गोपालगंज में जनरल सर्जन: हर्निया, गांठ और इमरजेंसी ऑपरेशन

जनरल सर्जरी

गोपालगंज में हमारी अनुभवी सर्जिकल टीम हर्निया, गांठ, स्तन की गांठ, फोड़ा, घाव, नसों के गुच्छे (वैरिकोज वेन्स) और पेट की समस्याओं के तय और इमरजेंसी ऑपरेशन करती है।

गोपालगंज में जनरल सर्जन के रूप में हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हर्निया, गांठ, स्तन की गांठ, फोड़ा, न भरने वाले घाव, वैरिकोज वेन्स और पेट की इमरजेंसी का इलाज करते हैं। जांच के बाद हम आपको साफ़ बताते हैं कि आपके लिए दवा, तय ऑपरेशन या तुरंत ऑपरेशन में से क्या सही है, और साथ में क्या लाना है। पूरे गोपालगंज ज़िले के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया से भी परिवार हमारे पास आते हैं। सीवान के पास जनरल सर्जन चाहने वाले बहुत से मरीज़ डॉ. ठाकुर पर उनके 16+ साल के अनुभव, 10,000+ ऑपरेशन, और आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में काम के अनुभव की वजह से भरोसा करते हैं। गूगल पर 84 समीक्षाओं से हमारे अस्पताल को 4.4 रेटिंग मिली है। हमारी ओपीडी सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक है और इमरजेंसी 24 घंटे खुली है। आने से पहले आप अपनी रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप कर सकते हैं।

जनरल सर्जरी में पेट, त्वचा, मांस, स्तन, गर्दन और शरीर के दूसरे हिस्सों के ऑपरेशन आते हैं। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में तय और इमरजेंसी, दोनों तरह के ऑपरेशन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), करते हैं। उनके साथ हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ, आईसीयू और पैथोलॉजी लैब की सुविधा रहती है।

हमारे अस्पताल में आम तौर पर होने वाले ऑपरेशन हैं: हर्निया की खुली मरम्मत (जांघ के पास का हर्निया, नाभि का हर्निया, पेट के ऊपरी हिस्से का हर्निया और पुराने टांकों वाला हर्निया), लाइपोमा (चर्बी की मुलायम गांठ) जैसी गांठों को निकालना, स्तन की गांठ निकालना (फाइब्रोएडिनोमा, और ज़रूरत हो तो स्तन का ट्यूमर या पूरा स्तन निकालना), और पूरी जांच के बाद गर्दन और थायराइड की सूजन का इलाज। पैरों की फूली और टेढ़ी नसों (वैरिकोज वेन्स) का इलाज हम सही मरीज़ों में लेजर से करते हैं। बच्चेदानी नीचे खिसकने (प्रोलैप्स) पर हम योनि के रास्ते बच्चेदानी निकालकर पेल्विक फ्लोर की मरम्मत (वीएच + पीएफआर) करते हैं। हम बच्चों के ऑपरेशन, जैसे हर्निया और अंडकोष नीचे न उतरना, भी करते हैं।

कई मरीज़ों को जल्दी इलाज चाहिए: मवाद भरा दर्दनाक फोड़ा, लिवर में मवाद (लिवर एब्सेस), न भरने वाला घाव या डायबिटिक फुट जिसमें सड़ा मांस साफ करना (डिब्राइडमेंट) पड़ता है, एक्सीडेंट की चोट, और आंत फटना या आंत फंसना, जिसमें पेट खोलकर ऑपरेशन (लैपरोटॉमी) की ज़रूरत पड़ सकती है। ऐसे हालात के लिए हमारी इमरजेंसी 24 घंटे खुली रहती है।

कई ऑपरेशन दूरबीन से भी हो सकते हैं, देखें लेप्रोस्कोपिक सर्जरी। डॉ. ठाकुर जांच करके आसान शब्दों में विकल्प समझाते हैं और ऑपरेशन की सलाह तभी देते हैं जब ज़रूरी हो। हर्निया के बारे में भ्रम दूर करने के लिए कृपया पढ़ें: हर्निया: भ्रम और सच।

जनरल सर्जरी 1
जनरल सर्जरी 2

हम किन बीमारियों का इलाज करते हैं

  • हर्निया: जांघ के पास, नाभि, पेट के ऊपरी हिस्से और पुराने टांकों वाला, खुला ऑपरेशन
  • गांठ और सूजन, जैसे लाइपोमा (चर्बी की गांठ)
  • स्तन की गांठ: फाइब्रोएडिनोमा, स्तन का ट्यूमर निकालना और मास्टेक्टॉमी
  • गर्दन और थायराइड की सूजन, पूरी जांच के बाद
  • फोड़ा (मवाद) और लिवर में मवाद की निकासी
  • न भरने वाले घाव और डायबिटिक फुट (डिब्राइडमेंट)
  • पैरों की फूली नसें (वैरिकोज वेन्स), सही मरीज़ों में लेजर से इलाज
  • इमरजेंसी: आंत फटना या आंत फंसना, और एक्सीडेंट की चोट
  • बच्चों के ऑपरेशन, जैसे हर्निया और अंडकोष नीचे न उतरना (ऑर्किडोपेक्सी)
  • बच्चेदानी नीचे खिसकना: योनि के रास्ते ऑपरेशन और पेल्विक फ्लोर की मरम्मत (वीएच + पीएफआर)

इस विभाग में होने वाले इलाज

बच्चेदानी खिसकने का ऑपरेशन (VH + PFR)

बच्चेदानी नीचे खिसकने या बाहर आने (यूटेराइन प्रोलैप्स) का ऑपरेशन। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम यह ऑपरेशन योनि के रास्ते करते हैं, पेट पर बिना चीरे के।

नाभि का हर्निया ऑपरेशन

हम नाभि पर या उसके पास के हर्निया और नाभि के ऊपर वाले एपिगैस्ट्रिक हर्निया का ऑपरेशन टांकों या जाली (मेश) से, खुले तरीके से या दूरबीन से करते हैं।

इंसिज़नल हर्निया ऑपरेशन

पहले हुए ऑपरेशन, जैसे बड़े ऑपरेशन से डिलीवरी (सिजेरियन) या पेट के ऑपरेशन, के टांकों की जगह निकले हर्निया का ऑपरेशन हम आमतौर पर जाली (मेश) लगाकर करते हैं, और उससे पहले शरीर को अच्छी तरह तैयार करते हैं।

इमरजेंसी लैपरोटॉमी

आंत फटना, आंत फंसना, टाइफाइड या अल्सर से आंत में छेद और पेट की चोट में हम पेट का तुरंत ऑपरेशन करते हैं, 24x7 इमरजेंसी और आईसीयू की सुविधा के साथ।

ट्रॉमा सर्जरी

हम सड़क दुर्घटना की चोट, गहरे कटने, और पेट व मांस की चोट का 24x7 इलाज करते हैं: पहले हालत स्थिर करना, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ज़रूरत पर ऑपरेशन, आईसीयू, और सिर या हड्डी की गंभीर चोट में रेफ़र।

थायराइड सूजन की जांच

हम गले की सूजन या घेंघा की थायराइड खून जांच, अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी से पूरी जांच करते हैं, फिर साफ़ और ईमानदार सलाह देते हैं कि आपके लिए दवा, निगरानी या ऑपरेशन में से क्या सही है।

गांठ और सिस्ट का ऑपरेशन

हम त्वचा के नीचे की गांठें, जैसे सिबेशियस सिस्ट, डर्मॉइड सिस्ट और न्यूरोफाइब्रोमा निकालते हैं, और गांठ को हिस्टोपैथोलॉजी (बायोप्सी रिपोर्ट) के लिए भेजते हैं, ताकि पक्का पता चले कि वह क्या थी।

लाइपोमा ऑपरेशन

हम त्वचा के नीचे की मुलायम चर्बी की गांठ (लाइपोमा) आमतौर पर सुन्न करने वाली सुई से डे-केयर में निकालते हैं, और गांठ की बायोप्सी रिपोर्ट कराते हैं।

फाइब्रोएडिनोमा ऑपरेशन

हम हाथ से जांच, अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी और सुई जांच से स्तन की गांठ की पूरी जांच करते हैं, और ज़रूरत पर फाइब्रोएडिनोमा निकालते हैं, पूरी गोपनीयता और महिला सहायक की मौजूदगी में।

फोड़े का आई एंड डी

हम पस से भरे फोड़े को चीरा लगाकर खाली करते हैं, ताकि दर्द और संक्रमण से राहत मिले, साथ में शुगर की जांच करते हैं और घाव भरने तक ड्रेसिंग का साफ़ शेड्यूल बनाते हैं।

लिवर एब्सेस ड्रेनेज

हम लिवर में पस (मवाद) का इलाज दवाओं से, ज़रूरत पर अल्ट्रासाउंड की मदद से सुई या पतली नली द्वारा पस निकालकर, और फोड़ा फटने पर इमरजेंसी ऑपरेशन से करते हैं।

घाव की देखभाल और डीब्राइडमेंट

हम शुगर के मरीज़ों के पैर के घाव और न भरने वाले या पस वाले घावों का इलाज करते हैं: मरा हुआ मांस हटाना (डीब्राइडमेंट), नियमित ड्रेसिंग, शुगर कंट्रोल और पैर बचाने की सलाह।

वैरिकोज़ वेन्स का इलाज

पैरों की फूली, टेढ़ी नसों का इलाज हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में डॉप्लर अल्ट्रासाउंड जांच, कम्प्रेशन स्टॉकिंग, और सही मरीज़ों में नस के अंदर से लेज़र इलाज (EVLA) से करते हैं।

बच्चों का ऑपरेशन

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम बच्चों के हर्निया, हाइड्रोसील, अंडकोष नीचे न उतरना, हाइपोस्पेडियास, चमड़ी टाइट होना और अपेंडिक्स का ऑपरेशन करते हैं, बच्चों के अनुकूल देखभाल और विशेषज्ञ से बेहोशी के साथ।

सुविधाएं और हमारा तरीका

  • तय और इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए हमारे आधुनिक ऑपरेशन थिएटर
  • वैरिकोज वेन्स के लिए डायोड लेजर
  • हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ और आईसीयू की सुविधा
  • अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे और पैथोलॉजी जांच एक ही छत के नीचे
  • ज़रूरत पड़ने पर हम निकाला गया हिस्सा बायोप्सी (हिस्टोपैथोलॉजी) जांच के लिए भेजते हैं
  • पेट की इमरजेंसी और चोट के लिए 24 घंटे इमरजेंसी
  • हमारा आयुष्मान भारत सहायता केंद्र

मरीज़ हम पर भरोसा क्यों करते हैं

हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर को 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है, वे 10,000+ ऑपरेशन कर चुके हैं और 2 लाख+ मरीज़ों का इलाज कर चुके हैं। उन्होंने आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम किया है, बिहार सरकार में जनरल सर्जरी के विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी रहे हैं और आरआईएमएस रानीगंज में जनरल सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर रहे हैं। नवंबर 2022 में स्थानीय समाचारों में बताया गया कि हमारे अस्पताल में एक युवती के पेट से लगभग 10 किलो का ट्यूमर निकाला गया। हमारी आयुष्मान भारत सूची में जनरल सर्जरी के पैकेज शामिल हैं, और आपके केस की पुष्टि हमारा सहायता केंद्र करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बिना ऑपरेशन हर्निया ठीक हो सकता है?

नहीं। हर्निया पेट की दीवार की कमज़ोरी है, और दवा, बेल्ट या कसरत से यह बंद नहीं होती। बेल्ट केवल कुछ समय के लिए आराम दे सकती है। ज़्यादातर हर्निया धीरे धीरे बढ़ते हैं और कुछ फंस भी सकते हैं, जो इमरजेंसी है। अगर सूजन में दर्द हो, वह सख्त हो जाए, अंदर न जाए या उल्टी शुरू हो, तो कृपया तुरंत हमारी इमरजेंसी में आएं। ऑपरेशन का सही समय हमारे सर्जन बताएंगे।

क्या शरीर की हर गांठ निकलवानी चाहिए?

हमेशा नहीं। छोटी लाइपोमा जैसी कई गांठें नुकसान नहीं करतीं और उन पर नज़र रखी जा सकती है। अगर गांठ बढ़ रही हो, सख्त हो, दर्द करे, हिलती न हो, या स्तन या गर्दन में हो, तो सर्जन को ज़रूर दिखाएं। हमारे सर्जन अल्ट्रासाउंड, सुई वाली जांच या गांठ निकालने की सलाह दे सकते हैं। निकाली गई गांठ हम आम तौर पर हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए भेजते हैं, जिससे पक्का पता चलता है कि गांठ क्या है।

वैरिकोज वेन्स का लेजर से इलाज कैसे होता है?

वैरिकोज वेन्स पैरों की फूली और टेढ़ी नसें हैं, जिनसे भारीपन, दर्द, खुजली या त्वचा का काला पड़ना हो सकता है। जांच के बाद सही मरीज़ों में हम खराब नस के अंदर एक पतला लेजर फाइबर डालकर नस को बंद करते हैं। ज़्यादातर मरीज़ों को पुराने खुले ऑपरेशन से कम दर्द होता है। बाद में चलने और दबाव वाले मोज़े (कम्प्रेशन स्टॉकिंग) पहनने की सलाह दी जाती है। हर मरीज़ इसके लिए सही नहीं होता, जांच के बाद हमारे सर्जन तय करते हैं।

पेट में तेज दर्द हो या चोट लगे तो क्या करें?

बिना देर किए हमारी इमरजेंसी में आएं, हमारा अस्पताल और इमरजेंसी 24 घंटे खुले हैं। पेट में तेज दर्द, पेट फूलना, बार बार उल्टी, शौच या हवा न निकलना, या एक्सीडेंट की चोट में तुरंत इलाज चाहिए। रास्ते में मरीज़ को खाना या पानी न दें, क्योंकि ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है। आते समय कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें और पुरानी रिपोर्ट और दवाएं साथ लाएं।

गोपालगंज के सबसे अच्छे जनरल सर्जन कौन हैं?

हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर एमएस (जनरल सर्जरी) हैं। उन्हें 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है और वे 10,000+ ऑपरेशन कर चुके हैं। उन्होंने आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में सीनियर रेजिडेंट के रूप में काम किया है और बिहार सरकार में विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी रहे हैं। गूगल पर हमारे अस्पताल को 84 समीक्षाओं से 5 में से 4.4 रेटिंग मिली है (सितंबर 2026)। आप हमारे मरीज़ों की समीक्षाएं गूगल पर पढ़ सकते हैं।

गोपालगंज में जनरल सर्जन को कब दिखाना चाहिए?

जांघ के पास या नाभि पर सूजन, बढ़ती, सख्त या दर्द वाली गांठ, स्तन में कोई भी गांठ, मवाद भरी सूजन, न भरने वाला घाव (खास कर शुगर में) या बार बार पेट दर्द हो तो कृपया जल्दी सर्जन को दिखाएं। पेट में तेज दर्द, पेट फूलने के साथ उल्टी, हर्निया का सख्त और दर्दनाक होना या चोट लगने पर तुरंत हमारी इमरजेंसी में आएं। समय पर इलाज आम तौर पर आसान होता है।

गांठ का ऑपरेशन कैसे होता है?

पहले हमारे सर्जन गांठ की जांच करते हैं और ज़रूरत हो तो अल्ट्रासाउंड या सुई से जांच (एफएनएसी) करवाते हैं। लाइपोमा जैसी छोटी गांठ अक्सर जगह सुन्न करके एक छोटे चीरे से निकाल दी जाती है और टांके लगाए जाते हैं। बड़ी या गहरी गांठ में बेहोशी की ज़रूरत पड़ सकती है। निकाली गई गांठ हम आम तौर पर हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए भेजते हैं, जिससे पक्का पता चलता है कि गांठ क्या थी।

मुझे सीवान के पास जनरल सर्जन चाहिए। क्या गोपालगंज में जनरल सर्जन को दिखाना ठीक रहेगा?

हां, हमारे बहुत से मरीज़ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से आते हैं। कृपया पहले अपनी रिपोर्ट और पर्ची की फोटो +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें, ताकि हमारी टीम बता सके कि कब आना है। तय ऑपरेशन में हम जांच, बेहोशी की जांच और ऑपरेशन की तारीख आम तौर पर साथ में तय कर देते हैं, जिससे कम चक्कर लगते हैं। मरीज़ की हालत बहुत गंभीर हो तो कृपया पहले नज़दीकी अस्पताल जाएं।

हर्निया या गांठ के ऑपरेशन का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

खर्च ऑपरेशन के प्रकार, खुला या दूरबीन से, जाली (मेश) लगेगी या नहीं, ज़रूरी जांच, अस्पताल में कितने दिन रुकना है, कमरे का प्रकार, आईसीयू की ज़रूरत, दवाएं और ऑपरेशन में मिली जटिलता पर निर्भर करता है। इमरजेंसी ऑपरेशन का खर्च तय ऑपरेशन से अलग हो सकता है। बिना जांच के हम कोई रकम नहीं बताते। जांच और रिपोर्ट के बाद भर्ती से पहले हम साफ़ लिखित अनुमान देते हैं।

क्या हमारे अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से जनरल सर्जरी का ऑपरेशन होता है?

हमारा अस्पताल लगभग जनवरी 2022 से आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) में सूचीबद्ध है और जुलाई 2025 में इसका नवीनीकरण हुआ। हमारी सूची में जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लगभग 50 पैकेज शामिल हैं, जैसे हर्निया, हाइड्रोसील, अपेंडिक्स और पित्त की थैली की पथरी का ऑपरेशन। मध्य 2025 तक स्त्री रोग और यूरोलॉजी के पैकेज इसमें शामिल नहीं थे। कवर होना आपके ऑपरेशन और पात्रता पर निर्भर है, इसलिए कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर आएं और भर्ती से पहले हमारे सहायता केंद्र से पुष्टि करें।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

अपॉइंटमेंट बुक करें

अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।

यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।

हाल के लेख

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

पूरी जानकारी

हमारे विशेषज्ञ

इस विभाग के डॉक्टर

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

मुफ़्त परामर्श के लिए संपर्क करें

अपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।

कॉल करेंव्हाट्सऐप