
गांठ का ऑपरेशन और बायोप्सी
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम गांठ की जांच और इलाज करते हैं: एफएनएसी, बायोप्सी और हिस्टोपैथोलॉजी से पता चलता है कि गांठ साधारण है या कैंसर, फिर स्टेजिंग जांच और ज़रूरत पर ऑपरेशन।
हमारे अस्पताल में हर महीने के पहले शनिवार अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली के डॉ. फिरोज़ पाशा की कैंसर ओपीडी लगती है। हम बायोप्सी, स्टेजिंग, जहां सही हो वहां ऑपरेशन और आगे के इलाज में मदद करते हैं।
गोपालगंज में कैंसर का ऑपरेशन हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में डॉ. (पूर्व कैप्टन) फिरोज़ पाशा की सलाह से तय करते हैं, जो अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट हैं और हर महीने के पहले शनिवार हमारे अस्पताल में कैंसर ओपीडी करते हैं। हम उन लोगों को देखते हैं जिन्हें गांठ, स्तन में गांठ, न भरने वाला मुंह का छाला, निगलने में दिक्कत, मल में खून या बिना कारण वज़न घटने की शिकायत है, और उन परिवारों को भी जो कैंसर की रिपोर्ट पर दूसरी राय चाहते हैं। गोपालगंज में कैंसर की जांच, जैसे स्तन में गांठ की जांच, बायोप्सी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और एंडोस्कोपी, हमारे अस्पताल में हो जाती है। जहां ऑपरेशन सही पहला कदम हो, वहां हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर और हमारी सर्जिकल टीम ऑपरेशन यहीं करती है। हमारे अस्पताल में रेडियोथेरेपी नहीं है, कीमोथेरेपी या रेडिएशन हम बड़े सेंटर के साथ तालमेल से तय करते हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से मरीज़ हमारे पास आते हैं। नंबर लगाने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें और हर रिपोर्ट साथ लाएं।
कैंसर जल्दी पकड़ में आए तो उसका इलाज आसान होता है। चेतावनी के लक्षण हैं: स्तन में या शरीर में कहीं भी गांठ, मुंह का छाला या सफेद या लाल दाग जो ठीक न हो (खास कर तंबाकू या गुटखा खाने वालों में), खाना निगलने में दिक्कत, मल या उल्टी में खून, शौच की आदत में बदलाव, और बिना कारण वज़न घटना। बहुत से लोग कैंसर शब्द के डर से देर कर देते हैं। कृपया इंतज़ार न करें, जल्दी जांच से सबसे अच्छा मौका मिलता है।
डॉ. (पूर्व कैप्टन) फिरोज़ पाशा, सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली, हमारे अस्पताल में हर महीने के पहले शनिवार कैंसर ओपीडी करते हैं। उन्हें 16+ साल का अनुभव है। उन्होंने एमबीबीएस कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज से और एमएस जनरल सर्जरी आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), दिल्ली से किया है। वे डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर और हमारी सर्जिकल टीम के साथ काम करते हैं।
हमारे यहां इलाज का आम रास्ता:
कृपया ओपीडी में सभी पुरानी रिपोर्ट, बायोप्सी रिपोर्ट और स्कैन की फिल्में साथ लाएं।


हमारे अस्पताल में गोपालगंज के मरीज़ दिल्ली गए बिना, महीने में एक बार अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट से सलाह ले सकते हैं। डॉ. फिरोज़ पाशा को 16+ साल का अनुभव है और वे हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के साथ काम करते हैं, जिन्हें 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है और जो 10,000+ ऑपरेशन कर चुके हैं। अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, एंडोस्कोपी और खून की जांच हम एक ही छत के नीचे करते हैं। हम साफ़ बताते हैं कि हमारे अस्पताल में क्या संभव है: रेडियोथेरेपी उपलब्ध नहीं है, और कीमोथेरेपी या रेडिएशन की ज़रूरत हो तो हम बड़े सेंटर के साथ तालमेल में मदद करते हैं।
डॉ. फिरोज़ पाशा, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट, हर महीने के पहले शनिवार हमारे अस्पताल में मरीज़ देखते हैं। ओपीडी महीने में एक बार होती है, इसलिए कृपया पहले से +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करके नंबर लगाएं। सभी रिपोर्ट, बायोप्सी रिपोर्ट, स्कैन की फिल्में और दवाओं की सूची साथ लाएं। अगर उससे पहले जल्दी दिखाना ज़रूरी हो, तो डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर हमारी सोमवार से शुक्रवार की ओपीडी में देख सकते हैं।
यह बहुत आम डर है। जब बायोप्सी सही तरीके से और हमारे सर्जन की योजना के अनुसार की जाती है, तो आम तौर पर इससे कैंसर नहीं फैलता, और यह ज़रूरी जांच है। केवल इसी से पक्का पता चलता है कि गांठ कैंसर है या नहीं और किस तरह का है, और सही इलाज इसी पर निर्भर करता है। डर से बायोप्सी टालने पर बीमारी बढ़ सकती है। टुकड़ा हम जांच के लिए हिस्टोपैथोलॉजी लैब भेजते हैं।
हमारे अस्पताल में रेडियोथेरेपी की सुविधा नहीं है। जब कीमोथेरेपी या रेडिएशन की ज़रूरत होती है, तो हमारी ऑन्कोलॉजी टीम योजना समझाती है और बड़े सेंटर के साथ तालमेल में मदद करती है। बायोप्सी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और एंडोस्कोपी जैसी जांच, और जहां सही हो वहां ऑपरेशन, हम यहीं कर सकते हैं। फॉलो-अप भी हमारी महीने की ओपीडी में चल सकता है, जिससे कई परिवारों की दौड़भाग कम होती है।
मुंह का कोई भी छाला, सफेद दाग या लाल दाग जो 2 से 3 हफ्ते में ठीक न हो, डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं, खास कर अगर आप तंबाकू, गुटखा, खैनी या बीड़ी सिगरेट लेते हैं। ऐसे बहुत से दाग कैंसर नहीं होते, लेकिन कुछ शुरुआती चेतावनी होते हैं। कृपया तंबाकू छोड़ें और हमारी ओपीडी में आएं। पक्का करने के लिए हमारे डॉक्टर छोटी बायोप्सी ले सकते हैं। जल्दी पकड़ में आए तो मुंह के कैंसर का इलाज कहीं आसान होता है।
जहां ऑपरेशन सही पहला कदम हो, वहां हम गांठ और ट्यूमर निकालना, स्तन का ट्यूमर निकालना और मैस्टेक्टॉमी (पूरा स्तन निकालना) जैसे ऑपरेशन अपने अस्पताल में बेहोशी के विशेषज्ञ और आईसीयू की मदद से करते हैं। थायराइड, पेट या आंत जैसे दूसरे कैंसर में हर केस देखकर योजना बनती है, और अगर आपके ऑपरेशन के लिए बड़ा सेंटर बेहतर हो तो हमारी टीम ईमानदारी से बताती है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन हम बड़े सेंटर के साथ तय करते हैं।
स्तन में कोई भी नई गांठ हो तो जांच ज़रूर करवाएं, भले ही उसमें दर्द न हो। हमारे अस्पताल में सर्जन स्तन की जांच करते हैं, और हम अल्ट्रासाउंड और सुई से जांच या बायोप्सी की व्यवस्था कर सकते हैं। फाइब्रोएडिनोमा जैसी बहुत सी गांठें कैंसर नहीं होतीं, लेकिन पक्का जांच से ही पता चलता है। आप डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर को हमारी सोमवार से शुक्रवार की ओपीडी में या डॉ. फिरोज़ पाशा को महीने के पहले शनिवार की कैंसर ओपीडी में दिखा सकते हैं।
बायोप्सी में गांठ या छाले से मांस का छोटा टुकड़ा सुई, छोटे चीरे या एंडोस्कोप से लिया जाता है। आम तौर पर यह जगह सुन्न करके होती है और ज़्यादातर लोग उसी दिन घर चले जाते हैं। सैंपल हम विशेष हिस्टोपैथोलॉजी लैब भेजते हैं, और रिपोर्ट में आम तौर पर कुछ दिन लगते हैं, खास जांच हो तो ज़्यादा। रिपोर्ट आने पर हमारे डॉक्टर उसे और अगला कदम समझाते हैं।
डॉ. फिरोज़ पाशा हर महीने के पहले शनिवार गोपालगंज में हमारे अस्पताल में मरीज़ देखते हैं, और सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से परिवार हमारे पास आते हैं। ओपीडी महीने में एक बार होती है, इसलिए कृपया पहले से +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करके नंबर लगाएं। आप रिपोर्ट पहले व्हाट्सऐप भी कर सकते हैं। मामला जल्दी का हो तो डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर उस तारीख से पहले हमारी सामान्य ओपीडी में जांच शुरू कर सकते हैं।
खर्च कैंसर के प्रकार और स्टेज, बायोप्सी, हिस्टोपैथोलॉजी और स्कैन जैसी जांच, तय ऑपरेशन, अस्पताल में रुकने के दिन, आईसीयू की ज़रूरत, कमरे और दवाओं पर निर्भर करता है। बाहर होने वाले स्कैन और बड़े सेंटर में कीमोथेरेपी या रेडिएशन का खर्च वही सेंटर बताते हैं। रिपोर्ट देखे बिना हम कोई रकम नहीं बताते। परामर्श के बाद भर्ती से पहले हम साफ़ लिखित अनुमान देते हैं।
हमारी आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) सूची में जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज शामिल हैं। कोई खास कैंसर का ऑपरेशन हमारे अस्पताल में कवर होगा या नहीं, यह पैकेज और आपकी पात्रता पर निर्भर है, इसलिए भर्ती से पहले हमारे सहायता केंद्र से पुष्टि करें। कीमोथेरेपी और रेडिएशन बड़े सेंटर में होते हैं, कृपया वहां पूछें कि आपके इलाज में आयुष्मान कार्ड चलेगा या नहीं। हर बार आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड साथ लाएं।
अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।
यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।


अपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।