गोपालगंज में थायराइड कैंसर का ऑपरेशन (टोटल थायराइडेक्टॉमी)

थायराइड कैंसर का ऑपरेशन (टोटल थायराइडेक्टॉमी)

गोपालगंज में हम थायराइड की गांठ और कैंसर का इलाज करते हैं: अल्ट्रासाउंड, एफएनएसी, ज़रूरत पर पूरी थायराइड का ऑपरेशन, कैल्शियम और आवाज़ की देखभाल, ज़िंदगी भर थायराइड की गोली और रेडियोएक्टिव आयोडीन के लिए रेफर।

गोपालगंज में थायराइड कैंसर का ऑपरेशन हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में करते हैं, और जिन्हें बताया गया है कि गले की थायराइड ग्रंथि में गांठ (नोड्यूल) है, उनकी पूरी सावधानी से जांच करते हैं। हमारा पहला कदम है ध्यान से जांच: थायराइड की खून की जांच, गले का अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी, जिससे पता चलता है कि थायराइड की गांठ कैंसर है या नहीं। ज़्यादातर थायराइड की गांठें कैंसर नहीं निकलतीं। जब ऑपरेशन की सलाह दी जाती है, तो सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के हमारे विज़िटिंग सीनियर कंसल्टेंट डॉ. (एक्स कैप्टन) फ़िरोज़ पाशा, जिन्हें 16+ साल का अनुभव है, हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के नेतृत्व वाली सर्जिकल टीम के साथ योजना बनाते हैं, और ईमानदारी से बताते हैं कि ऑपरेशन यहां करना सही है या बड़े सेंटर पर। उनकी कैंसर ओपीडी हर महीने के पहले शनिवार को लगती है। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से मरीज़ हमारे पास आते हैं। नाम लिखवाने के लिए कृपया +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सएप करें, और अल्ट्रासाउंड व एफएनएसी की रिपोर्ट हो तो पहले भेज दें।

ऑपरेशन का समयआमतौर पर 2 से 3 घंटे, गिल्टियां भी निकालनी हों तो ज़्यादा
अस्पताल में रुकनाआमतौर पर 2 से 3 दिन

थायराइड कैंसर का ऑपरेशन क्या है?

थायराइड गले के सामने तितली के आकार की एक ग्रंथि है, जो थायराइड हार्मोन बनाती है। इस ग्रंथि में बनी गांठ को थायराइड नोड्यूल कहते हैं। ज़्यादातर गांठें कैंसर नहीं होतीं, लेकिन कुछ होती हैं। थायराइड कैंसर के सबसे आम प्रकार आमतौर पर धीरे बढ़ते हैं, और समय पर इलाज से इनके नतीजे आमतौर पर अच्छे रहते हैं।

गांठ की जांच हम थायराइड जांच से करते हैं: खून की जांच, गले का अल्ट्रासाउंड, और एफएनएसी, जिसमें पतली सुई से कुछ कोशिकाएं निकालकर जांची जाती हैं। एफएनएसी रिपोर्ट से हमारे डॉक्टर को पता चलता है कि गांठ में कैंसर की कितनी संभावना है।

ज़्यादातर थायराइड कैंसर में टोटल थायराइडेक्टॉमी की जाती है, यानी पूरी थायराइड ग्रंथि निकालना। कभी कभी सिर्फ़ एक आधा हिस्सा निकाला जाता है, और गले की सूजी हुई गिल्टियां भी निकाली जा सकती हैं। थायराइड के पास कैल्शियम कंट्रोल करने वाली चार छोटी ग्रंथियां (पैराथायराइड) और आवाज़ की नसें होती हैं, और हमारे सर्जन इन्हें बचाने का पूरा ध्यान रखते हैं।

थायराइड कैंसर का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
थायराइड कैंसर का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

थायराइड कैंसर के लक्षण: गले की गांठ कब दिखाएं

  • गले के सामने गांठ या सूजन जो निगलते समय ऊपर नीचे होती है
  • गले की गांठ जो बढ़ रही हो, सख्त हो या जमी हुई हो
  • 2 से 3 हफ्ते से ज़्यादा आवाज़ बैठी रहना
  • निगलने या सांस लेने में दिक्कत
  • गले में सूजी हुई गिल्टियां (लिम्फ नोड)

थायराइड निकालने की ज़रूरत कब पड़ती है?

अगर गले की गांठ बढ़ रही हो, सख्त या जमी हुई हो, 2 से 3 हफ्ते से ज़्यादा आवाज़ बैठी हो, निगलने या सांस लेने में दिक्कत हो, या गले में गिल्टियां सूजी हों, तो कृपया डॉक्टर को दिखाएं। जब एफएनएसी में कैंसर दिखे या उसकी ज़्यादा संभावना हो, या रिपोर्ट साफ़ न हो और पक्की पहचान के लिए गांठ निकालनी पड़े, तब हम ऑपरेशन की सलाह देते हैं।

ऑपरेशन से पहले हम सीटी स्कैन और आवाज़ की नली (वोकल कॉर्ड) की जांच की सलाह दे सकते हैं। कुछ कैंसर में टोटल थायराइडेक्टॉमी के बाद बची हुई थायराइड कोशिकाओं को खत्म करने के लिए रेडियोएक्टिव आयोडीन इलाज की ज़रूरत होती है। यह सिर्फ़ खास न्यूक्लियर मेडिसिन सेंटर पर दिया जाता है, इसलिए ज़रूरत होने पर हम आपको वहां रेफर करते हैं।

थायराइड का ऑपरेशन कैसे होता है?

  1. गांठ की जांच के लिए थायराइड की खून की जांच, गले का अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी
  2. सलाह पर सीटी स्कैन और वोकल कॉर्ड की जांच, साथ में फिटनेस जांच
  3. हमारी एनेस्थीसिया टीम द्वारा पूरी बेहोशी (जनरल एनेस्थीसिया)
  4. गले के निचले हिस्से में चमड़ी की प्राकृतिक सिलवट में चीरा
  5. आवाज़ की नसों और कैल्शियम की ग्रंथियों को बचाते हुए पूरी थायराइड (या योजना के अनुसार आधी) निकालना, ज़रूरत पर गले की गिल्टियां भी
  6. टांके लगाकर घाव बंद करना, कभी कभी छोटी ड्रेन नली के साथ, और ग्रंथि को हिस्टोपैथोलॉजी के लिए भेजना
  7. ऑपरेशन के बाद कैल्शियम और आवाज़ की जांच, और थायराइड की गोली शुरू करना

थायराइड के ऑपरेशन के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है

आमतौर पर उसी दिन या अगले दिन आप बैठ सकते हैं, चल सकते हैं और तरल चीज़ें ले सकते हैं। कुछ दिन हल्का गला दर्द, गर्दन में जकड़न और आवाज़ थोड़ी कमज़ोर रहना आम है। उंगलियों या होंठों के आसपास झनझनाहट या मांसपेशियों में ऐंठन हो तो कृपया तुरंत हमारे स्टाफ़ को बताएं, यह कैल्शियम कम होने का संकेत हो सकता है, जिसका इलाज हम कैल्शियम की गोली से करते हैं। टोटल थायराइडेक्टॉमी के बाद ज़िंदगी भर रोज़ थायराइड हार्मोन की गोली लेनी होती है, आमतौर पर डॉक्टर की सलाह से सुबह खाली पेट। कृपया हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट, खून की जांच और फॉलो-अप के लिए ज़रूर आएं।

थायराइड ऑपरेशन के बाद परहेज, गोली और कैल्शियम

थायराइड की गोली: टोटल थायराइडेक्टॉमी के बाद ज़िंदगी भर रोज़ थायराइड हार्मोन की गोली लें, आमतौर पर सुबह खाली पेट, और हमारे डॉक्टर की सलाह के अनुसार कुछ देर बाद चाय या नाश्ता करें। गोली अपने मन से कभी बंद न करें। कैल्शियम: होंठों के आसपास या उंगलियों में झनझनाहट, या मांसपेशियों में ऐंठन हो तो तुरंत हमें बताएं, और कैल्शियम की गोली ठीक वैसे लें जैसे लिखी गई है। खान-पान: ज़्यादातर लोगों के लिए कोई खास परहेज नहीं, घर का सामान्य खाना खाएं और पानी भरपूर पिएं। शुरू के कुछ दिन निगलने में दर्द हो तो नरम खाना आसान लगेगा। रेडियोएक्टिव आयोडीन के लिए जाना हो तो खाने में आयोडीन के बारे में उस सेंटर की सलाह मानें। घाव और आवाज़: सलाह के अनुसार घाव सूखा रखें, आवाज़ कमज़ोर हो तो ज़्यादा न बोलें, और लगभग 2 हफ्ते भारी वज़न न उठाएं। फॉलो-अप: कृपया हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट और थायराइड की नियमित खून की जांच के लिए ज़रूर आएं।

फायदे

  • कैंसर को निकालना और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट से पक्की पहचान
  • टोटल थायराइडेक्टॉमी के बाद ज़रूरत पर रेडियोएक्टिव आयोडीन और खून की जांच से निगरानी संभव
  • आवाज़ की नसों और कैल्शियम की ग्रंथियों को बचाने का पूरा ध्यान
  • जांच और फॉलो-अप घर के पास
  • ज़रूरत पर खास सेंटर में रेडियोएक्टिव आयोडीन के लिए रेफर
संभावित जोखिम:

संभावित जोखिमों में खून आना, संक्रमण, और पैराथायराइड ग्रंथियों की अस्थायी कमज़ोरी से कैल्शियम कम होना शामिल है, जो आमतौर पर ठीक हो जाता है पर बहुत कम मामलों में स्थायी रह सकता है। कुछ समय आवाज़ बैठी या कमज़ोर रह सकती है, और बहुत कम मामलों में यह बदलाव स्थायी होता है। ऑपरेशन के बाद गले में खून जमने से सांस में दिक्कत हो सकती है, इसलिए शुरू के घंटों में हम मरीज़ पर कड़ी नज़र रखते हैं। बेहोशी के भी कुछ छोटे जोखिम होते हैं। सावधान तकनीक, कड़ी निगरानी और जल्दी कैल्शियम जांच से हम ये जोखिम कम रखते हैं।

गोपालगंज में थायराइड कैंसर का ऑपरेशन: खर्च और आयुष्मान कार्ड

थायराइड कैंसर के ऑपरेशन का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है: पहले होने वाली जांच, जैसे थायराइड की खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, एफएनएसी, सीटी स्कैन और आवाज़ की नली की जांच; पूरी थायराइड निकालनी है या आधी, और गले की गिल्टियां भी निकालनी हैं या नहीं; बेहोशी; अस्पताल में कितने दिन और कौन सा कमरा; ऑपरेशन के बाद कैल्शियम की जांच और दवाइयां; और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट। रेडियोएक्टिव आयोडीन की ज़रूरत हो तो वह खास न्यूक्लियर मेडिसिन सेंटर पर होता है और उसका खर्च वहां अलग है। परामर्श और रिपोर्ट के बाद, भर्ती से पहले हम साफ़ लिखित अनुमान देते हैं, और आप पहले रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। हमारे अस्पताल का आयुष्मान भारत PM-JAY पैनल जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के पैकेज के लिए है। थायराइड कैंसर के इलाज का कवरेज योजना के नियमों और बीमारी पर निर्भर है, इसलिए कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पक्का कर लें।

थायराइड की गांठ के लिए मरीज़ हमारी कैंसर ओपीडी पर क्यों भरोसा करते हैं

थायराइड की गांठ की जांच हमारी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ओपीडी में हर महीने के पहले शनिवार को डॉ. (एक्स कैप्टन) फ़िरोज़ पाशा, सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी करते हैं, डॉ. आर. के. ठाकुर के नेतृत्व वाली हमारी सर्जिकल टीम के साथ। खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, आईसीयू और बेहोशी के विशेषज्ञ हमारे अस्पताल में उपलब्ध हैं। अगर आपके केस में हमारे अस्पताल से बाहर की सुविधा चाहिए, तो हम ईमानदारी से बताते हैं और रेफर करने में मदद करते हैं।

थायराइड कैंसर का ऑपरेशन: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या थायराइड की हर गांठ कैंसर होती है?

नहीं। थायराइड की ज़्यादातर गांठें कैंसर नहीं होतीं। बहुत सी साधारण सूजन (घेंघा) या पानी भरी थैली (सिस्ट) होती हैं। लेकिन पक्का जानने के लिए कुछ की जांच ज़रूरी है। गले का अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी बताते हैं कि गांठ साधारण लगती है या ऑपरेशन चाहिए। अगर गांठ बढ़ रही हो, सख्त हो, या साथ में आवाज़ बदली हो या गिल्टियां सूजी हों, तो कृपया जांच कराएं।

थायराइड की गांठ कैंसर है या नहीं, एफएनएसी जांच से कैसे पता चलता है?

आपको पीठ के बल लिटाकर गर्दन थोड़ी पीछे की जाती है। हम चमड़ी साफ़ करके बहुत पतली सुई गांठ में कुछ बार डालते हैं, अक्सर अल्ट्रासाउंड की मदद से, और कोशिकाएं निकालते हैं। इसमें कुछ मिनट लगते हैं, आप उसी दिन घर जाते हैं, और एक दिन हल्का दर्द रह सकता है। रिपोर्ट से हमारे डॉक्टर को पता चलता है कि गांठ में कैंसर की कितनी संभावना है और ऑपरेशन चाहिए या नहीं।

थायराइड का ऑपरेशन कैसे होता है और कितना समय लगता है?

पूरी बेहोशी में गले के निचले हिस्से में चमड़ी की प्राकृतिक सिलवट में चीरा लगाया जाता है। आवाज़ की नसों और कैल्शियम की छोटी ग्रंथियों को बचाते हुए हमारे सर्जन पूरी थायराइड (या योजना के अनुसार आधी) निकालते हैं, और ज़रूरत पर गले की गिल्टियां भी। ऑपरेशन में आमतौर पर 2 से 3 घंटे लगते हैं, गिल्टियां भी निकालनी हों तो ज़्यादा। ज़्यादातर मरीज़ 2 से 3 दिन हमारे अस्पताल में रहते हैं।

क्या थायराइड के ऑपरेशन के बाद आवाज़ बदल जाती है?

कई मरीज़ों की आवाज़ कुछ दिनों से कुछ हफ्तों तक थोड़ी बैठी या थकी रहती है, जो आमतौर पर ठीक हो जाती है। आवाज़ की नसें थायराइड के बिल्कुल पास होती हैं, और हमारे सर्जन इन्हें बचाने का पूरा ध्यान रखते हैं। बहुत कम मामलों में आवाज़ का बदलाव लंबा या स्थायी रहता है। आवाज़ में सुधार न हो तो कृपया हमें बताएं, ताकि जांच हो सके।

क्या मुझे ज़िंदगी भर गोली खानी पड़ेगी?

टोटल थायराइडेक्टॉमी के बाद शरीर थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता, इसलिए ज़िंदगी भर रोज़ थायराइड हार्मोन की गोली लेनी होती है। इसे आमतौर पर हमारे डॉक्टर की सलाह के अनुसार सुबह खाली पेट लिया जाता है। नियमित खून की जांच से हम खुराक ठीक करते हैं। कुछ मरीज़ों को ऑपरेशन के बाद कुछ समय कैल्शियम की गोली भी लेनी पड़ती है। कृपया अपने मन से गोली कभी बंद न करें।

थायराइड ऑपरेशन के बाद परहेज क्या है और कितने दिन में काम पर लौट सकते हैं?

ज़्यादातर लोगों को खाने में कोई खास परहेज नहीं चाहिए। रोज़ सुबह खाली पेट थायराइड की गोली लें, कैल्शियम की गोली लिखी हो तो समय पर लें, और झनझनाहट या ऐंठन हो तो तुरंत हमें बताएं। लगभग 2 हफ्ते भारी वज़न न उठाएं। ज़्यादातर लोग लगभग 2 से 3 हफ्ते में हल्के काम पर लौट आते हैं। कमज़ोर आवाज़ और गर्दन की जकड़न आमतौर पर कुछ हफ्तों में ठीक हो जाती है।

रेडियोएक्टिव आयोडीन क्या है और यह कहां मिलता है?

रेडियोएक्टिव आयोडीन मुंह से ली जाने वाली दवा है, जो टोटल थायराइडेक्टॉमी के बाद बची हुई थायराइड कोशिकाओं को खत्म करती है। इसका इस्तेमाल कुछ प्रकार के थायराइड कैंसर में, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट और खतरे के स्तर के हिसाब से होता है। यह सिर्फ़ खास न्यूक्लियर मेडिसिन सेंटर पर मिलता है, हमारे अस्पताल में नहीं। ज़रूरत हो तो हम रेफर करते हैं और फॉलो-अप यहां जारी रखते हैं।

गोपालगंज में थायराइड कैंसर का ऑपरेशन कराने में खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

खर्च ऑपरेशन से पहले की जांच (खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, एफएनएसी, सीटी स्कैन, आवाज़ की नली की जांच), पूरी या आधी ग्रंथि निकालने, गले की गिल्टियां निकालने, बेहोशी, अस्पताल के दिनों, कमरे, कैल्शियम की जांच और दवाइयों पर निर्भर करता है। रेडियोएक्टिव आयोडीन की ज़रूरत हो तो उसका खर्च खास सेंटर पर अलग होता है। मरीज़ को देखे बिना हम कोई तय रकम नहीं बताते, भर्ती से पहले हम साफ़ लिखित अनुमान देते हैं।

क्या थायराइड की गांठ का इलाज बिना ऑपरेशन के हो सकता है?

बहुत सी गांठों का हो सकता है। जो गांठ एफएनएसी में साधारण निकले, उस पर अक्सर सिर्फ़ अल्ट्रासाउंड से नज़र रखी जाती है, और थायराइड की कुछ सूजन गोलियों से ठीक होती है। लेकिन थायराइड कैंसर का मुख्य इलाज ऑपरेशन है, कभी कभी उसके बाद रेडियोएक्टिव आयोडीन। घरेलू नुस्खों से कैंसर नहीं सिकुड़ता। हम ऑपरेशन की सलाह तभी देते हैं जब जांच में कैंसर हो, उसका पक्का शक हो, या गांठ सांस या खाने की नली को दबा रही हो।

गोपालगंज में थायराइड के ऑपरेशन के लिए सबसे अच्छा सर्जन कौन है?

हमारी सलाह है कि सर्जन को उनकी पढ़ाई और अनुभव से परखें। डॉ. (एक्स कैप्टन) फ़िरोज़ पाशा ने कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज से MBBS और आर्मी हॉस्पिटल R&R, दिल्ली से जनरल सर्जरी में MS किया है, उन्हें 16+ साल का अनुभव है, और वे अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट हैं। वे डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर के नेतृत्व वाली हमारी सर्जिकल टीम के साथ काम करते हैं, और हमारे अस्पताल में बेहोशी के विशेषज्ञ और आईसीयू भी हैं।

मैं सीवान या कुशीनगर से हूं। क्या गोपालगंज में थायराइड कैंसर का ऑपरेशन करा सकता हूं?

जांच और योजना ज़रूर यहीं से शुरू हो सकती है। सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से बहुत से मरीज़ गोपालगंज में हमारे पास आते हैं। कृपया अल्ट्रासाउंड और एफएनएसी की रिपोर्ट +91 72739 94786 पर व्हाट्सएप करें, फिर महीने के पहले शनिवार को हमारी कैंसर ओपीडी में आएं। हमारे सर्जन ईमानदारी से बताते हैं कि आपका ऑपरेशन यहां करना सही है या बड़े सेंटर पर, और रेडियोएक्टिव आयोडीन हम खास सेंटर पर कराते हैं।

क्या आयुष्मान कार्ड से थायराइड कैंसर का ऑपरेशन हो सकता है?

आयुष्मान भारत PM-JAY में कवरेज योजना के नियमों और आपकी बीमारी पर निर्भर करता है। अगर आपके पास कार्ड है, तो कृपया उसे आधार कार्ड के साथ लाएं और हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछें कि आपका इलाज कवर होता है या नहीं। बाकी मरीज़ों को हम भर्ती से पहले अनुमानित खर्च साफ़ साफ़ बता देते हैं, ताकि परिवार पहले से तैयारी कर सके।

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गांठ का ऑपरेशन और बायोप्सी

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम गांठ की जांच और इलाज करते हैं: एफएनएसी, बायोप्सी और हिस्टोपैथोलॉजी से पता चलता है कि गांठ साधारण है या कैंसर, फिर स्टेजिंग जांच और ज़रूरत पर ऑपरेशन।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

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डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

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    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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