गोपालगंज में कोलोनोस्कोपी (बड़ी आंत की दूरबीन जांच)
कोलोनोस्कोपी (बड़ी आंत की दूरबीन जांच)
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम कोलोनोस्कोपी करते हैं, जिसमें पतली कैमरे वाली नली से बड़ी आंत के अंदर देखा जाता है, ताकि पखाने में खून, पखाने की आदत में बदलाव या खून की कमी की वजह पता चले।
गोपालगंज में कोलोनोस्कोपी, यानी बड़ी आंत की दूरबीन जांच, हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में तैयारी की साफ़ सलाह और हर कदम पर मदद के साथ करते हैं। पखाने में खून की जांच के लिए कोलोनोस्कोपी सबसे पूरी जांच है: इससे पूरी बड़ी आंत दिखती है, खून आने, पखाने की आदत बदलने या बिना वजह खून की कमी का कारण पता चलता है, और उसी जांच में बायोप्सी ली जा सकती है या छोटे पॉलिप निकाले जा सकते हैं। जांच हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की देखरेख में होती है, जिन्हें लेप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जरी में, बवासीर के ऑपरेशन समेत, 16+ साल का अनुभव है, इसलिए ज़रूरत हो तो इलाज भी हम यहीं कर सकते हैं। पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, दवा दुकान, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू एक ही जगह हैं। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं। साफ़ जांच के लिए कोलोनोस्कोपी की तैयारी सबसे ज़रूरी है, इसलिए कृपया आने से पहले +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करके तैयारी की जानकारी और तारीख ले लें।
ऑपरेशन का समयआमतौर पर 20 से 45 मिनट, पॉलिप निकालने हों तो कुछ ज़्यादा।
अस्पताल में रुकनाज़्यादातर लोगों को भर्ती नहीं होना पड़ता। कुछ घंटे आराम के बाद उसी दिन घर जाते हैं।
कोलोनोस्कोपी, यानी बड़ी आंत की दूरबीन जांच, क्या है
कोलोनोस्कोपी में हमारे डॉक्टर आपकी बड़ी आंत (कोलन) और मलद्वार के पास वाले हिस्से (रेक्टम) के अंदर देखते हैं। आगे लाइट और कैमरे वाली एक पतली, मुड़ने वाली नली गुदा (मलद्वार) के रास्ते धीरे से अंदर डाली जाती है, और आंत का अंदरूनी हिस्सा स्क्रीन पर दिखता है।
इससे पखाने के रास्ते खून आने की वजह पता चलती है, जैसे अंदर की बवासीर, सूजन, घाव, पॉलिप नाम की छोटी गांठें, या कैंसर। उसी जांच में हम मांस का बहुत छोटा टुकड़ा (बायोप्सी) ले सकते हैं, और कई छोटे पॉलिप उसी समय निकाल सकते हैं। पॉलिप को जल्दी निकालने से उनमें से कुछ को आगे चलकर कैंसर बनने से रोका जा सकता है।
डॉक्टर साफ देख सकें, इसके लिए आंत पूरी तरह साफ होनी चाहिए। इसीलिए जांच से पहले पेट साफ करने की खास दवा (घोल) पी जाती है, जिससे दस्त होते हैं।
किन लक्षणों में कोलोनोस्कोपी करानी चाहिए
पखाने में खून, या मलद्वार से खून आना
कुछ हफ्तों से ज़्यादा समय तक पखाने की आदत में बदलाव
बिना साफ वजह के खून की कमी (एनीमिया) या कमज़ोरी
बिना कोशिश के वज़न घटना
पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द या गांठ
परिवार में आंत का कैंसर, या पहले पॉलिप निकलना
पखाने में खून की जांच: कोलोनोस्कोपी कब ज़रूरी है
पखाने में खून, कुछ हफ्तों से ज़्यादा समय तक पखाने की आदत में बदलाव (कब्ज़, दस्त या पतला पखाना), बिना साफ वजह के खून की कमी, वज़न घटने, या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द होने पर हम कोलोनोस्कोपी की सलाह देते हैं। हमारे डॉक्टर की सलाह पर बड़ी उम्र के लोगों में, और जिनके परिवार में आंत का कैंसर या पहले पॉलिप रहे हों, उनमें आंत के कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग) के लिए भी यह होती है।
खून अक्सर बवासीर या फिशर से आता है, पर हमेशा नहीं, इसलिए कृपया खुद से मान न लें। हमारे डॉक्टर जांच करके तय करते हैं कि कोलोनोस्कोपी चाहिए या नहीं। अगर वजह बवासीर हो, तो ज़रूरत पर हम स्टेपलर से बवासीर का ऑपरेशन (एमआईपीएच) जैसा इलाज तय कर सकते हैं। अगर गांठ मिले, तो हम आगे के कदम समझाते हैं, और ज़रूरत हो तो आंत के कैंसर का ऑपरेशन।
कोलोनोस्कोपी की तैयारी और जांच कैसे होती है
जांच से 1 से 2 दिन पहले हल्का, कम रेशे वाला खाना खाएं, जैसे खिचड़ी, चावल, दही और सूप। हरी पत्तेदार सब्ज़ी, बीज वाले फल और मोटा अनाज न खाएं।
जांच से एक दिन पहले, बताए गए समय से सिर्फ साफ तरल लें (पानी, साफ सूप, ओआरएस, नारियल पानी, बिना दूध की चाय), और पेट साफ करने की दवा ठीक बताए गए समय पर पिएं। बार-बार पतले दस्त होंगे, जब तक पखाना साफ, हल्के पीले पानी जैसा न हो जाए। इसका मतलब है आंत साफ हो गई।
जांच के दिन कृपया किसी साथी के साथ आएं। हमारे डॉक्टर तैयारी देखते हैं और सहमति लेते हैं। अगर बेहोशी की हल्की दवा (सेडेशन) देनी हो, तो पहले आपकी सेहत जांची जाती है।
आप बाईं करवट लेटते हैं और पतली कैमरे वाली नली गुदा के रास्ते धीरे से अंदर डाली जाती है। आंत खोलने के लिए हवा डाली जाती है, इसलिए मरोड़ और पेट फूलना आम है।
ज़रूरत हो तो बायोप्सी ली जाती है या छोटे पॉलिप निकाले जाते हैं।
पूरी तरह होश आने और गैस निकलने तक आराम करते हैं, फिर साथी के साथ घर जाते हैं।
जांच के बाद आराम और रिपोर्ट
कुछ घंटे पेट फूलना और गैस निकलना आम है। आमतौर पर उसी दिन हल्के खाने से शुरू करके सामान्य खाना खा सकते हैं। अगर सेडेशन दिया गया हो, तो उस दिन गाड़ी न चलाएं, ज़रूरी कागज़ों पर दस्तखत न करें और कोई जोखिम वाला काम न करें। बायोप्सी या पॉलिप निकालने के बाद थोड़ा खून आ सकता है, पर ज़्यादा खून, पेट में तेज़ दर्द, बुखार या उल्टी में कृपया तुरंत आएं। बायोप्सी रिपोर्ट में आमतौर पर कुछ दिन लगते हैं, और हमारे डॉक्टर नतीजा समझाते हैं।
कोलोनोस्कोपी के बाद क्या खाएं और क्या सावधानी रखें
ज़्यादातर लोग अगले दिन तक अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट आते हैं। घर जाने से पहले हम ये बातें समझाते हैं।
खाना: पूरी तरह जागने के बाद खिचड़ी, दाल-चावल, दही या सूप जैसे हल्के खाने से शुरू करें, और उसी दिन या अगले दिन सामान्य खाना खा सकते हैं।
पानी: भरपूर पानी, नारियल पानी या ओआरएस पिएं, क्योंकि पेट साफ़ करने की दवा से शरीर का पानी निकल जाता है।
पॉलिप निकालने के बाद: अगले कुछ दिन खाने और खून पतला करने वाली दवाओं के बारे में हमारे डॉक्टर की सलाह मानें।
बेहोशी की दवा के बाद: किसी साथी के साथ घर जाएं, और बाकी दिन गाड़ी न चलाएं, मशीन पर काम न करें और ज़रूरी कागज़ों पर दस्तखत न करें।
आम और मामूली: कुछ घंटे पेट फूलना और गैस निकलना, और बायोप्सी के बाद थोड़ा खून।
खतरे के संकेत: ज़्यादा खून, पेट में तेज़ या बढ़ता दर्द, बुखार या उल्टी। कृपया तुरंत आएं या +91 72739 94786 पर कॉल करें।
फायदे
खून आने और पखाने में बदलाव की वजह सीधे दिखती है
उसी जांच में बायोप्सी और कई छोटे पॉलिप निकालना
आंत का कैंसर जल्दी पकड़ में आ सकता है, जब इलाज बेहतर काम करता है
न चीरा, न टांके, और ज़्यादातर लोग उसी दिन घर जाते हैं
ज़रूरत हो तो सर्जरी का इलाज हमारे अस्पताल में ही
संभावित जोखिम:
कोलोनोस्कोपी आम और आमतौर पर सुरक्षित जांच है। मरोड़ और पेट फूलना आम है और जल्दी ठीक हो जाता है। बायोप्सी या पॉलिप निकालने के बाद खून आ सकता है, जो आमतौर पर अपने आप रुक जाता है। आंत की दीवार में छेद (परफोरेशन) बहुत कम होता है, पर गंभीर है और ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है। पेट साफ करने की दवा से कमज़ोरी और पानी की कमी हो सकती है, खासकर बुज़ुर्गों और किडनी या दिल के मरीजों में, इसलिए कृपया साफ तरल पीते रहें। सेडेशन से कभी-कभी सांस या बीपी पर असर हो सकता है, इसीलिए हम आपकी करीब से निगरानी करते हैं।
गोपालगंज में कोलोनोस्कोपी का खर्च और आयुष्मान कार्ड
कोलोनोस्कोपी का खर्च इस पर निर्भर करता है कि आपके केस में क्या ज़रूरी है, इसलिए हम कोई एक तय रकम नहीं बताते। मुख्य बातें हैं: पेट साफ़ करने की दवा, बेहोशी की दवा दी गई या नहीं, कितनी बायोप्सी ली गईं और लैब में उनकी जांच, पॉलिप निकालना, जांच से पहले की खून की जांचें, और क्या निगरानी के लिए रुकना पड़ा। बुकिंग के समय, जांच से पहले ही, हमारी टीम अनुमानित खर्च साफ़ बता देती है, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। आप पहले अपनी पुरानी रिपोर्ट व्हाट्सऐप +91 72739 94786 पर भेज सकते हैं।
आयुष्मान भारत PM-JAY मुख्य रूप से उस इलाज को कवर करता है जिसमें अस्पताल में भर्ती होना पड़े, इसलिए ओपीडी में पहले से तय कोलोनोस्कोपी शायद अकेले कवर न हो। हमारा अस्पताल जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है। आयुष्मान कार्ड हो तो कृपया आधार कार्ड के साथ लाएं और जांच से पहले हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछ लें।
कोलोनोस्कोपी के लिए डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल क्यों चुनें
कोलोनोस्कोपी हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में करते हैं, और हमारी पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे और फार्मेसी भी एक ही जगह हैं। इलाज की ज़रूरत हो, तो लेप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जरी में 16+ साल के अनुभव वाले डॉ. आर. के. ठाकुर की हमारी सर्जरी टीम, जो बवासीर का ऑपरेशन भी करती है, इसी अस्पताल में है। हर महीने के पहले शनिवार को हमारे यहां डॉ. फिरोज़ पाशा की कैंसर सर्जरी ओपीडी लगती है। आयुष्मान भारत कार्ड वाले मरीज हमारे सहायता केंद्र से कवरेज के बारे में पूछ सकते हैं। तैयारी की जानकारी के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।
कोलोनोस्कोपी से जुड़े आम सवाल
कोलोनोस्कोपी की तैयारी कैसे करें, पेट कैसे साफ करें?
जांच से 1 से 2 दिन पहले हल्का, कम रेशे वाला खाना खाएं। एक दिन पहले, बताए गए समय से सिर्फ साफ तरल लें, और पेट साफ करने की दवा ठीक वैसे ही पिएं जैसा बताया गया है। बार-बार दस्त होंगे, इसलिए शौचालय के पास रहें और साफ तरल पीते रहें। जब पखाना साफ, हल्के पीले पानी जैसा हो जाए, तो आंत तैयार है। उल्टी हो या बहुत कमज़ोरी लगे तो हमें कॉल करें।
गोपालगंज में कोलोनोस्कोपी कैसे होती है और कितना समय लगता है?
पेट साफ़ करने की तैयारी के बाद आप एक साथी के साथ आते हैं। हमारे डॉक्टर तैयारी देखते हैं और सहमति लेते हैं, और तय हो तो बेहोशी की हल्की दवा दी जाती है। आपको बाईं करवट लिटाकर पतली, मुड़ने वाली कैमरा नली गुदा के रास्ते धीरे से अंदर डाली जाती है, ताकि पूरी बड़ी आंत देखी जा सके। ज़रूरत हो तो हम बायोप्सी लेते हैं या छोटे पॉलिप निकालते हैं। जांच आमतौर पर 20 से 45 मिनट की होती है, और आराम के बाद आप उसी दिन घर जाते हैं।
क्या कोलोनोस्कोपी से पहले दवा बंद करनी है?
कृपया कोई भी दवा खुद से बंद न करें। हमारे डॉक्टर को अपनी सभी दवाओं के बारे में बताएं, खासकर खून पतला करने की दवा, शुगर की गोली या इंसुलिन, और आयरन की गोली। शुगर की दवा अक्सर बदलनी पड़ती है, क्योंकि आप सामान्य खाना नहीं खा रहे होंगे। आयरन की गोली कुछ दिन पहले रोकी जा सकती है, क्योंकि इससे पखाना काला और चिपचिपा होता है। खून पतला करने की दवा डॉक्टर की सलाह से ही संभाली जाती है।
क्या कोलोनोस्कोपी में दर्द होता है?
आंत खोलने के लिए हवा डालने पर बहुत से लोगों को दबाव, मरोड़ और पेट फूलना महसूस होता है। यह बेचैनी आमतौर पर थोड़ी देर की होती है। आपके केस के अनुसार हमारे डॉक्टर सेडेशन दे सकते हैं, जिससे आप आराम और नींद जैसा महसूस करते हैं। सेडेशन दिया जाए तो हम आपकी करीब से निगरानी करते हैं, और घर साथी के साथ ही जाना होता है। जांच के दौरान दर्द ज़्यादा हो तो कृपया डॉक्टर को बताएं।
क्या कोलोनोस्कोपी कोई ऑपरेशन है?
नहीं, कोलोनोस्कोपी एक जांच है, ऑपरेशन नहीं। इसे बड़ी आंत की दूरबीन जांच भी कहते हैं। इसमें न चीरा लगता है, न टांके। पतली, मुड़ने वाली कैमरा नली गुदा के रास्ते अंदर जाकर आंत को स्क्रीन पर दिखाती है। उसी जांच में हम बायोप्सी ले सकते हैं या छोटे पॉलिप निकाल सकते हैं, और ज़्यादातर लोग उसी दिन घर चले जाते हैं।
क्या पखाने में खून हमेशा बवासीर से आता है?
नहीं। बवासीर और फिशर में लाल खून आना आम है, पर खून आंत के पॉलिप, सूजन या कैंसर से भी आ सकता है। खतरे के संकेत हैं: पखाने में मिला हुआ खून, पखाने की आदत में बदलाव, वज़न घटना, खून की कमी, परिवार में आंत का कैंसर, या बड़ी उम्र में खून आना। हमारे डॉक्टर जांच करके तय करते हैं कि कोलोनोस्कोपी चाहिए या नहीं।
पखाने में खून की जांच के लिए क्या कोलोनोस्कोपी के अलावा कोई और तरीका है?
पहली जांच हमारे डॉक्टर की गोपनीय जांच होती है, जिसमें ज़्यादातर बवासीर और फिशर पकड़ में आ जाते हैं। खून की जांच से खून की कमी पता चलती है, और कुछ पखाने की जांचें छिपा हुआ खून देखती हैं। ये मदद करती हैं, लेकिन इनसे पूरी आंत नहीं दिखती और बायोप्सी नहीं ली जा सकती। जब खून साफ़ तौर पर बवासीर का न हो, या वज़न घटना, खून की कमी या पखाने की आदत बदलना जैसे संकेत हों, तब कोलोनोस्कोपी से ही असली कारण पता चलता है।
कोलोनोस्कोपी का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है, और क्या आयुष्मान कार्ड से होती है?
खर्च पेट साफ़ करने की दवा, बेहोशी की दवा, बायोप्सी की संख्या और लैब में उनकी जांच, और पॉलिप निकालने पर निर्भर करता है। बुकिंग के समय, जांच से पहले ही, हम अनुमानित खर्च साफ़ बता देते हैं। आयुष्मान भारत PM-JAY मुख्य रूप से भर्ती वाले इलाज को कवर करता है, इसलिए ओपीडी में तय कोलोनोस्कोपी शायद अकेले कवर न हो। कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर आएं और जांच से पहले हमारे सहायता केंद्र से पूछ लें।
कोलोनोस्कोपी के बाद क्या खाएं?
पूरी तरह जागने के बाद खिचड़ी, दाल-चावल, दही, सूप या ओआरएस जैसे हल्के खाने से शुरू करें, और उसी दिन या अगले दिन सामान्य खाना खा सकते हैं। भरपूर पानी पिएं, क्योंकि पेट साफ़ करने की दवा से शरीर का पानी निकल जाता है। पॉलिप निकाला गया हो तो हमारे डॉक्टर कुछ दिन भारी, मसालेदार खाने और कुछ दवाओं से बचने को कह सकते हैं। पेट फूलना और गैस आमतौर पर कुछ घंटों में ठीक हो जाती है।
कोलोनोस्कोपी के लिए गोपालगंज का सबसे अच्छा अस्पताल कौन सा है?
ऐसा अस्पताल चुनें जहां कोलोनोस्कोपी अनुभवी डॉक्टर की देखरेख में हो, बायोप्सी हिस्टोपैथोलॉजी लैब में भेजी जाए, और कोई गंभीर बीमारी मिले तो सर्जरी की सुविधा भी हो। हमारे अस्पताल में कोलोनोस्कोपी हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की देखरेख में होती है, जिन्हें 16+ साल का अनुभव है, और पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू एक ही जगह हैं। हमारे मरीज़ों के रिव्यू आप गूगल पर पढ़ सकते हैं।
गोपालगंज में कोलोनोस्कोपी कहां होती है?
कोलोनोस्कोपी हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में करते हैं, और पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और ज़रूरत पर इलाज के लिए हमारी सर्जरी टीम भी इसी अस्पताल में है। बुकिंग के लिए, और पेट साफ करने की तैयारी पहले से समझने के लिए, कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें। आयुष्मान कार्ड है तो हमारे सहायता केंद्र से पूछ सकते हैं कि जांच कवर है या नहीं।
हम मोतिहारी या बेतिया में रहते हैं। सफ़र करना हो तो कोलोनोस्कोपी की तैयारी कैसे करें?
कृपया सफ़र से पहले +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें, ताकि हमारी टीम आपको पेट साफ़ करने की तैयारी और उसका समय पहले से बता दे। तैयारी की दवा से कुछ ही घंटों में बार-बार पखाना होता है, इसलिए मोतिहारी, बेतिया, सीवान, छपरा, कुशीनगर और देवरिया के मरीज़ों को हम बताते हैं कि दवा कब शुरू करें ताकि सफ़र आराम से हो। कुछ लोग एक रात पहले अस्पताल के पास रुक जाते हैं। साथ में एक साथी लाएं, और उसी दिन घर लौटने की तैयारी रखें।
इससे जुड़े इलाज
पेट की दूरबीन जांच (एंडोस्कोपी)
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम एंडोस्कोपी करते हैं, जिसमें पतली कैमरे वाली नली से खाने की नली, पेट और छोटी आंत का शुरुआती हिस्सा देखा जाता है। यह आमतौर पर गले में स्प्रे से होती है, और ज़्यादातर लोग उसी दिन घर जाते हैं।
बवासीर का इलाज
डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम बवासीर का इलाज पूरी गोपनीयता और सम्मान के साथ करते हैं। शुरुआती बवासीर में खानपान और दवा से, और ज़रूरत होने पर ग्रेड के हिसाब से लेज़र या MIPH स्टेपलर ऑपरेशन से।
पेट और आंत के कैंसर का ऑपरेशन
हम पेट, बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर का इलाज करते हैं: बायोप्सी के साथ एंडोस्कोपी या कोलोनोस्कोपी, सीटी स्कैन से स्टेजिंग, ज़रूरत पर ऑपरेशन, और कीमोथेरेपी व रेडियोथेरेपी के लिए बड़े सेंटर से तालमेल।
स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)
Colonoscopy, NIDDK (US National Institutes of Health)
Colonoscopy, MedlinePlus (US National Library of Medicine)
I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands,
Very Well Experienced Doctor
Well Behaved Staffs
Nice Arrangements
& Most Important, Very Easy Procedure.
Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
अनुवाद देखें
हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।
My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
अनुवाद देखें
मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।