गोपालगंज में शुगर वाले पैर के घाव का इलाज: घाव की देखभाल और डीब्राइडमेंट

शुगर वाला पैर (डायबिटिक फुट), घाव की देखभाल और डीब्राइडमेंट

हम शुगर के मरीज़ों के पैर के घाव और न भरने वाले या पस वाले घावों का इलाज करते हैं: मरा हुआ मांस हटाना (डीब्राइडमेंट), नियमित ड्रेसिंग, शुगर कंट्रोल और पैर बचाने की सलाह।

अगर आपको या परिवार में किसी को शुगर है और पैर का घाव भर नहीं रहा, तो हम गोपालगंज में शुगर वाले पैर के घाव का इलाज डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में पूरी सावधानी से करते हैं। दूसरे न भरने वाले घाव का इलाज भी हम इसी सावधानी से करते हैं, जैसे चोट के बाद इन्फेक्शन वाला घाव, बिस्तर पर पड़े रहने से बना घाव (बेडसोर) और ऑपरेशन के बाद का घाव। हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), और हमारी टीम मरा हुआ और इन्फेक्शन वाला मांस हटाती है (डीब्राइडमेंट), पस निकालती है, नियमित ड्रेसिंग की योजना बनाती है और शुगर कंट्रोल में आपकी मदद करती है, ताकि जहां तक हो सके पैर बचाया जा सके। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, कुशीनगर और देवरिया से मरीज़ हमारे पास आते हैं, और हमारी पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे, दवा की दुकान और आईसीयू एक ही छत के नीचे हैं। परिवार डॉ. ठाकुर पर उनके 16 साल से ज़्यादा के सर्जरी अनुभव, 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन और हफ्तों चलने वाले इलाज में धैर्य भरी देखभाल की वजह से भरोसा करते हैं। कृपया जल्दी आएं, क्योंकि शुगर वाले पैर पर छोटा छाला भी ध्यान मांगता है। ओपीडी (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे) में आएं, और बुखार, पस या कालापन हो तो सीधे हमारी इमरजेंसी में आएं।

ऑपरेशन का समयएक बार के डीब्राइडमेंट में आमतौर पर 20 से 60 मिनट, कुछ घावों में एक से ज़्यादा बार करना पड़ता है
अस्पताल में रुकनाडे-केयर से लेकर 1 से 2 हफ्ते तक, संक्रमण और शुगर कंट्रोल पर निर्भर

डायबिटिक फुट और डीब्राइडमेंट क्या है?

जो घाव सामान्य समय में न भरे या बार-बार पक जाए, उसे सही सर्जिकल देखभाल चाहिए। इसकी सबसे आम वजहों में से एक शुगर (डायबिटीज़) है। ज़्यादा शुगर नसों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे पैर सुन्न हो जाता है और छोटी चोट का पता नहीं चलता। साथ ही खून का बहाव और संक्रमण से लड़ने की ताकत भी कम हो जाती है। एक छोटा छाला या दरार गहरे घाव, पस के जमाव या त्वचा के काले पड़ने (गैंग्रीन) में बदल सकती है।

दूसरे उदाहरण हैं चोट के पके घाव, बेडसोर (लंबे समय लेटे रहने से बने घाव), वैरिकोज़ वेन के घाव और ऑपरेशन के बाद के घाव।

डीब्राइडमेंट का मतलब है घाव से मरा हुआ, सड़ा हुआ और खराब मांस हटाना, ताकि नया स्वस्थ मांस बन सके। हम इसे बिस्तर पर छोटी प्रक्रिया के रूप में भी कर सकते हैं और बेहोशी में ऑपरेशन थिएटर में भी, और कभी-कभी इसे दोहराना पड़ता है। इसके साथ नियमित ड्रेसिंग, ज़रूरत पर एंटीबायोटिक, शुगर कंट्रोल और घाव से दबाव हटाना ज़रूरी है।

घाव की देखभाल और डीब्राइडमेंट: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 1
घाव की देखभाल और डीब्राइडमेंट: डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में 2

शुगर वाले पैर और न भरने वाले घाव के खतरे के संकेत

  • पैर के तलवे या उंगलियों पर घाव या छाला जो भरता न हो
  • घाव से पस, बदबू या पानी आना
  • घाव के आसपास लाली, सूजन या गर्मी का फैलना
  • पैर या उंगलियों की त्वचा का काला पड़ना (गैंग्रीन)
  • पैरों में सुन्नपन या जलन, जिससे चोट का पता न चले
  • पैर के घाव के साथ बुखार या शुगर काबू में न आना

डीब्राइडमेंट कब ज़रूरी होता है?

अगर घाव करीब 2 हफ्ते में भरना शुरू न हो, तो कृपया सर्जन को दिखाएं, और पस, फैलती लाली, कालापन या बुखार हो तो तुरंत आएं। शुगर के मरीज़ पैर का छोटा घाव भी जल्दी दिखाएं।

हमारी टीम शुगर और दूसरी खून की जांच करती है, ज़रूरत पर कल्चर जांच के लिए पस का नमूना लेती है, और हड्डी में संक्रमण या मांस में गैस देखने के लिए एक्स-रे कराती है। पैर में खून के बहाव की जांच हम हाथ से करते हैं, और अगर बहाव कम लगे तो किसी बड़े सेंटर पर आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं।

पैर कटने का खतरा कब बढ़ता है? उंगली, पैर का हिस्सा या पूरा पैर खोने का खतरा तब बढ़ता है जब गैंग्रीन हो, संक्रमण पैर या टांग में ऊपर की ओर फैल रहा हो, हड्डी में संक्रमण हो, खून का बहाव बहुत कम हो, या इलाज में देर हो। जल्दी डीब्राइडमेंट और अच्छा शुगर कंट्रोल पैर बचाने का सबसे अच्छा मौका देते हैं। अगर संक्रमण रोकने और जान बचाने के लिए कोई हिस्सा हटाना ज़रूरी हो जाए, तो हमारे सर्जन परिवार को यह खुलकर समझाते हैं।

डायबिटिक फुट का इलाज: कदम दर कदम

  1. घाव और खून के बहाव की जांच, और शुगर व दूसरी खून की जांच
  2. हड्डी में संक्रमण देखने के लिए एक्स-रे, और ज़रूरत पर पस का कल्चर
  3. डीब्राइडमेंट: बिस्तर पर या ऑपरेशन थिएटर में मरा हुआ और संक्रमित मांस हटाना
  4. पस की जेबें खाली करना और घाव की सफ़ाई
  5. नियमित ड्रेसिंग और ज़रूरत पर एंटीबायोटिक
  6. शुगर कंट्रोल, आराम और घाव से दबाव हटाना (ऑफलोडिंग)

घाव भरने में कितना समय लगता है?

पुराने घाव धीरे भरते हैं, अक्सर कई हफ्तों में। कृपया ड्रेसिंग के लिए समय पर आएं, दवा समय पर लें और डॉक्टर की मदद से शुगर काबू में रखें। सलाह के अनुसार घाव वाले पैर पर वज़न न डालें और बताए गए चप्पल या जूते पहनें। प्रोटीन वाला पौष्टिक खाना खाएं और बीड़ी-सिगरेट छोड़ दें। नया दर्द, सूजन, बदबू, बुखार या कालापन दिखे तो कृपया तुरंत आएं।

शुगर में घाव भरने के लिए क्या खाएं और पैरों की रोज़ देखभाल

घर पर रोज़ की देखभाल ही तय करती है कि घाव कितना अच्छा भरेगा और दूसरा पैर कितना सुरक्षित रहेगा:

  • शुगर कंट्रोल: शुगर की दवा या इंसुलिन बताए अनुसार लें और नियमित शुगर जांचते रहें।
  • क्या खाएं: शुगर वाला खाना, जिसमें हर बार प्रोटीन हो (दाल, चना, दूध, दही, अंडा, मछली या पनीर), हरी सब्ज़ी और मोटा अनाज। मिठाई, मीठे पेय और तला-भुना खाना कम करें।
  • पैर पर वज़न न डालें: सलाह के अनुसार घाव वाले पैर पर वज़न न डालें और बताई गई चप्पल या जूते पहनें।
  • ड्रेसिंग: ड्रेसिंग का कोई दिन न छोड़ें, और पट्टी साफ़ और सूखी रखें।
  • रोज़ पैरों की जांच: हर दिन दोनों पैर देखें, ज़रूरत हो तो शीशे से। घर में भी नंगे पैर न चलें, और पैरों पर गर्म पानी की बोतल या घरेलू नुस्खे न लगाएं।
  • बीड़ी-सिगरेट पूरी तरह छोड़ें, क्योंकि इससे पैरों में खून का बहाव कम होता है।
  • कृपया तुरंत आएं अगर नया दर्द, सूजन, बदबू, बुखार या त्वचा का काला पड़ना दिखे।

फायदे

  • मरा हुआ मांस हटने से घाव भरना शुरू हो पाता है
  • संक्रमण पर काबू और उसके फैलने का खतरा कम
  • जल्दी इलाज से उंगली, पैर या टांग बचाने का सबसे अच्छा मौका
  • घाव की देखभाल के साथ शुगर कंट्रोल और पैरों की देखभाल की सलाह
  • एक्स-रे, लैब, दवा की दुकान और आईसीयू हमारे हॉस्पिटल में ही
संभावित जोखिम:

डीब्राइडमेंट में खून बहना और दर्द हो सकता है, और मरा हुआ मांस हटने के बाद घाव बड़ा दिख सकता है। यह सामान्य है और इसी से घाव भर पाता है। एक से ज़्यादा बार डीब्राइडमेंट की ज़रूरत पड़ सकती है। अच्छी देखभाल के बाद भी कुछ घाव धीरे भरते हैं, संक्रमण फैल सकता है, और गंभीर मामलों में उंगली या पैर का कुछ हिस्सा हटाना पड़ सकता है। हम जल्दी इलाज, संक्रमण और शुगर पर काबू, और नियमित फॉलो-अप से इन खतरों को कम करते हैं।

गोपालगंज में शुगर वाले पैर के घाव का इलाज: खर्च और आयुष्मान कार्ड

शुगर वाले पैर या पुराने घाव में अक्सर कई हफ्ते इलाज चलता है, इसलिए पहले दिन खर्च तय नहीं किया जा सकता। खर्च मुख्य रूप से इन बातों पर निर्भर करता है:

  • घाव कितना गहरा और कितना इन्फेक्शन वाला है, और क्या हड्डी तक पहुंचा है
  • कितनी बार डीब्राइडमेंट होगा, बिस्तर पर या ऑपरेशन थिएटर में
  • शुगर, खून की दूसरी जांचें, एक्स-रे और पस कल्चर जैसी जांचें
  • अस्पताल में रुकने के दिन, गंभीर इन्फेक्शन में आईसीयू, और कमरा
  • घाव भरने तक ड्रेसिंग, एंटीबायोटिक और दूसरी दवाइयां

हम इलाज की योजना और संभावित खर्च कदम दर कदम समझाते हैं, और आप पहले अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भी भेज सकते हैं। अगर पैर में खून का बहाव कम हो और उसकी जांच या इलाज बड़े अस्पताल में ज़रूरी हो, तो हम उसकी वजह आपको बताते हैं। हमारा हॉस्पिटल आयुष्मान भारत पीएम-जय में जनरल सर्जरी पैकेज के लिए सूचीबद्ध है, जिनमें योग्य कार्ड धारकों के लिए घाव की सर्जिकल देखभाल और डीब्राइडमेंट आते हैं। सही पैकेज हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र पक्का करता है, इसलिए कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड साथ लाएं।

मरीज़ घाव की देखभाल के लिए हमें क्यों चुनते हैं

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), जिन्हें 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी का अनुभव है और जो 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं, और हमारी टीम शुगर वाले पैर और पुराने घावों का धैर्य से इलाज करती है, क्योंकि ऐसे घावों को हफ्तों की नियमित देखभाल चाहिए। ऑपरेशन थिएटर में डीब्राइडमेंट के लिए हमारे बेहोशी के विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।

हमारी पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे, दवा की दुकान और गंभीर संक्रमण के लिए आईसीयू, सब एक ही हॉस्पिटल में है। हम परिवार को घाव और दूसरे पैर की घर पर देखभाल भी समझाते हैं।

शुगर वाले पैर और घाव से जुड़े सवाल

शुगर वाले पैर का घाव इतना धीरे क्यों भरता है?

ज़्यादा शुगर से कीटाणुओं से लड़ने की ताकत कम होती है, खून का बहाव घटता है और नसें खराब होती हैं, इसलिए पैर में दर्द महसूस नहीं होता और घाव पर दबाव पड़ता रहता है। इन सबसे घाव धीरे भरता है। शुगर काबू में रखना, घाव पर वज़न न डालना, नियमित ड्रेसिंग और मरा हुआ मांस हटाना घाव को जल्दी भरने में मदद करते हैं।

पैर में कालापन (गैंग्रीन) दिखे तो क्या करें?

पैर की उंगली या पैर की त्वचा का काला पड़ना गैंग्रीन का संकेत हो सकता है, यानी उस हिस्से का मांस मर रहा है। यह इमरजेंसी है, खासकर अगर साथ में बुखार, सूजन, बदबू या पस हो। कृपया उसी दिन अस्पताल आएं, घरेलू नुस्खे न लगाएं और इंतज़ार न करें। जल्दी इलाज से इन्फेक्शन रोकने और पैर का ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा बचाने का सबसे अच्छा मौका मिलता है।

डायबिटिक फुट का इलाज कैसे होता है और घाव भरने में कितना समय लगता है?

घाव, पैर में खून का बहाव, शुगर और एक्स-रे की जांच के बाद हमारे सर्जन मरा हुआ और इन्फेक्शन वाला मांस हटाते हैं, बिस्तर पर या ज़रूरत हो तो ऑपरेशन थिएटर में सुन्न करके या बेहोशी में, और पस निकालते हैं। हर बार आमतौर पर 20 से 60 मिनट लगते हैं, और कुछ घावों में एक से ज़्यादा बार करना पड़ता है। इसके बाद नियमित ड्रेसिंग, शुगर कंट्रोल और पैर पर वज़न न डालने से घाव भरने में आमतौर पर कई हफ्ते लगते हैं।

क्या डीब्राइडमेंट से मेरा घाव बड़ा हो जाएगा?

अक्सर डीब्राइडमेंट के बाद घाव बड़ा दिखता है, क्योंकि जो मरा और संक्रमित मांस घाव का असली साइज़ छिपा रहा था, वह हट जाता है। यह सामान्य है। बचा हुआ साफ़ और स्वस्थ मांस फिर बढ़कर घाव भरता है। मरा हुआ मांस छोड़ देने से संक्रमण और गहराई तक फैलता है। हमारे सर्जन बताते हैं कि क्या हटाया गया और क्यों।

क्या न भरने वाले घाव का इलाज बिना ऑपरेशन हो सकता है?

कई छोटे और साफ़ घाव नियमित ड्रेसिंग, शुगर कंट्रोल, ज़रूरत हो तो एंटीबायोटिक और घाव पर दबाव न डालने से भर जाते हैं। लेकिन जब घाव में मरा हुआ मांस, पस या फैलता इन्फेक्शन हो, तो डीब्राइडमेंट ज़रूरी है, क्योंकि मरा हुआ मांस घाव भरने नहीं देता और इन्फेक्शन को गहराई तक फैलाता है। छोटा डीब्राइडमेंट अक्सर बिना बड़े ऑपरेशन के बिस्तर पर ही हो जाता है। हमारे सर्जन बताते हैं कि आपके घाव को क्या चाहिए और क्यों।

शुगर में घाव भरने के लिए क्या खाएं?

शुगर वाला खाना खाएं और शुगर कंट्रोल में रखें, क्योंकि ज़्यादा शुगर घाव भरने में सबसे बड़ी रुकावट है। हर बार के खाने में प्रोटीन लें, जैसे दाल, चना, दूध, दही, अंडा, मछली या पनीर, साथ में हरी सब्ज़ी और मोटा अनाज। मिठाई, मीठे पेय, ज़्यादा सफ़ेद चावल और तला-भुना खाना कम करें। डॉक्टर ने मना न किया हो तो पर्याप्त पानी पिएं, और बीड़ी-सिगरेट पूरी तरह छोड़ दें।

क्या शुगर वाले पैर में पैर कटने से बचा जा सकता है?

बहुत से मरीज़ों में हां, खासकर जब वे जल्दी आते हैं। समय पर डीब्राइडमेंट, अच्छा शुगर कंट्रोल, एंटीबायोटिक और सही ड्रेसिंग पैर बचाने का सबसे अच्छा मौका देते हैं। गैंग्रीन, फैलते संक्रमण, हड्डी के संक्रमण, बहुत कम खून के बहाव और देर से पैर कटने का खतरा बढ़ता है। अगर जान बचाने के लिए यह ज़रूरी हो जाए, तो हमारे सर्जन परिवार को कारण खुलकर समझाते हैं।

शुगर हो तो अपने पैरों की सुरक्षा कैसे करें?

रोज़ अपने पैरों में कट, दरार, छाले या रंग बदलना देखें, ज़रूरत हो तो आईने की मदद से। पैर धोकर अच्छी तरह सुखाएं, खासकर उंगलियों के बीच। घर में भी नंगे पैर न चलें। मुलायम और सही नाप के जूते-चप्पल पहनें। नाखून सीधे काटें। गर्म पानी की थैली से सिकाई न करें और घाव पर घरेलू नुस्खे न लगाएं। शुगर काबू में रखें और धूम्रपान न करें।

शुगर वाले पैर के इलाज का खर्च किन बातों पर निर्भर करता है?

खर्च घाव की गहराई और इन्फेक्शन, कितनी बार डीब्राइडमेंट होगा, शुगर, खून की जांच, एक्स-रे और पस कल्चर जैसी जांचों, अस्पताल में रुकने के दिन, गंभीर इन्फेक्शन में आईसीयू, कमरे, ड्रेसिंग और दवाइयों पर निर्भर करता है। पुराने घाव में कई हफ्ते देखभाल चलती है, इसलिए हम योजना और खर्च कदम दर कदम समझाते हैं। आयुष्मान कार्ड वाले हमारे सहायता केंद्र से कवरेज के बारे में पूछ सकते हैं।

क्या गोपालगंज में शुगर वाले पैर के घाव का इलाज आयुष्मान भारत पीएम-जय में होता है?

घाव का सर्जिकल इलाज और डीब्राइडमेंट हमारे हॉस्पिटल की आयुष्मान भारत पीएम-जय की जनरल सर्जरी सूची में आता है, जो योग्य कार्ड धारकों के लिए है। सही पैकेज आपके ज़रूरी इलाज पर निर्भर करता है और हमारा आयुष्मान सहायता केंद्र उसे पक्का करता है। कृपया आयुष्मान कार्ड और आधार जैसा फोटो पहचान पत्र लाएं और भर्ती से पहले सहायता केंद्र पर पूछें।

मैं बेतिया या देवरिया में रहता हूं। क्या गोपालगंज में शुगर वाले पैर के घाव का इलाज करवा सकता हूं?

हां। बेतिया, देवरिया, सीवान, छपरा, मोतिहारी और कुशीनगर से मरीज़ नियमित रूप से हमारे पास आते हैं। कृपया जल्दी आएं, क्योंकि देर करने से अंगूठा या पैर का हिस्सा खोने का खतरा बढ़ता है। शुगर की रिपोर्ट और दवाइयां साथ लाएं, और पहले +91 72739 94786 पर कॉल या व्हाट्सऐप कर लें। पहले इलाज के बाद हम घर पर घाव की देखभाल समझाते हैं और ड्रेसिंग, जांच और ज़रूरत हो तो दोबारा डीब्राइडमेंट के लिए आने की तारीखें तय करते हैं।

गोपालगंज में शुगर वाले पैर के इलाज के लिए सबसे अच्छा सर्जन कौन है?

शुगर वाले पैर के लिए ऐसे सर्जन चाहिए जो मरा हुआ मांस ठीक से हटाएं, इन्फेक्शन को काबू करें, शुगर कंट्रोल में आपका साथ दें और पैर बचाने की पूरी कोशिश करें। हमारे संस्थापक और मुख्य सर्जन डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, एमएस (जनरल सर्जरी), को 16 साल से ज़्यादा का सर्जरी अनुभव है और वे 10,000 से ज़्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। हमारी पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे, दवा की दुकान और आईसीयू इसी हॉस्पिटल में हैं, और हम परिवार को घर पर घाव की देखभाल सिखाते हैं।

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फोड़े का आई एंड डी

हम पस से भरे फोड़े को चीरा लगाकर खाली करते हैं, ताकि दर्द और संक्रमण से राहत मिले, साथ में शुगर की जांच करते हैं और घाव भरने तक ड्रेसिंग का साफ़ शेड्यूल बनाते हैं।

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हम सड़क दुर्घटना की चोट, गहरे कटने, और पेट व मांस की चोट का 24x7 इलाज करते हैं: पहले हालत स्थिर करना, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ज़रूरत पर ऑपरेशन, आईसीयू, और सिर या हड्डी की गंभीर चोट में रेफ़र।

स्रोत और आगे पढ़ें (अंग्रेज़ी में)

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यह जानकारी सिर्फ़ जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं। इलाज हर मरीज़ की हालत देखकर तय होता है।
आखिरी बार अपडेट: 30 सितंबर 2026

सफल इलाज की कहानियां

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर, लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल, गोपालगंज

डॉ. रजनीश कुमार ठाकुर

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गूगल पर मरीज़ों की राय

मरीज़ों और उनके परिवार के असली रिव्यू, जैसे उन्होंने हमारे गूगल बिज़नेस प्रोफ़ाइल पर लिखे हैं।

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कुल 84 गूगल रिव्यू (तारीख 1 Oct 2026)
  • zaheer udddinजून 2024
    I Recently Visited this Clinic in Gopalganj, Earlier I was a bit Hesitant, But Once I met the Doctor, I was so Sure & Confident that I am in Good Hands, Very Well Experienced Doctor Well Behaved Staffs Nice Arrangements & Most Important, Very Easy Procedure. Would Always be Thankful to Mr. RK Thakur & His Team.
    अनुवाद देखें

    हाल ही में मैं गोपालगंज के इस क्लिनिक में आया। पहले थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन डॉक्टर से मिलते ही मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मैं सही हाथों में हूं। बहुत अनुभवी डॉक्टर, अच्छे व्यवहार वाला स्टाफ़, अच्छी व्यवस्था, और सबसे ज़रूरी, बहुत आसान प्रक्रिया। मैं श्री आर. के. ठाकुर और उनकी टीम का हमेशा आभारी रहूंगा।

  • arav singhaniaनवंबर 2025
    My relative hernia surgery at Dr RK Thakur Hospital Went Very Well, Skilled Doctors, Caring Staff and Smooth recovery, Highly Satisfied.
    अनुवाद देखें

    मेरे रिश्तेदार का हर्निया का ऑपरेशन डॉ. आर. के. ठाकुर हॉस्पिटल में बहुत अच्छे से हुआ। कुशल डॉक्टर, देखभाल करने वाला स्टाफ़ और आसानी से रिकवरी। हम बहुत संतुष्ट हैं।

  • Jamal Enterprisesजून 2026
    डाक्टर साहब बहुत अच्छे है उनका बात करने का अंदाज बहुत ही निराला है स्टाफ के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता बाकी हॉस्पिटल अच्छा है

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