गोपालगंज में एक्सीडेंट की चोट का इलाज: 24x7 ट्रॉमा सर्जरी

चोट और एक्सीडेंट की इमरजेंसी सर्जरी (ट्रॉमा सर्जरी)

हम सड़क दुर्घटना की चोट, गहरे कटने, और पेट व मांस की चोट का 24x7 इलाज करते हैं: पहले हालत स्थिर करना, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ज़रूरत पर ऑपरेशन, आईसीयू, और सिर या हड्डी की गंभीर चोट में रेफ़र।

सड़क दुर्घटना, गिरने या मारपीट के बाद जल्दी और सही इलाज बहुत ज़रूरी है, और हम गोपालगंज में एक्सीडेंट की चोट का इलाज डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 24 घंटे करते हैं। खून रोकने और टांके लगाने से लेकर पेट की चोट में इमरजेंसी ऑपरेशन तक, सड़क दुर्घटना का इमरजेंसी इलाज हम पूरी तैयारी से करते हैं और हर कदम परिवार को समझाते हैं। ट्रॉमा सर्जरी हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी) करते हैं, और हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड एक ही इमारत में हैं। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से भी घायल मरीज़ हमारे पास लाए जाते हैं। परिवार डॉ. ठाकुर पर उनके 16 साल से ज़्यादा के अनुभव, 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन और ईमानदार रवैये की वजह से भरोसा करते हैं: सिर, रीढ़ और बड़ी हड्डी की गंभीर चोट में हम मरीज़ को यहां संभालकर सही बड़े अस्पताल भेजते हैं। इमरजेंसी में कृपया सीधे कमला राय कॉलेज रोड, गोपालगंज आएं और रास्ते में +91 72739 94786 पर कॉल करें।

ऑपरेशन का समयचोट पर निर्भर: कटे घाव में टांके लगाने में 20 से 45 मिनट, जबकि पेट के ऑपरेशन में आमतौर पर 1 से 3 घंटे
अस्पताल में रुकनाछोटे घाव में कुछ घंटे से लेकर बड़ी चोट में 1 से 2 हफ्ते या ज़्यादा

ट्रॉमा और एक्सीडेंट के इलाज में क्या-क्या शामिल है?

ट्रॉमा का मतलब है सड़क दुर्घटना, गिरने, मारपीट या काम के दौरान शरीर में लगी चोट। चोट लगने के बाद के पहले कुछ घंटों में सही और जल्दी इलाज से कई जानें बचाई जा सकती हैं और कई लोगों को अपंग होने से बचाया जा सकता है।

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में हमारे चोट के इलाज में शामिल है:

  • पहले हालत स्थिर करना: सांस की जांच, खून बहना रोकना, ड्रिप, दर्द की दवा, और गर्दन और रीढ़ को सुरक्षित रखना।
  • कटना और घाव: घाव की सफ़ाई, मिट्टी-गंदगी और मरा हुआ मांस हटाना, टांके लगाना और टिटनेस से बचाव।
  • पेट की चोट: अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे से अंदर खून बहने या लिवर, तिल्ली या आंत की चोट की जांच, और ज़रूरत पर पेट का इमरजेंसी ऑपरेशन (लैपरोटॉमी)।
  • मांस और त्वचा की चोट: कुचलने वाली चोट, बड़े घाव और मांसपेशियों की चोट में घाव की देखभाल और मरा हुआ मांस हटाना (डीब्राइडमेंट)।

सिर (दिमाग) की गंभीर चोट, रीढ़ की चोट और हड्डियों की बड़ी चोट में न्यूरोसर्जन या हड्डी के बड़े सेंटर की ज़रूरत हो सकती है। ऐसे मामलों में हम पहले मरीज़ की हालत स्थिर करते हैं और फिर परिवार को साफ़ कारण बताकर सही बड़े सेंटर पर रेफ़र करते हैं।

ट्रॉमा सर्जरी: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
ट्रॉमा सर्जरी: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

चोट के वे लक्षण जिनमें तुरंत इमरजेंसी जाएं

  • ज़्यादा खून बहना जो दबाने पर भी न रुके
  • गहरा, खुला हुआ या गंदा घाव, या कांच, धारदार औज़ार या मशीन से कटना
  • दुर्घटना के बाद पेट में दर्द, सूजन या नीला पड़ना
  • बेहोशी, पसीना, तेज़ नब्ज़ या चेहरा पीला पड़ना, जो अंदर खून बहने का संकेत हो सकता है
  • सिर की चोट के बाद सांस फूलना, उल्टी, भ्रम या नींद जैसी हालत
  • हाथ या पैर में तेज़ दर्द, सूजन या टेढ़ापन

चोट में ऑपरेशन कब ज़रूरी होता है?

किसी भी गंभीर दुर्घटना के बाद कृपया घायल को तुरंत हमारी इमरजेंसी में लाएं, चाहे शुरू में वह ठीक लगे। पेट के अंदर खून बहने के लक्षण कई बार देर से दिखते हैं।

हमारी टीम सिर से पैर तक मरीज़ की जांच करती है, फिर डिजिटल एक्स-रे, पेट के अल्ट्रासाउंड और खून की जांच से छिपी हुई चोट का पता लगाती है। छोटे कटने और खरोंच में अक्सर सिर्फ़ सफ़ाई, टांके और दवा काफ़ी होती है। अंदर खून बहने, किसी अंग में चोट, मरे हुए मांस वाले गहरे घाव, या ऑपरेशन थिएटर में ठीक करने लायक बड़े घाव में हम ऑपरेशन की सलाह देते हैं।

मरीज़ को लाते समय खून बह रहा हो तो साफ़ कपड़े से ज़ोर से दबाकर रखें, सिर या रीढ़ में चोट की आशंका हो तो गर्दन को सीधा और स्थिर रखें, और खाना-पानी न दें, क्योंकि ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है।

सड़क दुर्घटना का इमरजेंसी इलाज: कदम दर कदम

  1. सांस, नब्ज़ और खून बहने की तुरंत जांच
  2. ड्रिप, दर्द की दवा, टिटनेस से बचाव और ज़रूरत के हिसाब से गर्दन या हाथ-पैर को सहारा
  3. छिपी चोट का पता लगाने के लिए डिजिटल एक्स-रे, पेट का अल्ट्रासाउंड और खून की जांच
  4. घाव की सफ़ाई, मरा हुआ मांस हटाना और टांके लगाना
  5. अंदर खून बहने, अंग की चोट या बड़े घाव में ऑपरेशन थिएटर में इमरजेंसी ऑपरेशन
  6. आईसीयू या वार्ड में निगरानी, और सिर, रीढ़ या हड्डी की गंभीर चोट में बड़े सेंटर पर रेफ़र

चोट और ऑपरेशन के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

ठीक होना चोट पर निर्भर करता है। टांके वाले घाव को साफ़ और सूखा रखें, दवा समय पर लें और ड्रेसिंग और टांके खुलवाने आएं, जो जगह के हिसाब से आमतौर पर 5 से 14 दिन में खुलते हैं। पेट के ऑपरेशन के बाद खाना धीरे-धीरे शुरू होता है और चलना जल्दी शुरू कराया जाता है। बुखार, बढ़ता दर्द, पस या घाव से बदबू हो तो कृपया जल्दी दिखाएं। हमारे पास नियमित फॉलो-अप में आने से परेशानी जल्दी पकड़ में आती है।

एक्सीडेंट के बाद घाव की देखभाल, खाना और सावधानियां

घर पर सही देखभाल से घाव जल्दी भरता है और कोई दिक्कत हो तो समय पर पता चल जाता है:

  • घाव की देखभाल: घाव साफ़ और सूखा रखें, बताए अनुसार ड्रेसिंग बदलवाएं और टांके खुलवाने आएं, जो जगह के हिसाब से आमतौर पर 5 से 14 दिन में खुलते हैं।
  • दवाइयां: एंटीबायोटिक और दर्द की दवा समय पर लें, और सलाह हो तो टिटनेस का पूरा कोर्स करें।
  • क्या खाएं: घर का सामान्य खाना, जिसमें दाल, दूध, दही, अंडा, पनीर जैसा प्रोटीन, हरी सब्ज़ी, फल और भरपूर पानी हो। पेट के ऑपरेशन के बाद हमारे सर्जन का बताया धीरे-धीरे वाला खाना ही लें।
  • परहेज: शराब, बीड़ी-सिगरेट और गुटखा घाव भरने में देर करते हैं। शुगर हो तो उसे कंट्रोल में रखें।
  • आराम: आराम करते समय चोट वाले हाथ या पैर को ऊंचा रखें, और डॉक्टर की सलाह पर ही काम पर लौटें।
  • कृपया तुरंत आएं अगर बुखार हो, पस या बदबू आए, दर्द या सूजन बढ़े, या सिर की चोट के बाद उल्टी, नींद जैसी हालत, उलझन या तेज़ सिरदर्द हो।

फायदे

  • हमारी 24x7 इमरजेंसी में सर्जन, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू एक ही जगह
  • अंदर की छिपी चोट पकड़ने के लिए जल्दी एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड
  • घाव की सही सफ़ाई और टांकों से संक्रमण कम होता है और घाव बेहतर भरता है
  • अंदर खून बहने और पेट की चोट में जान बचाने वाला ऑपरेशन
  • न्यूरोसर्जरी या हड्डी के बड़े इलाज वाली चोट में ईमानदारी से और समय पर रेफ़र
संभावित जोखिम:

चोट में खुद कई खतरे होते हैं, जैसे ज़्यादा खून बहना, संक्रमण, शॉक और अंदर के अंगों को नुकसान, और गंभीर चोट जानलेवा हो सकती है। ऑपरेशन से बेहोशी की दवा का रिएक्शन, घाव में संक्रमण और एक से ज़्यादा ऑपरेशन की ज़रूरत जैसे खतरे जुड़ते हैं। अस्पताल पहुंचने में देर से खतरा बढ़ता है। हम जल्दी हालत स्थिर करके, घाव की अच्छी सफ़ाई, ज़रूरत पर एंटीबायोटिक, आईसीयू निगरानी और विशेष इलाज की ज़रूरत पर जल्दी रेफ़र करके इन खतरों को कम करते हैं।

गोपालगंज में एक्सीडेंट की चोट का इलाज: खर्च और आयुष्मान कार्ड

इमरजेंसी में हम इलाज पहले शुरू करते हैं। खून रोकना, ड्रिप, दर्द की दवा, जांचें और ज़रूरत हो तो ऑपरेशन, कागज़ी काम या पैसों की बात के लिए नहीं रोका जाता। मरीज़ की हालत संभलते ही हमारे डॉक्टर परिवार को चोट और संभावित खर्च के बारे में समझाते हैं।

खर्च इस पर निर्भर करता है कि चोट किस तरह की और कितनी है, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और खून की कौन सी जांचें लगीं, घाव में सिर्फ़ सफ़ाई और टांके लगे या ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन हुआ, आईसीयू और वार्ड में कितने दिन रहना पड़ा, कौन सा कमरा लिया, ड्रेसिंग, टिटनेस का इंजेक्शन और दवाइयां। छोटे कटे घाव का खर्च पेट की बड़ी चोट से बहुत कम होता है, इसलिए पहले से कोई तय कीमत नहीं बताई जा सकती। अगर बड़े अस्पताल भेजना पड़े, तो हम उसकी वजह पहले समझाते हैं। हमारा हॉस्पिटल आयुष्मान भारत पीएम-जय में जनरल सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है। सही पैकेज चोट और इलाज पर निर्भर करता है और हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र उसे पक्का करता है। कृपया कागज़ जुटाने के लिए मरीज़ को लाने में देर न करें।

घायल मरीज़ों को हमारी 24x7 इमरजेंसी में क्यों लाया जाता है

हमारे यहां 24x7 इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब और दवा की दुकान एक ही छत के नीचे हैं। इसलिए घायल मरीज़ की जांच, हालत स्थिर करना और ज़रूरत पर ऑपरेशन, हम बिना इधर-उधर ले जाए कर पाते हैं।

चोट के ऑपरेशन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर की देखरेख में होते हैं, जो एमएस (जनरल सर्जरी) हैं, 16 साल से ज़्यादा का अनुभव रखते हैं और 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। साथ में हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ रहते हैं। हम ईमानदारी से बताते हैं कि कौन सा इलाज यहां हो सकता है। जिन मरीज़ों को न्यूरोसर्जरी या हड्डी के बड़े ऑपरेशन की ज़रूरत हो, उन्हें हम पहले स्थिर करके बिना समय गंवाए रेफ़र करते हैं। रास्ते में मदद के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें।

एक्सीडेंट और चोट के इलाज से जुड़े सवाल

दुर्घटना के बाद अस्पताल लाते समय रास्ते में क्या करें?

घबराएं नहीं और हमें +91 72739 94786 पर कॉल करें। जहां से खून बह रहा हो, वहां साफ़ कपड़े से ज़ोर से दबाएं। सिर, गर्दन या पीठ में चोट की आशंका हो तो मरीज़ को सावधानी से उठाएं और गर्दन सीधी रखें। खाना या पानी न दें, क्योंकि ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है। पुरानी रिपोर्ट और फोटो पहचान पत्र हाथ में हों तो लाएं, लेकिन कागज़ के लिए देर न करें।

सड़क दुर्घटना का इमरजेंसी इलाज कैसे होता है और कितना समय लगता है?

हमारी टीम सबसे पहले सांस, खून बहना और नब्ज़ देखती है, ड्रिप और दर्द की दवा देती है और ज़रूरत हो तो गर्दन को सहारा देती है। फिर डिजिटल एक्स-रे, पेट का अल्ट्रासाउंड और खून की जांच से छिपी चोट देखी जाती है। कटे घाव में टांके लगाने में आमतौर पर 20 से 45 मिनट और पेट के ऑपरेशन में 1 से 3 घंटे लगते हैं। छोटी चोट वाले मरीज़ उसी दिन घर जा सकते हैं, बड़ी चोट में भर्ती करना पड़ता है।

क्या हर कटे घाव में टांके लगते हैं?

नहीं। छोटे और ऊपरी घाव अक्सर सफ़ाई और पट्टी से भर जाते हैं। गहरे या खुले हुए घाव, चेहरे या जोड़ों पर घाव, लगातार खून बहने वाले घाव और गंदे घाव डॉक्टर को दिखाने चाहिए। अच्छी सफ़ाई के बाद टांके जल्दी, आमतौर पर कुछ घंटों के अंदर, लगाना सबसे अच्छा है। आपके पिछले टीकों के हिसाब से टिटनेस का इंजेक्शन भी लग सकता है।

क्या हर चोट में ऑपरेशन करना पड़ता है?

नहीं। ज़्यादातर नील पड़ना, छोटे कटे घाव और मांस की कई चोटें सफ़ाई, टांके, ड्रेसिंग, दवा और आराम से ठीक हो जाती हैं। पेट की कुछ चोटों में, अगर मरीज़ की हालत स्थिर है, तो पहले बार-बार जांच और अल्ट्रासाउंड से नज़र रखी जाती है। अंदर लगातार खून बहने, आंत में चोट, मरे हुए मांस वाले गहरे गंदे घाव या थिएटर में ठीक करने लायक बड़े घाव में हम ऑपरेशन की सलाह देते हैं।

क्या आपके हॉस्पिटल में सिर की चोट और हड्डी टूटने का इलाज होता है?

हर घायल मरीज़ को हम पहला इमरजेंसी इलाज देते हैं, जिसमें हालत स्थिर करना, एक्स-रे और दर्द से राहत शामिल है, और छोटी चोट और घाव का इलाज हमारे यहां ही होता है। न्यूरोसर्जन की ज़रूरत वाली सिर की गंभीर चोट, रीढ़ की चोट और हड्डी के बड़े ऑपरेशन वाले फ्रैक्चर में हम मरीज़ को स्थिर करके सही बड़े सेंटर पर रेफ़र करते हैं, और परिवार को कारण साफ़ बताते हैं।

सिर में चोट के बाद किन लक्षणों पर तुरंत अस्पताल आएं?

सिर में चोट के बाद बेहोशी, बार-बार उल्टी, बहुत नींद आना, उलझन, तेज़ सिरदर्द, दौरा पड़ना, हाथ-पैर में कमज़ोरी, नाक या कान से खून या पानी आना, या आंखों की पुतलियों का अलग दिखना खतरे के संकेत हैं। ये लक्षण कुछ घंटे बाद भी शुरू हो सकते हैं। ऐसे में कृपया तुरंत इमरजेंसी आएं। गंभीर सिर की चोट में हम यहां हालत संभालकर मरीज़ को न्यूरोसर्जन वाले बड़े अस्पताल भेजते हैं।

चोट ठीक होने में कितना समय लगता है?

यह चोट पर निर्भर करता है। टांके वाले घाव जगह के हिसाब से आमतौर पर 5 से 14 दिन में भर जाते हैं और तभी टांके खोले जाते हैं। रोज़ ड्रेसिंग वाले गहरे घाव में कई हफ्ते लग सकते हैं। चोट के कारण पेट के ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर मरीज़ 5 से 10 दिन अस्पताल में रहते हैं और 4 से 6 हफ्ते में हल्का काम शुरू करते हैं। छुट्टी के समय हमारे सर्जन आपको पूरी योजना बताते हैं।

एक्सीडेंट के बाद घाव की देखभाल कैसे करें और क्या खाएं?

घाव साफ़ और सूखा रखें, बताए दिन ड्रेसिंग कराएं और दवा समय पर लें। डॉक्टर खाना शुरू करने को कहें, तो दाल, दूध, दही, अंडा, पनीर, हरी सब्ज़ी, फल और भरपूर पानी वाला घर का खाना घाव भरने में मदद करता है। पेट के ऑपरेशन के बाद पहले तरल और फिर नरम खाना दिया जाता है। शुगर कंट्रोल में रखें और शराब, बीड़ी-सिगरेट व गुटखा से दूर रहें।

गोपालगंज में एक्सीडेंट की चोट का इलाज कराने में कितना खर्च आता है?

हम इलाज पहले शुरू करते हैं और मरीज़ की हालत संभलने के बाद परिवार को खर्च समझाते हैं। खर्च चोट के प्रकार, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों, टांके या ऑपरेशन की ज़रूरत, आईसीयू या वार्ड के दिन, कमरे, ड्रेसिंग और दवाइयों पर निर्भर करता है। छोटे कटे घाव में सिर्फ़ सफ़ाई, टांके और दवा लगती है। आयुष्मान कार्ड वाले कृपया जल्दी हमारे सहायता केंद्र पर मिलें।

क्या गोपालगंज में एक्सीडेंट की चोट का इलाज आयुष्मान भारत पीएम-जय में होता है?

चोट का सर्जिकल इलाज हमारे हॉस्पिटल की आयुष्मान भारत पीएम-जय की जनरल सर्जरी सूची में आता है, जो योग्य कार्ड धारकों के लिए है। सही पैकेज चोट और इलाज पर निर्भर करता है और हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र उसे पक्का करता है। कृपया कागज़ जुटाने के लिए मरीज़ को लाने में देर न करें। परिवार आयुष्मान कार्ड और आधार जैसा फोटो पहचान पत्र लेकर हमारे सहायता केंद्र पर बात करे।

हम सीवान या छपरा में रहते हैं। क्या सीवान के पास एक्सीडेंट का इलाज रात में भी मिलता है?

गोपालगंज में हमारे हॉस्पिटल में 24x7 इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड हैं, और सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से घायल मरीज़ हमारे पास लाए जाते हैं। मरीज़ को हमेशा उस नज़दीकी अस्पताल ले जाएं जहां चोट का इलाज हो सके। कृपया रास्ते में +91 72739 94786 पर कॉल करें, ताकि हमारी टीम तैयार रहे। सिर या रीढ़ की गंभीर चोट में पहले इलाज के बाद बड़े अस्पताल जाना पड़ सकता है।

गोपालगंज में चोट और एक्सीडेंट के इलाज के लिए सबसे अच्छा सर्जन कौन है?

चोट के अच्छे इलाज के लिए अनुभवी सर्जन और हर समय तैयार अस्पताल, दोनों चाहिए। हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर को 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी का अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। वे आईजीआईएमएस पटना और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम कर चुके हैं। हमारे हॉस्पिटल में 24x7 इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड है। हमारे मरीज़ों के रिव्यू आप गूगल पर और हमारी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं।

इससे जुड़े इलाज

इमरजेंसी लैपरोटॉमी

आंत फटना, आंत फंसना, टाइफाइड या अल्सर से आंत में छेद और पेट की चोट में हम पेट का तुरंत ऑपरेशन करते हैं, 24x7 इमरजेंसी और आईसीयू की सुविधा के साथ।

घाव की देखभाल और डीब्राइडमेंट

हम शुगर के मरीज़ों के पैर के घाव और न भरने वाले या पस वाले घावों का इलाज करते हैं: मरा हुआ मांस हटाना (डीब्राइडमेंट), नियमित ड्रेसिंग, शुगर कंट्रोल और पैर बचाने की सलाह।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

पूरी जानकारी

गूगल पर मरीज़ों की राय

मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।

4.4
कुल 84 गूगल रिव्यू (तारीख 1 Oct 2026)
  • zaheer udddinजून 2024
    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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