गोपालगंज में अस्पताल की दवा दुकान (फार्मेसी)

अस्पताल की दवा दुकान (फार्मेसी)

हमारे अस्पताल के अंदर अपनी दवा दुकान है, ताकि डॉक्टर की लिखी दवाएं एक ही जगह मिलें और घर जाने से पहले हम उन्हें साफ़ साफ़ समझा सकें।

गोपालगंज में अस्पताल की दवा दुकान हमारे डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल के अंदर ही है और हमारी ओपीडी, वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और 24 घंटे इमरजेंसी के साथ मिलकर काम करती है, इसलिए डॉक्टर की लिखी दवाएं और ऑपरेशन का सामान एक ही जगह मिल जाता है। हम मरीज़ों और परिवारों को बताते हैं कि छुट्टी के समय दवा की जानकारी कैसे दी जाती है, पुरानी पर्चियां क्यों ज़रूरी हैं, घर पर दवा का सही इस्तेमाल कैसे करें, और भर्ती मरीज़ों के लिए आयुष्मान कार्ड में दवा कैसे मिलती है। यह खास कर उन परिवारों के काम आता है जो गोपालगंज ज़िले के गांवों से और सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से लंबा सफर करके आते हैं। कृपया हर बार पुरानी पर्चियां और दवा के पत्ते साथ लाएं। कोई दवा समझ न आए तो हमारी टीम से दोबारा पूछें, और घर पहुंचकर कोई दवा बंद करने या बदलने से पहले कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

हमारे डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल की अपनी दवा दुकान अस्पताल के अंदर ही है। यह हमारी ओपीडी, वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और इमरजेंसी के साथ मिलकर काम करती है, इसलिए डॉक्टर की लिखी दवाएं और ऑपरेशन का सामान एक ही जगह मिल जाता है। इससे परिवार को बाहर दवा ढूंढने की भागदौड़ नहीं करनी पड़ती, खास कर इमरजेंसी में।

छुट्टी (डिस्चार्ज) के समय हमारे डॉक्टर और नर्स आपकी दवाएं समझाते हैं: हर दवा किस लिए है, दिन में कितनी बार लेनी है, खाने से पहले या बाद में, और कितने दिन तक। कुछ भी समझ न आए तो कृपया दोबारा पूछें। अच्छा रहेगा कि परिवार का एक सदस्य भी मरीज़ के साथ सुने और निर्देश अपनी भाषा में लिख ले।

पित्त की थैली की पथरी का ऑपरेशन, हर्निया का ऑपरेशन, बवासीर का इलाज या किडनी की पथरी का इलाज जैसे ऑपरेशन के बाद आपके डिस्चार्ज पेपर पर हर दवा और उसे कब बंद करना है, यह लिखा होता है। हर इलाज की हमारी जानकारी में घर पर देखभाल की आम बातें भी दी गई हैं।

हर बार पुरानी पर्चियां और दवाएं साथ लाएं, चाहे ओपीडी में आएं या भर्ती हों। बहुत से मरीज़ ब्लड प्रेशर, शुगर, थायराइड, दिल या खून पतला करने की दवा लेते हैं। हमारे डॉक्टर को हर दवा की जानकारी चाहिए, क्योंकि कुछ दवाएं ऑपरेशन से पहले रोकनी या बदलनी पड़ती हैं, और कुछ को कभी अचानक बंद नहीं करना चाहिए।

दवा का सही इस्तेमाल:

  • एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स करें, भले ही आप बेहतर महसूस करें।
  • ब्लड प्रेशर, शुगर, दिल या थायराइड की दवा अपने मन से बंद न करें।
  • बिना सलाह लंबे समय तक दर्द की दवा न लें, इससे पेट और किडनी को नुकसान हो सकता है।
  • दवाएं बच्चों की पहुंच से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
  • इस्तेमाल से पहले एक्सपायरी की तारीख देखें।

अगर आपके पास आयुष्मान भारत कार्ड है और आप किसी कवर वाले ऑपरेशन के लिए भर्ती हैं, तो कृपया हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछें कि आपके पैकेज में कौन सी दवाएं शामिल हैं।

अस्पताल की दवा दुकान (फार्मेसी) 1
अस्पताल की दवा दुकान (फार्मेसी) 2

हमारी सेवाएं

  • ओपीडी में लिखी दवाएं
  • भर्ती मरीज़ों के लिए दवा और ऑपरेशन का सामान
  • इमरजेंसी और आईसीयू की दवाएं
  • छुट्टी के समय दवाओं की पूरी जानकारी
  • हर दवा कब और कैसे लेनी है, इसकी सलाह
  • पुरानी पर्चियों और चल रही दवाओं की जांच

सुविधाएं और हमारा तरीका

  • हमारे अस्पताल के अंदर दवा दुकान
  • हमारी ओपीडी, वार्ड, आईसीयू और इमरजेंसी के साथ तालमेल
  • छुट्टी के समय दवाओं के साफ़ निर्देश
  • आपकी चल रही दवाओं के बारे में डॉक्टर से तालमेल
  • पैकेज से जुड़े सवालों के लिए हमारा आयुष्मान भारत सहायता केंद्र

मरीज़ हम पर भरोसा क्यों करते हैं

हमारे अस्पताल के अंदर दवा दुकान होने से डॉक्टर की लिखी दवाएं उसी जगह मिल जाती हैं, और गांव से आने वाले मरीज़ों और परिवारों को अलग से चक्कर नहीं लगाने पड़ते। हमारी दवा दुकान डॉक्टरों और नर्सों के साथ मिलकर काम करती है, इसलिए ऑपरेशन, आईसीयू और इमरजेंसी की दवाएं हम जल्दी उपलब्ध करा पाते हैं। सबसे ज़रूरी बात, घर जाने से पहले हम आपकी दवाएं समझाते हैं, ताकि आपको पता रहे कि क्या लेना है, कब लेना है और कितने दिन तक। घर पहुंचकर कोई शक हो तो कुछ भी बदलने से पहले कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुरानी पर्चियां साथ क्यों लानी चाहिए?

पुरानी पर्चियों से डॉक्टर को पता चलता है कि आप कौन सी दवाएं पहले से ले रहे हैं, और किस दवा से फायदा हुआ या कौन सी दवा से परेशानी हुई। खून पतला करने की दवा, शुगर की कुछ दवाएं और कुछ दर्द की दवाएं ऑपरेशन से पहले रोकनी या बदलनी पड़ सकती हैं, जबकि कुछ दवाएं चालू रखनी होती हैं। कृपया पर्चियां और दवा के असली पत्ते, दोनों साथ लाएं, ताकि ब्रांड के नाम को लेकर कोई भ्रम न रहे।

घर जाते समय क्या कोई दवाएं समझाएगा?

हां। छुट्टी के समय हमारी टीम हर दवा समझाती है: किस लिए है, कितनी मात्रा, किस समय, खाने से पहले या बाद में, और कितने दिन तक लेनी है। निर्देश हम आपके डिस्चार्ज पेपर पर लिखते हैं। सवाल ज़रूर पूछें, और अच्छा है कि परिवार का कोई सदस्य भी साथ में सुने। घर पहुंचकर कोई शक हो तो कुछ भी बदलने से पहले कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।

दवा की खुराक छूट जाए तो क्या करें?

ज़्यादातर दवाओं में याद आते ही छूटी खुराक ले लें, जब तक कि अगली खुराक का समय बहुत पास न हो। ऐसे में छूटी खुराक छोड़ दें और आगे सामान्य तरीके से लें। भरपाई के लिए कभी दोगुनी खुराक न लें। इंसुलिन, खून पतला करने की दवा और दिल की कुछ दवाओं में नियम अलग होते हैं, इसलिए शक हो तो अपने डॉक्टर से पूछें या हमें कॉल करें।

क्या आयुष्मान कार्ड में दवाएं भी शामिल हैं?

हमारी आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) सूची में जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज शामिल हैं। किसी कवर वाले ऑपरेशन के लिए भर्ती मरीज़ों की अस्पताल में रहने के दौरान की दवाएं आम तौर पर पैकेज में शामिल होती हैं। कवर होना आपके ऑपरेशन और पात्रता पर निर्भर करता है, इसलिए भर्ती से पहले हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पुष्टि कर लें। ओपीडी की दवाएं आम तौर पर योजना में कवर नहीं होतीं। कृपया हमारे अस्पताल आते समय आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड साथ लाएं।

गोपालगंज में अस्पताल की दवा दुकान से क्या क्या मिलता है?

हमारी दवा दुकान हमारे डॉक्टरों की लिखी दवाएं और ऑपरेशन का सामान ओपीडी, भर्ती मरीज़ों, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और इमरजेंसी के लिए देती है। यह हमारे डॉक्टरों और नर्सों के साथ मिलकर काम करती है, इसलिए ऑपरेशन या इमरजेंसी की दवा जल्दी मिल जाती है। छुट्टी के समय हमारी टीम हर दवा समझाती है। कोई दवा उपलब्ध न हो तो कृपया हमारे स्टाफ से पूछें, डॉक्टर सही विकल्प बताएंगे।

छुट्टी के समय दवा की जानकारी लेते हुए किन बातों का ध्यान रखें?

हर दवा का नाम, किस लिए है, कितनी खुराक, दिन में किस समय, खाने से पहले या बाद में, और कितने दिन तक, यह सब कृपया पूछ लें। यह भी पूछें कि पुरानी दवाओं में से कौन सी चलानी है, कौन सी बंद करनी है या बदलनी है, खास कर खून पतला करने, शुगर और ब्लड प्रेशर की दवा। किन साइड इफेक्ट पर ध्यान देना है और फॉलो-अप कब है, यह भी जानें। डिस्चार्ज पेपर संभालकर रखें और हर बार साथ लाएं।

ऑपरेशन के बाद घर पर दवा का सही इस्तेमाल कैसे करें?

डिस्चार्ज पेपर पर लिखे अनुसार ही दवा लें। एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स करें। दर्द की दवा सलाह के अनुसार और बताया गया हो तो खाने के बाद लें, क्योंकि लंबे समय तक लेने से पेट और किडनी को नुकसान हो सकता है। ब्लड प्रेशर, शुगर, दिल या थायराइड की दवा अपने मन से बंद न करें। दवाएं बच्चों से दूर, ठंडी और सूखी जगह रखें और एक्सपायरी देखें। कुछ भी बदलने से पहले कृपया हमें फोन करें।

मैं सीवान में रहता हूं। दवा गोपालगंज में अस्पताल की दवा दुकान से लूं या घर के पास से?

भर्ती और छुट्टी के समय की दवाएं हमारी दवा दुकान से लेने पर सब कुछ समझाकर और पूरा मिलता है। लंबे समय की दवाएं आप सीवान, छपरा, मोतिहारी या बेतिया में घर के पास से भी ले सकते हैं, लेकिन केवल ब्रांड नहीं, दवा का सॉल्ट और ताकत (स्ट्रेंथ) मिलाकर लें। दुकान कोई दूसरी दवा दे तो लेने से पहले हमसे पूछ लें। पर्ची हमेशा साथ रखें।

दवाओं का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

यह आपकी बीमारी या ऑपरेशन, लिखी गई दवाओं की संख्या, कितने दिन दवा चलनी है, भर्ती के दौरान इंजेक्शन या ड्रिप की ज़रूरत, और ऑपरेशन में लगे सामान पर निर्भर करता है। हमारे डॉक्टर आपकी हालत के लिए ज़रूरी दवा ही लिखते हैं। खर्च की चिंता हो तो कृपया डॉक्टर को बताएं, वे समझाएंगे कि कौन सी दवा ज़रूरी है और क्या कोई सही कम खर्च वाला विकल्प है।

भर्ती होते समय क्या अपनी दवाएं साथ लाएं?

हां, जो दवाएं आप पहले से लेते हैं, उनके पत्ते और पर्चियां साथ लाएं, ताकि डॉक्टर ठीक से देख सकें कि आप क्या लेते हैं। भर्ती के दौरान अपने मन से कोई दवा न लें, हमारी नर्स डॉक्टर के आदेश के अनुसार दवा देती हैं, ताकि दोहरी खुराक या गड़बड़ी न हो। किसी दवा से एलर्जी हो, या आप कोई जड़ी बूटी या घरेलू नुस्खा लेते हों, तो हमारे स्टाफ को ज़रूर बताएं।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

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