गोपालगंज में थायराइड की सूजन का इलाज: घेंघा और गांठ की जांच

थायराइड की सूजन (घेंघा) की जांच

हम गले की सूजन या घेंघा की थायराइड खून जांच, अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी से पूरी जांच करते हैं, फिर साफ़ और ईमानदार सलाह देते हैं कि आपके लिए दवा, निगरानी या ऑपरेशन में से क्या सही है।

अगर आपके गले के सामने सूजन है, तो हम गोपालगंज में थायराइड की सूजन का इलाज हमेशा सही जांच से शुरू करते हैं। डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), गले की जांच करते हैं, थायराइड की खून की जांच, गले का अल्ट्रासाउंड और ज़रूरत हो तो थायराइड की गांठ की एफएनएसी जांच कराते हैं, और फिर दवा, नियमित जांच या ऑपरेशन की सलाह देते हैं। ज़्यादातर घेंघा और गांठें कैंसर नहीं होतीं और बहुतों में कभी ऑपरेशन की ज़रूरत नहीं पड़ती, इसलिए घेंघा का इलाज बिना ऑपरेशन अक्सर संभव है। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से भी मरीज़ हमारे पास आते हैं, क्योंकि सलाह और जांच एक ही जगह हो जाती है। मरीज़ डॉ. ठाकुर पर उनके 16 साल से ज़्यादा के सर्जरी अनुभव, आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली के अनुभव और ईमानदार रवैये की वजह से भरोसा करते हैं: हम ऑपरेशन की सलाह सिर्फ़ तभी देते हैं जब सच में ज़रूरत हो। सलाह के लिए कृपया ओपीडी (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे) में आएं या अपनी थायराइड रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप करें।

ऑपरेशन का समयजांच और परामर्श आमतौर पर 1 से 2 ओपीडी विज़िट में पूरे हो जाते हैं। एफएनएसी में कुछ मिनट लगते हैं, कुछ रिपोर्ट आने में कुछ दिन लग सकते हैं
अस्पताल में रुकनाजांच के लिए भर्ती की ज़रूरत नहीं। अगर ऑपरेशन की सलाह दी जाए, तो हम उस समय रुकने की अवधि बताते हैं

थायराइड की सूजन (घेंघा) क्या है?

थायराइड गले के सामने तितली के आकार की एक ग्रंथि है। यह ऐसे हार्मोन बनाती है जो शरीर की ऊर्जा और कामकाज को नियंत्रित करते हैं। थायराइड की सूजन को घेंघा (गॉइटर) कहते हैं। इसमें पूरी ग्रंथि बढ़ सकती है, या इसमें एक या एक से ज़्यादा गांठें (नोड्यूल) हो सकती हैं।

थायराइड की ज़्यादातर सूजन कैंसर नहीं होती। कुछ आयोडीन की कमी से होती हैं, कुछ थायराइड के ज़्यादा काम करने (हाइपरथायराइडिज़्म) या कम काम करने (हाइपोथायराइडिज़्म) से, और कुछ साधारण गांठ या पानी की थैली (सिस्ट) होती हैं। कुछ ही गांठों में कैंसर की संभावना जांचने के लिए ध्यान से जांच करनी पड़ती है।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारी जांच का मकसद तीन सवालों का जवाब देना है: सूजन क्या है? थायराइड ठीक से काम कर रहा है या नहीं? इसमें दवा, सिर्फ़ निगरानी या ऑपरेशन में से क्या चाहिए? इसके लिए हम डॉक्टर की जांच, थायराइड की खून जांच (टीएसएच, टी3, टी4), गले का अल्ट्रासाउंड और ज़रूरत हो तो एफएनएसी करते हैं। एफएनएसी में पतली सुई से गांठ की कुछ कोशिकाएं निकालकर माइक्रोस्कोप से जांची जाती हैं।

थायराइड सूजन की जांच: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
थायराइड सूजन की जांच: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

थायराइड की सूजन और हार्मोन की गड़बड़ी के लक्षण

  • गले के सामने सूजन जो निगलने पर ऊपर-नीचे होती है
  • थायराइड में एक या ज़्यादा गांठ महसूस होना
  • थकान, वज़न बढ़ना, ठंड ज़्यादा लगना, कब्ज़ या त्वचा रूखी होना (थायराइड कम काम करना)
  • वज़न घटना, दिल की धड़कन तेज़, पसीना, हाथ कांपना या चिड़चिड़ापन (थायराइड ज़्यादा काम करना)
  • गले में दबाव, या निगलने या सांस लेने में दिक्कत
  • आवाज़ बैठना या तेज़ी से बढ़ती सख्त गांठ, जिसकी जल्दी जांच ज़रूरी है

थायराइड का ऑपरेशन कब करवाना चाहिए?

अगर गले में सूजन हो, या बिना वजह वज़न बदलना, थकान या दिल की धड़कन तेज़ होने जैसे लक्षण हों, तो कृपया थायराइड की जांच कराएं। अगर सूजन तेज़ी से बढ़ रही हो, सख्त या एक जगह जमी हुई हो, या आवाज़ बैठना, निगलने या सांस लेने में दिक्कत, या गले में दूसरी गांठें हों, तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएं।

दवा या ऑपरेशन? बहुत से घेंघा और गांठों में सिर्फ़ गोली या अल्ट्रासाउंड से नियमित निगरानी चाहिए, और हार्मोन की गड़बड़ी का इलाज पहले आमतौर पर गोलियों से होता है। हम ऑपरेशन (थायराइडेक्टॉमी, यानी थायराइड का कुछ हिस्सा या पूरा निकालना) पर आमतौर पर तब विचार करते हैं जब बड़ा घेंघा सांस की नली या खाने की नली पर दबाव डाले, एफएनएसी में कैंसर या शक वाला नतीजा आए, ज़्यादा काम करने वाला थायराइड दवा से काबू में न आए, या बड़ी सूजन से मरीज़ को परेशानी हो।

अगर हम ऑपरेशन की सलाह देते हैं, तो हमारे सर्जन ऑपरेशन, उसके खतरे और यह भी समझाते हैं कि आपके केस में ऑपरेशन यहां करना बेहतर है या किसी बड़े सेंटर पर।

जांच कैसे होती है: खून की जांच, अल्ट्रासाउंड और थायराइड की गांठ की एफएनएसी जांच

  1. परामर्श: पूरी जानकारी लेना, गले की जांच और पुरानी रिपोर्ट देखना
  2. थायराइड की खून जांच (टीएसएच, टी3, टी4) और ज़रूरत के हिसाब से दूसरी जांच
  3. सूजन या गांठ का साइज़ और प्रकार देखने के लिए गले का अल्ट्रासाउंड
  4. सलाह होने पर शक वाली गांठ में पतली सुई से एफएनएसी
  5. रिपोर्ट देखकर साफ़ योजना: दवा, निगरानी या ऑपरेशन
  6. ऑपरेशन की ज़रूरत हो तो ऑपरेशन, उसके खतरे और कहां कराना सही है, इस पर विस्तार से बात

जांच और एफएनएसी के बाद

जांच के बाद आराम की ज़रूरत नहीं होती। एफएनएसी के बाद एक-दो दिन हल्का दर्द या छोटा नीला निशान हो सकता है, और आप उसी दिन घर जाकर सामान्य काम कर सकते हैं। अगर थायराइड की गोली शुरू हो, तो उसे ठीक वैसे ही लें जैसे डॉक्टर ने बताया है, और डॉक्टर के कहने पर खून की जांच दोबारा कराएं। अपने मन से दवा बंद न करें और खुराक न बदलें।

खाना, थायराइड की दवा और सावधानियां

जांच के बाद ज़्यादातर लोग उसी दिन घर चले जाते हैं। कृपया ये बातें ध्यान रखें:

  • एफएनएसी के बाद: छोटी पट्टी कुछ घंटे लगी रहने दें। एक-दो दिन हल्का दर्द या छोटा नीला निशान होना आम है। खून आए तो उस जगह कुछ मिनट हल्के से दबाएं। आप उसी दिन सामान्य काम कर सकते हैं।
  • थायराइड की दवा: दवा ठीक वैसे ही लें जैसे बताया गया है। कम काम करने वाले थायराइड की गोली आमतौर पर सुबह खाली पेट ली जाती है, और चाय, नाश्ते, कैल्शियम या आयरन की गोली से पहले कुछ अंतर रखा जाता है। अपने मन से दवा बंद न करें और खुराक न बदलें।
  • खाना: ज़्यादातर लोगों को किसी खास परहेज की ज़रूरत नहीं होती। घर का सामान्य खाना और सामान्य मात्रा में आयोडीन वाला नमक लें, जब तक डॉक्टर कुछ और न कहें। अपने मन से आयोडीन की गोली या घरेलू नुस्खे न लें।
  • दोबारा जांच: हमारे डॉक्टर जब कहें, तब खून की जांच और अल्ट्रासाउंड दोबारा कराएं। अगर आप गर्भवती हैं या बच्चे की योजना बना रही हैं, तो हमें ज़रूर बताएं।
  • कृपया जल्दी दिखाएं अगर सूजन तेज़ी से बढ़े, आवाज़ बैठ जाए, या निगलने या सांस लेने में दिक्कत हो।

फायदे

  • कोई भी इलाज तय करने से पहले साफ़ जांच
  • बिना नुकसान वाली सूजन में बेवजह ऑपरेशन से बचाव
  • जिन कुछ गांठों में जल्दी इलाज चाहिए, उनकी समय पर पहचान
  • खून की जांच और अल्ट्रासाउंड हमारे हॉस्पिटल में ही
  • कैंसर के शक में हमारे यहां आने वाले कैंसर सर्जन से परामर्श की सुविधा
संभावित जोखिम:

थायराइड की खून जांच और अल्ट्रासाउंड में कोई खास खतरा नहीं होता। एफएनएसी ओपीडी में होने वाली छोटी जांच है, जिसमें हल्का दर्द, छोटा नीला निशान या बहुत कम मामलों में गांठ के अंदर खून आ सकता है। कभी-कभी एफएनएसी का नतीजा साफ़ नहीं आता और जांच दोबारा करनी पड़ती है। अगर बाद में थायराइड के ऑपरेशन की सलाह दी जाए, तो उसके संभावित खतरे, जैसे आवाज़ में बदलाव, कैल्शियम कम होना और खून बहना, कोई फैसला लेने से पहले हमारे सर्जन विस्तार से समझाते हैं।

गोपालगंज में थायराइड की सूजन का इलाज: खर्च और आयुष्मान कार्ड

ज़्यादातर लोगों में थायराइड की सूजन की जांच ओपीडी में ही हो जाती है, और खर्च इस पर निर्भर करता है कि आपको क्या चाहिए:

  • डॉक्टर की सलाह और थायराइड की खून की जांच (टीएसएच, टी3, टी4), और ज़रूरत हो तो दूसरी जांचें
  • गले का अल्ट्रासाउंड
  • एफएनएसी और उसकी लैब रिपोर्ट, सिर्फ़ तब जब किसी गांठ की जांच ज़रूरी हो
  • दवाइयां और बाद में दोबारा होने वाली खून की जांच

हाल की सही पुरानी रिपोर्ट से कुछ जांचें दोबारा कराने से बच सकते हैं, इसलिए कृपया उन्हें साथ लाएं या पहले व्हाट्सऐप कर दें। अगर ऑपरेशन की सलाह दी जाए, तो उसका खर्च ऑपरेशन के प्रकार, उसे कहां करना बेहतर है, अस्पताल में रुकने के दिन और कमरे पर निर्भर करता है, और भर्ती से पहले हम साफ़ अनुमान देते हैं। आयुष्मान भारत पीएम-जय मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती होकर होने वाले इलाज के लिए है। हमारा हॉस्पिटल पीएम-जय में जनरल सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है, और ऑपरेशन की सलाह मिलने पर हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र बताता है कि वह आपके लिए कवर है या नहीं और किस पैकेज में आता है।

मरीज़ थायराइड की सलाह के लिए डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के पास क्यों आते हैं

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में आपकी जांच डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की देखरेख में होती है, जो एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी का अनुभव रखते हैं और आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम कर चुके हैं। खून की जांच और गले का अल्ट्रासाउंड हमारे हॉस्पिटल में ही हो जाते हैं, जिससे गांव और आसपास के ज़िलों से आने वाले मरीज़ों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

हमारा तरीका सावधान और ईमानदार है: हम ऑपरेशन की सलाह तभी देते हैं जब सच में ज़रूरत हो। कैंसर के शक में, हमारे यहां आने वाले कैंसर सर्जन डॉ. (एक्स कैप्टन) फ़िरोज़ पाशा हर महीने के पहले शनिवार को कैंसर ओपीडी में मरीज़ देखते हैं।

थायराइड की सूजन से जुड़े सवाल

क्या थायराइड की हर सूजन कैंसर होती है?

नहीं। थायराइड की ज़्यादातर सूजन और गांठें कैंसर नहीं होतीं। बहुत सी आयोडीन की कमी, हार्मोन के असंतुलन या साधारण गांठ और सिस्ट की वजह से होती हैं। लेकिन तेज़ी से बढ़ना, सख्त या जमी हुई गांठ, आवाज़ बैठना या गले में गिल्टी जैसे लक्षणों में जल्दी जांच ज़रूरी है। अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी से फर्क पता चलता है, इसलिए कृपया अंदाज़ा लगाने या नज़रअंदाज़ करने के बजाय जांच कराएं।

क्या गले की हर गांठ थायराइड की होती है?

नहीं। थायराइड की सूजन या घेंघा गले के सामने होता है और निगलते समय ऊपर-नीचे हिलता है। लेकिन गले में गांठ सूजी हुई लसीका ग्रंथि (लिम्फ नोड), सिस्ट या किसी और तरह की गांठ भी हो सकती है। इसलिए गले की हर गांठ की जांच ज़रूरी है। अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी जैसी जांचों से गांठ की असली वजह पता चलती है और सही इलाज तय होता है।

थायराइड की सूजन की जांच कैसे होती है और कितना समय लगता है?

हमारे डॉक्टर आपकी तकलीफ़ पूछते हैं और गले की जांच करते हैं। फिर थायराइड की खून की जांच (टीएसएच, टी3, टी4) और गले का अल्ट्रासाउंड होता है, और अगर किसी गांठ की जांच ज़रूरी हो, तो ओपीडी में पतली सुई से कुछ ही मिनट में एफएनएसी की जाती है। ज़्यादातर लोगों को 1 से 2 बार ओपीडी आना पड़ता है। आप उसी दिन घर जाकर सामान्य काम कर सकते हैं, कुछ रिपोर्ट आने में कुछ दिन लगते हैं।

थायराइड की गांठ की एफएनएसी जांच क्या है, क्या इसमें दर्द होता है?

एफएनएसी का मतलब है फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी। इंजेक्शन जैसी पतली सुई गांठ में डालकर कुछ कोशिकाएं निकाली जाती हैं। ओपीडी में कुछ मिनट लगते हैं और आमतौर पर सुन्न करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ज़्यादातर लोगों को सिर्फ़ हल्की तकलीफ़ होती है। कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप से देखकर पता चलता है कि गांठ बिना नुकसान वाली है या उसे इलाज चाहिए।

क्या घेंघा का इलाज बिना ऑपरेशन हो सकता है?

अक्सर हां। अगर थायराइड कम या ज़्यादा काम कर रहा है, तो गोलियों से आमतौर पर बीमारी काबू में आ जाती है, और कुछ घेंघा छोटे हो जाते हैं या उनका बढ़ना रुक जाता है। साधारण गांठों में सिर्फ़ अल्ट्रासाउंड से निगरानी काफ़ी हो सकती है। हम ऑपरेशन पर तब विचार करते हैं जब बड़ा घेंघा दबाव डाले, एफएनएसी में शक या कैंसर आए, या ज़्यादा काम करने वाला थायराइड दवा से काबू में न आए।

थायराइड का ऑपरेशन कब करवाना चाहिए?

हम आमतौर पर ऑपरेशन पर तब विचार करते हैं जब बड़ा घेंघा सांस की नली या खाने की नली को दबाए, एफएनएसी रिपोर्ट में कैंसर या शक वाला नतीजा आए, ज़्यादा काम करने वाला थायराइड दवा से कंट्रोल न हो, या बड़ी सूजन से परेशानी हो। ऑपरेशन की सलाह हो, तो हमारे सर्जन ऑपरेशन, उसके खतरे और यह भी समझाते हैं कि आपके मामले में यह हमारे हॉस्पिटल में करना बेहतर है या किसी बड़े अस्पताल में।

थायराइड की जांच के लिए कौन सी रिपोर्ट लाएं?

थायराइड की सभी पुरानी खून जांच (टीएसएच, टी3, टी4), गले का अल्ट्रासाउंड या एफएनएसी की रिपोर्ट, और जो दवाएं ले रहे हैं उनके नाम और खुराक साथ लाएं। पुरानी रिपोर्ट से हमारे डॉक्टर देख पाते हैं कि सूजन या हार्मोन में समय के साथ क्या बदलाव हुआ है। अगर आप गर्भवती हैं या बच्चे की योजना बना रही हैं, तो हमें ज़रूर बताएं, क्योंकि उस समय थायराइड का ध्यान रखना और भी ज़रूरी है।

घेंघा हो तो क्या आयोडीन वाला नमक खाना चाहिए?

ज़्यादातर परिवारों के लिए सामान्य मात्रा में आयोडीन वाला नमक खाने की सलाह दी जाती है, इससे आयोडीन की कमी से होने वाले घेंघा से बचाव होता है। लेकिन अगर आपको पहले से थायराइड की बीमारी है, खासकर थायराइड ज़्यादा काम करता है, तो खाने और सप्लीमेंट के बारे में डॉक्टर की सलाह मानें। अपने मन से आयोडीन की गोली या घरेलू नुस्खे न लें।

थायराइड की दवा लेते समय क्या खाएं और क्या सावधानी रखें?

थायराइड की सूजन वाले ज़्यादातर लोगों को किसी खास परहेज की ज़रूरत नहीं होती। घर का सामान्य खाना खाएं और सामान्य मात्रा में आयोडीन वाला नमक लें, जब तक डॉक्टर कुछ और न कहें। कम काम करने वाले थायराइड की गोली आमतौर पर सुबह खाली पेट ली जाती है, और चाय, नाश्ते, कैल्शियम या आयरन की गोली से पहले अंतर रखा जाता है। अपने मन से दवा बंद न करें और बताए समय पर खून की जांच दोबारा कराएं।

गोपालगंज में थायराइड की सूजन का इलाज कराने में कितना खर्च आता है, क्या आयुष्मान कार्ड काम आएगा?

खर्च इस पर निर्भर करता है कि आपको कौन सी जांचें चाहिए: खून की जांच, गले का अल्ट्रासाउंड और सलाह हो तो एफएनएसी, साथ में दवाइयां और बाद की जांचें। ऑपरेशन की सलाह हो, तो भर्ती से पहले हम उसका अनुमान बताते हैं। आयुष्मान भारत पीएम-जय मुख्य रूप से भर्ती होकर होने वाले इलाज के लिए है। हमारा हॉस्पिटल जनरल सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है, और हमारा सहायता केंद्र बताता है कि सलाह दिया गया ऑपरेशन आपके लिए कवर है या नहीं।

मैं कुशीनगर या देवरिया में रहता हूं। क्या गोपालगंज में थायराइड की सूजन का इलाज करवा सकता हूं?

हां। कुशीनगर, देवरिया, सीवान, छपरा, मोतिहारी और बेतिया से मरीज़ नियमित रूप से हमारे पास आते हैं। कृपया पहले अपनी पुरानी थायराइड रिपोर्ट और अल्ट्रासाउंड या एफएनएसी की रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सऐप कर दें, ताकि हमारे डॉक्टर बता सकें कि कौन सी जांच अभी बाकी है। हमारी ओपीडी सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक है। खून की जांच और अल्ट्रासाउंड आमतौर पर हमारे हॉस्पिटल में ही हो जाते हैं।

गोपालगंज में थायराइड की सूजन के लिए सबसे अच्छा डॉक्टर कौन है?

ऐसे डॉक्टर चुनें जो फैसला लेने से पहले खून की जांच, अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी से सूजन की ठीक से जांच करें और बिना ज़रूरत ऑपरेशन की सलाह न दें। हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), को 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी अनुभव है और वे आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम कर चुके हैं। जांचें हमारे हॉस्पिटल में ही होती हैं, और कैंसर के शक में हमारे यहां आने वाले कैंसर सर्जन हर महीने ओपीडी करते हैं।

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गांठ और सिस्ट का ऑपरेशन

हम त्वचा के नीचे की गांठें, जैसे सिबेशियस सिस्ट, डर्मॉइड सिस्ट और न्यूरोफाइब्रोमा निकालते हैं, और गांठ को हिस्टोपैथोलॉजी (बायोप्सी रिपोर्ट) के लिए भेजते हैं, ताकि पक्का पता चले कि वह क्या थी।

गांठ का ऑपरेशन और बायोप्सी

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम गांठ की जांच और इलाज करते हैं: एफएनएसी, बायोप्सी और हिस्टोपैथोलॉजी से पता चलता है कि गांठ साधारण है या कैंसर, फिर स्टेजिंग जांच और ज़रूरत पर ऑपरेशन।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

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मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।

4.4
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  • zaheer udddinजून 2024
    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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