गोपालगंज में बच्चों का ऑपरेशन (पीडियाट्रिक सर्जरी)

बच्चों की सर्जरी (पीडियाट्रिक सर्जरी)

डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज में हम बच्चों के हर्निया, हाइड्रोसील, अंडकोष नीचे न उतरना, हाइपोस्पेडियास, चमड़ी टाइट होना और अपेंडिक्स का ऑपरेशन करते हैं, बच्चों के अनुकूल देखभाल और विशेषज्ञ से बेहोशी के साथ।

गोपालगंज में बच्चों का ऑपरेशन हम डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बच्चे और पूरे परिवार का ध्यान रखते हुए, प्यार और सावधानी से करते हैं। हम बच्चों की आम बीमारियों के ऑपरेशन करते हैं: हर्निया और हाइड्रोसील, अंडकोष नीचे न उतरना (ऑर्किडोपेक्सी), हाइपोस्पेडियास, तंग चमड़ी के लिए खतना, अपेंडिक्स, और गांठ, फोड़ा या निगला हुआ सिक्का निकालना। बच्चों में हर्निया का ऑपरेशन हम अक्सर जल्दी कराने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह अपने आप ठीक नहीं होता। ऑपरेशन हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), करते हैं, जिन्हें 16+ साल का सर्जिकल अनुभव है, और बेहोशी हमारे विशेषज्ञ डॉ. नीरज चतुर्वेदी (एमबीबीएस, डीए) देते हैं। ऑपरेशन से पहले और बाद में माता या पिता बच्चे के साथ रह सकते हैं। गोपालगंज के साथ सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से भी परिवार हमारे पास आते हैं। नवजात शिशु की सर्जरी और नवजात आईसीयू वाले मामलों में हम सही बड़े अस्पताल जाने में मदद करते हैं। हमारी ओपीडी सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक है, या कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें।

ऑपरेशन का समयऑपरेशन पर निर्भर है। हर्निया या हाइड्रोसील जैसे आम ऑपरेशन में आमतौर पर एक घंटे से कम लगता है। हाइपोस्पेडियास रिपेयर में ज़्यादा समय लगता है।
अस्पताल में रुकनाहर्निया, हाइड्रोसील या खतना के बाद बहुत से बच्चे उसी दिन या अगले दिन घर चले जाते हैं। अपेंडिक्स और हाइपोस्पेडियास रिपेयर में आमतौर पर ज़्यादा दिन रुकना होता है, जैसा हमारे सर्जन बताएं।

गोपालगंज में बच्चों का ऑपरेशन: किन बीमारियों का इलाज होता है

पीडियाट्रिक सर्जरी का मतलब है बच्चों का ऑपरेशन। बच्चे छोटे बड़ों जैसे नहीं होते: उनका शरीर, दवा की खुराक और बेहोशी (एनेस्थीसिया) की ज़रूरतें अलग होती हैं, और उनका डर भी। हमारे अस्पताल में हम बच्चों की आम बीमारियों की सर्जरी करते हैं, और देखभाल बच्चे और परिवार को ध्यान में रखकर करते हैं।

आम बीमारियां हैं: जांघ और पेट के जोड़ पर सूजन (इंगुइनल हर्निया), अंडकोष में पानी (हाइड्रोसील), अंडकोष का नीचे न उतरना, जिसका इलाज ऑर्किडोपेक्सी है, पेशाब का छेद सही जगह न होना (हाइपोस्पेडियास), जिसका इलाज हाइपोस्पेडियास रिपेयर है, लिंग की चमड़ी टाइट होना (फाइमोसिस), जिसमें खतना की ज़रूरत पड़ सकती है, अपेंडिक्स, और गांठ व मवाद वाले फोड़े।

ऑपरेशन से पहले और बाद में माता या पिता बच्चे के साथ रह सकते हैं, और बेहोशी की दवा हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नीरज चतुर्वेदी (एमबीबीएस, डीए) देते हैं।

बच्चों का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
बच्चों का ऑपरेशन: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

बच्चे में ये लक्षण हों तो सर्जन को दिखाएं

  • जांघ के जोड़ या अंडकोष में सूजन, जो आती-जाती हो या रोने पर बढ़ जाए
  • अंडकोष की थैली में एक या दोनों अंडकोष महसूस न होना
  • पेशाब का छेद लिंग के आगे की जगह नीचे होना, या लिंग टेढ़ा होना
  • पेशाब करते समय चमड़ी का गुब्बारे जैसा फूलना, दर्द या बार-बार इन्फेक्शन
  • पेट का दर्द जो दाहिने निचले हिस्से में चला जाए, साथ में बुखार या उल्टी
  • चमड़ी के नीचे गांठ, या दर्द वाली लाल सूजन जिसमें मवाद हो
  • सिक्का या कोई छोटी चीज़ निगल लेना

बच्चों में हर्निया का ऑपरेशन और दूसरे ऑपरेशन कब ज़रूरी हैं

कुछ बीमारियों में जल्दी ऑपरेशन चाहिए, कुछ में रुका जा सकता है, और कुछ अपने आप ठीक हो जाती हैं। हमारे सर्जन बच्चे को देखकर सही समय बताते हैं:

  • हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता, इसलिए आमतौर पर जल्दी ऑपरेशन होता है। सूजन सख्त, दर्द वाली हो या अंदर न जाए, साथ में रोना या उल्टी हो, तो यह इमरजेंसी है।
  • हाइड्रोसील छोटे बच्चों में अक्सर 1 से 2 साल तक अपने आप ठीक हो जाता है; बना रहे या घटे-बढ़े तो हम ऑपरेशन पर विचार करते हैं।
  • अंडकोष नीचे न उतरना: ऑपरेशन आमतौर पर लगभग 18 महीने की उम्र से पहले।
  • हाइपोस्पेडियास: ऑपरेशन अक्सर 6 से 18 महीने की उम्र में। कृपया पहले खतना न कराएं, क्योंकि ऑपरेशन में चमड़ी की ज़रूरत पड़ सकती है।
  • चमड़ी टाइट होना छोटे लड़कों में सामान्य है और उम्र के साथ अक्सर ढीली हो जाती है।
  • अपेंडिक्स में तुरंत इलाज चाहिए; देखें अपेंडिक्स का ऑपरेशन।
  • खाने की नली में अटका सिक्का एंडोस्कोपी से निकाला जा सकता है।

नवजात शिशु की सर्जरी और नवजात आईसीयू (एनआईसीयू) की ज़रूरत वाली बीमारियों के लिए हम किसी उपयुक्त बड़े सेंटर पर जाने में मदद करते हैं।

बच्चे का ऑपरेशन कैसे होता है: पूरी प्रक्रिया

  1. ओपीडी: हमारे सर्जन बच्चे की जांच करते हैं, आपके सवालों के जवाब देते हैं, और ज़रूरत हो तो खून की जांच या अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं।
  2. बेहोशी से पहले की जांच: हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ बच्चे को देखते हैं, और ठीक-ठीक बताते हैं कि ऑपरेशन से पहले दूध, खाना और पानी कब बंद करना है।
  3. ऑपरेशन के दिन: बच्चे के ऑपरेशन थिएटर में जाने तक माता या पिता साथ रहते हैं।
  4. बच्चों के ज़्यादातर ऑपरेशन पूरी बेहोशी (जनरल एनेस्थीसिया) में होते हैं, ताकि बच्चा सोता रहे। हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सबसे सुरक्षित तरीका चुनते हैं और दर्द से राहत की योजना बनाते हैं।
  5. ऑपरेशन के बाद बच्चा रिकवरी में जागता है, और जितनी जल्दी हो सके माता या पिता फिर उसके पास होते हैं। पूरी तरह होश आने पर खाना-पीना शुरू होता है।
  6. घाव की देखभाल, नहाने, दवाओं और दोबारा दिखाने की साफ जानकारी के साथ छुट्टी।

ऑपरेशन के बाद बच्चा कितने दिन में ठीक होता है

बच्चे आमतौर पर जल्दी ठीक होते हैं। दर्द की दवा वैसे ही दें जैसी लिखी गई है, और पूरी तरह होश आने पर बच्चे को सामान्य खाना दें। घाव साफ और सूखा रखें और नहाने की सलाह मानें। ज़्यादातर बच्चे कुछ दिन से एक हफ्ते में स्कूल जाने लगते हैं; हर्निया या गुप्तांग के ऑपरेशन के बाद कुछ हफ्ते, सलाह के अनुसार, उछल-कूद, साइकिल चलाना और चढ़ना-उतरना न करने दें। बुखार, बढ़ती सूजन, खून, मवाद या पेशाब में दिक्कत हो तो कृपया जल्दी आएं। घाव की जांच के लिए दोबारा दिखाने ज़रूर आएं।

घर पर बच्चे का खानपान, घाव की देखभाल और सावधानियां

बच्चे आमतौर पर जल्दी ठीक हो जाते हैं। घर पर ये बातें मदद करती हैं, जो छुट्टी के समय हम आपको समझाते हैं।

  • खिलाना-पिलाना: बच्चा पूरी तरह जाग जाए तो पहले पानी के घूंट दें, फिर मां का दूध, दूध या खिचड़ी, दाल-चावल या केला जैसा हल्का खाना। भूख लगने पर सामान्य खाना शुरू करें।
  • दर्द की दवा: दवा ठीक उतनी ही दें जितनी लिखी है, क्योंकि बच्चों की खुराक वज़न के हिसाब से होती है। अपने मन से कोई और दवा न दें।
  • घाव और नहाना: घाव को साफ़ और सूखा रखें, और छुट्टी के समय बताए गए तरीके से ही नहलाएं। जांघ या जननांग के ऑपरेशन के बाद डायपर जल्दी-जल्दी बदलें।
  • खेलकूद: ज़्यादातर बच्चे कुछ दिनों से एक हफ्ते में स्कूल जाने लगते हैं। हर्निया या जननांग के ऑपरेशन के बाद कुछ हफ्ते धक्का-मुक्की वाले खेल, साइकिल और चढ़ने से बचाएं।
  • फॉलो-अप: बताए गए दिन जांच के लिए ज़रूर आएं।
  • खतरे के संकेत: बुखार, बढ़ती सूजन, खून, मवाद, बार-बार उल्टी या पेशाब में परेशानी। कृपया तुरंत +91 72739 94786 पर कॉल करें या हमारी 24 घंटे खुली इमरजेंसी में आएं।

फायदे

  • समय पर ऑपरेशन से हर्निया फंसने जैसी दिक्कत से बचाव, और नीचे न उतरे अंडकोष से आगे होने वाली परेशानी कम
  • बच्चों के अनुकूल देखभाल, माता या पिता बच्चे के साथ
  • विशेषज्ञ से बेहोशी, खाली पेट और दर्द से राहत का पूरा ध्यान
  • बहुत से बच्चे उसी दिन या अगले दिन घर
  • गोपालगंज में हमारे अस्पताल में लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और फार्मेसी एक ही जगह
संभावित जोखिम:

बच्चों के ज़्यादातर आम ऑपरेशन रोज़मर्रा के होते हैं, पर हर ऑपरेशन में कुछ जोखिम होता है। स्वस्थ बच्चों में बेहोशी का जोखिम कम होता है, और बेहोशी से पहले की जांच और सही समय तक खाली पेट रखकर हम इसे और कम रखते हैं। खून निकलना, घाव में इन्फेक्शन या सूजन हो सकती है। हर्निया दोबारा हो सकता है, पर ऐसा कम होता है। हाइपोस्पेडियास रिपेयर के बाद पेशाब का छोटा रिसाव (फिस्टुला) या सिकुड़न हो सकती है, जिसके लिए एक और छोटा ऑपरेशन करना पड़ सकता है। फैसला लेने से पहले हमारे सर्जन आपके बच्चे के ऑपरेशन के जोखिम समझाएंगे।

गोपालगंज में बच्चे के ऑपरेशन का खर्च और आयुष्मान कार्ड

माता-पिता अक्सर हमसे सबसे पहले बच्चे के ऑपरेशन का खर्च पूछते हैं। हम कोई एक तय रकम नहीं बताते, क्योंकि खर्च ऑपरेशन (जैसे हर्निया, हाइड्रोसील, ऑर्किडोपेक्सी, हाइपोस्पेडियास या खतना), ज़रूरी जांचों, बेहोशी, अस्पताल में रुकने के दिन, कमरे और छुट्टी के बाद की दवाओं पर निर्भर करता है। हाइपोस्पेडियास और अपेंडिक्स के ऑपरेशन में आमतौर पर हर्निया या हाइड्रोसील से ज़्यादा दिन रुकना पड़ता है। परामर्श और रिपोर्ट के बाद भर्ती से पहले हम आपको साफ़ लिखित अनुमान देते हैं, ताकि परिवार तैयारी कर सके। आप पहले बच्चे की रिपोर्ट व्हाट्सऐप +91 72739 94786 पर भेज सकते हैं।

हमारा अस्पताल आयुष्मान भारत PM-JAY में जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है। हर विशेषज्ञता का पैकेज हमारी सूची में शामिल नहीं है, इसलिए बच्चे का ऑपरेशन कवर होगा या नहीं, यह पैकेज सूची और परिवार की पात्रता पर निर्भर करता है। कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर आएं और भर्ती से पहले हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछ लें।

माता-पिता अपने बच्चे के ऑपरेशन के लिए डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर पर क्यों भरोसा करते हैं

हम जानते हैं कि माता-पिता अपने बच्चे के लिए अनुभवी और शांत टीम चाहते हैं। हमारे अस्पताल में सर्जरी का नेतृत्व डॉ. आर. के. ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), करते हैं, जिन्हें 16+ साल का अनुभव, 10,000+ ऑपरेशन, और आईजीआईएमएस पटना व लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में काम का अनुभव है। ऑर्किडोपेक्सी, हाइपोस्पेडियास रिपेयर, और हर्निया व हाइड्रोसील के ऑपरेशन हम यहां करते हैं। बेहोशी विशेषज्ञ देते हैं, माता या पिता बच्चे के साथ रहते हैं, और हमारी लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और फार्मेसी एक ही जगह हैं। कृपया कॉल करें: +91 72739 94786।

बच्चों के ऑपरेशन से जुड़े आम सवाल

गोपालगंज में बच्चों का ऑपरेशन कैसे होता है, जैसे हर्निया का?

ओपीडी जांच और ज़रूरी टेस्ट के बाद हमारे बेहोशी विशेषज्ञ डॉ. नीरज चतुर्वेदी बच्चे की जांच करते हैं और खाली पेट रखने का सही समय बताते हैं। बच्चों के ज़्यादातर ऑपरेशन जनरल एनेस्थीसिया में होते हैं, यानी बच्चा पूरे ऑपरेशन में सोया रहता है। जांघ के हर्निया में हमारे सर्जन जांघ की सिलवट में छोटे चीरे से हर्निया की थैली को बांधकर बंद करते हैं। ऑपरेशन थिएटर तक और जागने के बाद माता या पिता बच्चे के साथ रहते हैं। कई बच्चे उसी दिन या अगले दिन घर चले जाते हैं।

क्या बच्चे का हर्निया बिना ऑपरेशन ठीक हो जाएगा?

नहीं। बच्चों में जांघ के जोड़ का हर्निया अपने आप बंद नहीं होता, और आमतौर पर पता चलने के बाद हम जल्दी ऑपरेशन करते हैं, क्योंकि इसमें आंत फंस सकती है। सूजन सख्त, दर्द वाली या लाल हो जाए, या अंदर न जाए, खासकर रोने या उल्टी के साथ, तो यह इमरजेंसी है। नाभि का हर्निया अलग है, और छोटे बच्चों में अक्सर शुरू के कुछ सालों में अपने आप बंद हो जाता है।

बच्चों में हर्निया का ऑपरेशन कितनी देर का होता है और बच्चा कितने दिन में ठीक होता है?

बच्चे का हर्निया या हाइड्रोसील का ऑपरेशन आमतौर पर एक घंटे से कम का होता है, और कई बच्चे उसी दिन या अगले दिन घर चले जाते हैं। बच्चे जल्दी ठीक होते हैं, और ज़्यादातर कुछ दिनों से एक हफ्ते में स्कूल जाने लगते हैं। सलाह के अनुसार कुछ हफ्ते धक्का-मुक्की वाले खेल, साइकिल और चढ़ने से बचाएं। हाइपोस्पेडियास और अपेंडिक्स के ऑपरेशन में ज़्यादा समय लगता है और ज़्यादा दिन रुकना पड़ता है, जिसकी पूरी योजना हमारे सर्जन बताते हैं।

मेरे बेटे की चमड़ी पीछे नहीं होती। क्या खतना कराना होगा?

हमेशा नहीं। छोटे लड़कों में चमड़ी का टाइट होना सामान्य है और उम्र के साथ अक्सर ढीली हो जाती है। कृपया इसे ज़बरदस्ती पीछे न खींचें, इससे चमड़ी फट सकती है और निशान पड़ सकता है। अगर पेशाब के समय चमड़ी गुब्बारे जैसी फूले और पेशाब में दिक्कत हो, बार-बार इन्फेक्शन, दर्द, या सफेद सख्त चमड़ी हो, तो हमारे सर्जन को दिखाएं। कुछ बच्चों में सिर्फ क्रीम से काम चल जाता है, कुछ में खतना चाहिए।

मेरे बेटे का अंडकोष थैली में महसूस नहीं होता। क्या ऑपरेशन कराना होगा?

कृपया उसे सर्जन को ज़रूर दिखाएं। कुछ अंडकोष जन्म के बाद पहले कुछ महीनों में अपने आप नीचे आ जाते हैं, लेकिन जो नीचे न आए, उसके लिए आमतौर पर ऑर्किडोपेक्सी नाम का ऑपरेशन करना पड़ता है, जिसकी सलाह हम लगभग 18 महीने की उम्र से पहले देते हैं। जवानी तक इंतज़ार न करें। समय पर ऑपरेशन से अंडकोष सुरक्षित रहता है और आगे जांच आसान होती है। हमारे सर्जन जांच करते हैं और कुछ मामलों में अल्ट्रासाउंड की सलाह दे सकते हैं।

ऑपरेशन से पहले बच्चे को कितनी देर खाली पेट रखें?

बच्चों के लिए खाली पेट का समय उम्र पर और इस पर निर्भर है कि वे क्या लेते हैं, जैसे मां का दूध, दूसरा दूध, खाना या साफ पानी। हमारे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ आपको ठीक समय बताएंगे। कृपया इसे ध्यान से मानें: कम देर खाली पेट रखना बेहोशी के लिए असुरक्षित है, और बहुत ज़्यादा देर भूखा रखने से बच्चा कमज़ोर और चिड़चिड़ा हो जाता है। शक हो तो एक दिन पहले हमें कॉल करें।

क्या अस्पताल में माता-पिता बच्चे के साथ रह सकते हैं?

हां। ऑपरेशन से पहले, बच्चे के ऑपरेशन थिएटर में जाने तक, और होश आने के बाद फिर से माता या पिता बच्चे के साथ रह सकते हैं। भर्ती के दौरान भी वे वार्ड या कमरे में साथ रहते हैं। कृपया बच्चे का पसंदीदा खिलौना या कपड़ा, दूध की बोतल अगर इस्तेमाल करते हों, सभी रिपोर्ट, और आयुष्मान कार्ड हो तो वह भी साथ लाएं।

ऑपरेशन के बाद बच्चे को क्या खिलाएं और घर पर क्या सावधानी रखें?

बच्चा पूरी तरह जाग जाए तो पहले पानी के घूंट दें, फिर मां का दूध, दूध या खिचड़ी, दाल-चावल या केला जैसा हल्का खाना, और भूख लगने पर सामान्य खाना शुरू करें। दर्द की दवा ठीक उतनी दें जितनी लिखी है। घाव को साफ़ और सूखा रखें और बताए गए तरीके से नहलाएं। हर्निया या जननांग के ऑपरेशन के बाद कुछ हफ्ते धक्का-मुक्की वाले खेल, साइकिल और चढ़ने से बचाएं। बुखार, सूजन, मवाद या पेशाब में परेशानी हो तो कृपया जल्दी दिखाएं।

बच्चे के ऑपरेशन का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है, और क्या आयुष्मान कार्ड से होता है?

खर्च ऑपरेशन, जांचों, बेहोशी, अस्पताल में रुकने के दिन, कमरे और दवाओं पर निर्भर करता है। परामर्श के बाद भर्ती से पहले हम आपको साफ़ लिखित अनुमान देते हैं। हमारा अस्पताल आयुष्मान भारत PM-JAY में जनरल सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है, लेकिन हर विशेषज्ञता का पैकेज इसमें शामिल नहीं है। कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड लेकर आएं और भर्ती से पहले हमारे आयुष्मान सहायता केंद्र से पूछ लें।

क्या गोपालगंज में बच्चों का ऑपरेशन छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित है?

हर ऑपरेशन में कुछ जोखिम होता है, लेकिन बच्चों के आम ऑपरेशनों में सही जांच के साथ यह जोखिम कम रहता है। बेहोशी की योजना बच्चे की उम्र और वज़न के हिसाब से हमारे बेहोशी विशेषज्ञ डॉ. नीरज चतुर्वेदी (एमबीबीएस, डीए) बनाते हैं, और ऑपरेशन के दौरान और बाद में निगरानी होती है। सहमति से पहले हमारे सर्जन जोखिम समझाते हैं। हमारे यहां NICU नहीं है, इसलिए नवजात शिशु और जिन बच्चों को नवजात आईसीयू की ज़रूरत पड़ सकती है, उनके लिए हम बड़े अस्पताल जाने में मदद करते हैं।

गोपालगंज में बच्चों के सबसे अच्छे सर्जन कौन हैं?

बच्चे के लिए सर्जन चुनना हर परिवार का अपना फैसला है। हमारे अस्पताल में सर्जरी का नेतृत्व हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. आर. के. ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), करते हैं, जिन्हें 16+ साल का अनुभव है, 10,000+ ऑपरेशन, और आईजीआईएमएस पटना व लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में काम का अनुभव है। हम हर्निया, हाइड्रोसील, ऑर्किडोपेक्सी और हाइपोस्पेडियास रिपेयर करते हैं, और बेहोशी विशेषज्ञ देते हैं। नवजात शिशु की सर्जरी के लिए हम उपयुक्त बड़े सेंटर पर जाने में मदद करते हैं।

हम सीवान के पास रहते हैं। क्या बच्चे के ऑपरेशन के लिए पटना जाना ज़रूरी है?

ज़्यादातर आम ऑपरेशनों के लिए नहीं। सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से कई परिवार अपने बच्चों को अरार, गोपालगंज स्थित हमारे अस्पताल में लाते हैं। हर्निया, हाइड्रोसील, अंडकोष नीचे न उतरना, हाइपोस्पेडियास और खतना जैसे ऑपरेशन हम यहां बेहोशी विशेषज्ञ के साथ करते हैं। नवजात शिशु की सर्जरी और नवजात आईसीयू वाले मामलों में हम सही बड़े अस्पताल जाने में मदद करते हैं। कृपया +91 72739 94786 पर कॉल करें या सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे हमारी ओपीडी में आएं।

इससे जुड़े इलाज

ऑर्किडोपेक्सी

ऑर्किडोपेक्सी में हम नीचे न उतरे अंडकोष को थैली में लाकर वहीं टिका देते हैं। आगे चलकर पिता बनने की क्षमता बचाने और आसान जांच के लिए हम यह ऑपरेशन आम तौर पर 6 से 18 महीने की उम्र तक कराने की सलाह देते हैं।

हाइपोस्पेडियास ऑपरेशन

हाइपोस्पेडियास के ऑपरेशन से हम वह पेशाब का छेद ठीक करते हैं जो लिंग की नोक पर नहीं है। यह ऑपरेशन आम तौर पर 6 से 18 महीने की उम्र के बीच होता है, कभी-कभी दो चरणों में।

खतना (सर्कमसीजन)

खतना में लिंग की आगे की चमड़ी हटाई जाती है। हम यह ऑपरेशन चमड़ी टाइट होने (फाइमोसिस), पैराफाइमोसिस और बार-बार इन्फेक्शन के इलाज के लिए, और धार्मिक या निजी कारणों से भी करते हैं, आम तौर पर डे-केयर में।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

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    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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