
इमरजेंसी लैपरोटॉमी
आंत फटना, आंत फंसना, टाइफाइड या अल्सर से आंत में छेद और पेट की चोट में हम पेट का तुरंत ऑपरेशन करते हैं, 24x7 इमरजेंसी और आईसीयू की सुविधा के साथ।
हम लिवर में पस (मवाद) का इलाज दवाओं से, ज़रूरत पर अल्ट्रासाउंड की मदद से सुई या पतली नली द्वारा पस निकालकर, और फोड़ा फटने पर इमरजेंसी ऑपरेशन से करते हैं।
अगर आपको या परिवार में किसी को बुखार के साथ दाहिनी पसलियों के नीचे दर्द है और जांच में लिवर में पस दिखा है, तो हम गोपालगंज में लिवर में पस का इलाज पूरी देखभाल के साथ करते हैं। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), पूरा इलाज संभालते हैं: दवाइयां, बार-बार अल्ट्रासाउंड, ज़रूरत हो तो अल्ट्रासाउंड देखकर सुई या पतली नली से लिवर से पस निकालना, और उन कुछ मामलों में इमरजेंसी ऑपरेशन जिनमें एब्सेस फट जाए। अमीबा वाले कई एब्सेस सिर्फ़ दवा से ठीक हो जाते हैं, इसलिए ज़्यादातर मरीज़ों में लिवर एब्सेस का इलाज बिना ऑपरेशन संभव है। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से मरीज़ हमारे पास आते हैं, और हमारा अल्ट्रासाउंड, लैब, 24x7 इमरजेंसी और आईसीयू एक ही हॉस्पिटल में हैं। परिवार डॉ. ठाकुर पर उनके 16 साल से ज़्यादा के सर्जरी अनुभव और 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन की वजह से भरोसा करते हैं। सलाह के लिए कृपया ओपीडी (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे) में आएं, और तेज़ बुखार या तेज़ दर्द हो तो सीधे हमारी इमरजेंसी में आएं।
लिवर एब्सेस का मतलब है लिवर (जिगर) के अंदर पस (मवाद) का जमा होना। यह गंभीर संक्रमण है जिसका जल्दी इलाज ज़रूरी है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं:
इलाज दवाओं से शुरू होता है: अमीबा मारने की दवा और एंटीबायोटिक। अमीबा वाले बहुत से एब्सेस सिर्फ़ दवा से ठीक हो जाते हैं। जब पस बड़ा हो, दवा से सुधार न हो या फटने का खतरा हो, तो हम अल्ट्रासाउंड की मदद से त्वचा के रास्ते पस निकालते हैं, या तो सुई से (नीडल एस्पिरेशन) या पतली नली डालकर (कैथेटर या पिगटेल ड्रेनेज)। खुला ऑपरेशन कुछ ही मामलों में चाहिए, जैसे जब फोड़ा फट जाए।


अगर कई दिनों से कंपकंपी के साथ बुखार हो और पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द हो, तो कृपया जल्दी डॉक्टर को दिखाएं। हम पेट के अल्ट्रासाउंड और खून की जांच, जैसे खून की पूरी जांच (सीबीसी) और लिवर फंक्शन टेस्ट, से बीमारी पक्की करते हैं। कुछ मामलों में सीटी स्कैन की सलाह दी जा सकती है।
हम पस निकालने (ड्रेनेज) की सलाह आमतौर पर तब देते हैं जब:
अगर फोड़ा पेट के अंदर फट जाए, तो अचानक तेज़ दर्द, पेट सख्त होना और शॉक होता है। ऐसे में इमरजेंसी ऑपरेशन (लैपरोटॉमी) की ज़रूरत होती है। ऐसा हो तो कृपया तुरंत हमारी इमरजेंसी में आएं।
सही इलाज से बुखार आमतौर पर कुछ दिनों में उतर जाता है, लेकिन अच्छा महसूस होने पर भी कृपया दवा का पूरा कोर्स करें। अगर नली लगी है, तो उसे सुरक्षित और साफ़ रखें और बताए तरीके से निकलने वाले पस की मात्रा नोट करें। हल्का, पौष्टिक खाना खाएं और शराब पूरी तरह छोड़ दें। फॉलो-अप में हम दोबारा अल्ट्रासाउंड करते हैं। ठीक महसूस होने के बाद भी लिवर की खाली जगह को स्कैन में पूरी तरह भरने में हफ्तों से महीनों लग सकते हैं। अमीबा से बचने के लिए उबला या साफ़ पानी पिएं।
घर पर सही देखभाल से लिवर ठीक होता है और बीमारी दोबारा होने से बचती है:
लिवर एब्सेस अगर पेट में, छाती में या दिल की झिल्ली में फट जाए तो खतरनाक हो सकता है, इसलिए समय पर इलाज ज़रूरी है। सुई या नली से पस निकालने में खून बहना, दर्द, नली के चारों ओर रिसाव, नली खिसकना और दोबारा ड्रेनेज की ज़रूरत जैसे छोटे खतरे होते हैं। ऑपरेशन में पेट के बड़े ऑपरेशन वाले खतरे होते हैं। अल्ट्रासाउंड की मदद, ध्यान से निगरानी और हालत बिगड़ने पर तुरंत कार्रवाई से हम इन खतरों को कम करते हैं।
लिवर एब्सेस के इलाज का खर्च इस पर निर्भर करता है कि कितना इलाज चाहिए, इसलिए कोई एक तय कीमत नहीं बताई जा सकती। खर्च मुख्य रूप से इन बातों पर निर्भर करता है:
अल्ट्रासाउंड और खून की जांच के बाद हमारे डॉक्टर इलाज की योजना समझाकर अनुमान देते हैं, और आप पहले अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भी भेज सकते हैं। हमारा हॉस्पिटल आयुष्मान भारत पीएम-जय में जनरल सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है, और लिवर एब्सेस ड्रेनेज हमारी ऑपरेशन सूची में है। सही पैकेज इस पर निर्भर करता है कि आपको सिर्फ़ दवा, पस निकालना या ऑपरेशन चाहिए, और इसे हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र पक्का करता है, इसलिए कृपया भर्ती के समय आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड साथ लाएं।
लिवर एब्सेस का ड्रेनेज हमारे नियमित ऑपरेशनों में शामिल है। डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), जिन्हें 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी का अनुभव है और जो 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं, पूरा इलाज खुद देखते हैं: दवा, अल्ट्रासाउंड से निगरानी, ज़रूरत पर ड्रेनेज और फोड़ा फटने पर ऑपरेशन।
अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे और दवा की दुकान हमारे हॉस्पिटल में ही हैं, और हालत गंभीर होने पर हमारी 24x7 इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू तैयार हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा और चंपारण के मरीज़ों के लिए यह इसलिए भी ज़रूरी है, क्योंकि फॉलो-अप में बार-बार स्कैन कराना पड़ता है। दिखाने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप करें।
भारत में सबसे आम प्रकार अमीबा वाला लिवर एब्सेस है, जो गंदे पानी या खाने से फैलने वाले कीटाणु से होता है। यह वयस्क पुरुषों और शराब पीने वालों में ज़्यादा होता है। बैक्टीरिया वाला एब्सेस अक्सर पित्त की थैली में पथरी, पित्त की नली में रुकावट, पेट के दूसरे संक्रमण या शुगर से जुड़ा होता है। इलाज इसके प्रकार पर निर्भर करता है।
अमीबा वाला लिवर एब्सेस ज़्यादातर गंदे पानी और खाने से होने वाले इन्फेक्शन से होता है। उबला या साफ़ पानी पिएं, खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं, फल-सब्ज़ी धोकर खाएं और खुले में बिकने वाले कटे फल या बासी खाने से बचें। शराब से दूर रहें और शुगर हो तो कंट्रोल में रखें। पेचिश या खूनी दस्त हो, तो उसका पूरा इलाज कराएं।
हम इलाज अमीबा की दवा और एंटीबायोटिक से शुरू करते हैं, जो शुरू में अक्सर ड्रिप से दी जाती है, साथ में पानी की कमी और बुखार का इलाज। बार-बार अल्ट्रासाउंड से हम एब्सेस पर नज़र रखते हैं। अगर एब्सेस बड़ा हो या सुधार न हो, तो अल्ट्रासाउंड देखकर त्वचा से सुई या पतली नली (पिगटेल) डालकर पस निकाला जाता है, जिसमें आमतौर पर 20 से 45 मिनट लगते हैं। ज़्यादातर मरीज़ 3 से 7 दिन हमारे यहां भर्ती रहते हैं।
हां, ज़्यादातर मामलों में। अमीबा वाले बहुत से एब्सेस सिर्फ़ दवा से ठीक हो जाते हैं। बड़े फोड़े, या जिनमें सुधार न हो, उनका पस अल्ट्रासाउंड की मदद से त्वचा के रास्ते सुई या पतली नली से निकाला जाता है, बिना पेट खोले। खुला ऑपरेशन मुख्य रूप से तब चाहिए जब फोड़ा फट जाए या ड्रेनेज काम न करे। हमारे सर्जन अल्ट्रासाउंड और आपके सुधार को देखकर फैसला करते हैं।
सुई या नली डालने से पहले त्वचा को सुन्न करने वाली सुई से सुन्न किया जाता है, इसलिए ज़्यादातर मरीज़ों को तेज़ दर्द के बजाय दबाव और थोड़ी तकलीफ़ महसूस होती है। बाद में दर्द की दवा दी जाती है। यह अल्ट्रासाउंड की मदद से किया जाता है, ताकि हमारे डॉक्टर सुई का रास्ता देख सकें। अगर नली छोड़ी जाती है, तो पस निकलना बंद होने और स्कैन में सुधार होने पर उसे निकाल दिया जाता है।
सही इलाज शुरू होने के कुछ दिनों में आमतौर पर बुखार उतर जाता है, और ज़्यादातर लोगों की ताकत अगले कुछ हफ्तों में धीरे-धीरे लौटती है। ठीक महसूस होने पर भी कृपया दवा का पूरा कोर्स करें। लिवर का गड्ढा अल्ट्रासाउंड में पूरी तरह मिटने में कुछ हफ्तों से कुछ महीनों तक लग सकते हैं, इसलिए फॉलो-अप में हम स्कैन दोबारा करते हैं। नली लगी हो, तो पस बंद होने और स्कैन में सुधार के बाद निकाल दी जाती है।
हल्का, ताज़ा बना घर का खाना खाएं, जैसे दाल, चावल, रोटी, खिचड़ी, दही, हरी सब्ज़ी और फल, और भूख कम हो तो थोड़ा-थोड़ा कई बार। पर्याप्त प्रोटीन से जल्दी ताकत आती है। शराब पूरी तरह बंद रखें, और ठीक होने तक तला-भुना और बाहर का खाना न खाएं। उबला या साफ़ पानी पिएं, खाने से पहले हाथ धोएं, और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई जड़ी-बूटी वाला लिवर टॉनिक न लें।
शराब लिवर पर अतिरिक्त बोझ डालती है और इससे अमीबा वाले लिवर एब्सेस का खतरा बढ़ता है। इलाज और ठीक होने के दौरान लिवर को भरने के लिए आराम चाहिए। शराब पूरी तरह छोड़ने से जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है और बीमारी दोबारा होने की संभावना कम होती है। अगर शराब छोड़ना मुश्किल लगे, तो कृपया हमारे डॉक्टर से खुलकर मदद मांगें।
खर्च इस पर निर्भर करता है कि सिर्फ़ दवा काफ़ी है या सुई या नली से पस निकालना पड़ेगा, कितनी बार अल्ट्रासाउंड और खून की जांच होगी, अस्पताल में कितने दिन और कौन सा कमरा, और एब्सेस फटने पर इमरजेंसी ऑपरेशन या आईसीयू की ज़रूरत पड़ी या नहीं। अल्ट्रासाउंड और खून की जांच के बाद हमारे डॉक्टर योजना समझाकर अनुमान देते हैं। आयुष्मान कार्ड वाले कृपया जल्दी हमारे सहायता केंद्र पर मिलें।
लिवर एब्सेस का ड्रेनेज और ऑपरेशन हमारे हॉस्पिटल की आयुष्मान भारत पीएम-जय की जनरल सर्जरी सूची में आता है, जो योग्य कार्ड धारकों के लिए है। सही पैकेज इस पर निर्भर करता है कि आपको सिर्फ़ दवा, ड्रेनेज या ऑपरेशन में से क्या चाहिए, और इसे हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र पक्का करता है। कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार जैसा फोटो पहचान पत्र लाएं और भर्ती से पहले सहायता केंद्र पर पूछें।
हां। छपरा, मोतिहारी, सीवान, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से मरीज़ नियमित रूप से हमारे पास आते हैं। बुखार के साथ पेट के दाहिनी ओर दर्द हो, तो इंतज़ार न करें, कृपया जल्दी आएं। पहले कोई अल्ट्रासाउंड या खून की रिपोर्ट हो तो +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप कर दें। इलाज के बाद अल्ट्रासाउंड दोबारा कराने होते हैं, इसलिए हम आपके साथ मिलकर आने की तारीखें तय करते हैं, ताकि सफ़र आसान रहे।
लिवर एब्सेस के इलाज के लिए ऐसे सर्जन चाहिए जो दवा, अल्ट्रासाउंड देखकर पस निकालना और ज़रूरत हो तो इमरजेंसी ऑपरेशन, सब संभाल सकें, और अस्पताल में आईसीयू हो। हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), को 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। वे आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम कर चुके हैं। हमारा अल्ट्रासाउंड, लैब, 24x7 इमरजेंसी और आईसीयू एक ही हॉस्पिटल में हैं।
अपनी जानकारी भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके समय तय करेगी।
यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026
मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।
I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands,
Very Well Experienced Doctor
Well Behaved Staffs
Nice Arrangements
& Most Important, Very Easy Procedure.
Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।
My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।
डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा हैअपना नाम और फ़ोन नंबर दें। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपीडी का समय तय करेगी।