गोपालगंज में स्तन कैंसर का ऑपरेशन (मैस्टेक्टॉमी)

स्तन कैंसर का ऑपरेशन (मैस्टेक्टॉमी)

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम स्तन कैंसर का पूरा इलाज करते हैं: ट्रिपल जांच और स्टेजिंग से लेकर मैस्टेक्टॉमी या स्तन बचाने वाला ऑपरेशन, बगल की गिल्टियों का ऑपरेशन, बांह की देखभाल और हिम्मत बढ़ाने वाला साथ।

गोपालगंज में स्तन कैंसर का ऑपरेशन हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में पूरी गोपनीयता, सम्मान और साफ़ जानकारी के साथ करते हैं, ताकि महिलाएं और उनके परिवार हर कदम समझ सकें। जिन्हें स्तन या बगल में गांठ महसूस हुई है, उनकी हम पहले ट्रिपल जांच (सर्जन की जांच, स्तन का अल्ट्रासाउंड और सुई से बायोप्सी) से पता करते हैं कि स्तन में गांठ कैंसर है या नहीं, और कैंसर पक्का होने पर ही मैस्टेक्टॉमी जैसे ऑपरेशन की योजना बनाते हैं। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के हमारे विज़िटिंग सीनियर कंसल्टेंट डॉ. (एक्स कैप्टन) फ़िरोज़ पाशा, जिन्हें 16+ साल का अनुभव है, हर महीने के पहले शनिवार को हमारी कैंसर ओपीडी लेते हैं, और हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के नेतृत्व वाली सर्जिकल टीम के साथ काम करते हैं। स्तन की गांठ निकालना और मैस्टेक्टॉमी हमारे यहां होने वाले ऑपरेशनों में शामिल हैं। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया और पास के उत्तर प्रदेश से मरीज़ हमारे पास आते हैं। हमारे यहां रेडियोथेरेपी नहीं है, इसलिए ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पूरा करने के लिए ज़रूरत पड़ने पर हम बड़े सेंटर से तालमेल करते हैं और फॉलो-अप यहीं जारी रखते हैं। नाम लिखवाने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सएप करें, और चाहें तो पहले रिपोर्ट भेजें।

ऑपरेशन का समयआमतौर पर 2 से 3 घंटे
अस्पताल में रुकनाआमतौर पर 2 से 5 दिन, रिकवरी और ड्रेन के हिसाब से

स्तन कैंसर का ऑपरेशन क्या है?

स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर महिलाओं में होने वाला एक आम कैंसर है, और यह पुरुषों में भी हो सकता है। जल्दी पकड़ में आने पर इलाज आमतौर पर ज़्यादा असरदार होता है और ऑपरेशन के ज़्यादा विकल्प मिलते हैं।

स्तन की गांठ की पहचान हम ट्रिपल जांच से करते हैं: हमारे सर्जन द्वारा जांच, इमेजिंग (स्तन का अल्ट्रासाउंड और ज़रूरत पर मैमोग्राफी), और सुई से बायोप्सी जिसकी हिस्टोपैथोलॉजी होती है। बायोप्सी से रिसेप्टर जांच (ER, PR और HER2) भी होती है, जो इलाज तय करने में मदद करती है। फिर स्टेजिंग जांच से पता चलता है कि बीमारी फैली है या नहीं।

मैस्टेक्टॉमी में पूरा स्तन निकाला जाता है। स्तन बचाने वाले ऑपरेशन (ब्रेस्ट कंज़र्विंग सर्जरी) में सिर्फ़ गांठ को आसपास के स्वस्थ हिस्से के साथ निकाला जाता है और स्तन बचा रहता है। इसके बाद स्तन की रेडियोथेरेपी ज़रूरी होती है, इसलिए सही विकल्प बीमारी की स्टेज, स्तन के मुकाबले गांठ के आकार, आपकी इच्छा, और इस बात पर निर्भर करता है कि आप बाद में बड़े सेंटर पर रेडियोथेरेपी पूरी करा पाएंगी या नहीं। दोनों ऑपरेशनों में बगल की गिल्टियों (लिम्फ नोड) की जांच होती है और ज़रूरत के हिसाब से उन्हें निकाला जाता है।

स्तन कैंसर का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
स्तन कैंसर का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

स्तन कैंसर के लक्षण

  • स्तन या बगल में गांठ, जो अक्सर दर्द नहीं देती
  • एक स्तन के आकार या बनावट में बदलाव
  • स्तन की चमड़ी में गड्ढे, सिकुड़न या संतरे के छिलके जैसा दिखना
  • निप्पल का नया अंदर की ओर धंस जाना
  • निप्पल से खून या असामान्य पानी आना
  • निप्पल या स्तन की चमड़ी पर दाने, घाव या पपड़ी

मैस्टेक्टॉमी की ज़रूरत कब पड़ती है?

स्तन या बगल में बिना दर्द की गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, चमड़ी में गड्ढे या संतरे के छिलके जैसी चमड़ी, निप्पल का नया अंदर धंसना, या निप्पल से खून आने पर कृपया जल्दी डॉक्टर को दिखाएं। हम समझते हैं कि बहुत सी महिलाएं शर्म या डर से देर कर देती हैं। कृपया ऐसा न करें। जल्दी इलाज आसान भी होता है और ज़्यादा असरदार भी।

कैंसर पक्का होने और स्टेजिंग के बाद हम ऑपरेशन की सलाह देते हैं। बड़ी या आगे बढ़ी हुई गांठ में पहले कीमोथेरेपी देकर गांठ छोटी की जा सकती है, और ऑपरेशन के बाद हार्मोन की गोलियां या रेडियोथेरेपी की ज़रूरत पड़ सकती है। हमारे अस्पताल में रेडियोथेरेपी नहीं है, इसलिए इलाज का यह हिस्सा हम बड़े सेंटर के साथ तालमेल से कराते हैं।

स्तन कैंसर का ऑपरेशन कैसे होता है?

  1. ट्रिपल जांच: सर्जन की जांच, स्तन का अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी, और सुई से बायोप्सी की हिस्टोपैथोलॉजी
  2. स्टेजिंग और फिटनेस जांच, और मैस्टेक्टॉमी या स्तन बचाने वाले ऑपरेशन पर बातचीत
  3. हमारी एनेस्थीसिया टीम द्वारा पूरी बेहोशी (जनरल एनेस्थीसिया)
  4. पूरा स्तन निकालना (मैस्टेक्टॉमी) या गांठ को स्वस्थ मार्जिन के साथ निकालना (स्तन बचाने वाला ऑपरेशन)
  5. हमारे सर्जन की योजना के अनुसार बगल की गिल्टियां निकालना या उनका सैंपल लेना
  6. पानी निकालने के लिए पतली नली (ड्रेन) लगाना, और निकाला गया हिस्सा हिस्टोपैथोलॉजी के लिए भेजना
  7. फॉलो-अप में ज़रूरत के हिसाब से बड़े सेंटर पर कीमोथेरेपी, हार्मोन इलाज या रेडियोथेरेपी की योजना

मैस्टेक्टॉमी के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है

आमतौर पर आप अगले दिन से चल सकती हैं। पानी कम होने पर ड्रेन की नली निकाल दी जाती है, कुछ मरीज़ नली के साथ घर जाती हैं और हम उन्हें उसकी देखभाल सिखाते हैं। अकड़न से बचने के लिए बताए गए तरीके से बांह और कंधे की हल्की कसरत शुरू करें। ऑपरेशन वाली तरफ़ की बांह को कटने, जलने और कसी चीज़ों से बचाएं, शुरू के हफ्तों में भारी वज़न न उठाएं, और सूजन या लाली हो तो बताएं। ज़्यादातर महिलाएं 2 से 4 हफ्ते में हल्के रोज़ के काम पर लौट आती हैं। कृपया हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट और फॉलो-अप के लिए ज़रूर आएं, क्योंकि आगे का इलाज उसी पर निर्भर है।

स्तन कैंसर के ऑपरेशन के बाद सावधानियां और खान-पान

बांह और कंधा: हमारी टीम की सिखाई हल्की कसरत पहले दिनों से शुरू करें, और हर दिन बांह थोड़ा और ऊपर उठाएं। ऑपरेशन वाली तरफ़ की बांह को कटने, जलने, कीड़े के काटने और कसी चूड़ियों या आस्तीन से बचाएं, और शुरू के हफ्तों में भारी वज़न न उठाएं। ड्रेन और घाव: ड्रेन की थैली घाव से नीचे रखें, रोज़ कितना पानी आया यह लिखें, और हमारी टीम के कहने तक घाव को सूखा रखें। खान-पान: ज़्यादातर महिलाओं को कोई खास परहेज नहीं चाहिए। घाव भरने के लिए दाल, अंडा, पनीर, दूध जैसा प्रोटीन वाला घर का खाना, हरी सब्ज़ी और फल लें। तंबाकू किसी भी रूप में न लें। रोज़ का काम: ज़्यादातर महिलाएं 2 से 4 हफ्ते में हल्के घरेलू काम पर लौट आती हैं। कृपया जल्दी हमसे संपर्क करें अगर बुखार हो, लाली या मवाद हो, घाव सूजा या कसा लगे, या बांह में नई सूजन आए। सबसे ज़रूरी, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के लिए ज़रूर आएं, क्योंकि आगे का इलाज उसी पर निर्भर है।

फायदे

  • कैंसर को निकालना और अंतिम रिपोर्ट से सही स्टेज का पता
  • जहां सही हो, मैस्टेक्टॉमी या स्तन बचाने वाले ऑपरेशन में से चुनने का विकल्प
  • बगल की गिल्टियों के ऑपरेशन से आगे के इलाज की दिशा
  • जांच, ऑपरेशन और फॉलो-अप घर के पास
  • कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के लिए बड़े सेंटर से तालमेल
संभावित जोखिम:

संभावित जोखिमों में खून आना, घाव में संक्रमण, चमड़ी के नीचे पानी भरना (सेरोमा) जिसे निकालना पड़ सकता है, चमड़ी के किनारे देर से भरना, बांह के अंदरूनी हिस्से या छाती पर सुन्नपन, कंधे की अकड़न, और बगल के ऑपरेशन के बाद बांह में सूजन (लिम्फेडिमा) शामिल हैं। बेहोशी के भी कुछ छोटे जोखिम होते हैं। सावधान तकनीक, ड्रेन, जल्दी कसरत और नियमित फॉलो-अप से हमारी टीम इन्हें कम रखती है। आपके खास जोखिम हमारे सर्जन ऑपरेशन से पहले आपसे बात करके समझाएंगे।

गोपालगंज में स्तन कैंसर का ऑपरेशन: खर्च और आयुष्मान कार्ड

स्तन कैंसर के ऑपरेशन का खर्च हर महिला के लिए अलग होता है। यह इन बातों पर निर्भर करता है: पहले होने वाली जांच (अल्ट्रासाउंड, बायोप्सी, हिस्टोपैथोलॉजी और रिसेप्टर जांच, और सीटी जैसे स्टेजिंग स्कैन); ऑपरेशन का प्रकार, मैस्टेक्टॉमी या स्तन बचाने वाला ऑपरेशन, और बगल की गिल्टियां निकालनी हैं या नहीं; बेहोशी; अस्पताल में कितने दिन और कौन सा कमरा; आईसीयू की ज़रूरत; ड्रेन, पट्टी और दवाइयां; और फॉलो-अप। कीमोथेरेपी, हार्मोन इलाज और रेडियोथेरेपी की ज़रूरत हो तो उनका खर्च अलग है, और ये आमतौर पर बड़े सेंटर पर होते हैं। परामर्श और रिपोर्ट के बाद, भर्ती से पहले हम साफ़ लिखित अनुमान देते हैं, और आप पहले रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सएप कर सकती हैं। हमारे अस्पताल का आयुष्मान भारत PM-JAY पैनल जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए है। आपका स्तन कैंसर का इलाज यहां कवर होगा या नहीं, यह योजना के नियमों पर निर्भर है, इसलिए कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पक्का कर लें।

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज कराने महिलाएं हमारी कैंसर ओपीडी पर क्यों भरोसा करती हैं

स्तन की गांठ निकालना और मैस्टेक्टॉमी हमारे अस्पताल में होने वाले ऑपरेशनों में शामिल हैं। हर महीने के पहले शनिवार को हमारी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ओपीडी में डॉ. (एक्स कैप्टन) फ़िरोज़ पाशा, सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, डॉ. आर. के. ठाकुर के नेतृत्व वाली हमारी सर्जिकल टीम के साथ मरीज़ों को देखते हैं। पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे और आईसीयू हमारे अस्पताल में ही हैं। हम रेडियोथेरेपी की ज़रूरत समेत हर विकल्प खुलकर समझाते हैं, और पूरे इलाज में आपका और आपके परिवार का साथ देते हैं।

स्तन कैंसर का ऑपरेशन: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या स्तन की हर गांठ कैंसर होती है?

नहीं। स्तन की बहुत सी गांठें, खासकर कम उम्र की महिलाओं में, साधारण होती हैं, जैसे फाइब्रोएडेनोमा या सिस्ट। लेकिन हर नई गांठ की ट्रिपल जांच ज़रूरी है, क्योंकि पक्का पता सिर्फ़ जांच से चलता है। कृपया दर्द का इंतज़ार न करें, स्तन कैंसर शुरू में अक्सर दर्द नहीं देता। जल्दी जांच से, गांठ साधारण निकले तो मन को शांति मिलती है, और कैंसर निकले तो बेहतर इलाज।

स्तन में गांठ कैंसर है या नहीं, इसकी जांच कैसे होती है?

ट्रिपल जांच से। पहले हमारे सर्जन दोनों स्तन और बगल की जांच करते हैं। फिर स्तन का अल्ट्रासाउंड गांठ को ठीक से दिखाता है, और डॉक्टर की सलाह पर मैमोग्राफी भी होती है। आखिर में जगह सुन्न करके सुई से गांठ का छोटा टुकड़ा लिया जाता है, और हिस्टोपैथोलॉजी से पक्का पता चलता है कि कैंसर है या नहीं। बायोप्सी से रिसेप्टर (ER, PR और HER2) की जानकारी भी मिलती है, जो इलाज तय करने में मदद करती है।

क्या मैस्टेक्टॉमी के बजाय स्तन बचाया जा सकता है?

कभी कभी। जब गांठ स्तन के मुकाबले छोटी हो और बीमारी ज़्यादा न फैली हो, तब स्तन बचाने वाला ऑपरेशन संभव हो सकता है। इसके बाद कई हफ्तों की रेडियोथेरेपी ज़रूरी होती है, जो हमारे अस्पताल में नहीं है और बड़े सेंटर पर होगी। अगर नियमित रेडियोथेरेपी के लिए जाना आपके लिए मुश्किल हो, तो मैस्टेक्टॉमी ज़्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है। हमारे सर्जन यह सब आपको खुलकर समझाएंगे।

क्या मुझे कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी की ज़रूरत पड़ेगी?

यह स्टेज, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट और रिसेप्टर जांच पर निर्भर करता है। कुछ मरीज़ों को ऑपरेशन से पहले या बाद में कीमोथेरेपी, कुछ को कई साल तक हार्मोन की गोलियां, और कुछ को रेडियोथेरेपी चाहिए होती है। हमारे अस्पताल में रेडियोथेरेपी नहीं है। हम कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के लिए बड़े सेंटर से तालमेल करते हैं और फॉलो-अप यहां जारी रखते हैं। इलाज का पूरा कोर्स करना बहुत ज़रूरी है।

मैस्टेक्टॉमी के बाद कितने दिन आराम चाहिए और क्या खाएं?

ऑपरेशन में आमतौर पर 2 से 3 घंटे लगते हैं, और ड्रेन के हिसाब से ज़्यादातर महिलाएं 2 से 5 दिन हमारे अस्पताल में रहती हैं। आमतौर पर अगले दिन से चल सकती हैं, और 2 से 4 हफ्ते में हल्के घरेलू काम पर लौट आती हैं। बांह पूरी तरह चलने में ज़्यादा समय लगता है, जो नियमित कसरत पर निर्भर है। खाने में कोई खास परहेज नहीं, प्रोटीन वाला घर का खाना लें और तंबाकू से दूर रहें।

स्तन कैंसर के ऑपरेशन के बाद सावधानियां क्या हैं? बांह की देखभाल कैसे करें?

बगल के ऑपरेशन के बाद उस तरफ़ की बांह में सूजन (लिम्फेडिमा) हो सकती है। कृपया हमारी सिखाई बांह और कंधे की कसरत करें, चमड़ी साफ़ और नम रखें, और उसे कटने, जलने और कीड़े के काटने से बचाएं। शुरू के हफ्तों में कसी चूड़ियां, कसी आस्तीन और भारी वज़न से बचें। हो सके तो उस बांह में सुई न लगवाएं और बीपी न नपवाएं। सूजन या लाली दिखे तो जल्दी हमें बताएं।

परिवार भावनात्मक रूप से कैसे साथ दे सकता है?

डर, उदासी और शरीर में बदलाव की चिंता होना बिल्कुल स्वाभाविक है। परिवार से और हमसे खुलकर बात करें और हर सवाल पूछें। परामर्श में परिवार के किसी सदस्य को साथ लाएं। मैस्टेक्टॉमी के बाद अगर आप चाहें तो ब्लाउज़ के अंदर पहनने वाला बाहरी स्तन (प्रोस्थेसिस) इस्तेमाल कर सकती हैं। फॉलो-अप पर आते रहना और सक्रिय रहना भी मदद करता है। इस लड़ाई में आप अकेली नहीं हैं, हमारी टीम आपके साथ है।

गोपालगंज में स्तन कैंसर का ऑपरेशन कराने में खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

मुख्य रूप से ऑपरेशन से पहले की जांच (अल्ट्रासाउंड, बायोप्सी, रिसेप्टर जांच और स्कैन), ऑपरेशन का प्रकार, बगल की गिल्टियां निकालनी हैं या नहीं, बेहोशी, अस्पताल में कितने दिन, कौन सा कमरा, और दवाइयों पर। बड़े सेंटर पर कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी का खर्च अलग होता है। जांच किए बिना हम कोई तय रकम नहीं बताते। परामर्श के बाद, भर्ती से पहले हम साफ़ लिखित अनुमान देते हैं।

क्या ब्रेस्ट कैंसर का इलाज बिना ऑपरेशन के हो सकता है?

ज़्यादातर स्तन कैंसर में ऑपरेशन इलाज का मुख्य हिस्सा होता है। कभी कभी बड़ी गांठ को छोटा करने के लिए पहले कीमोथेरेपी या हार्मोन की गोलियां दी जाती हैं, और बहुत बढ़ी हुई बीमारी में इलाज ज़्यादातर दवाओं से हो सकता है। जड़ी-बूटी, मलहम या घरेलू नुस्खों से स्तन कैंसर ठीक नहीं होता, और इनके भरोसे बैठे रहने से कैंसर बढ़ता है। कृपया पक्की जांच कराएं और हमारे कैंसर सर्जन से हर विकल्प पर खुलकर बात करें।

गोपालगंज में मैस्टेक्टॉमी के लिए सबसे अच्छा सर्जन कौन है?

हमारी सलाह है कि सर्जन को उनकी पढ़ाई और अनुभव से परखें। डॉ. (एक्स कैप्टन) फ़िरोज़ पाशा ने कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज से MBBS और आर्मी हॉस्पिटल R&R, दिल्ली से जनरल सर्जरी में MS किया है, उन्हें 16+ साल का अनुभव है, और वे अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट हैं। हमारे अस्पताल में वे डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के नेतृत्व वाली हमारी सर्जिकल टीम के साथ काम करते हैं। हमारे मरीज़ों के रिव्यू आप गूगल पर पढ़ सकती हैं।

मैं सीवान, छपरा या मोतिहारी से हूं। क्या गोपालगंज में स्तन कैंसर का ऑपरेशन करा सकती हूं?

हां, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से बहुत सी महिलाएं स्तन की गांठ की जांच और ऑपरेशन के लिए गोपालगंज में हमारे पास आती हैं। कृपया पहले अपनी रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सएप करें, फिर महीने के पहले शनिवार को परिवार के किसी सदस्य के साथ हमारी कैंसर ओपीडी में आएं। रेडियोथेरेपी की ज़रूरत हो तो हम बड़े सेंटर पर उसका इंतज़ाम करते हैं, और फॉलो-अप यहीं, घर के पास जारी रह सकता है।

क्या आयुष्मान कार्ड से स्तन कैंसर का ऑपरेशन हो सकता है?

आयुष्मान भारत PM-JAY में कवरेज योजना के नियमों और आपकी बीमारी पर निर्भर करता है। अगर आपके पास कार्ड है, तो कृपया उसे आधार कार्ड के साथ लाएं और हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछें कि आपका इलाज कवर होता है या नहीं। बड़े सेंटर पर कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी के लिए वहां भी कवरेज के बारे में पूछें। बाकी मरीज़ों को हम भर्ती से पहले अनुमानित खर्च साफ़ साफ़ बताते हैं।

इससे जुड़े इलाज

फाइब्रोएडिनोमा ऑपरेशन

हम हाथ से जांच, अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी और सुई जांच से स्तन की गांठ की पूरी जांच करते हैं, और ज़रूरत पर फाइब्रोएडिनोमा निकालते हैं, पूरी गोपनीयता और महिला सहायक की मौजूदगी में।

गांठ का ऑपरेशन और बायोप्सी

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम गांठ की जांच और इलाज करते हैं: एफएनएसी, बायोप्सी और हिस्टोपैथोलॉजी से पता चलता है कि गांठ साधारण है या कैंसर, फिर स्टेजिंग जांच और ज़रूरत पर ऑपरेशन।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

संस्थापक एवं मुख्य सर्जन: लेप्रोस्कोपिक, लेजर, यूरोलॉजी और जनरल सर्जन

एमबीबीएस, डीए, एमएस (जनरल सर्जरी)

पूरी जानकारी

गूगल पर मरीज़ों की राय

मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।

4.4
कुल 84 गूगल रिव्यू (तारीख 1 Oct 2026)
  • zaheer udddinजून 2024
    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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