीमारी, ऑपरेशन, आईसीयू के दिन, अस्पताल में रुकने और दवाइयों पर निर्भर करता है। अंदर की हालत देखकर ही काम तय होता है, इसलिए पहले से तय कीमत नहीं बताई जा सकती। आयुष्मान कार्ड वाले कृपया जल्दी हमारे सहायता केंद्र पर मिलें।
पेट का इमरजेंसी ऑपरेशन हमारे हॉस्पिटल की आयुष्मान भारत पीएम-जय की जनरल सर्जरी सूची में आता है, जो योग्य कार्ड धारकों के लिए है। सही पैकेज बीमारी पर निर्भर करता है और हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र उसे पक्का करता है। कृपया कागज़ जुटाने के लिए मरीज़ को लाने में देर न करें। परिवार आयुष्मान कार्ड और आधार जैसा फोटो पहचान पत्र लेकर जल्द से जल्द हमारे सहायता केंद्र पर बात करे।
हां। पेट में अचानक तेज़ दर्द हो तो कृपया ऐसे नज़दीकी अस्पताल जाएं जहां सर्जन, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू हर समय तैयार हों। कमला राय कॉलेज रोड, गोपालगंज स्थित हमारे हॉस्पिटल में 24x7 इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू हैं, और सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से बहुत से परिवार हमारे पास आते हैं। रास्ते में +91 72739 94786 पर कॉल करें, ताकि हमारी टीम तैयार रहे।
मरीज़ को जल्दी से जल्दी अस्पताल लाएं और रास्ते में फोन करके हमारी टीम को बता दें। मुंह से खाना, पानी, घरेलू नुस्खे या बार-बार दर्द की गोली न दें, क्योंकि इससे बीमारी छिप सकती है और ऑपरेशन में दिक्कत हो सकती है। पुरानी रिपोर्ट, दवाइयों की सूची, फोटो पहचान पत्र और आयुष्मान कार्ड साथ ले आएं, लेकिन कागज़ों के लिए देर न करें।
इमरजेंसी में सर्जन का अनुभव और अस्पताल की तैयारी, दोनों मायने रखते हैं। हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर को 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी का अनुभव है, वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं और बिहार सरकार में स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर (जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपी) रह चुके हैं। हमारे यहां 24x7 इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू है, इसलिए हम मरीज़ की हालत स्थिर करके बिना देर ऑपरेशन कर पाते हैं।
अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।
यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026
मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।
I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands,
Very Well Experienced Doctor
Well Behaved Staffs
Nice Arrangements
& Most Important, Very Easy Procedure.
Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।
My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।
डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा हैअपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।